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छत्तीसगढ़

कोरिया : समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

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ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोत

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

कोरिया। महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले  के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के  उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

           कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन

           स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।

चुनौती से मानक तक का सफर

        कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है। 

छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम

         श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।

अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम

          इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं।

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कोरबा

पेट्रोल पंप पर नियमों की अनदेखी, कलेक्टर ने चेताया:टैंकर से सीधे डीजल भरने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बड़े हादसे का खतरा

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कोरबा। कोरबा जिले में एक पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल भरने का गंभीर मामला सामने आया है। यह प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है और इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

नियमों के अनुसार अनुसार, पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल वितरण प्रतिबंधित है। पेट्रोलियम अधिनियम 2002 के तहत, डीजल की आपूर्ति केवल अधिकृत डिपो या निर्धारित प्रक्रिया से ही की जा सकती है ताकि आगजनी जैसी आपात स्थितियों से बचा जा सके। इसके बावजूद, पंप कर्मचारियों द्वारा टैंकर को सीधे नोजल से जोड़कर ईंधन भरा जा रहा था, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं:कलेक्टर

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संज्ञान लिया। उन्होंने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक बुलाई और स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि टैंकर से सीधे डीजल भरने से स्थैतिक विद्युत उत्पन्न होने का खतरा रहता है, जिससे आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

दोबारा लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द

कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करने और नियम उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पंप पर दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पंप पर पहले भी कई बार टैंकर से ही डीजल भरते देखा गया है।

डीजल,पेट्रोल,गैस,आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए टीम बनाई

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने यह भी बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में इन सभी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण है। फरवरी से अब तक प्रतिदिन डीजल की खपत 270 किलो लीटर से बढ़कर लगभग 293 किलो लीटर हो गई है, और आपूर्ति भी जारी है। कलेक्टर ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

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खेल

सचिन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ में बच्चों संग खेली रस्सी खींच:कहा- यही उम्र है खेलने-कूदने की, दंतेवाड़ा में शुरू होगी ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता

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दंतेवाड़ा, एजेंसी। सचिन तेंदुलकर दंतेवाड़ा दौरे के दौरान छिंदनार पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ रस्सी खींच खेला। इस दौरान सिहाड़ी बीज की माला से उनका स्वागत किया गया। वे अपने परिवार के साथ प्राइवेट जेट से जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां से सीधे छिंदनार आए।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर में 50 स्कूल मैदान विकसित किए जाएंगे, जहां बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के जरिए हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस पहल को मांदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए युवाओं को नई पहचान देने की तैयारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में डायमंड बहुत है, बस उसे सही तरीके से पॉलिश करने की जरूरत है।

वहीं, कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चे सुबह 9 बजे से पहुंच गए थे। भीषण गर्मी के बीच अलग-अलग गांवों से बच्चों को लाया गया। एक शिक्षक के मुताबिक 50 सीटर बस में 100 से ज्यादा बच्चों को बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया था।

सचिन तेंदुलकर से जुड़ी तस्वीरें …

सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग प्राइवेट जेट से जगदलपुर पहुंचे।

सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग प्राइवेट जेट से जगदलपुर पहुंचे।

जगदलपुर से सचिन परिवार के साथ दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे थे।

जगदलपुर से सचिन परिवार के साथ दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे थे।

सचिन को सिहाड़ी बीज की माला पहनाई गई। बेटी सारा और बहू सानिया भी साथ दिखे।

सचिन को सिहाड़ी बीज की माला पहनाई गई। बेटी सारा और बहू सानिया भी साथ दिखे।

अच्छे इंसान बनो ताकि लोग आपको याद रखें – सचिन

कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हमें पता चला कि बस्तर में बच्चों के लिए ग्राउंड ही नहीं है। मेरी जिंदगी की शुरुआत मैदान से हुई थी। मैं बच्चों को देखता हूं जैसे मेरी जर्नी स्टार्ट हुई, हम मैदान में जाते हैं अच्छे कोच की जरूरत होती है। हमने सोचा था कि हम अपने कोच को यहां भेजेंगे ताकि वे 100 टीचर्स को ट्रेनिंग दें।

