देश
मोदी बोले- कांग्रेस गठबंधन को इस्तेमाल करके फेंक देती है:इसीलिए INDI गठबंधन बना; हमारे साथी लगातार बढ़ रहे, NDA की ताकत बढ़ रही
अमरावती/तिरुवनंतपुरम, एजेंसी।
आंध्र प्रदेश के पलनाडु में रविवार को NDA की रैली में PM नरेंद्र मोदी ने कहा- NDA में हम सबको साथ लेकर चलते हैं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसका एक ही एजेंडा है गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना। आज कांग्रेस के लोगों को भले ही मजबूरी में INDI गठबंधन बनाना हो, लेकिन इनकी सोच वही है।
रैली में पीएम मोदी के अलावा TDP चीफ चंद्रबाबू नायडू और जनसेना पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण भी शामिल हुए। लोकसभा चुनाव के लिए BJP और TDP के बीच सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है। भाजपा छह लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि TDP लोकसभा की 17 और विधानसभा की 144 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। समझौते के तहत जनसेना दो लोकसभा और 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
पलनाडु में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें…
1. पूरा देश कह रहा है, 4 जून को 400 पार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कल ही देश में चुनाव का बिगुल बजा है और आज मैं आप सबके बीच हूं। यहां मुझे ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का आशीर्वाद मिल रहा है। त्रिदेवों के इस आशीर्वाद से हमारी सरकार के तीसरे कार्यकाल में देश और भी बड़े निर्णय लेगा। ये संयोग है कि इस बार चुनावों के परिणाम 4 जून को आने वाले हैं। पूरा देश कह रहा है, 4 जून को 400 पार।
2. कांग्रेस का एजेंडा, गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना
NDA में हम सबको साथ लेकर चलते हैं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसका एक ही एजेंडा है गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना। आज कांग्रेस के लोगों को भले ही मजबूरी में INDI गठबंधन बनाना हो, लेकिन इनकी सोच वही है। लेफ्ट और कांग्रेस केरल में एक दूसरे को क्या कहते हैं। बंगाल में TMC और लेफ्ट एक दूसरे के लिए क्या-क्या बोलते हैं। पंजाब में कांग्रेस और AAP एक दूसरे के लिए कैसी भाषा बोलते हैं। जो लोग चुनाव से पहले अपने फायदे के लिए ऐसे लड़ते हों, वो चुनाव के बाद क्या करेंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
3. 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
हमारी सरकार गरीबों की सेवा करती है। पिछले 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। आंध्र प्रदेश में, एनडीए सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत लगभग 10 लाख घर दिए हैं। यहां पलनाडु में गरीबों के लिए करीब 5 हजार पक्के घर बनाए गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत आंध्र प्रदेश में करीब एक करोड़ परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है।
4. भाजपा के सहयोगी बढ़ रहे हैं, NDA की ताकत बढ़ी
मोदी ने कहा- हमारा NDA गठबंधन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय प्रगति दोनों को साथ लेकर चलता है। इस चुनाव में भाजपा के सहयोगी हमारे साथी लगातार बढ़ रहे हैं। NDA की ताकत बढ़ रही है। चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण दोनों लंबे समय से आप लोगों के हक के लिए आंध्र के विकास के लिए दिन-रात आपके लिए काम करते रहे हैं।
आंध्र के बाद पीएम मोदी केरल के पलक्कड़ में रोड शो करेंगे। यहां कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा के उम्मीदवार हैं। PM मोदी उन्हीं के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि PM का पलक्कड़ में केवल रोड शो होगा। अभी तक जनसभा की कोई जानकारी नहीं है। PM मोदी का इस साल राज्य का यह 5वां दौरा है।
PM मोदी ने 15 मार्च को केरल के पथानामथिट्टा में जनसभा की थी। तब उन्होंने कहा था कि इस बार केरल में कमल खिलने जा रहा है। यहां के लोग कह रहे हैं कि अब की बार 400 पार।
केरल में इस वक्त कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती जा रही है। चर्च के पादरी भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। कितने ही कॉलेज कैम्पस कम्युनिस्टों के गुंडों के अड्डे बन चुके हैं। महिलाएं, युवा और हर वर्ग के लोग डर में जी रहे हैं। राज्य सरकार में बैठे लोग चैन की नींद सो रहे हैं। इन समस्याओं से छुटकारा तब मिलेगा, जब यहां से कांग्रेस और LDF की मिलीभगत का चक्कर टूटेगा।
