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कोरबा

हसदेव नदी के सौंदर्यीकरण के लिए नमामि हसदेव सेवा समिति ने कोरबा में रिवर फ्रंट निर्माण की उठाई मांग

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मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर संजू देवी राजपूत को सौंपा ज्ञापन
कोरबा।
जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नमामि हसदेव सेवा समिति ने एक अहम मांग उठाई है। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कोरबा विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन तथा कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत को ज्ञापन सौंपकर दर्री बांध से कुदुरमाल पुल तक हसदेव नदी के दोनों किनारों पर विश्वस्तरीय रिवर फ्रंट निर्माण की मांग की।
समिति ने बताया कि हसदेव नदी न केवल कोरबा की जीवनरेखा है, बल्कि इसका धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्व है। वर्तमान में यह क्षेत्र अव्यवस्थित, असुरक्षित और प्रदूषण से ग्रसित होता जा रहा है, ऐसे में इसे सुंदर और व्यवस्थित रिवर फ्रंट में तब्दील करने की आवश्यकता है।
समिति ने रिवर फ्रंट निर्माण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रमुख रूप से घाटों का सौंदर्यीकरण अंतर्गत माँ सर्वमंगला मंदिर, श्री सर्वेश्वर मंदिर, शिवशक्ति माँ भवानी मंदिर सहित विभिन्न घाटों पर पक्की सीढिय़ाँ, रेलिंग और लाइटिंग की व्यवस्था, हसदेव आरती, भजन, योग एवं उत्सवों हेतु सांस्कृतिक मंच निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण अभियान, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता हेतु पैदल पथ का निर्माण, सुरक्षा और निगरानी के लिए स्मार्ट लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था, ठोस कचरा एवं सीवेज प्रबंधन अंतर्गत नालों पर चेम्बर सिस्टम, बायोफेंस या एसटीपी की व्यवस्था, जनसुविधा केंद्र के अंतर्गत शौचालय, वस्त्र परिवर्तन कक्ष, कूड़ादान आदि, खेल और मनोरंजन को बढ़ावा देने बच्चों के लिए झूले, पार्क और अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रबंधन हेतु पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालय तथा सुरक्षा एवं अतिक्रमण नियंत्रण हेतु गार्ड रूम और सीमांकन बाउंड्री निर्माण की मांग रखी गई है। यह मांग पत्र जिले के विकास और हसदेव नदी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है।
समिति ने कहा कि यह रिवर फ्रंट आने वाली पीढिय़ों के लिए एक स्थायी पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर बनेगा तथा कोरबा की गरिमा को नया आयाम देगा।


समिति ने जताया सहयोग का संकल्प
नमामि हसदेव सेवा समिति ने शासन-प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा लगातार जन-जागरण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और जन संवाद जैसे कार्य किए जा रहे हैं और रिवर फ्रंट परियोजना में भी समिति सक्रिय भागीदारी के लिए तत्पर है।
प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे उपस्थित
समिति के प्रतिनिधिमंडल में संरक्षक श्रेष्ठ सिंह ठाकुर, अध्यक्ष चन्द्र किशोर श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर पाण्डेय, उपाध्यक्ष नरेश कुमार अरोरा एवं रवीन्द्र पाराशर, सचिव यशवंत कुमार मिश्रा, संयुक्त सचिव सुखविंदर सिंह धंजल और विजय कुमार राठौर, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, आचार्य सह प्रमुख मोहनधर दीवान, पर्यावरण प्रमुख प्रकाश सिंह चाहल, श्री हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख अखिलेश भारती तथा सह प्रमुख मनीष मैत्री शामिल थे।

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कोरबा

कोरबा में पति-पत्नी ने पीया जहर:रथयात्रा में साथ नहीं ले जाने पर हुआ विवाद, दोनों की हालत खतरे से बाहर

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र केराकछार गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने मामूली विवाद के बाद जहर का सेवन कर लिया। 23 वर्षीय अकील सिंह और 21 वर्षीय किरण सिंह को परिजनों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। अकील सिंह रथयात्रा में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी किरण सिंह ने भी साथ चलने की जिद की। अकील ने मना कर दिया और अकेले ही कार्यक्रम में चला गया।

रात में देर से घर लौटने के बाद अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हो गया। गुस्से में पहले किरण ने घर में रखा जहर पी लिया। पत्नी के जहर पीने की जानकारी मिलने पर अकील ने भी आवेश में आकर जहर का सेवन कर लिया।

समय पर इलाज से बची दोनों की जान

परिजनों को घटना का पता चलते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों की जान बच गई और उनकी स्थिति अब स्थिर है।

रथयात्रा को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पति-पत्नी के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का मुख्य कारण रथयात्रा में साथ न ले जाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

एक साल पहले हुई थी शादी, ससुराल में रह रही थी पत्नी

बताया गया है कि अकील और किरण की शादी को अभी लगभग एक साल ही हुआ है। उनका विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। किरण मूल रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र के जमरगी डीह की निवासी है और शादी के बाद से केराकछार में अपने ससुराल में रह रही थी।

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कोरबा

कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

कोरबा। कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में गंदगी और लापरवाही के चलते दो बेजुबान बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार (26 जुलाई) सुबह रोड स्थित जेपी सैलून के पीछे पुराने बिंझवार आश्रम परिसर में दोनों बैल मृत मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में पड़े प्लास्टिक और जहरीले पदार्थ खाने से दोनों मवेशियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

रविवार सुबह राहगीरों ने सैलून के पीछे दोनों बैलों को मृत अवस्था में पड़ा देखा। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

कचरे का ढेर बना मौत का कारण

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आश्रम परिसर के आसपास दुकानदार और कुछ लोग लंबे समय से प्लास्टिक, पन्नी, थर्माकोल और अन्य कचरा फेंक रहे हैं। धीरे-धीरे यहां कचरे का बड़ा ढेर बन गया है, लेकिन ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

भोजन की तलाश में पहुंचे, जहरीला कचरा खा लिया

ग्रामीणों का कहना है कि भूखे मवेशी अक्सर भोजन की तलाश में इस स्थान पर पहुंचते हैं। कचरे में पड़े प्लास्टिक, पन्नी और अन्य हानिकारक पदार्थ खा लेने से उनकी जान चली जाती है। रविवार को भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है।

बीमारी फैलने का भी खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि यह सिर्फ मवेशियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कचरे के ढेर से बदबू आती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कचरा तत्काल हटाने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही मवेशियों के शव हटाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक टीम भेजने की भी मांग उठाई गई है।

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कोरबा

पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

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पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

कोरबा।

कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत डिपरापारा में रविवार को एक दर्दनाक घटना में 40 वर्षीय व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक घर के बाहर लगे बिजली के खंभे पर चढ़ गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही वह नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

11 केवी लाइन की चपेट में आया

मृतक की पहचान लवकुश साहू (40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बाहर लगे करीब 10 फीट ऊंचे बिजली के खंभे पर दीवार के सहारे चढ़ा था। इसी दौरान वह 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह नीचे गिर पड़ा और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

पत्नी से विवाद के बाद उठाया कदम, आशंका

घटना के समय उसकी पत्नी बिंदा साहू घर पर मौजूद थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद लवकुश के खंभे पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन को छूने की बात सामने आई है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

परिवार का इकलौता कमाने वाला था

लवकुश हमाली का काम करता था और पत्नी-बच्चों के साथ रहता था। बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले भी अक्सर विवाद होता था। बिंदा साहू का यह दूसरा विवाह था। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा लवकुश ही था।

पुलिस और बिजली विभाग कर रहे जांच

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली विभाग की टीम भी यह जांच कर रही है कि बिजली का खंभा और लाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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