उद्योग मंत्री ने ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक, रिसदा से रिसदी, दर्री बैराज से बरमपुर चौक सहित हरदी बाजार-तरदा-इमलीछापर मार्ग के निर्माण का किया भूमिपूजन
सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात
कोरबा। कोरबा जिले के स्थापना दिवस और सुशासन तिहार के अवसर पर आज जिलेवासियों को बेहतर आवागमन की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दर्री बैराज के मेजर ध्यानचंद चौक में आयोजित कार्यक्रम में 29 करोड़ 42 लाख 96 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक (सीमेंट कंक्रीटीकरण, लंबाई 2.84 किमी), रिसदा चौक से रिसदी चौक (लंबाई 2.90 किमी), 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से दर्री बैराज से बरमपुर चौक (सीमेंट कांक्रीटीकरण, लंबाई 7.96 किमी) तथा 230 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की लागत से हरदी बाजार -तरदा-सर्वमंगला-इमलीछापर (कुल लंबाई 27.19 किमी, शेष निर्माण 13.74 किमी) सीमेंट कंक्रीट मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आज शुभ दिन है कि कोरबा वासियों की बहुप्रतीक्षित सड़कों की माँग पूरी हो रही है। भूमिपूजन के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा और जिले में सड़कों का जाल बिछने के साथ आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया था और आज भूमिपूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
मंत्री श्री देवांगन ने जिले के विकास और बेहतर आवागमन के लिए सड़कों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मार्गों के बनने से यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन सुगम होगा तथा कई मार्गों की दूरी भी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय निकाय मंत्री के सहयोग से जिले के विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने बताया कि डीएमएफ राशि से जिले में अधोसंरचना से जुड़े अनेक कार्यकृसड़क, पुल-पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र भवनकृस्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मानदेय आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती, प्रतिभावान विद्यार्थियों को कोचिंग, स्कूली विद्यार्थियों को नाश्ता प्रदान करने जैसी योजनाएँ भी संचालित हैं। शहर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को विकास की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश को आर्थिक मजबूती मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ गरीब कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चल रही हैं। डीएमएफ का अधिकार जिलों को देकर खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपये, रामलला दर्शन योजना, तथा प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री एवं अधिकारी सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार चौपाल लगाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री श्री देवांगन कोरबा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए न केवल संकल्पित हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतार भी रहे हैं। सभी 67 वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले की किसी भी सड़क पर कहीं भी गड्ढा न रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से जिलेवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि आज जिले के लिए अत्यंत खुशी और सौभाग्य का दिन है। यह केवल सड़क का भूमिपूजन नहीं, बल्कि बेहतर आवागमन एवं मजबूत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ की 30 प्रतिशत राशि आवागमन सुधारने में व्यय की जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की भी यह सोच है कि जिले की सभी सड़कें सर्वाेत्तम स्थिति में रहें और यहाँ से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भी उत्कृष्ट मार्ग उपलब्ध हों।
लोक निर्माण विभाग के ईई जी आर जांगड़े ने स्वीकृत सड़को की जानकारी दी और सभी निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात कही। इस अवसर पर पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, सीमा कँवर, राधा महंत, कल्याणी यादव, प्रीति शर्मा, अजय चंद्रा, राजकुमार साहू, सम्मत रतन सिंह कँवर,एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कोरबा। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेगा पिकनिक स्पॉट के रिसॉर्ट में सुबह उस वक्त पर्यटनों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपकर बैठा मिला। किंग कोबरा की जानकारी मिलते ही रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान ने तत्काल वन विभाग एवं नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दिया, जिसके बाद सारथी ने अपने अजगर बहार के स्थानीय टीम के सदस्य कमलेश, देवेंद्र, राम, गौतम, दिल ,नरेश, देव मरावी को तत्काल सतरेगा के लिए रवाना कर साथ ही इसकी जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय दिया एवं उनके निर्देशानुसार उपवनमण्डलाधिकारी रामसिंह राठिया उत्तर के मार्गदर्शन एवं बालकों रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन कोरबा से रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच कर सर्वप्रथम विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली को बंद करवाया गया, फिर पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में छिपा हुआ था, जिसके कारण उसे बाहर निकालना टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने करीब 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान किंग कोबरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ लग गई, इतने फुर्तीले और लंबे सांप को देख कर लोग जिज्ञासा वश फोन से वीडियो बनाने से नहीं चुके, साथ ही मौजूद लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, सफल रेस्क्यू के बाद पंचनामा के पश्चात किंग कोबरा को उसके उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कोरबा जिले के लेमरू, बालको , पसरखेत , करतला, कुदमुरा एवं आसपास के वन क्षेत्रों से पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं, छोटे किंग कोबरा का बार-बार मिलना इस क्षेत्र में इनके प्राकृतिक प्रजनन और अनुकूल आवास की उपलब्धता का सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, साथ ही यह बात भी सिद्ध करता हैं कि एक ही सांप बार बार रेस्क्यु नहीं हो रहे बल्कि सभी किंग कोबरा दूसरे से भिन्न हैं। हालांकि, क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब स्थानीय लोगों में भी किंग कोबरा और अन्य वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ रही है। आज किसी क्षेत्र में किंग कोबरा दिखाई देने पर लोग उसे मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देते हैं। सूचना का समय पर मिलना और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होकर पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने आम लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा या किसी भी सांप के दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें और स्वयं पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत और सड़क सुरक्षा के लिए गति अवरोधक व संकेतक लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान वर्षा ऋतु के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों की शीघ्र मरम्मत एवं सुधार कराने की आवश्यकता बताई। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़कों की मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा के विषय पर भी चर्चा करते हुए दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक एवं सड़क संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने आवश्यकता वाले क्षेत्रों में बांगो डेम से पेयजल उपलब्ध कराने की बात रखी। इस संबंध में संबंधित विभागों को क्षेत्र की आवश्यकता, तकनीकी संभावनाओं एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों, कार्यों की प्रगति तथा हितग्राहियों को दिए जा रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की समस्याओं को बैठक में रखा गया, जिस पर अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती सुष्मिता अनंत कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव, श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी एवं विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा, 10 सितम्बर 2026। जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक संचालक जनसंपर्क तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कोरबा को सदस्य बनाया गया है। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न जनभागीदारी एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’, ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल जन सेवा संकल्प’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शासकीय अमले एवं उपलब्ध संसाधनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित होने वाली प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करते हुए जिलेवार प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया गतिविधियों में शासन द्वारा निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं लोगो का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आयोजनों में वित्तीय मितव्ययिता बरतते हुए उपलब्ध शासकीय संसाधनों एवं अधोसंरचना का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय तथा निर्धारित कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग करेगी। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए जनभागीदारी के माध्यम से सेवा एवं विकास गतिविधियों को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाना है।