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कोरबा

जिले में 30 सितम्बर तक मनाया जा रहा राष्ट्रीय पोषण माह

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प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर पोषण के संबंध मे दी जा रही जानकारी

कोरबा । जिले में शासन के निर्देशानुसार पोषण माह 30 सितम्बर 2024 तक मनाया जा रहा है। पोषण माह का शुभारंभ 31 अगस्त 2024 को मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, केन्द्र शासन के द्वारा एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम व उनके ऑनलाईन संबोधन के साथ समस्त जिलों में किया गया। इसी कड़ी में जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1 सितम्बर 2024 को पोषण माह प्रारंभ किया गया। पोषण माह हेतु शासन द्वारा महिला एवं बाल विभाग व सहयोगी समस्त विभागों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों में मुख्य रूप से एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी, समग्र पोशण थीम पर आधारित है।
महिला बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह की सफलता के लिए पूरे माह की जाने वाली गतिविधियों का कैलेण्डर सहित कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसके अंतर्गत 1 सितम्बर से अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।  जिसमें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में किशोर बालक बालिकाओं के लिए एनीमिया कैम्प का आयोजन कर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का एनीमिया स्वास्थ्य जांच एवं आई.एफ.ए. का वितरण किया गया। वीएचएसएनडी में पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर चर्चा एवं महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग उनके स्वास्थ्य एवं पोषण में किये जाने पर चर्चा, एनीमिया कैम्प का आयोजन पंचायत स्तर पर, शहरी मलिन बस्तियों में एवं बाल देखरेख संस्थाओं में किया गया। राष्ट्रीय कृमि दिवस के अंतर्गत मॉफ्अप दिवस का आयोजन किया गया। एनीमिया से निपटने में आयुष की भूमिका विषय पर वेबिनार का आयोजित की गई। ग्राम/वार्ड स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/मितानिन द्वारा महत्वपूर्ण पोषण संदेशों पर आधारित नारों का लेखन किया गया। सही वृद्धि मापन एवं अनुश्रवण के संबंध में वेबिनार का आयोजन किया गया।

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कुसमुंडा

अधिकारों की लड़ाई होगी तेज, RCWF के आह्वान पर 12 जून को कुसमुंडा में जुटेगा ठेका मजदूर और भूविस्थापितों का महासैलाब

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महासभा को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने बैठक कर तैयार की रणनीति, सौंपी गई जिम्मेदारियां

कोरबा/कुसमुंडा। कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका मजदूरों व भूविस्थापितों के अधिकारों के दमन सुरक्षा में अनदेखी और उनके वाजिब हक को दबाने की कोशिशों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का शंखनाद होने जा रहा है। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर आगामी 12 जून 2026 दिन शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से कुसमुंडा के महतारी अंगना मैदान पर एक विशाल ठेका मजदूर और भूविस्थापित महासभा का आयोजन किया जा रहा है ।

इस महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आयोजकों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें क्षेत्र के सभी जिम्मेदार साथियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ।

शोषण के खिलाफ एक मंच पर आएंगे श्रमिक और भूविस्थापित

बैठक के दौरान आयोजकों ने तीखे शब्दों में कहा कि कोयला खदानों सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों का प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है, उनके अधिकारों सुरक्षा व्यवस्था और वाजिब हक को बेरहमी से कुचला जा रहा है। इस महासभा का मुख्य उद्देश्य सभी ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों को एक मजबूत मंच पर लाना है, ताकि प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ उनके हक व अधिकार की लड़ाई को और तेज व निर्णायक बनाया जा सके ।

तैयारियों को लेकर सौंपी गई जिम्मेदारियां, बैठक में रहे मौजूद

महासभा की सफलता के लिए रणनीति बनाने हेतु आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध और जिम्मेदार नागरिकों व श्रमिक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रमुख रूप से कैलाश साहू, विनोद सारथी, अशोक पटेल, विष्णु प्रसाद, गोविंदा सारथी, राजेन्द्र पटेल, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, कान्हा, प्रकाश जायसवाल, राजू पटेल, नरेश महंत, हेमंत नामदेव, प्रमोद चंद्रा, उदय पटेल, सुरेश पटेल, रामकुमार चन्द्रा, रामकुमार, आनंद यादव, गणेश दास, विजय महंत, अनिल कंवर, देवनाथ नामदेव, बोधन चौहान, अशोक देवांगन, जितेन्द्र साहू, कान्हा, अहीर, तेरस लाल, लखन लाल सहित बड़ी संख्या में अन्य साथी उपस्थित थे ।

आयोजकों की अपील

आयोजक समिति ने कुसमुंडा और आसपास के सभी ठेका श्रमिकों भूविस्थापितों और प्रभावित नागरिकों से अपील की है कि वे 12 जून को दोपहर 3:00 बजे अधिक से अधिक संख्या में कुसमुंडा महतारी अंगना पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें और अपने अधिकारों की इस आवाज को बुलंद करें ।

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कोरबा

श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

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बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।

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कोरबा

क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा

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कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्‌टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।

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