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छत्तीसगढ़

बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट: 12 लोगों के मारे जाने की खबर ,बेमेतरा में धमाके से थर्राई धरती, कई मीटर ऊंचा उठा गुबार, प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन

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बेमेतरा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शनिवार को एक बारूद फैक्ट्री में बड़ा धमाका हुआ। इसका सीसीटीव्ही वीडियो भी सामने आया है जिसमें गुबार कई मीटर ऊपर तक दिख रहा है। ब्लास्ट से आसपास की बिल्डिंग तक हिल गई। इसके बाद दहशत में कुछ लोग भागते दिखे। जहां ब्लास्ट हुआ वहां 15-20 फीट का गड्ढा हो गया।घटना बेरला ब्लॉक के ग्राम बोरसी स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद फैक्ट्री की है। सुबह करीब 8 बजे ब्लास्ट हुआ इसके बाद आसपास काम कर रहे मजदूरों को तुरंत निकाला गया। इनमें से 7 घायलों को रायपुर लाया गया था जिसमें से एक ने दम तोड़ दिया है। वहीं अब मलबे को हटाने का काम चल रहा है। इस दौरान कई बॉडी पाट्र्स भी दिख रहे हैं।

4 टंकियों में एक्सप्लोसिव लिक्विड

3 सेटअप के आसपास एक्सप्लोसिव लिक्विड भरे 4 टैंक थे। इसमें से एक टंकी ब्लास्ट में जमींदोज हो गई है। नष्ट हुई टंकी से लिक्विड ब्लास्ट हो रहा है जिसे ठंडा करने की कोशिश लगातार जारी है। बाकी 2 सेटअप और आसपास की 3 टंकियां अभी सुरक्षित है।यहां काम कर रहे मजदूरों को रेस्क्यू कर लिया गया है। लेकिन जिस सेटअप में ब्लास्ट हुआ वहां मलबे में दबे मजदूरों का रेस्क्यू किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि, करीब 7.45 बजे किसी मशीन में आग लगी जिसके बाद यह ब्लास्ट हुआ। यहां 8-10 मजदूर मौके पर थे। फैक्ट्री में 800 से ज्यादा लोग काम करते हैं।
रायपुर रेफर किए गए 6 मजदूर डिस्चार्ज
विस्फोट के बाद सुबह 7 घायल मजदूरों को रायपुर लाया गया था। इसमें से एक की सुबह मौत हो गई वहीं घायल 6 मजदूरों में से 5 मजदूरों को अब डिस्चार्ज कर दिया गया है।वहीं 26 साल के 1 मजदूर मनोहर यादव का इलाज जारी है। अंबेडकर अस्पताल की पीआरओ शुभ्रा सिंह ने जानकारी दी।

ग्रामीणों ने रोकी कलेक्टर की गाड़ी
मौके पर ग्रामीण लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने कलेक्टर और एसपी की गाड़ी रोक दी। जिसके बाद गाड़ी से उतरकर कलेक्टर और एसपी पैदल ही फैक्ट्री के अंदर गए।

फैक्ट्री के सामने शव ले जाकर प्रदर्शन करेंगे- परिजन
सेवकराम के भतीजे ने कहा कि, 50 लाख मुआवजा और चाची को पेंशन दिया जाए। जब तक फैक्ट्री के मालिक की ओर से कोई मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी तब तक हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। और फैक्ट्री के सामने शव ले जाकर प्रदर्शन करेंगे।

मृतक के परिजन ने कहा 50 लाख मुआवजा मिले
मृतक सेवक राम के भतीजे जीवन साहू ने बताया कि वे सुबह 9.30 बजे से मेकाहारा अस्पताल पहुंचे हुए है, लेकिन अभी तक पोस्टमॉर्टम करके शव नहीं दिया गया।फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से यह बड़ा हादसा हुआ है।

3 सेटअप लगे थे, ब्लास्ट के बाद एक जमींदोज हुआ
50-50 हजार स्क्वेयर फीट में 3 सेटअप लगे थे। इसमें से एक सेटअप में ब्लास्ट हुआ है। वहीं आसपास के सेटअप को भी नुकसान पहुंच है।

मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी, मुआवजे का भी ऐलान
फैक्ट्री में हुए विस्फोट मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने दंडाधिकारी जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने इसकी जानकारी दी। साथ ही मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को पचास हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।

अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई
फायर ब्रिगेड की 9 गाडिय़ां मौके पर हैं साथ ही आसपास की फैक्ट्रीयो? से भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा अतिरिक्त फोर्स भी अब बुला ली गई।

घटना स्थल के लिए रवाना हुए डिप्टी सीएम साव
उपमुख्यमंत्री एवं अरुण साव बेमेतरा पहुंच गए हैं और घटना स्थल के लिए रवाना हो रहे हैं। वे बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि, बचाव कार्य के लिए आस-पास के जिलों से भी टीमें बुलाई गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मैं खुद भी घटना स्थल के लिए तुरंत निकल रहा हूं।

लिक्विड एक्सप्लोसिव से भरी टंकी लीक हुई
बताया जा रहा है कि, यह फैक्ट्री लिक्विड एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। खतरा बना हुआ है क्योंकि यहां 15 हजार लीटर की 3 टंकियां है। जिसमें से एक लीक हो गई है। वहीं बाकी दोनों टंकी अगल-बगल है।

मलबा हटाने का काम चल रहा है- कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि, एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है। मलबा हटाने का काम शुरू हो रहा है। घटना का कारण अभी नहीं पता चल पाया है यह जांच का विषय है। विस्फोटक फैक्ट्री थी केमिकल्स यहां थे ही, लेकिन किन कारणों से ब्लास्ट हुआ यह बताना अभी मुश्किल होगा। फैक्ट्री के संचालकों से भी हम बातचीत कर रहे हैं श्रमिकों की जानकारी ली जा रही है।
मलबा हटने के बाद स्थिति होगी साफ- कलेक्टर
बेमेतरा जिले के कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि, 6 लोग घायल हुए थे उनका इलाज चल रहा है। जितने कर्मचारी काम कर रहे थे उनको निकालने का काम पूरा हो गया है। जो ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें भी समाझाइश दी गई है। प्रशासन की टीम के साथ मेडिकल टीम भी मौजूद है। अभी मलबा हटने के बाद बाकी स्थिति 3-4 घंटे में पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

घायल मजदूर ने कहा-कोई सुरक्षा नहीं है
घायल मजदूर चंदन ने कहा कि, फैक्ट्री में बिना सुरक्षा के हम लोग काम कर रहे थे। वहां फायर ब्रिगेड भी नहीं है। हर दिन 8 घंटे काम करना होता है। 26 दिन काम करुंगा तब जाकर 8 हजार रुपए मिलते हैं।

विजय शर्मा बोले- बचाव कार्य और जांच जारी है
फैक्ट्री में ब्लास्ट को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक से बात कर घटना की जानकारी ली जा रही है। प्रशासन और पुलिस घटना स्थल पर है। मृतकों की संख्या पर कहा कि, ईश्वर से प्रार्थना है कम से कम जनहानि हो। फिलहाल बचाव कार्य और जांच जारी है। बचाव कार्य होने के बाद ही स्थिति क्लियर हो पाएगी।

जहां ब्लास्ट हुआ, वहां से हम लोग दूर थे- मजदूर चंदन कुमार
रायपुर रेफर किए गए मजदूर चंदन कुमार ने कहा कि, हम लोग दूसरी बिल्डिंग में काम कर रहे थे। जहां ब्लास्ट हुआ वहां से हम थोड़े दूर थे फिर भी हमें इतनी चोट आई है। फैक्ट्री में टोटल 500 से 600 लोग काम करते हैं। मालिक का नाम संजय चौधरी हैं। जिस बिल्डिंग में ब्लास्ट हुआ वहां 8-9 लोग थे। सही आंकड़ा नहीं मालूम है।

6 लोगों को जान का खतरा नहीं- डॉ. शिवम पटेल
मेकाहारा में मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. शिवम पटेल ने बताया कि अंबेडकर अस्पताल में 7 घायलों को लाया गया था, जिसमें से एक मरीज ब्रॉड डेड था, जिसे तुरंत सीपीआर देने के बाद भी रिवाईव नहीं कर पाया। बाकी 6 मरीजों को माइनर इंजरी आई है।सभी का एक्सरे और अन्य जांच किया जा रहा है। सभी के वाईटल्स अभी स्टेसबल हैं। एक्स रे रिपोर्ट आने के बाद मरीजों के फैक्टर और इंजरी का पता चल पाएगा। फिलहाल 6 लोगों को जान का खतरा नहीं है।इस दौरान घायलों ने कहा कि 7 लोगों को लाया गया है, जिसमें से एक की मौत हो गई है। मरने वाले का नाम सेवक राम साहू (50) है। वहीं घायलों में रवि कुमार कुर्रे (26), नीरज यादव (25), चंदन कुमार (27), मनोहर यादव (26), इंद्रकुमार रघुवंशी (26), दिलीप ध्रुव(47) घायल हुए हैं।घायलों ने कहा कि सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे। जब ब्लास्ट हुआ तो समझ नहीं आया अचानक से कुछ हो गया। वहीं 6 लोगों में कुछ लोगों की हालत स्थिर है। वहीं कुछ की हालत नाजुक है।घायलों ने कहा कि हम लोग बारूद बनाने का काम कर रहे थे। मेकाहारा की सीएमओ डॉ. ज्योति ने बताया कि सेवक राम ध्रुव की अस्पताल लाते समय ही मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।

