रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के 2 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव अपने मंत्रियों के साथ सरकार के कामकाज की रिपोर्ट पेश कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन के साथ-साथ उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी दिया जाएगा।
पहले यह इनाम पुलिस को मिलता था, लेकिन नई नीति के तहत यह राशि सीधे आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को दी जाएगी। इससे पहले सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास पर आधारित किताब का विमोचन किया। ये किताब स्थानीय गोंडी और हल्बी में भी पब्लिश की गई है।
वहीं कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन का बहिष्कार किया है। इस पर सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस हार से बौखला गई है। विधानसभा में हारे, लोकसभा में हारे, निगम चुनाव में हारे। हम चाहते हैं कि विपक्ष मजबूत रहे। लेकिन ये उनका पर्सनल मैटर है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर सीएम साय ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड।
छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास पर आधारित किताब का विमोचन किया गया।
बस्तर में उद्योग के लिए लोकल कारोबारियों को अलॉट होगी जमीन
बस्तर में उद्योगों के लिए जमीन आवंटित की जा रही है, जिसमें स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार रोजगार देने वाले उद्योगपतियों को विशेष प्रोत्साहन भी दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। नई नीति में रोजगार को सबसे महत्वपूर्ण रखा गया है, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को बड़ा फायदा मिलने वाला है।
सीएम साय ने कहा कि बस्तर में उद्योगों के लिए जमीन आवंटित की जा रही है, जिसमें स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार रोजगार देने वाले उद्योगपतियों को विशेष प्रोत्साहन भी दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। नई नीति में रोजगार को सबसे महत्वपूर्ण रखा गया है, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को बड़ा फायदा मिलने वाला है।
ओलंपिक में गोल्ड लाने पर 3 करोड़ देगी सरकार
ओलंपिक में गोल्ड लाने पर छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए देगी।
कांग्रेस ने किया शीतकालीन सत्र के पहले दिन का बहिष्कार, CM ने घेरा
कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन का बहिष्कार किया है। इस पर सीएम ने कहा कि कांग्रेस हार से बौखला गई है। विधानसभा में हारे, लोकसभा में हारे, निगम चुनाव में हारे। हम चाहते हैं कि विपक्ष मजबूत रहे। लेकिन ये उनका पर्सनल मैटर है।
CGPSC में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच कर रही है
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएससी घोटाले की जांच की बात कही थी और अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है। इसमें जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में पीएससी की परीक्षा हुई है। उन्हें बहुत खुशी होती है जब गांव के किसान अपने सफल बेटा-बेटी के साथ मिलने आते हैं। बताते हैं कि सरकार और पीएससी पर उनका भरोसा बढ़ा है। इसी भरोसे के चलते लोग पीएससी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं।
सरेंडर नक्सलियों को सरकार देगी जमीन, इनाम भी नक्सलियों को मिलेगा
राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन के साथ-साथ उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी दिया जाएगा। पहले यह इनाम पुलिस को मिलता था, लेकिन नई नीति के तहत यह राशि सीधे आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को दी जाएगी।
राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन के साथ-साथ उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी दिया जाएगा। पहले यह इनाम पुलिस को मिलता था, लेकिन नई नीति के तहत यह राशि सीधे आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को दी जाएगी।
2 साल के कार्यकाल से संबंधित पुस्तक का विमोचन
सीएम ने 2 साल के कार्यकाल से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया।
सीएम साय के साथ कैबिनेट मंत्री भी मौजूद
छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो साल पूरे होने पर सीएम विष्णुदेव साय अपने मंत्रीमंडल के साथ कामकाज का लेखा-जोखा पेश कर रहे हैं।
दूसरे राज्य और देश के कारोबारियों को आकर्षित किया
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की नीतियों और नियमों में दूसरे राज्य और देश के कारोबारियों को आकर्षित किया है और बड़े पैमाने में प्रदेश में निवेश आया है। सरकार ने नक्सल मुद्दे को गंभीरता से लिया और अभियान चलाकर नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं।
होम-स्टे पॉलिसी और ईको-टूरिज्म पर तेजी से काम शुरू हुआ
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया गया है। बस्तर और सरगुजा में उद्योग लगाने वालों को विशेष रियायतें, सस्ती जमीन और टैक्स लाभ दिए जा रहे हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होम-स्टे पॉलिसी और ईको-टूरिज्म पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
फोर्स के मूवमेंट से नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे है।
माओवाद कमज़ोर, 69 सुरक्षा कैंप बने सहारा
राज्य में विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा माओवाद रहा है, लेकिन अब इसका असर कम हो गया है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत 69 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जो ग्रामीणों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सुविधाओं का नया माध्यम बने हैं।
बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने क्षेत्र की छवि बदलने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही, स्किल डेवलपमेंट के जरिए युवाओं को पर्यटन, ऑटोमोबाइल, आईटी, पायलट ट्रेनिंग आदि से जोड़ा जा रहा है।
सुशासन तिहार में सीएम साय ने प्रदेश भ्रमण करके आम लोगों की समस्या सुनी और उनका समाधान किया था।
सुशासन और पारदर्शिता की नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन को नई मजबूती मिली है। प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए सुशासन और अभिसरण विभाग बनाया गया है। 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू की गई है, जिससे कार्य संस्कृति में अनुशासन बढ़ा है।