यहां डायमंड बहुत हैं, बस सही तरीके से पॉलिश करना जरूरी है। यही उम्र है खेलने कूदने की। यही उम्र है दोस्त बनाने की। मैं समझता हूं जो एक सही दोस्त होता है वो आईना दिखाता है, परछाई कभी साथ नहीं छोड़ती, इसलिए ऐसे दोस्त रखो जो ऐसे ही बनकर रहे।

मेरे पिता ने एडवाइस दी कि क्रिकेट कितने साल चलेगा, मैंने कहा 10 से 15 साल, मेरे पिता ने कहा था उसके बाद क्या? आप अच्छे इंसान बनो ताकि लोग आपको याद रखें।

छिंदनार में बच्चों के बीच पहुंचे सचिन तेंदुलकर।

छिंदनार में बच्चों के बीच पहुंचे सचिन तेंदुलकर।

जगदलपुर में बच्चों को बल्ले पर सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

जगदलपुर में बच्चों को बल्ले पर सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

छिंदनार में एक फैन की शर्ट में सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

छिंदनार में एक फैन की शर्ट में सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

DEO ने कहा- बाद में बताएंगे

कार्यक्रम के लिए बच्चों को बसों में ठूंसकर लाया गया, इसे मामले में दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने कहा कि, स्कूली बच्चों को सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में लाया गया। जब उनसे पूछा गया कि इतनी गर्मी में ठूंसकर क्यों ला रहे? तो उन्होंने कहा कि मैं एक VC में हूं बाद में बात करता हूं।

50 सीटर स्कूली बस में 100 से ज्यादा बच्चे लाए गए।

50 सीटर स्कूली बस में 100 से ज्यादा बच्चे लाए गए।

सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में पहुंचे बच्चे।

सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में पहुंचे बच्चे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा रद्द

सचिन का टोटल 3 जगह कार्यक्रम तय था, लेकिन गीदम ऑडिटोरियम में शिक्षकों-बच्चों से मुलाकात और पनेड़ा क्रिकेट ग्राउंड का उद्घाटन दौरा रद्द हो गया।

सचिन तेंदुलकर के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आने वाले थे, लेकिन किसी कारण से उनका दौरा कैंसिल हो गया है। बता दें कि मांदेशी फाउंडेशन और जिला प्रशासन का यह संयुक्त कार्यक्रम है। मास्टर-ब्लास्टर के दौरे को लेकर सुरक्षा के लिहाज से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

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छत्तीसगढ़

समर सीजन में छत्तीसगढ़ से 18 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी:देशभर में 908 गाड़ियां 18,262 फेरे लगाएंगी, बिलासपुर-रायपुर, दुर्ग-गोंदिया, इतवारी-रायगढ़, शहडोल रूट के यात्रियों को राहत

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बिलासपुर, एजेंसी। गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ी तैयारी की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर जोन) से 18 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनका संचालन 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है और 15 जुलाई तक चलेगा। इस अवधि में ये ट्रेनें कुल 88 फेरे लगाएंगी।

वहीं, देशभर में 908 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी गई है, जो मिलकर 18,262 फेरे संचालित करेंगी। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, बिलासपुर जोन से मंजूर 18 स्पेशल ट्रेनों में से 13 का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि बाकी ट्रेनें चरणबद्ध तरीके से जल्द चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें प्रमुख गंतव्यों के बीच चलेंगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिलेगी।

देशभर में 908 ट्रेनें, 18 हजार से ज्यादा फेरे

भारतीय रेलवे ने समर सीजन के लिए देशभर में 908 विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी है। ये ट्रेनें 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच कुल 18,262 फेरे लगाकर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालेंगी।

स्टेशनों पर बढ़ाए गए इंतजाम

भीषण गर्मी को देखते हुए रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, इतवारी, रायगढ़ और शहडोल में विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इनमें अतिरिक्त टिकट काउंटर, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालयों में सुधार, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ी

रेलवे का दावा है कि, इन विशेष ट्रेनों के संचालन से ट्रेनों में भीड़ कम होगी और वेटिंग लिस्ट में भी गिरावट आएगी। इससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और सफर ज्यादा आरामदायक होगा।

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