कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 3 साकेत नगर के पूर्व पार्षद श्रीमती आरती अग्रवाल एवं विकास अग्रवाल ने तुलसीनगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, हमर क्लीनिक के प्रांगण में वार्ड की मितानिनों का सम्मान किया। बतौर अतिथि के रूप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति वर्मा, मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, उपाध्यक्षद्वय सूरज पाण्डेय, रिपु जायसवाल, हमर क्लीनिक के मेडिकल आफिसर डॉ. उपासना साहू, कोआर्डिनेटर नर्मदा मैत्री, एमटी सरिता कहरा, श्रीमती ज्योति वर्मा, पार्षद पुत्र सुदेश चंद्रा आदि उपस्थित थे।
बिना वेतन की सेवा, अद्भूत हैं मितानिन-विकास अग्रवाल
भाजपा नेता विकास अग्रवाल ने कहा कि आज मितानिन दिवस पर सभी मितानिनों को शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में बिना वेतन, सिर्फ प्रोत्साहन राशि से ही चौबिसों घंटे स्वास्थ्य सेवा के लिए तत्पर रहना कम बड़ी बात नहीं है। इस अद्भूत सेवा कार्य को मितानिन अंजाम दे रहे हैं और बुजूर्गों को बेटी बनकर, सह उम्र के लोगों को दोस्त बनकर और छोटों को मां का वात्सल्य देकर सेवा कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्तंभ बनकर अपने-अपने क्षेत्र को स्वस्थ मोहल्ला और वार्ड बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि साकेत नगर वार्ड में 6 मितानिन अपनी सेवाओं से सबको स्वास्थ सेवा प्रदान कर रही हैं। हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम उन्हें प्रोत्साहित करें और उनका जो सम्मान है, सम्मान दें। सम्मान देने से सेवाकार्य में और प्रोत्साहन मिलता है। आज हमारे बीच अतिथियों के हाथों सम्मान पाकर मितानिन सेवा कार्यों को और विस्तार देंगे। भाजपा सरकार सभी वर्ग की सुध लेती है। आगे केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार मितानिनों के बेहतर भविष्य के लिए कुछ न कुछ अवश्य करेगी और हमारा भी प्रयास होगा कि मितानिनों की आवाज सरकार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिस तरह से मितानिनों ने संघर्ष किया और घर-घर जा कर लोगों की सेवा की, यह अद्भूत रहा। हम ऐसे मितानिनों को प्रणाम करते हैं। मितानिन हमारे रक्षक हैं-ज्योति वर्मा
भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष, पूर्व एल्डरमेन श्रीमती ज्योति वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सिर्फ प्रोत्साहन राशि से सेवा के इतने बड़े कार्य को आगे बढ़ाने में मितानिनों का अहम योगदान है। यूं कहें तो मितानिन हमारे रक्षक हैं। मितानिनों का कार्य ईश्वरीय कार्य है-मंजू सिंह
कार्यक्रम को भाजपा जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह ने भी सम्बोधित किया और कहा कि मितानिनों को ओहदे से नहीं बल्कि उनके सेवा कार्यों से पहचाना जाना चाहिए। मितानिनों का कार्य ईश्वरीय कार्य है और उनके कार्य उनका सम्मान और बढ़ा देता है। स्वास्थ्य क्षेत्र के आधार स्तंभ हैं मितानिन – डॉ. उपासना साहू
हमर क्लीनिक-आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुलसीनगर की मेडिकल आफिसर डॉ. उपासना साहू ने मितानिनों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधार स्तंभ बताया और कहा कि सिर्फ प्रोत्साहन राशि पा कर ही ये बड़े दिल रखकर हर वर्ग के लोगों की सेवा करते हैं, यह सेवाकार्य अतुलनीय है। प्रोत्साहन राशि बढ़े, इस आवाज को सरकार तक पहुंचाएं – नर्मदा मैत्री
मितानिन कोआर्डिनेटर श्रीमती नर्मदा मैत्री ने कहा कि सरकार द्वारा हमें अवैतनिक रखा है और हम कुछ प्रोत्साहन राशि से सेवा कार्य करते हैं। सरकार द्वारा हमें सिर्फ स्वास्थ्य सेवा में ही नहीं, बल्कि चुनाव हो, जनगणना हो, एसआईआर हो, प्रसव, टीका करण सहित हर राष्ट्रीय और राजकीय कार्यक्रमों में संलग्र कर देती है। स्वास्थ्य सेवा के अलावा अन्य कार्यों में हमें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती। 24 घंटे की सेवा देते हैं, लेकिन वहां प्रोत्साहन राशि इतनी कम हैं कि परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाएं, ताकि प्रोत्साहन राशि इतनी हो कि हमारा परिवार भी चल सके। मितानिनों का किया गया सम्मान
अतिथियों ने वार्ड की 6 मितानिनों का शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। तरन्नुम, सुकृति, नीरा, संध्या, रवीना एवं गायत्री का सम्मान किया। इनका भी हुआ सम्मान
कोआर्डिनेटर नर्मदा मैत्री, एमटी सरीता कहरा, ज्योति वर्मा, एएनएम प्रियंका सिस्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं- उमा राय, पूर्णिमा, जलवती, गंगा, सरिता, लोकेश्वरी, सुमित्रा, सुधा, लक्ष्मी सहित अन्य कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान किया गया। अतिथियों को भेंट किया गया प्रतीक चिन्ह