नवा रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए विधानसभा भवन का लोकार्पण राज्य के इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण रहा। यह भवन विकसित छत्तीसगढ़ की नई सोच का प्रतीक है।
40 लाख घरों में नल का पानी, 26 लाख पीएम आवास
सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल के तहत जल–जीवन मिशन से 40 लाख घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है। 26 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास मंजूर हुए हैं।
महिलाओं को आर्थिक शक्ति देने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दिए जा रहे हैं, जिस पर अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में राज्य की 98% आबादी को शामिल किया गया है।
किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल दर में धान खरीदी कर रही साय सरकार।
किसानों को 3100 रुपए क्विंटल धान, 1 लाख करोड़ की राशि हस्तांतरण
धान उत्पादन और समर्थन मूल्य छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है। मोदी की गारंटी के अनुसार किसानों को देश में सबसे अधिक 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान मूल्य दिया जा रहा है।
राज्य के 2300 से अधिक उपार्जन केंद्रों पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ मान से खरीदी चल रही है। किसानों के खातों में अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि भेजी जा चुकी है, जिसका असर ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर दिख रहा है। ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की बिक्री ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत रू1.32 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत
जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में हो रहा निर्माण
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल सरंक्षण एवं संवर्धन सम्बंधी संरचनाओं को प्राथमिकता
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। जिले में गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने तथा वर्षा जल के संरक्षण और पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल संकट की चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मिलेगी मदद
बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत एवं अन्य फिल्टर सामग्री की सहायता से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है तथा बोरवेल और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं जल संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी हैं।
पांचों विकासखंडों में हो रहा निर्माण
जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में मांग एवं आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार स्थिति के अनुसार करतला में 64, कटघोरा में 30, कोरबा में 66, पाली में 13 तथा पोड़ी उपरोड़ा में 61 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।
इन संरचनाओं से विशेषकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां जलस्तर में गिरावट की समस्या है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से जल उपलब्धता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकसित भारत- जी राम जी से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के इन प्रयासों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
कोरबा। प्रेस क्लब के सदस्य एवं दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल के अनुज भ्राता (छोटे भाई) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं होटल रिलैक्स इन के संचालक सतीश अग्रवाल पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश अग्रवाल का आज सोमवार दिनांक 26/10/2026 की देर शाम 7.30 बजे निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल मंगलवार दिनांक 27/10/2026 को सुबह 11 बजे स्थानीय मोती सागर पारा मुक्तिधाम में संपन्न होगा। इससे पूर्व अग्रोहा मार्ग स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके निधन पर कोरबा प्रेस क्लब परिवार ने शोक व्यक्त किया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में परम शांति प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दे।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 9 हाथियों का झुंड घूम रहा है। झुंड में नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई और उसका नाम ‘काशी’ रखा।
कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे के स्वस्थ जीवन की कामना की।
बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।
छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।
रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।
जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 9 हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी के जंगल में घूम रहा है। इसके अलावा कुदमुरा रेंज में 32 हाथी और चचिया क्षेत्र में 7 हाथी मौजूद हैं। हाल के दिनों में हाथियों ने 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
20 साल से जंगल में आ रहे हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल से हाथी इस जंगल में आते हैं। वे लंबे समय तक यहां रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। यह हाथियों का पुराना कॉरिडोर है।
SDO मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। जनहानि रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
साल 2000 में पहली बार आए थे हाथी
जिले में साल 2000 में पहली बार कुदमुरा रेंज के आमटिकरा गांव में हाथी आए थे। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। कई बार जिले में हाथियों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।
धिनारा गांव से शुरू हुई छठी मनाने की परंपरा
बेबी एलिफेंट की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। ग्रामीण अब हाथियों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पहले जहां हाथियों को भगवान मानकर पूजा की जाती थी, वहीं अब ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर जोर देते हैं।