इस्लामाबाद,एजेंसी। मिडल ईस्ट टकराव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान में बड़ा कूटनीतिक प्रयास शुरू हो गया है। JD Vance एक बड़े अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ Pakistan रवाना हो रहे हैं, जहां Iran के साथ शांति वार्ता की जाएगी। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका, ईरान और Israel के बीच चल रहा युद्ध अब आठवें हफ्ते में पहुंच चुका है और दो हफ्ते का सीजफायर खत्म होने के करीब है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस (JD Vance) के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचने वाला है, जिसमें स्टीव विटकॉफ़ (Steve Witkoff) और (जेरेड कुशनर) Jared Kushner भी शामिल होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बुधवार को युद्धविराम समाप्त हो रहा है और वह इसे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।
ईरान हुआ राजी ईरान ने क्षेत्रीय मध्यस्थों को बताया है कि वह अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए मंगलवार को पाकिस्तान में एक वार्ता टीम भेजेगा। तेहरान ने सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि वह इस्लामाबाद में होने वाली बैठकों में अपने प्रतिनिधि भेजेगा। वार्ता में उसकी भागीदारी को लेकर भ्रम तब और बढ़ गया, जब ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि इस्माइल बाकाई ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तानी राजधानी में वार्ता के दूसरे दौर की कोई योजना नहीं है।
दबाव में बातचीत मंजूर नहीं इससे पहले ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में बातचीत नहीं करेगा। उसका कहना है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक वार्ता का कोई मतलब नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के अंदर भी इस मुद्दे पर दबाव है, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से सख्त रुख अपनाने की मांग की जा रही है। इसी बीच पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान में होने वाली यह वार्ता तय करेगी कि हालात शांति की ओर बढ़ेंगे या फिर एक बड़े युद्ध की तरफ।अगर समझौता नहीं हुआ, तो मिडिल ईस्ट में एक बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता है ।
युद्ध की भयावह स्थिति लगभग दो महीने से जारी युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाले ऊर्जा संकट के और गहराने की आशंका है। इस संघर्ष में अब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में 3,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 300 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं । Lebanon में 2,200 से ज्यादा मौतें हो चुकी और हजारों लोग घायल हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि इस युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए हैं। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनकी पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है।
बाढ़ के बाद सुरंग में 42 कर्मचारी और मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। दो लोगों के जिंदा मिलने के बाद बचाव अभियान में उम्मीद बढ़ी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के भीतर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग में दाखिल हुईं और तलाशी अभियान तेज किया।
बाढ़ से अब तक 5,300 से ज्यादा लोग लापता हैं। अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12,038 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
सुरंग में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…
चितवन जिले में सबसे ज्यादा शव बरामद, 95 की पहचान
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में शवों की बरामदगी का अभियान जारी है। चितवन जिले में सबसे ज्यादा शव मिले हैं, जबकि अब तक बरामद शवों में से 95 की पहचान की जा चुकी है।
प्रशासन और बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ शवों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
पति को जिंदा देख पत्नी बोली- दूसरी जिंदगी मिल गई
कबीर महर्जन 25 अगस्त की सुबह त्रिशूली-3A में मेंटेनेंस के काम के लिए गए थे। रेस्क्यू के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि ऐसा लगा जैसे उनके पति को दूसरी जिंदगी मिल गई हो।
26 अगस्त को आई बाढ़ की घटना के बाद उनका फोन बंद हो गया। उस सुबह करीब 7:30 बजे पत्नी हीरा शोभा से कबीर की आखिरी बार बात हुई थी।
कई दिन तक कोई खबर नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती गई थी। अब कबीर के रेस्क्यू के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
संजय साह बोले – सबकी जान बचाना मेरी जिम्मेदारी थी
नेपाल में आई भीषण आपदा के 9 दिन बाद सुरंग से दो हाइड्रोपावर कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकाला गया है। इनमें 30 साल के मैकेनिकल फोरमैन संजय साह भी शामिल हैं।
आपदा के समय उन्होंने सुरंग से भागने के बजाय पहले अपने साथियों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, सबकी जान बचाना उनकी जिम्मेदारी थी।
संजय साह अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन में काम करते थे। उन्होंने बताया कि हादसे के समय वह सुरंग के कंट्रोल रूम में थे। आमतौर पर वहां 4 से 6 लोग रहते थे, लेकिन उस दिन करीब 40-45 लोग मौजूद हो सकते थे।
उन्होंने बताया कि अंधेरे में उम्मीद बनाए रखने के लिए वह मंत्रों का जाप करते रहे।संजय ने यह भी कहा कि कुछ लोग सुरंग के अंदर और गहराई में फंसे हो सकते हैं।
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज घोषित
नेपाल सरकार ने बाढ़ से प्रभावित कारोबारियों के लिए राहत पैकेज घोषित किया है। बाढ़ में नष्ट वाहन, मशीनरी और उपकरण बिना कस्टम ड्यूटी के दोबारा आयात किए जा सकेंगे, जबकि प्रभावित लोगों के लोन की किस्तें आगे बढ़ाई या दोबारा तय की जाएंगी।
बीमा कंपनियों को तेजी से क्लेम निपटाने और शुरुआती आकलन के आधार पर 50% तक रकम एडवांस देने को कहा गया है।
