देश
LPG संकट- पंजाब में सिलेंडर लेकर भागते दिखे लोग:ब्लैक में कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4 हजार का बिक रहा, सरकार बोली- रोजाना 76 लाख बुकिंग आ रही
नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है।
कई जगहों पर रू. 2 हजार का कॉमर्शियल सिलेंडर रू. 4 हजार में बिक रहा है। वहीं पंजाब में लोग सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। केरल में करीब 40% रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर है।
उधर, दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने LPG सप्लाई की बिगड़ी स्थिति को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजस्थान में प्रदर्शन करते हुए सिलेंडर की शवयात्रा निकाली गई।

रोजाना 75.7 लाख सिलेंडर बुक हो रहे, पहले 55.7 लाख होते थे
सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि LPG एक चिंता का विषय जरूर है क्योंकि हमारा ज्यादातर इम्पोर्ट ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के रास्ते आता है, जो फिलहाल बंद है।
दिक्कत अफवाहों और ‘पैनिक बुकिंग’ की वजह से हो रही है। आम तौर पर रोजाना 50-55 लाख बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 75-76 लाख तक पहुंच गई है।

सरकार की तरफ से पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
राजस्थान: गैस सप्लाई ठप, सिलेंडर की शवयात्रा निकाली
होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं। वहीं कोटा समेत कई शहरों में हॉस्टल मेस और ढाबों में मजबूरी में लकड़ी, कोयले और इलेक्ट्रिक चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है।
कई शहरों में एजेंसियों पर सुबह 5 बजे से ही लंबी लाइनें लग रही हैं और सिलेंडर न मिलने पर लोगों की पुलिस से झड़प तक हो रही है। इस संकट के बीच सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने जयपुर में सिलेंडर की शवयात्रा निकाली।

चांदपोल में जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रदर्शन के दौरान LPG सिलेंडर की शवयात्रा निकालते कार्यकर्ता।

उत्तर प्रदेश: चूड़ी से लेकर पेठा फैक्ट्रियां तक बंद
यूपी में फैक्ट्रियों को गैस सप्लाई नहीं हो रही है। इसका असर पॉटरी, चूड़ी से लेकर पेठा फैक्ट्रियों तक पड़ रहा। बुलंदशहर में एशिया के सबसे बड़े पॉटरी उद्योग पर पड़ा है। यहां 300-325 यूनिट में से 95% पॉटरी यूनिट बंद हैं। 30 हजार से ज्यादा वर्कर्स बेरोजगार हो गए हैं।
यही हाल फिरोजाबाद में बनने वाली चूड़ियों और आगरा की पेठा फैक्ट्रियों का है। गैस की सप्लाई नहीं मिलने से भटि्ठयां बंद हैं। 55 बड़ी फैक्ट्रियों में से 40 बंद हो चुकी हैं। अगर गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो आगरा में बनने वाली चांदी की पायल पर भी संकट आ सकता है।

मध्य प्रदेश: LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप…वेटिंग 7-8 दिन बढ़ी
मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग लगभग ठप है। सर्वर डाउन होने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लोग सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों में लोगों की भीड़ लगी हुई है।
इधर गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भोपाल में इसकी बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। वहीं 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने के कगार पर है।
होटल, रेस्टॉरेंट को 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला।

बिहार: एजेंसी के बाहर लंबी लाइन; कोयला-लकड़ी के रेट बढ़े
बिहार में 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद है। सप्लाई नहीं होने की वजह से होटल, रेस्टॉरेंट पर काफी असर पड़ रहा है। पटना के बाजारों में लकड़ी और कोयले के भाव भी बढ़ गए हैं। जो लकड़ी एक दिन में 10 किलो ही बिकती थी, अब तीन क्विंटल प्रतिदिन खरीदे जा रहे हैं।
दरभंगा में सुबह 6 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर 500 मीटर लंबी लाइन लग गई। अररिया में लोग सिलेंडर के लिए कतार में खड़े हैं। मोतिहारी में सिलेंडर के लिए दो लोग आपस में भिड़ गए। ये लड़ाई लाइन में पहले लगने के लिए हुई।

पंजाब: लाइन में लगे बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत, लुधियाना में सिलेंडर लूटा
बरनाला के गांव शैहना में सिलेंडर के लिए 2 घंटे से लाइन में लगे 66 साल के बुजुर्ग भूषण कुमार मित्तल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं अमृतसर में सिलेंडर को लेकर एजेंसी मैनेजर और ग्राहकों के बीच झड़प हुई। वहीं लुधियाना में एक्टिवा सवार बदमाशों द्वारा युवक से सिलेंडर छीनने जैसी वारदातें सामने आई हैं।

गुजरात: 3 से 4 हजार रुपए में बिक रहे कॉमर्शियल सिलेंडर
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी की वजह से यहां ये ब्लैक में 3 से 4 हजार रुपए में बिक रहे हैं। गैस सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण कुछ व्यापारियों को अपना कारोबार बंद करना पड़ा है। कुछ व्यापारी गैस सिलेंडरों के स्थान पर कोयले के चूल्हे पर काम चला रहे हैं। हालांकि, कोयले के चूल्हे पर खाना पकाने में अधिक समय लगने के चलते कारोबार में गिरावट आई है।


गुजरात के एक गैस एजेंसी पर लाइन में खड़ी महिला अचानक गिर गई।
महाराष्ट्र: हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम और कमेटी
राज्य में LPG की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और कमेटियों का गठन किया है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को गैस वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखने को कहा है।
वहीं कई ग्राहकों ने ऑनलाइन और फोन पर सिलेंडर बुक किए हैं, लेकिन उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही है। इस वजह से पिछले कुछ दिनों में गैस एजेंसियों के सामने लंबी लाइनें लगी है। कई जगहों पर लोग सुबह एजेंसियों के खुलने से पहले ही कतारों में खड़े हैं।
केरल: 40 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर
केरल में करीब 40% रेस्टोरेंट बंद होने को मजबूर हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि कई रेस्टोरेंट कुकिंग के दूसरे तरीकों को अपनाने की स्थिति में नहीं हैं। इस संकट का असर सिर्फ रेस्टोरेंट पर ही नहीं, बल्कि कैटरर्स, हॉस्टल, कैंटीन और श्मशान घाटों पर भी पड़ा है।
- केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (KHRA) के अध्यक्ष जी. जयपाल ने पीटीआई को बताया कि शुक्रवार तक राज्य के करीब 40% रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे।
- केंद्र सरकार ने खाना पकाने के वैकल्पिक तरीके अपनाने की सलाह दी है, लेकिन KHRA का कहना है कि शहरी इलाकों में लकड़ी का इस्तेमाल मुमकिन नहीं है।
हरियाणा: लकड़ी के चूल्हे पर पकने लगा शादियों का खाना
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के चलते हरियाणा समेत पूरे भारत में गैस का संकट शादियों और ढाबों पर दिख रहा है। सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए सीमित कर दी है।

इंडक्शन: अमेजन पर 1 दिन में ही 1.34 लाख इंडक्शन बिके
LPG गैस की किल्लत की वजह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर एक ही दिन में करीब 1.34 लाख इंडक्शन की बिक्री दर्ज की गई है। वैसे एक माह में करीब 1.80 लाख इंडक्शन बिकते हैं।
पिछले चार दिनों में अमेजन सहित अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को मिलाकर करीब 5 लाख इंडक्शन की बिक्री हुई है। अमेजन पर इंडक्शन बेचने वाली ज्यादातर कंपनियों का स्टॉक खत्म हो गया है।
LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले
- 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया।
- 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया।
- 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया।
फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हुए
गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने कहा कि LPG की किल्लत के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हो गए हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और इस सेक्टर से जुड़े दूसरे वर्कर्स की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है।
यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन की मांग है कि जोमैटो, स्विगी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होने वाले हर वर्कर को तुरंत 10,000 रुपए की राहत राशि दें। वर्कर्स की ID बंद करने पर 3 महीने की रोक लगे।
PNG और CNG की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहेगी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाने वाली पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। नागरिकों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
वहीं उन्होंने कहा कि कई कॉमर्शियल उपभोक्ता फिलहाल LPG की सप्लाई को लेकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या डीलर से संपर्क करें और एलपीजी के विकल्प के तौर पर PNG कनेक्शन लेने की कोशिश करें।
सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा, “हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। राज्य सरकारों से लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है ताकि सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जा सके।”
सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए
1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।
2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।
3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे।
4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।
5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है।
देश
‘फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार, जो वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर हैं’ : Supreme Court
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के अधिकार को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि किसी भी सड़क पर गाड़ियों से पहले पैदल चलने वालों का हक है। साथ ही यह भी कहा कि सुरक्षित फुटपाथ न मिलने के कारण किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है, तो वह संबंधित सरकारी अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ अदालत जाकर मुआवजे और कानूनी राहत की मांग कर सकता है।


कोर्ट के फैसले के पीछे का कारण
यह ऐतिहासिक फैसला एक दर्दनाक हादसे की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। दरअसल एक पिता अपने 5 साल के मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार टैंकर ने बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के लिए शुरुआत में रू.7.82 लाख का मुआवजा तय किया था। इसे दिल्ली हाईकोर्ट ने घटाकर रू.4.70 लाख कर दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बदलते हुए पीड़ित पिता को कुल रू.11.45 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस केस को सिर्फ एक एक्सीडेंट न मानकर, देश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बड़ा दिशानिर्देश जारी कर दिया।

वाहनों के आविष्कार से पहले से चल रहा है इंसान
जस्टिस की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस जगह यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां न तो कोई फुटपाथ था और न ही कोई पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग (Pedestrian Crossing)। कोर्ट ने कहा कि “ऐसे हादसे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम सड़कों के इस्तेमाल के नजरिए को नहीं बदलते। इंसानी सभ्यता वाहनों के आविष्कार से बहुत पहले से पैदल चल रही है। इसलिए, ‘चलने का अधिकार’ सबसे मूल और प्राथमिक अधिकार है, जो कार या बाइक जैसे मोटर वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर है।”
देश
जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर जारी होंगे:SEBI के पास दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी बोले- आकाश, ईशा और अनंत जिम्मेदारी संभालेंगे
मुंबई, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।
अंबानी बताया कि 19 जून को ही SEBI के पास जियो IPO के दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। जियो के 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।

इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा। मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वंतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहा वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।
मुकेश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आज सुबह इसके ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही सेबी के पास फाइल किया जाएगा। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ की इस पूरी प्रोसेस को हेड कर रहे हैं।
जियो ने शानदार सफलता के 10 साल पूरे कर लिए हैं और यह भारत के डिजिटल व AI रिवॉल्यूशन का सबसे मुख्य जरिया बन गया है। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल ने भी एक ट्रेलब्लेज़र के रूप में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं, जो भारत के ऑर्गेनाइज्ड रिटेल रिवॉल्यूशन का कैटलिस्ट बना है। इन दोनों ही बिजनेस में हम नंबर वन बने हुए हैं।
आकाश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…
जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने कहा है कि जियो दुनिया की लीडिंग ग्लोबल सैटेलाइट कंसर्टियम कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। जियो भारत के लिए एक खुद का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कंपनी इसके लिए जरूरी ग्राउंड स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।
रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में खुद का AI बैकबोन तैयार कर रहा है, जिसका 120 मेगावाट का पहला फेज 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को ताकत देने के लिए एनवीडिया GB300 जीपीयू का इस्तेमाल शुरू कर रही है।
जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके। हम जो बना रहे हैं वो भारत के लिए एआई है, भारत द्वारा बनाया गया एआई है और एक दिन यह पूरी दुनिया के काम आएगा। हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक एआई को हर किसी के बजट में लाना है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।
रिलायंस ने ‘जियो टेलीफ्रेम’ पेश किया है, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे AI एजेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। वहीं जियो होम्स अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देगा, जिसमें हर घर को 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड तक की स्पीड मिलेगी।
जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को पार कर गया है, जिसने भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। वहीं 1.3 करोड़ से ज्यादा घर जियो एयरफाइबर से जुड़ चुके हैं। चीन के बाहर किसी भी एक देश में काम करने वाले टेलीकॉम ऑपरेटर का सबसे बड़ा 5G यूजर बेस बन गया है।
AI वॉइस असिस्टेंट लॉन्च करेगा जियो
जियो ‘जियो कॉल एजेंट’ लेकर आ रहा है। यह एक AI वॉइस असिस्टेंट है जो सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा, इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सर्विस हर जियो यूजर के लिए उपलब्ध होगी और यह सभी भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी।
यूजर्स सिर्फ “हे जियो” बोलकर इस एआई असिस्टेंट को चालू कर सकेंगे, जिसके बाद यह कॉल में शामिल होकर यूजर की मदद कर सकेगा। यह एआई एजेंट लाइव कॉल के दौरान बातचीत को लिख सकता है और कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 अलग-अलग लोगों की आवाज पहचान सकता है।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह कॉल समरी, वर्क लिस्ट और रिमाइंडर भी तैयार कर सकता है, जिसे कॉल खत्म होने के बाद शेयर किया जा सकेगा। यह एआई असिस्टेंट लाइव कॉल के दौरान ही कई काम कर सकता है, जैसे खाना ऑर्डर करना, कैब बुक करना, टेबल रिजर्व करना और मीटिंग शेड्यूल करना।
आकाश अंबानी का कहना है कि जियो कॉल एजेंट को वॉइस कॉल के अंदर मिलने वाले एक पर्सनल एआई कॉन्शिएर्ज (मददगार) के रूप में तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इसे इस साल के आखिर तक जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।
रिटेल बिजनेस पर रिलायंस की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी…
ईशा अंबानी ने कहा कि हमारे रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या 11% सालाना बढ़त के साथ 38.7 करोड़ पहुंच गई है। हमने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन पूरे किए, जो पिछले साल के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
ईशा अंबानी के मुताबिक, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट इंडस्ट्री के मुकाबले 5 गुना रफ्तार से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल रहा। सालाना 11.8% की बढ़त के साथ रेवेन्यू 3,70,026 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
ईशा अंबानी ने बताया कि जियोमार्ट 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन गया है, जो 5,100 से ज्यादा पिन कोड वाले 1,200 से अधिक शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। वहीं जियोपॉलिटिकल दिक्कतों की वजह से कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी बुरा असर पड़ा है।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।
अनंत अंबानी बोले- पश्चिम एशिया संकट का उत्पादन क्षमता पर असर नहीं
रिलायंस के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने में मदद मिली। इस संकट के कारण जब एलएनजी की सप्लाई में दिक्कत आई, तब रिलायंस ने घरेलू गैस को जरूरी सेक्टरों की तरफ डाइवर्ट किया। अनंत अंबानी के मुताबिक, एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) के क्षेत्र में नए मौकों की तलाश भी लगातार जारी है।
अनंत अंबानी ने कहा कि कच्चे तेल और प्रोडक्ट मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अलग-अलग जगहों से सोर्सिंग करने की वजह से रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता लगभग पूरी बनी रही। पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी थ्रूपुट को बनाए रखने में मदद मिली।
देश
अद्वित ज्वेल्स का IPO 23 जून को, मूल्य दायरा 130-138 रुपए प्रति शेयर
नई दिल्ली, एजेंसी। आभूषण क्षेत्र की कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 23 जून को खुलेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 130 से 138 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह 1.19 करोड़ नए शेयरों के निर्गम पर आधारित है। इसके जरिये 165.15 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। जयपुर की कंपनी के अनुसार, यह आईपीओ 23 जून को खुलकर 25 जून को बंद होगा।

अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन गिलारा ने कहा, ”अपने बी2बी (कंपनियों के बीच) कारोबार को प्रभावित किए बिना, हम अगले तीन वर्षों में देश भर में 30 खुदरा शोरूम खोलकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