प्रधानमंत्री मोदी 15 मार्च से 19 मार्च तक दक्षिण भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में चुनावी रैलियां करेंगे।
केरल में PM मोदी की 15 मार्च की स्पीच पढ़ें…
1. कांग्रेस ने सत्ता के लालच में राज्यों को बर्बाद किया है
कांग्रेस और लेफ्ट की स्थिति यह है कि जिस राज्य से यह चुनाव हारते हैं, वहां यह दोबारा वापसी नहीं कर पाते। कांग्रेस ने सत्ता के लालच में जिस तरह से खेल खेला, राज्यों को बर्बाद किया। लोग अच्छी तरह जानते हैं। जिस राज्य से यह पराजित होते हैं वहां के लोग इन्हें वापस लौटने नहीं देते। तमिलनाडु में 1962 में आखिरी चुनाव जीता था, यूपी, गुजरात बिहार में कांग्रेस ने 4 दशक पहले आखिरी चुनाव जीता। उड़ीसा में भी कांग्रेस 3 दशक से बाहर ही है। देश के कितने ही राज्यों से बाहर है।
त्रिपुरा, बंगाल इन राज्यों में लेफ्ट पार्टियों का सितारा चमकता था। 3 से 4 दशक तक इन्हीं की चलती थी। त्रिपुरा, बंगाल से उन्हें हटाया। कितने ही साल हो गए, कांग्रेस और लेफ्ट को घुसने नहीं दिया जाता। लोगों को पता है कि कांग्रेस पर भरोसा किया। जितने साल लेफ्ट पर भरोसा किया। उतने साल सर्वाधिक नुकसान हुआ।
2. केरल के लोग कह रहे हैं- अब की बार 400 पार
केरल में बीजेपी युवा ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसलिए केरल के लोग कह रहे है कि अबकी बार 400 पार। पिछले चुनाव में केरल की जनता ने हमें दोहरे अंक में वोट प्रतिशत वाली पार्टी बनाया और अब यहां दोहरे अंक वाली सीटों की हमारी नियति अभी दूर नहीं है। केरल के लोग राज्य पर शासन करने वाली भ्रष्ट और अक्षम सरकारों के कारण पीड़ित हैं। LDF और UDF सरकारें रबर किसानों की दुर्दशा देख ही नहीं पातीं।
तमिलनाडु में PM बोले- BJP का प्रदर्शन I.N.D.I. गठबंधन का घमंड तोड़ देगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 15 मार्च को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में भी जनसभा की। PM ने कहा- आज कन्याकुमारी से देश के इस दक्षिणी छोर से जो लहर उठी है, ये लहर बहुत दूर तक जाने वाली है। मैं 1991 में एकता यात्रा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर गया था, इस बार मैं कश्मीर से कन्याकुमारी आया हूं।
उन्होंने कहा- जम्मू-कश्मीर के लोगों ने देश को तोड़ने का सपना देखने वालों को नकार दिया है। अब तमिलनाडु के लोग भी ऐसा ही करने जा रहे हैं। मैं तमिलनाडु की धरती पर बहुत बड़े परिवर्तन की आहट देख रहा हूं। तमिलनाडु में भाजपा का प्रदर्शन इस बार DMK और कांग्रेस के INDI गठबंधन का सारा घमंड तोड़ कर रख देगा।
PM की 17 दिनों में तमिलनाडु की यह दूसरी यात्रा है। इससे पहले 28 फरवरी को उन्होंने थूथुकुड़ी में 17 हजार 300 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। इनमें देश का पहला हाइड्रोजन हब पोर्ट और इनलैंड वाटर वे वेसल और कुलशेखरपट्टनम में ISRO का नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स भी शामिल है।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

देश
देश में प्रति उपयोगकर्ता मासिक मोबाइल डेटा खपत 31GB से अधिक: रिपोर्ट
नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा की खपत वर्ष 2025 में 31जीबी के आंकड़े को पार कर गई है जबकि वर्ष 2024 में यह खपत 27.5 जीबी थी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी नोकिया के वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (एमबीइटी) के 13वें संस्करण में कहा गया है कि वर्ष 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 5जी नेटवर्क पर डेटा का कुल मासिक उपयोग एक साल पहले की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़कर 12.9 एक्साबाइट (ईबी) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी अब लगभग 47 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत में हुई यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में 18 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर को दर्शाती है। यह बढ़ोत्तरी उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड के तीव्र विस्तार और कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अनुप्रयोगों, उच्च गुणवत्ता वाले 4के वीडियो देखने और क्लाउड गेमिंग जैसी अधिक डेटा खपत वाली सेवाओं की बढ़ती मांग का परिणाम है। भारत में कुल डेटा उपयोग वर्ष 2025 में 27 एक्साबाइट प्रति माह को पार कर गया है। एक एक्साबाइट का मतलब एक अरब जीबी से थोड़ा अधिक होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी उपभोक्ता आधार वाला देश बन गया है।
साथ ही, 5जी डेटा खपत और ‘फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस’ उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में भी भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) प्रौद्योगिकी की मदद से घरों या कार्यालयों में केबल के बगैर उच्च गति का इंटरनेट मुहैया कराया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 5जी डेटा में एफडब्ल्यूए की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत को पार कर गई है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में दोगुनी वृद्धि देखी गई है।
नोकिया इंडिया की नामित कंट्री मैनेजर विभा मेहरा ने कहा, “नेटवर्क उपयोग के नए तरीकों और स्मार्ट सेवाओं के अनुरूप बदलने के समय नोकिया दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य-उन्मुख और उच्च प्रदर्शन वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका विस्तार आसानी से किया जा सके।” इस रिपोर्ट के मुताबिक, महानगरों में 5जी का उपयोग सबसे अधिक है, जहां कुल मोबाइल डेटा खपत में 5जी की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। पिछले साल सक्रिय 4जी उपकरणों की संख्या 89.2 करोड़ तक पहुंच गई, जिनमें से 38.3 करोड़ से अधिक उपकरण पहले से ही 5जी-सक्षम हैं।

देश
NBFC के वित्तपोषण के लिए वाणिज्यिक पत्र बना हुआ है प्रमुख जरिया: इंडिया रेटिंग्स
मुंबई, एजेंसी। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) वित्तपोषण के लिए मार्च महीने में वाणिज्यिक पत्र जारी करने के मामले में आगे रही हैं जबकि कंपनियों ने अल्पकालिक कर्ज लागत में वृद्धि के कारण सतर्कता बरती है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है। ‘कमर्शियल पेपर’ यानी वाणिज्यिक पत्र एक बिना गारंटी वाले, अल्पकालिक कर्ज जुटाने का साधन हैं। कंपनियां अल्पकालिक देनदारियों के वित्तपोषण के लिए इसके जरिये पैसा जुटाती हैं। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि उधार लेने के प्रतिरूप में यह अंतर बना रहेगा।

इसका कारण एनबीएफसी विशेष रूप से वित्त वर्ष के अंत में अपनी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक पत्र बाजार का सक्रियता से उपयोग करना जारी रखेंगी जबकि कंपनियां उच्च वित्तपोषण लागत और पर्याप्त आंतरिक नकदी के कारण चयनात्मक रुख अपनाएंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आमतौर पर एनबीएफसी के लिए वित्तपोषण के लिहाज से मार्च का महीना महत्वपूर्ण समय होता है और प्रतिफल में वृद्धि के बावजूद उनकी मांग मजबूत बनी हुई है। इस रुख को दर्शाते हुए, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा जारी किए गए वाणिज्यिक पत्र (सीपी) मार्च, 2026 में बढ़कर 70,300 करोड़ रुपए का हो गया, जो फरवरी, 2026 में 45,500 करोड़ रुपए का था। इसके विपरीत, कंपनियों का वाणिज्यिक पत्र के जरिये वित्तपोषण जुटाने में इसी अवधि में भारी गिरावट आई और यह घटकर 26,600 करोड़ रुपए रहा जो एक महीने पहले 40,700 करोड़ रुपए था।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, ”वर्तमान स्थिति से संकेत मिलता है कि एनबीएफसी तिमाही के अंत के दायित्वों को पूरा करने के लिए अल्पकालिक बाजारों का सहारा लेना जारी रखेंगी, जबकि लागत संबंधी चिंताओं और आंतरिक नकदी के कारण कंपनियां सतर्क रुख अपना सकती हैं।” इस बीच, बैंकों द्वारा जारी जमा प्रमाणपत्र (सीडी) आने वाले महीनों में अधिक संतुलित रहने की संभावना है। इसका कारण जमा की स्थिति स्थिर हो रही है और नए वित्त वर्ष की शुरुआत में कर्ज की मांग आमतौर पर हल्का रहता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 मार्च, 2026 तक, लगभग दो लाख करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये गए थे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का हिस्सा 1.32 लाख करोड़ रुपए था, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों ने 67,800 करोड़ रुपए के जमा प्रमाणपत्र जारी किये थे। मासिक आधार पर यह राशि लगभग अपरिवर्तित रही। इंडिया रेटिंग्स के अनुसार, जमा प्रमाणत्र जारी करने में आई यह नरमी बैंकों में अल्पकालिक वित्तपोषण दबाव में कुछ कमी का संकेत देती है और नकदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार के साथ कर्ज लेने की गति में और कमी आने की संभावना है।

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