बाढ़ में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग की करीब 15 बस्तियां तबाह हुई हैं, इसलिए सरकार लोगों को बाढ़ के खतरे वाले इलाकों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बसाने की तैयारी कर रही है।
शुरुआती आकलन में करीब 16 लाख लोग प्रभावित और 8,317 घर तबाह हुए हैं। रेस्क्यू किए गए करीब 3,948 लोग अस्थायी केंद्रों में रह रहे हैं। रेस्क्यू कर्मियों को जोखिम भत्ता मिलेगा और ड्यूटी में मौत होने पर परिवार को 10 लाख नेपाली रुपए की मदद दी जाएगी।
नेपाल आपदा से जुड़ी तस्वीरें…
बाढ़ में अपनों को खोने वाले परिजन, शव नहीं मिलने के कारण काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में अंतिम संस्कार के दौरान रोते-बिलखते नजर आए
बाढ़ में 43 वर्षीय दिनेश अच्छामे की मौत हो गई। शव बरामद नहीं होने के बाद काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में अंतिम संस्कार की रस्म के दौरान परिजनों ने उनका पुतला लेकर अंतिम विदाई दी।
नेपाल के रसुवा में अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन की सुरंग में फंसे लोगों की तलाश और शवों को निकालने में बचावकर्मियों की टीम जुटी है।
भारतीय अधिकारियों ने काठमांडू के एयरपोर्ट पर नेपाली आधिकारियों को मदद सौंपी।
नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे 56 यात्रियों की मुंबई वापसी। गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे यात्री।
नेपाल बाढ़ में 600 बच्चे लापता, तलाश जारी
नेपाल के रसुवा और नुवाकोट में फ्लैश फ्लड के बाद करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं। रसुवा में करीब 280, जबकि नुवाकोट में 300-350 बच्चों के लापता होने की जानकारी है। अकेले नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका में करीब 250 बच्चे लापता बताए गए हैं।
प्रशासन और स्कूलों से बच्चों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण सटीक संख्या जुटाने में दिक्कत आ रही है। कुछ बच्चों का पता चल चुका है, लेकिन अलग-अलग स्कूलों से नए लापता बच्चों की जानकारी भी सामने आ रही है। बाढ़ में दोनों जिलों के 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता हैं।
एनवीडिया ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए 1 करोड़ डॉलर दिए
अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत और पुनर्निर्माण के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 1.5 अरब नेपाली रुपए) की सहायता दी है।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग को मदद के लिए धन्यवाद दिया।
वागले के मुताबिक, इस सहायता के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 10 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हो चुके हैं।
UN में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएंगे नेपाल PM
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में जलवायु परिवर्तन और पर्वतीय क्षेत्रों पर इसके असर का मुद्दा उठा सकते हैं।
रसुवा में विनाशकारी बाढ़ के बाद शाह ने महासभा में शामिल होने की इच्छा जताई है। विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क दौरे की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शाह ने पहले महासभा में शामिल नहीं होने का फैसला किया था। इसके बाद कैबिनेट ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया था।
भारत की नई खेप में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण
भारत के छठे और सातवें राहत विमान गुरुवार रात काठमांडू पहुंचे। दोनों C-130J विमानों से आई 21.5 टन सहायता में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण शामिल हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि यह सहायता रसुवा फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के राहत प्रयासों के लिए भारत के लगातार जारी सहयोग का हिस्सा है।
26 अगस्त से भारत भेज रहा राहत सामग्री
भारत ने बाढ़ के बाद 26 अगस्त को पहला राहत विमान भेजा था। इसमें 10 टन सामग्री थी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।
इसके बाद 27 अगस्त को 37.5 टन, तीसरे विमान से 10 टन और 30 अगस्त को चौथे विमान से 11 टन राहत सामग्री भेजी गई। चौथी खेप में सर्च एंड रेस्क्यू उपकरण और DNA विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल थी।
2 सितंबर को भारत ने पांचवां विमान भेजा, जिसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां थीं।
बाढ़ की वजहों की जांच में जुटे विशेषज्ञ
भोटेकोशी आपदा के कारणों का पता लगाने के लिए नेपाल में जलवायु वैज्ञानिक, पर्वतीय विशेषज्ञ और हिमनद विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं। विशेषज्ञ अचानक आई बाढ़ के पीछे प्राकृतिक और जलवायु संबंधी कारणों की जांच कर रहे हैं।
इस बीच नेपाल सरकार ने राहत सामग्री के वितरण के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की है। राहत और सहायता के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में सीधे धनराशि जमा करने की व्यवस्था भी की गई है।
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका ने अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला 1 डॉलर का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की।
1 सिक्के की कीमत 2.44 डॉलर यानी 230 रुपए तक रखी गई। 25 और 100 सिक्कों के पैक बिक्री के लिए जारी किए गए। बिक्री शुरू होने के सिर्फ 3 घंटे बाद ही सिक्के आउट ऑफ स्टॉक हो गए।
सिक्के के एक तरफ ट्रम्प की तस्वीर है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए ‘250’ लिखा गया है।
25 सिक्कों के पैक की कीमत 61 डॉलर
अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के पैक की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के पैक की कीमत 154.50 डॉलर है।
बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद ही वेबसाइट पर लोगों को वेटिंग एरिया में भेजा जाने लगा। वहां करीब 1 घंटे का वेटिंग टाइम बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था।
अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ निशान के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में रखा गया है। ये सिक्के 4 जुलाई को बनाए गए थे। अमेरिका में इसी दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
