कोरबा
भगवान सहस्त्रबाहु ने लोक कल्याण का रास्ता दिखाया, हमारी सरकार भी उसी राह पर चल रही : मुख्यमंत्री

कलार समाज शिक्षित, समृद्ध, छत्तीसगढ़ के विकास में सहयोग करेंः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री कलार समाज के भगवान सहस्त्रबाहु जयंती कार्यक्रम में हुए सम्मिलित

कोरबा/ कटघोरा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कटघोरा विकासखंड मुख्यालय में कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान सहस्त्रबाहु जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान सहस्त्रबाहु ने धर्मपरायण राज्य की स्थापना कर लोककल्याणकारी का रास्ता दिखाया,हमारी सरकार भी इन्हीं कल्याणकारी रास्तों में चल रही है और छत्तीसगढ़ के लोगों के भलाई,सुख समृद्धि के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कलार समाज को समृद्ध और शिक्षित समाज बताते हुए कहा कि आज समाज के युवा उच्च पदों पर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ भी इस विकसित भारत के मुहिम में शामिल होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस विकास की दिशा में प्रदेश के सभी समाज का योगदान जरूरी है, इसलिए कलार समाज से भी अपेक्षा है कि वह छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी बने।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश में मोदी की गारंटी को लागू किया जा रहा है। सरकार बनते ही किसानों के धान को 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी, 21क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस का भुगतान, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक दर को प्रति मानक बोरा 4 हजार रुपए से बढ़ाकर पाँच हजार पाँच सौ रुपए कर दिया गया। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना से प्रति माह एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। पीएम आवास के लिए राशि जारी किए जाने के पश्चात आवास का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। रामलला दर्शन योजना से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश हुई है और 14 नवम्बर से धान की खरीदी प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए बेहतर व्यवस्था बनाई गई है ताकि किसानों को किसी तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम स्थल पर युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजन के लिए भी समाज प्रमुखों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे आज अनेक परिवार आपस मे मिलेंगे एवं नए सम्बंध की शुरुआत करेंगे। साथ ही कार्यक्रम स्थल में पुरस्कृत होने वाले समाज के उत्कृष्ट छात्र छात्राओं को भी बधाई देते हुए भविष्य में समाज के विकास में अपना अमूल्य योगदान देने प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में कलचुरियों का बड़ा योगदान है। यहाँ के शिलालेखों और अन्य पुरातात्विक धरोहरों में कल्चुरी राजाओं के महत्वपूर्ण योगदान का पता चलता है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेई ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाया। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह राज्य विकास की ओर अग्रसर है।
विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित कर कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तर बनाने और अन्य मांग रखी। इस अवसर पर उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, नगर पालिका कटघोरा अध्यक्ष श्री रतन मित्तल, समाज के अध्यक्ष रामगोपाल डिक्सेना, पूर्व विधायक विनय जायसवाल, विकास महतो, राजीव सिंह, राजेन्द्र जायसवाल, कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित समाज के पदाधिकारी एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भगवान सहस्त्रबाहु के तैल्यचित्र पर द्वीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने समाज के युवाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया। इससे पूर्व समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का गजमाला से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री साय ने कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तर करने की घोषणा की –
मुख्यमंत्री साय ने कटघोरा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बेड वाले अस्पताल में उन्नयन करने का घोषणा किया गया। उन्होंने कटघोरा अम्बिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग में चकचकवा पहाड़ के पास स्थित चौक को भगवान सहस्त्रबाहु के नाम पर रखने की घोषणा की। उन्होंने कटघोरा विश्राम गृह को आने वाले समय मे उन्नयन करने की घोषणा की।



कोरबा
गोत्र विवाद में सामाजिक बहिष्कार, 5 लाख की मांग:कोरबा में दंपती से समाज में शामिल करने मांगी मोटी रकम,कोर्ट ने FIR के दिए आदेश
कोरबा। कोरबा में गोत्र के नाम पर एक दंपती का सामाजिक बहिष्कार करने और उन्हें समाज में दोबारा शामिल करने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग करने के मामले में न्यायालय ने चार कथित सामाजिक ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस अब मामले की जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी एक युवक अगस्त 2022 से कोरबा जिले के पीढ़ीभर क्षेत्र में एक निजी ठेका कंपनी में कार्यरत है। युवक ने 26 अगस्त 2022 को रायपुर निवासी एक युवती से विवाह किया था। विवाह की जानकारी समाज के लोगों को मिलने के बाद कथित तौर पर दोनों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

गोत्र को लेकर खड़ा हुआ विवाद
पीड़ित दंपती का कहना है कि युवक का गोत्र कश्यप और उसकी पत्नी का लिमोता गोत्र है। बावजूद इसके समाज के कुछ पदाधिकारियों ने दोनों को एक ही गोत्र का बताते हुए विवाह पर आपत्ति जताई और परिवार को समाज से अलग कर दिया।
समाज में शामिल करने के लिए मांगे लाखों रुपये
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में समाज के पदाधिकारियों ने दंपती को दोबारा समाज में शामिल करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। बाद में यह रकम बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।
दंपती ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए 11-11 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में समाज में पुनः शामिल करने के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग रखी गई।

3 लाख देने के बाद भी नहीं मिला समाज में स्थान
पीड़ित ने न्यायालय में दायर याचिका में बताया कि सामाजिक बहिष्कार और दबाव से परेशान होकर उन्होंने किसी तरह 3 लाख रुपये की व्यवस्था कर संबंधित लोगों को दे दिए। इसके बावजूद उन्हें समाज में शामिल नहीं किया गया और शेष 2 लाख रुपये की मांग जारी रखी गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगी एफआईआर
मामले में अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस के लिए एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करना अनिवार्य है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला गोत्र और सामाजिक परंपराओं के नाम पर कथित सामाजिक बहिष्कार तथा आर्थिक वसूली जैसे गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। अब पुलिस जांच से पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
कोरबा
सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन
कोरबा। न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से घर-घर तक पहंचाने तथा आपसी सहभाविता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ किया गया है। जिसकी परिणति 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी। जिसमें सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामले शामिल किया जायेगा। विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जा रहा है इस सुलह वार्ता का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को समाधान समारोह के आरम्भ के साथ शुरू किया गया है। इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का उद्देश्य सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में संबंधित पक्षकारों/अधिवक्तागणों को सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित कर समाधान समारोह में आपसी सहमति एवं वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुलह-बैठकों का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशन में गठित न्यायाधीशों की कमेटी (प्रशिक्षित मध्यस्थ) द्वारा पक्षकारों को सुलह-प्रयास हेतु बैठकों/वार्ताओं में व्यक्तिगत रूप से अथवा विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल कर आपसी सुलह/वार्ता से प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, ममता भोजवानी, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एवं सुनिल कुमार नन्दे, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा द्वारा प्रकरणों में आज प्री-सिटिंग हेतु उपस्थित पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह-वार्ता का प्रयास किया गया है तथा सुलह हेतु पक्षकारों को सुझाव दिया गया है जिससे आपसी सहमति के आधार पर प्रकरणों का निराकरण राजीनामा के आधार पर सुनिश्चित किया जा सकें।
कोरबा
22 से 26 जून तक आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में कोरबा जिले की होगी सहभागिता
कोरबा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर दिनांक 22 जून से 26 जून तक सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा रायपुर से सोमनाथ गुजरात तक आयोजित की जा रही हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में कोरबा जिले से 20 विशिष्टजन 22 जून को सुबह 7 बजे रायपुर से विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे।
इस सम्बन्ध में नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि कोरबा जिले से 20 विशिष्टजनों का दल जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातत्विक शिवालय के पावन भूमि के माटी कलश एवं पावन नदी के जल कलश के साथ पांच दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा के लिए 21 जून को रायपुर रवाना होंगे।
जहां से 22 जून की सुबह विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे। कोरबा जिले के दल में शामिल सभी सहभागी 22 से 26 जून तक सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पूर्ण कर 27 जून को कोरबा वापस आएंगे।
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