नई दिल्ली,एजेंसी। संसद का मानसून सत्र कल यानी 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। पूरे एक महीने यानी 21 अगस्त तक चलेगा। पिछली बार संसद की कार्यवाही बजट सत्र के दौरान मार्च और अप्रैल में हुई थी। इसके बाद बीते 108 दिन में पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर एअर इंडिया प्लेन क्रैश तक काफी कुछ घटा है। मानसून सत्र में इन्हीं मुद्दों पर हंगामा होना तय है।
‘हाऊ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड’ किताब लिखने वाली सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी 40 साल से राजनीतिक पत्रकारिता कर रहीं हैं। वे कहती हैं, ‘मानसून सत्र में जोरदार हंगामा हो सकता है। पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, रूस के साथ बिगड़ते संबंध, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सीजफायर के दावे, एअर इंडिया विमान हादसे जैसे मुद्दे हावी रह सकते हैं।’
‘इसके अलावा सबकी नजरें बिहार से जुड़े मुद्दों पर भी रहेंगी। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले ये आखिरी संसद सत्र होगा।’
1. पहलगाम आतंकी हमला और इससे जुड़ी जांच
कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को 3 महीने होने वाले हैं। इस हमले में आतंकियों ने 26 भारतीयों की हत्या कर दी थी। अब तक हमले में शामिल आतंकियों का पता नहीं चला है। ऐसे में विपक्ष पहलगाम हमले और इसकी जांच में नाकामी का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।
2. ऑपरेशन सिंदूर और विदेशी नीति पर सवाल
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसके बाद से विपक्ष बार-बार भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाता रहा है। इस ऑपरेशन में भारत को हुए नुकसान की जानकारी मांग रहा है।
ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक सरकार से सवाल पूछने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि करगिल युद्ध की तरह ऑपरेशन सिंदूर पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए।
3. एअर इंडिया विमान हादसा
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान क्रैश होने से 260 लोगों की मौत हो गई थी। अब हादसे की वजह, जांच और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियां विमान हादसे की जिम्मेदारी पर सवाल उठाएंगी।
4. बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन
बिहार में साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग यहां वोटर लिस्ट को नए सिरे से तैयार करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का अभियान चला रहा है। संसद में सबसे ज्यादा हंगामा इसी पर हो सकता है। इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां BJP के खिलाफ एकजुट हो सकती हैं।
विपक्ष ने चुनाव आयोग के काम में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर इस मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे।
5. मणिपुर हिंसा
मई 2023 में शुरू हुई मणिपुर हिंसा को दो साल से ज्यादा वक्त हो चुका है। अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। पूरा राज्य कुकी और मैतेई इलाकों में बंटा हुआ है। दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे के इलाके में नहीं जा सकते।
कांग्रेस लीडर राहुल गांधी समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां मणिपुर का मुद्दा उठाती रही हैं। मणिपुर समस्या हल करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन खत्म करने की मांग संसद में उठ सकती है। BJP राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने की मांग का प्रस्ताव ला सकती है।
6. भारतीय विदेश नीति और चीन सीमा विवाद
कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि मोदी सरकार की विदेश नीति चीन के प्रति कमजोर और नरम रही है। ऐसे में विपक्ष चीन के साथ सीमा विवाद, हाल में हुए तनाव और चीनी दावों का जवाब मांग सकता है।
इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की विदेश नीति को लेकर भी कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने के लिए ऑल पार्टी डेलिगेशन अलग-अलग देशों में भेजे थे।
पार्टियां क्या कह रही हैं
कांग्रेस: सरकार से पूछेंगे- ट्रम्प का सीजफायर का दावा सही या गलत
मानसून सत्र में कांग्रेस की रणनीति क्या होगी? इस सवाल पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा कहते हैं, ‘मुद्दे साफ हैं। पहला, पहलगाम हमले को 90 दिन हो गए और अब तक आतंकियों के नाम पता नहीं चले हैं। ये भी नहीं पता कि वे कहां गए।’
‘दूसरा, ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर वोट मांगे गए। ट्रम्प बार-बार कह रहे हैं कि मेरी वजह से सीजफायर हुआ। सरकार क्यों नहीं बताती कि सरकार का इस पर क्या स्टैंड है।’
‘सारे पड़ोसी देश हमसे दूर होते गए। ऑपरेशन सिंदूर में एक भी देश ने खुलकर हमारा समर्थन नहीं किया। देश आतंकवाद के खिलाफ बोले, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर सही है, ये किसी ने नहीं कहा। इस सरकार को विदेश नीति का भी नहीं पता है। एक डमी विदेश मंत्री है, जिसने पाकिस्तान को पहले ही बता दिया कि हम हमला करने वाले हैं।’