वॉशिंगटन DC के मिंट कॉइन स्टोर में 2 सितंबर को ट्रम्प की तस्वीर वाले $1 के सिक्के खरीदने के लिए मशीन लगाई गई।
1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर
अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी।
अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है।
हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली।
कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है।
ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 नोट की भी तैयारी
अमेरिका में ट्रम्प की तस्वीर वाला 250 डॉलर का नोट जारी करने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) को डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट का प्रस्ताव पिछले साल साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने पेश किया था। फरवरी 2025 में इस बिल को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया था।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर दूर तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी।
भूकंप जमीन की सतह से काफी कम गहराई पर आया। ऐसे भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं, क्योंकि इनकी भूकंपीय ऊर्जा सतह तक जल्दी पहुंचती है और रास्ते में कम कमजोर होती है। हालांकि, फिलहाल भूकंप से किसी तरह के नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब 26 अगस्त को तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक कुल 1273 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1252 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
काठमांडू में हॉस्पिटल के बाहर एक महिला लापता रिश्तेदार की तस्वीरें लेकर उनकी तलाश करती नजर आई।
काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 21 वर्षीय सबिन तिमल्सिना के परिजनों ने पुतले के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।
तिब्बत में 100 नेपाली लापता, केरुंग में 1,500 लोग फंसे
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तिब्बत के केरुंग इलाके में करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।
छेत्री ने यह भी बताया कि भारत में मिले कम से कम 19 शव नेपाल की भोटेकोशी नदी की बाढ़ में बहकर वहां पहुंचे थे। ये शव भोटेकोशी से त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत पहुंचे।
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने सिर्फ वहां की सड़कें, बस्तियां और टूरिस्ट प्लेस को ही नहीं, बल्कि बिहार से जुड़े कारोबार और टूरिज्म की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।
भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही से लेकर सीमावर्ती बाजारों, टूरिस्ट गाड़ियों और सामान से भरे ट्रकों तक पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप
तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। यह जमीन से 10 किमी गहराई में था।
फिलहाल भूकंप से किसी नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है। यह भूकंप 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास आई बाढ़ के करीब एक हफ्ते बाद आया है।
जिपलाइन के सहारे नदी पार कर रहे लोग
नेपाल में बाढ़ के बाद सड़कें और पुल बह जाने से लोगों को नदी पार करने में मुश्किल हो रही है।
बिदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर लंबी अस्थायी केबल क्रॉसिंग जिपलाइन लगाई है, जिसके सहारे बाढ़ प्रभावित लोग तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं।
ट्रम्प ने नेपाल में लैंडस्लाइड ट्रैक करने वाला प्रोजेक्ट बंद किया था
नेपाल में भीषण बाढ़ आने से एक साल पहले ट्रम्प प्रशासन ने हिमालय में लैंडस्लाइड के खतरे पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी प्रोजेक्ट की फंडिंग बंद कर दी थी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट SERVIR-हिंदु कुश हिमालय पर कई साल से काम चल रहा था।
यह प्रोजेक्ट नेपाल समेत हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में लैंडस्लाइड और दूसरी आपदाओं के खतरे वाले इलाकों की पहचान कर रहा था।
इसके तहत ऐसे टूल भी तैयार किए जा रहे थे, जिनसे यह समझने में मदद मिलती कि तेज बारिश का अस्थिर पहाड़ों पर कितना असर पड़ रहा है और किन इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ रहा है।
प्रोजेक्ट की वेबसाइट के मुताबिक, हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में इसका काम जनवरी 2025 में “कन्क्लूड” हो गया था। हालांकि, HT इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा से आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने यह जानकारी दी है।
धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित
नेपाल के धादिंग जिले में कृष्णभीर के पास भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। भोटेकोशी में बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी का बहाव बढ़ा, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया। पृथ्वी हाईवे काठमांडू को पोखरा समेत पश्चिमी नेपाल से जोड़ता है।
धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित
भारत ने भेजी 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं
भारत ने बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लिए जरूरी दवाओं की पांचवीं खेप भेजी है। इसमें 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं शामिल हैं।
भारत ने इसके साथ 11 सदस्यीय स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू टीम भी भेजी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, टीम के साथ 6 टन से ज्यादा रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए हैं।
PM शाह बोले- क्लाइमेट चेंज का मुद्दा उठाना जरूरी
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि इस आपदा का क्लाइमेट चेंज से संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
पिछले हफ्ते आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं। इनके परिवार अब अपने परिजनों के नहीं मिलने की स्थिति में प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं।