बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सतनामी समाज को अपशब्द कहने पर तखतपुर पुलिस ने कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को गिरफ्तार किया है। आशुतोष चैतन्य ने कहा था कि कथावाचन के दौरान सतनामी समाज को मूर्ख और गाय काटने वाला समाज बताया था।
आशुतोष चैतन्य ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं, आपको पता है? जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी हो गए। उन मूर्खों को यह समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या होता है। ये गायों को काट रहे हैं।
कथावाचक के विवादित बयान के बाद सतनामी समाज ने तखतपुर थाने का घेराव किया। कथावाचक की गिरफ्तारी की मांग की थी। बढ़ते विवाद के बाद पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस ने 15 नवंबर को तखतपुर के कथा स्थल से अरेस्ट किया है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, तखतपुर के टिकरी पारा में श्रीमद् भागवत कथा महापुराण चल रहा है। यहां आशुतोष चैतन्य महाराज कथावाचन कर रहे थे। 11 नवंबर को उन्होंने सतनामी समाज को लेकर कई अपशब्द कहे। वीडियो को यूट्यूब चैनल पर अपलोड भी कर दिया गया।
कथावाचक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतनामी समाज भड़क उठा। 12 नवंबर को समाज के लोग बड़ी संख्या में तखतपुर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। इस दौरान समाज के लोगों ने कथावाचक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की दी थी चेतावनी
सतनामी समाज के लोगों का कहना था कि व्यासपीठ से की गई ऐसी टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि समाज को आपस में बांटने का प्रयास भी है। कथावाचक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। कथावाचक की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी।
वहीं तखतपुर में सतनामी समाज के विरोध के बाद कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के कार्यक्रम स्थल तखतपुर के टिकरी पारा में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंडाल के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
बवाल से जुड़ी तस्वीरें …
बिलासपुर में भागवत कथा के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने सतनामी समाज को मूर्ख और गाय काटने वाला समाज बताया था।
कथावाचक के बयान पर सतनामी समाज भड़क उठा है। भीड़ ने बड़ी संख्या में थाने का घेराव किया।
सतनामी समाज के युवकों ने रायपुर के सिविल लाइन थाने का भी घेराव किया था।
सतनामी समाज को अपशब्द कहने पर तखतपुर पुलिस ने कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को गिरफ्तार किया।
कोरबा। कोरबा जिले के मुड़ा पार स्थित शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोमवार को शाम 7:00 बजे समय से पहले ही बंद मिला। स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण केंद्र में ताला लगा हुआ था, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे निर्धारित समय के भीतर इलाज की उम्मीद लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, लेकिन शाम 7:00 बजे केंद्र बंद मिला। स्टाफ के नदारद रहने से मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार स्टाफ समय पर उपस्थित नहीं रहता। लोगों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्र की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और लोगों को बुनियादी सुविधा का लाभ मिल सके।
कोरबा। नगर निगम ने 84 बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करते हुए जमा नहीं करने पर संपत्ति कुर्की की चेतावनी दी है। कई लोगों का 4 से 7 लाख टैक्स बकाया है। नोटिस जारी करने के बाद भी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कम टैक्स वसूली पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद संपत्ति कर, जल कर, मकान और दुकान किराया समेत अन्य कर जमा नहीं करने वालों का नाम सार्वजनिक किया है। टैक्स जमा नहीं होने पर निगम को नुकसान भी हो रहा है। अभी नगर निगम टैक्स वसूली के लिए वार्डों में शिविर भी आयोजित कर रहा है।
इस साल 144 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है। इसमें करीब 45 प्रतिशत की वसूली हो पाई है। आयुक्त ने निगम के ठेकेदारों को टेंडर भरने से अयोग्य घोषित करने कहा है। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है, जिनका टैक्स बकाया है। सबसे अधिक बकाया वालों में रामभगत मित्तल का 3 लाख 35 हजार 347, मोहनलाल अग्रवाल का 7 लाख 31 हजार 624, शकुंतला देवी का 3 लाख 92 हजार, शिवकुमार अग्रवाल और गोपाल प्रसाद अग्रवाल का 4 लाख 91207, बलविंदर सिंह का 3 लाख 70 हजार, विनय शंकर द्विवेदी का 1 लाख 22 हजार 574, राजकुमार मोदी का 1 लाख 29101 रुपए बकाया है। 50 हजार से अधिक बकाया वालों को पहले नोटिस जारी किया है।
कोरबा। श्री अग्रसेन पब्लिक स्कूल के शिक्षक शिक्षकाओं के द्वारा शहर से 20 किलोमीटर दूर परसाखोला में वन भोज का आयोजन किया गया। जिसमें श्री अग्रसेन शिक्षक समिति के अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि वनभोज में विद्यालय के शिक्षक शामिल हुए। पढाई के साथ साथ विद्यालय के द्वारा वनभोज से शिक्षकों के मानसिक शांति के अनुभव होने के साथ-साथ बच्चों के पढाई में एक अभिरूचि भी पैदा होती है।
आने वाला समय परीक्षाओं का होगा, जिससे मानसिक शांति से वे अच्छी तैयारी भी करा सकते हैं। ताकि स्कूल के छात्र अच्छे अंक अर्जित कर सकें। इस अवसर पर प्राचार्य रीना चौधरी ने बताया कि वनभोज से हमारे बीच उत्साह पूर्व वार्तावरण बनता है। वनभोज के साथ साथ विभिन्न प्रतियोगिता का अयोजन भी किया गया जिसमें विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए।