देश
मोदी बोले- TMC ने CAA के खिलाफ झूठ फैलाया:कोई भी ताकत इस कानून को लागू होने से रोक नहीं सकती, ये मेरी गारंटी
कोलकाता,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (28 मई) को पश्चिम बंगाल के बारासात और बारासात में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण TMC ने CAA के खिलाफ झूठ फैलाया है। लेकिन आज पूरा देश देख रहा है कि सैकड़ों शरणार्थियों को नागरिकता मिल गई है। ये नागरिकता देश का संविधान दे रहा है।मोदी ने कहा कि मैं आपको एक और गारंटी दूंगा कि TMC तो क्या, दुनिया की कोई भी ताकत CAA लागू होने से नहीं रोक सकती।इसके बाद पीएम कोलकाता पहुंचे। कुछ देर में यहां रोड शो करेंगे।
मोदी के भाषण की 5 खास बातें
TMC ने संतों को गाली दे रही
TMC से सच बर्दाश्त नहीं होता। जो कोई भी TMC के गुनाह सामने लाता है, TMC उनको टारगेट करती है। आपने भी देखा है कि TMC के MLA ने साफ-साफ कहा कि हिंदुओं को भगीरथी में बहा देंगे। इस पर बंगाल के संतों ने TMC को गलती सुधारने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने हमारे संत समाज को ही गालियां देनी शुरू कर दी।
बंगाल सरकार ने न्यायपालिका का गला घोंटा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 77 मुसलमान जातियों को ओबीसी घोषित करना गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले के बाद TMC की सीएम का रवैया हैरान करने वाला है। यहां के जजों की नीयत पर और हमारी न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं TMC वालों से पूछना चाहता हूं कि अब जजों के पीछे भी अपने गुंडे छोड़ दोगे क्या? पूरा देश देख रहा है कि TMC ने कैसे ज्यूडिशियरी का गला घोंट दिया है।
TMC के लिए सिर्फ तुष्टीकरण जरूरी
TMC और इंडी गठबंधन को आपके विकास से कोई मतलब नहीं है। इनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है अपने वोटबैंक का तुष्टीकरण। ये जो देश में रात-दिन संविधान-संविधान और तानाशाही-तानाशाही चिल्लाने वालों की जमात है, ये अगर पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है वो देखेंगे तो इनकी बोलती बंद हो जाएगी।
बंगाल को पहले कांग्रेस-लेफ्ट ने लूटा, अब ममता सरकार लूट रही
आजादी के पहले एक समय वो भी था जब बंगाल लाखों देशवासियों को रोजगार देता था। आज बंगाल में ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद हैं, यहां से नौजवान पलायन करने के लिए मजबूर है। बंगाल का ये हाल किसने किया? पहले बंगाल को कांग्रेस ने लूटा, फिर लेफ्ट ने लूटा और अब TMC दोनों हाथों से लूट रही है।
बंगाल कह रहा- फिर मोदी सरकार
TMC ने पश्चिम बंगाल को धोखा दिया है। उन्होंने लाखों OBC युवाओं का हक रातों-रात वोट जिहादियों को दे दिया। लेकिन अब TMC का खेल खत्म हो गया है। अब बंगाल कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार।
राहुल-केजरीवाल को PAK से समर्थन चिंता की बात, इसकी जांच हो- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की तरफ से राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को मिल रहे समर्थन पर चिंता जताई है। मोदी ने कहा कि ये गंभीर विषय है, इसकी जांच होनी चाहिए। मोदी ने ये बात न्यूज एजेंसी IANS से इंटरव्यू के दौरान कही।
प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं जिस पद पर हूं, उस लिहाज से मुझे इस विषय पर टिप्पणी करनी चाहिए। लेकिन मैं आपकी चिंता समझ सकता हूं।
भारत में लोकसभा चुनाव के दौरान पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता फवाद चौधरी ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को लेकर ट्वीट किए थे। चौधरी ने एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें राहुल गांधी की तारीफ की थी।
देश
Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
देश
Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
देश
स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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