मुंबई, एजेंसी। Mahindra & Mahindra के शौकीनों के लिए खुशखबरी सामने आई है। कंपनी इस साल 15 अगस्त पर मार्केट में अपनी नई एसयूवी पेश कर सकती है।फिलहाल कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं किया है। ऐसे कयाय लगाए जा रहे हैं कि कंपनी Scorpio-N के Facelift वर्जन को लॉन्च कर सकती है। दरअसल साल 2022 के लॉन्च के बाद इसमें कोई भी अपडेट सामने नहीं आया है।
मिल सकते हैं ये बदलाव
इस संभावित फेसलिफ्ट में कार एक नए लुक और डिजाइन मिल सकता है। इसके साथ ही इसमें अलॉय व्हील्स और रियर में कॉस्मेटिक चेंज देखने को मिल सकते हैं। कार के फ्रंट लुक में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसमें री-डिजाइन की गई ग्रिल, नए हेडलैंप्स और अपडेटेड बंपर शामिल हैं। इसके साथ ही नए अलॉय व्हील्स और रियर (पीछे) प्रोफाइल में भी कुछ कॉस्मेटिक बदलाव किए जा सकते हैं। इंटीरियर में 10.25 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसके लोअर वेरिएंट्स में भी सेफ्टी के लिए कंपनी एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दे सकती है।
इंजन में नहीं होगा कोई बदलाव
परफॉर्मेंस के मामले में कंपनी मौजूदा पावरट्रेन को ही बरकरार रख सकती है। ग्राहकों को पहले की तरह ही दो इंजन विकल्प मिलेंगे-
1. 2.2-लीटर टर्बो डीजल इंजन
2. 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन
ये दोनों ही इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्पों के साथ आएंगे, जबकि इसके चुनिंदा वेरिएंट्स में फोर-व्हील ड्राइव (4WD) सिस्टम का सपोर्ट भी मिलता रहेगा।
पुंछ, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर में सेना और पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है।
आतंकी की पहचान यासिर उर्फ अबु तल्हा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था।
यह 2024 में पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर फायरिंग में शामिल था। इस हमले में एक जवान शहीद हो गया था।
इस आतंकी की तस्वीर पहली बार पहलगाम हमले के दौरान सामने आई थी। उस समय मिली एक फोटो में चार आतंकी थे। इनमें से दो को पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। तीसरे यासिर का अब एनकाउंटर हुआ। चौथा फरार है।
सूत्रों के मुताबिक, यासिर का नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था।
यह फोटो पहलगाम हमले के बाद साामने आई थी। इनमें से मूसा अभी फरार है।
यासिर कई सालों से वांटेड था
सुरक्षा बलों ने गुरुवार को यासिर को बडगाम के अशदार जंगलों में मार गिराया। इस इलाके में सेना का ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को यासिर की कई सालों से तलाश थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा- तुम भाग सकते हो, छिप नहीं सकते।
एनकाउंटर के बाद यासिर की फोटो सोशल मीडिया पर जारी की गई।
2024 में एयरफोर्स पर हमले में भी शामिल था यासिर
एजेंसियों के मुताबिक, यासिर उर्फ अबु तल्हा जम्मू-कश्मीर में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहा है। इसमें मई 2024 में पुंछ में IAF काफिले पर हमला और दिसंबर 2023 का डेरा की गली एंबुश भी शामिल है।
21 दिसंबर 2023: पुंछ के सुरनकोट स्थित डेरा की गली (DKG) में आतंकियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें 4 जवान शहीद हुए।
डेरा की गली आतंकी हमले की तस्वीर।
4 मई 2024: पुंछ के सुरनकोट के सनाई टॉप/शाहसितार के पास आतंकियों ने एयरफोर्स (IAF) के काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद और 4 जवान घायल हुए।
आतंकियों ने एयरफोर्स (IAF) के काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की। फाइल फोटो।
4 आंतकियों के ग्रुप में 3 को मार गिराया, एक फरार
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर (अबु तल्हा) 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय चार सदस्यीय LeT ग्रुप का हिस्सा था। उसके मारे जाने के बाद इस ग्रुप का सिर्फ हाशिम मूसा बचा है।
इस ग्रुप में स्थानीय LeT आतंकी जुनैद रमजान के अलावा सुलेमान, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। जुनैद रमजान पहले ही मारा जा चुका था। उसके मोबाइल फोन से सुरक्षा बलों को चारों आतंकियों की एक तस्वीर मिली थी, जिससे एजेंसियों को इस ग्रुप और J&K में उसके नेटवर्क का अहम सुराग मिला।
सुलेमान भी एक ऑपरेशन में मारा गया है। वहीं, यासिर को 4 अगस्त को मार गिराया। इस तरह मूल चार सदस्यीय ग्रुप में अब हाशिम मूसा ही सक्रिय सदस्य बचा है।
सूत्रों के मुताबिक हाशिम मूसा, सुलेमान और यासिर के नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़े हैं।
दो महीने बाद घाटी में एनकाउंटर
यह मुठभेड़ घाटी में करीब 2 महीने बाद हुई है। पिछला एनकाउंटर 9 जुलाई को शोपियां के चानपोरा में हुआ था। सेना ने लश्कर के 2 आतंकी मार गिराए थे, दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप ऑपरेटिव थे।
सुरक्षाबलों को गुरुवार शाम को आतंकियों के एक संदिग्ध ग्रुप के पुलवामा जिले के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की ओर बढ़ने की खबर मिली थी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
चिनार कॉर्प्स ने X पर बताया कि पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने बडगाम के अशदार गली में जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में बाढ़ आने के 11वें दिन नुवाकोट से 64 साल की महिला का रेस्क्यू किया गया। वह घर में मलबे में ही दबी थी। उसे इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर काठमांडू लाया जा रहा है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भूस्खलन के बाद बाढ़ आई थी। तब से राहत-बचाव कार्य जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके से 5 साल के बच्चे समेत तीन भारतीयों को भी सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 275 अब भी लापता हैं।
