कोरबा
कृषक उन्नति योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, समर्थन मूल्य ने दी आर्थिक मजबूती-किसानों के जीवन में खुशहाली की नई लहर
कोरबा। छत्तीसगढ़ में कृषि को समृद्ध बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू की गई कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में नई रोशनी ला रही है। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने किसानों को न केवल राहत दी है, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित भी किया है।
इसी क्रम में पाली विकासखंड के चैतमा धान खरीदी केंद्र में विगत वर्ष अपने 100 क्विंटल धान बेचने वाले ग्राम केराकछार के किसान रामायण सिंह बताते हैं कि इस वर्ष 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान बेचने से उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली। वे कहते हैं कि “सरकार ने हमारे श्रम का सम्मान किया है। मेहनत की फसल जब उचित मूल्य पर बिकती है, तो खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ जाते हैं।”
रामायण सिंह के बेटे ओमप्रकाश भी सरकार की पहल से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने से किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। “सरकार ने सिर्फ अनाज नहीं खरीदा, बल्कि किसानों के कठिन परिश्रम को सही पुरस्कार दिया है,” वे कहते हैं कि पारिवारिक मेहनत से उत्पादन बढ़ा है। रामायण सिंह के परिवार में कुल चार सदस्य हैंकृपत्नी श्रीमती वृंदा, बेटा ओमप्रकाश और बहू। परिवार के सभी सदस्य लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि पर मिल-जुलकर मेहनत करते हैं। उनकी साझा मेहनत और लगन के कारण हर वर्ष फसल उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
कृषि उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जीवनशैली है। खेतों में सामूहिक रूप से काम करने की उनकी परंपरा ने उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित की है।
किसान रामायण सिंह बताते हैं कि वर्ष 2023-24 में उन्होंने समिति में 168 क्विंटल धान बेचा था, जिसके बदले कृषक उन्नति योजना के तहत उन्हें 1.50 लाख रुपए से अधिक आदान राशि प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए कृषि विस्तार का आधार बनी।

इससे उन्होंने उन्नत किस्म के बीज, गुणवत्ता युक्त खाद, रासायनिक उर्वरक,आधुनिक कृषि संसाधन खरीदे और इस वर्ष उत्पादन बढ़ाने में सफलता पाई। वे बताते हैं कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने खेती को अधिक सहज बनाया है। इस वर्ष धान विक्रय से मिलने वाली राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों के साथ कृषि को और अधिक समृद्ध बनाने में करेंगे। किसान रामायण सिंह और उनके बेटे ओमप्रकाश दोनों ही सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहते हैं कि हम छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने किसानों की उन्नति के लिए यह योजना लागू की। इससे हमारी मेहनत को सम्मान मिला है और उपज का उचित मूल्य भी सुनिश्चित हुआ है। ऐसी योजनाएँ हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह सहयोग इसी तरह आगे भी मिलता रहेगा। कृषक उन्नति योजना और बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने किसानों के मन में नया विश्वास जगाया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि खेती के प्रति उत्साह और उम्मीद भी मजबूत हुई है।
करतला
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना में उपभोक्ता को मिला बड़ा लाभ
पाली के केराझरिया में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए वितरण कम्पनी के प्रबंध निदेशक
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा राज्य शासन की मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का लाभ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुँचाने हेतु सभी वितरण केंद्रों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पाली सब-डिवीजन में आयोजित विशेष शिविर में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर शामिल हुए। प्रबंध निदेशक ने शासन की इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
पाली में आयोजित इस शिविर में कुल 20 पात्र उपभोक्ताओं द्वारा रूपये 01 लाख 29 हजार की राशि जमा की गई तथा उन्हें मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत रूपये 03 लाख 48 हजार की छूट प्रदान की गई। राज्य शासन की यह योजना कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट से प्रभावित निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने हेतु चलाई जा रही है, जिसमें बकाया बिल पर सरचार्ज पूर्णतः माफ किया जा रहा है तथा बिल राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

शिविर के दौरान ग्राम केराझरिया निवासी उपभोक्ता जगत प्रसाद की पुत्री द्वारा यह बताया गया कि वे कोरोना काल एवं अन्य आर्थिक कारणों से बिजली बिल की शेष राशि जमा करने में असमर्थ हैं, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। स्थिति से अवगत होने पर प्रबंध निदेशक की पत्नी श्रीमती मंजुला सिंह कंवर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उपभोक्ता के बकाया रूपये 08 हजार 022 की राशि स्वयं जमा कर सहायता प्रदान की। इस सहयोग से संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल पूर्णतः शून्य हो गया।

शिविर में ज्ञान सिंह राजपाल एवं प्रयाग नारायण सिंह, ए.के. अंबस्ट (कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर), बी.के. सरकार (अधीक्षण यंत्री, कोरबा), अंशु वार्शने (कार्यपालन यंत्री, कटघोरा), शेखर सोनी (सहायक अभियंता, कटघोरा), एन.पी. सोनी (सहायक अभियंता, पाली), सुश्री मुंजि तिग्गा (कनिष्ठ अभियंता, पाली) सहित विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 23 मार्च से 10 जून तक जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ प्रतिबंधित
कोरबा। भारत सरकार गृह मंत्रालय तथा भारत के महापंजीयक (रजिस्टार जनरल आफ इंडिया) के निर्देशानुसार आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए जिला कोरबा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, जिला कोरबा के द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि 1 मई 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में संचालित होने वाली “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” की कार्यवाही को समयबद्ध, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में अवकाश प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नियत अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति से अवकाश प्रदान किया जा सकेगा। इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मुख्यालय त्यागने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण तथा फील्ड कार्य की तैयारी के लिए सदैव उपलब्ध रहना होगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि 23 मार्च 2026 के पूर्व स्वीकृत सभी अवकाश आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे, जबकि चिकित्सा अवकाश को ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से यथावत रखा जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी विभागों से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना देश की आधारभूत नीति-निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ है, इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करना होगा। आदेश की प्रतियां जिले के सभी नगरीय निकायों, तहसीलों, जनगणना कार्यालयों तथा अन्य संस्थानों को अवगत करा दी गई है।
कोरबा
डिजिटल जनगणना-2027ः कोरबा जिले में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
कोरबा। जनगणना-2027 के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 23 से 25 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान रायपुर जनगणना निदेशालय से आए मास्टर ट्रेनर बैद्यनाथ कुमार और जिले के नामित मास्टर ट्रेनर डॉ. विजय शर्मा द्वारा नगरीय प्रभार के सभी ट्रेनर्स को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

जिला जनगणना अधिकारी ओंकार यादव ने इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए आगामी जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जो इसे पिछली प्रक्रियाओं से अधिक सटीक और आधुनिक बनाएगी। जनगणना-2027 की एक प्रमुख विशेषता ’स्व-गणना’ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत आम नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे डेटा संकलन की प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी होगी।

कोरबा जिले के विभिन्न नगरीय निकायों-नगर पालिक निगम कोरबा, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा, बाकी मोंगरा और नगर पंचायत छुरीकला के कुल 22 फील्ड ट्रेनर्स इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। ये प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे चलकर मैदानी स्तर पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण सत्र में जनगणना-2027 के व्यावहारिक क्रियान्वयन के साथ-साथ विशेष रूप से एचएलओ ऐप के उपयोग और उसके विभिन्न तकनीकी चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि फील्ड स्तर पर डेटा प्रविष्टि में कोई त्रुटि न हो।

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