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों श्रीमती ज्योति वर्मा, श्रीमती मंजू सिंह, योगेश मिश्रा, सूरज पाण्डेय, रिपु जायसवाल, श्रीमती आरती – विकास अग्रवाल, सुदेश चंद्रा, डॉ. उपासना साहू सहित अन्य अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पुष्प वर्षा से मितानिनों का अद्भूत सम्मान
मितानिनों की सेवा ईश्वरीय सेवा से कम नहीं। अतिथियों ने ऐसे महान कार्य करने वाली मितानिनों को शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह देने से पूर्व पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया गया। अद्भूत सम्मान पा कर मितानिन भावविभोर हो गए। अतिथियों का भी तिलक लगाकर और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में रविन्द्र कुमार का भी विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साकेत नगर वार्ड के नागरिक भी उपस्थित हुए।
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में सोमवार को छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। शाला प्रवेश उत्सव से लौट रहे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष की गाड़ी रोककर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अहमद खान को हटाने की मांग की। छात्रों ने भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना घटिया और अस्वच्छ भोजन दिया जाता है। आरोप है कि बरसात के पानी से खाना बनाया जाता है और भोजन में कई बार कीड़े भी निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट और खाद्य सामग्री भी दिखाई, जिनकी तारीखें मिटाई गई थीं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
छात्रों ने बताया कि कई बच्चे खाज-खुजली और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल रहा। आरोप यह भी लगाया गया कि छात्रों को एक्सपायरी डेट वाली दवाइयां दी जा रही हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावकों ने प्राचार्य के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 240 छात्रों के अभिभावकों को पैरेंट्स मीटिंग के लिए अलग-अलग दिनों में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार विद्यालय आना पड़ता है। साथ ही छात्रों को बाहर से जरूरत का सामान लाने पर रोक लगाने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षकों की मारपीट का मामला भी उठा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में विद्यालय के दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट में कुछ छात्र भी घायल हो गए थे। इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
विधायक ने दिए जांच के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर मौजूद सहायक आयुक्त को पूरे मामले की जांच कर सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कोरबा। कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के ग्राम बलगीखार में सोमवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपक कंवर के रूप में हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दीपक कंवर अविवाहित था और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता था। कुछ दिन पहले वह दर्री क्षेत्र गया था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में उसकी बाइक कहीं गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाइक नहीं मिली, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था।
सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
परिजनों के मुताबिक, रविवार (26 जुलाई) देर रात दीपक नशे की हालत में घर लौटा। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
घर में मचा कोहराम
घटना का पता चलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बांकी मोंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई की।
सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस की जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि बाइक गुम होने के बाद से दीपक काफी परेशान रहता था और बार-बार उसी बात का जिक्र करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
देर रात घर में घुसकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजन ही निकला आरोपी
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।
सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव
घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।
कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।