नेपाल में अब तक करीब 1344 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। फिलहाल 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से 32,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
नेपाल आपदा से जुड़ी तस्वीरें…
नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन हुआ।
लैंडस्लाइड का मलबा नीचे आने के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया।
त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से शुक्रवार को 2 मजदूर जिंदा निकाले गए।
नेपाल में घर से 64 साल की महिला जिंदा निकाली गई
नेपाल के नुवाकोट शहर में शनिवार को रेस्क्यू टीम ने एक टूटे हुए घर से 64 साल की की एक महिला को जिंदा बाहर निकाला।
महिला की पहचान चंद्रिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। वह घर में बेहोश पाईं गईं थी।
इमरजेंसी टीम ने सबसे पहले महिला को पानी पिलाया जिसके बाद उन्हें ग्रे कंबल में लपेटकर घर से बाहर निकाला गया।
त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चीनी नागरिक का रेस्कयू
नेपाल सेना की रेस्क्यू टीम ने बाढ़ प्रभावित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक चीनी नागरिक को जिंदा बाहर निकाल लिया है।
वह चीनी नागरिक भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सुरंग के अंदर फंस गया था।
रेस्क्यू ऑपरेशन 216 मेगावाट के अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट की ऑडिट-4 सुरंग में चलाया गया। इसमें नेपाल सेना और दक्षिण कोरिया के आपदा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम शामिल थी।
सुरंग से बाहर निकालने के बाद चीनी नागरिक को इलाज और आगे की मदद के लिए नुवाकोट के त्रिशूली स्थित मैथिल बैरक ले जाया जा रहा है।
भूस्खलन के बाद नदी का पानी सामान्य
नेपाल के भट्टार में शुक्रवार को पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने से नदी का रास्ता कुछ देर के लिए रुक गया था। इससे नदी के नीचे रहने वाले लोगों को खतरा होने की चिंता थी। हालांकि, शनिवार को नदी बहाव सामान्य रहा।
जिला अधिकारी बार्टराज पौडेल ने बताया कि नदी के पानी में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल नदी का रास्ता भी बंद नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ से मिट्टी-पत्थर गिरना भी अभी रुक गया है और फिलहाल कोई नया खतरा नजर नहीं आ रहा है। इस घटना में किसी इंसान या पशु की मौत नहीं हुई है। हालांकि, खतरे को देखते हुए 8 परिवारों को शुक्रवार को सुरक्षित जगह ले जाया गया था।
नेपाली सांसद बोले- बाढ़ से 800 अरब रुपए से ज्यादा का नुकसान
नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने कहा कि बाढ़ के बाद रेस्क्यू और राहत कामों में तालमेल और लंबी अवधि की योजना की कमी रही।
उनके मुताबिक, आपदा से 800 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार पर आपदा के बाद जरूरतों का आकलन जल्द शुरू नहीं करने का आरोप लगाया।
केसी ने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्लाइमेट जस्टिस और मुआवजे की मांग उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने एक बार फिर जलवायु असमानता का मुद्दा सामने ला दिया है।
नेपाल में बाढ़ से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
नेपाल में आई भीषण बाढ़ से अब तक 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से स्कूल-कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान हुआ है, जिससे 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं।
वहीं, 4 हेल्थ सेंटर पूरी तरह और 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ में करीब 55 किमी सड़कें पूरी तरह टूट गईं। इसके अलावा 37 मोटरेबल ब्रिज और 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार ने कहा है कि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है।
यह 26 अगस्त को नेपाल में आई बाढ़ की तस्वीर है।
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 1344 हुआ
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा फिर बढ़ गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, 1344 लोगों ने अब तक जान गंवाई है। वहीं तिब्बत में भी 31 लोगों की मौत हुई है।
भारत ने 7 विमानों से भेजी 95 टन राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी।
भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
चीन से 1,907 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन से 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। चीन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अब कोई भारतीय यात्री फंसा नहीं है।
नेपाल में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद जारी रखेगा। इसके तहत फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री भेजने की योजना है।
अयोध्या, एजेंसी।‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। यह मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। उनका भोलापन उनके लिए मुसीबत बन गया। उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की। लोगों की पहचान करने में उनसे चूक हुई।’
‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कुछ कमियां रही हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी? जहां कमी रही है, वहां सुधार किया जाएगा। चोरी करने वालों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।’
ये बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने कहीं।