संसद में हमारा तीसरा फोकस बिहार में चुनाव आयोग की कार्रवाई पर होगा। इलेक्शन कमीशन वहां चुनाव को चोरी करना चाह रहा है। वो वोटों को काटने की योजना और भूमिका बना रहा है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और टाइमिंग दोनों पर सवाल हैं। ये लोकतंत्र में अब तक का सबसे बड़ा धब्बा होगा कि चुनाव आयोग 15-20% वोट काटने की कोशिश कर रहा है।’
आम आदमी पार्टी कह चुकी है कि वो अब विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। विपक्षी एकता के सवाल पर आलोक शर्मा कहते हैं, ‘सारे विपक्ष की एकता का ठेका कांग्रेस ने नहीं लिया है। बाकी पार्टियों को भी सोचना होगा। अगर कोई ED-CBI के दबाव में आएगा तो उसका हमारे पास समाधान नहीं है।’
BJP: पहलगाम हो या ऑपरेशन सिंदूर, हर मुद्दे पर जवाब देंगे
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला कहते हैं, ‘संसद में सारे विषयों पर नियमों के मुताबिक चर्चा करने के लिए हमारी पार्टी तैयार है। चाहे वो ऑपरेशन सिंदूर हो या पहलगाम या कोई और मुद्दा। अगर विपक्ष सकारात्मक चर्चा करना चाहेगा, तो हमारी पार्टी उसका समर्थन करेगी।
प्रेम शुक्ला विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर कहते हैं, ‘संसद सत्र शुरू होने से पहले ही INDIA ब्लॉक से आम आदमी पार्टी बाहर हो गई है। उन्होंने ऐलान किया है कि वो बिहार में चुनाव लड़ेंगे। बिहार में जन सुराज पार्टी भी चुनाव लड़ रही है।’
सरेंडर बनाम भ्रष्ट विपक्ष के मुद्दे पर हंगामे के आसार
मानसून सत्र में विपक्ष की रणनीति पर बात करते हुए पॉलिटिकल एक्सपर्ट हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध ट्रेड करके रुकवाया है। ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर भारतीय कूटनीति की विफलता को बड़ा मुद्दा बनाएगा। बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर भी हंगामा हो सकता है।’
‘राहुल गांधी के लिहाज से देखें तो वे डोनाल्ड ट्रम्प के दावे पर खुलकर बोल सकते हैं। राहुल गांधी ये पेश करने की कोशिश करेंगे कि सरकार अमेरिका के दबाव में आ गई।

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में वोटर लिस्ट को मुद्दा बनाया था। वे बिहार में चुनाव आयोग की पहल को भी तूल दे सकते हैं।
‘दूसरी तरफ सत्ता पक्ष विपक्ष की रणनीति नाकाम करने की तैयारी कर चुका है। मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस लीडर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट आ गई है। शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी हुई है।’
हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं, ‘सत्ता पक्ष के पास भी ये दो बड़े मुद्दे हैं। वो विपक्ष को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरेगा। सरकार ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी बताएगी। बीते 10 साल में देश ने डिफेंस के क्षेत्र में क्या हासिल किया, सरकार ये बताने की कोशिश करेगी। सरकार 8 अहम बिल लाने वाली है। मुझे लगता है कि ये बिल हर हाल में पारित हो जाएंगे।’
‘विपक्ष के पास बिहार चुनाव के पहले विपक्षी एकजुटता दिखाने का बड़ा मौका होगा। विपक्ष को इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए। विपक्ष को सचमुच लगता है कि इंडिया गठबंधन काम कर रहा है तो बिहार चुनाव के पहले एकजुटता दिखाने के लिए इससे अच्छा मौका नहीं होगा। बजट सत्र में सपा नेता अखिलेश यादव संभल मुद्दे पर बोल रहे थे। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी अडाणी मुद्दे पर टीशर्ट पहनकर बाहर घूम रहे थे।’
‘विपक्षी खेमे में एकजुटता नहीं दिख रही, अभी यही जरूरी’
सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी कहती हैं, ‘ये देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी पार्टियां आपस में कितना मिलकर चलती हैं। विपक्ष ने ऑनलाइन मीटिंग करके रणनीति पर चर्चा की है, कोई आमने-सामने बैठकर बात नहीं की। इससे साफ है कि विपक्षी खेमे में एकजुटता नहीं है। संसद में विपक्ष को एकजुट दिखना और ज्यादा जरूरी है।’
‘अगर जून में संसद का विशेष सत्र होता, तो पूरा फोकस पहलगाम में सुरक्षा चूक, इंटेलिजेंस फेलियर पर होता। 21 जुलाई को सदन बैठेगा, तो कई और मुद्दे आ चुके हैं। मोहन भागवत ने 75 साल में नेताओं के रिटायर होने की बात कही है। मुझे लगता है कि इस पर भी चर्चा हो सकती है।’
संसद में विपक्ष की रणनीति पर नीरजा चौधरी का मानना है कि विपक्ष पार्लियामेंट में तो आपसी सहयोग कर लेते हैं। किस मुद्दे को वो सबसे अहम बनाएंगे, किस पर फोकस बनाएंगे, वो रणनीति का हिस्सा होता है।’
‘इस सरकार को बिल पास करवाने में कोई दिक्कत नहीं आती। विपक्ष की कुछ पार्टियों का वो येन-केन-प्रकारेण समर्थन हासिल कर ही लेते हैं। ऐसा कोई बिल नहीं है, जिसे लेकर विपक्ष कोई ठोस रुख ले रहा है। वहीं जज पर महाभियोग के मामले में सरकार और विपक्ष दोनों साथ ही हैं, तो बिल और इन प्रस्तावों पर कोई खास कशमकश देखने को मिलेगी, ऐसी उम्मीद कम है।’