मेकाहारा अस्पताल में एक की मौत
रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में 7 लोगों को लाया गया, जिसमें एक व्यक्ति मौत हो गई है। वहीं 6 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। बताया जा रहा है कि यहां आए दिन ब्लास्ट होते हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में जीते हैं। कई घरों में दरारें पड़ गई हैं। आज यहां बड़ा हादसा हो गया।

एसडीएम समेत प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद
बेमेतरा कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम समेत प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। फिलहाल कितने घायल हैं या फिर कितने लोग मलबे में दबे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि हादसे के 3 घंटे बाद भी कोई रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है।

टुकड़ों में बंटे कई लोगों के शरीर
ब्लास्ट में 10-12 लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि कई लोगों के शरीर टुकड़ों में बंट गए। किसी का हाथ कट गया, तो किसी के शरीर के चीथड़े उड़ गए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि आसपास मानव अंग फैले हुए हैं।

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कोरबा

15 जून को छोटे खातेदारों को रोजगार ,पुनर्वास एवं भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा,

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भू विस्थापितों की रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम

आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर के साथ गांव-गांव माइक प्रचार ,बैठक के साथ घर-घर पर्चे वितरण कर भू विस्थापितों को किया जा रहा एकजुट

आंदोलन में कोरबा के चारों परियोजना के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी भू विस्थापित होंगे शामिल

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण,पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी,पट्टा,आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने,पेयजल की व्यवस्था करने,बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है किसान सभा द्वारा शुरू किया गया आंदोलन भू विस्थापितों का जन सैलाब बनकर कोरबा की सड़कों पर दिखने वाला है कई भू विस्थापित संगठन इस घेराव में शामिल हो रहे है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया इस लिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर,पर्चे के साथ गांव गांव माइक प्रचार कर भू विस्थापितों को संगठित करने का काम कर रही है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापित संगठनों के साथ आम जनता का व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

जन आक्रोश रैली और कलेक्ट्रेट घेराव से पहले घंटाघर में सभा आयोजित होगी जिसे प्रमुख रूप से माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम,किसान सभा के राष्ट्रीय नेता अवधेश कुमार, आदिवासी एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सुरेंद्र लाल सिंह एवं बाल सिंह सहित किसान सभा के प्रदेश के नेता और भू विस्थापित संगठनों के नेता संबोधित करेंगे।

जनआक्रोश रैली और कोरबा कलेक्टर घेराव लोकसभा के सांसद अमराराम के नेतृत्व में होगा

कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है आंदोलन में कोरबा जिले के कोरबा,दीपका,गेवरा,कुसमुंडा के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी प्रभावित शामिल होंगे।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। 15 जून को कोरबा की सड़को पर भू विस्थापितों। का आक्रोश जन सैलाब के रूप में दिखने वाला है। प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रण के साथ विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना होगा।

किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,पवन यादव यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1685 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।

भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी जबरन नए नए नियम बनाना बंद किया जाए । छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव में कई भू विस्थापित संगठन शामिल होंगे।


प्रमुख मांगे´

1) छोटे खातेदार के नाम पर भू विस्थापितों के रोके गए रोजगार में तत्काल रोजगार दो ।एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई है और की जा रही है हर खाते में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाये।

2) बांगों बांध के जलाशय के ठेका प्रणाली समाप्त किया जाए।और विस्थापित आदिवासी एवं स्थानीय मछुवारा समितियों को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाए।

3) वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये | अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण और एक खाता एक रोजगार नियम के विरुद्ध अलग अलग खाता का सयोंजन के कारण रोजगार से वंचितों को रोजगार प्रदान किया जाये |

4) बसावट के नाम पर 3 लाख और 15 लाख रुपए के नाम से भेदभाव बंद किया जाए और सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों को एक समान बसावट की 15 लाख राशि दी जाए।

5) शासन की योजनाओं से प्राप्त पट्टों एवं शासकीय और वन भूमि पर बने मकानों का मुआवजा एवं सौ प्रतिशत सोलिशियम और बसाहट की पात्रता का लाभ दिया जाये ।

6) पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापस करायी जाये | अधिग्रहण के बाद जिन जमीनों पर 40 सालों में भी कोल इंडिया ने भौतिक कब्जा नहीं किया है और जिन जमीनों पर किसान ही पीढ़ियों से काबिज हैं उन्हें किसानों के नाम वापस किया जाए।

7)अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये |

8) एसईसीएल में आऊट सोर्सिंग से होने वाले कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाये।

9) प्रभावित एवं पुनर्वास गांव की महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।

10) पुनर्वास गांव में कबीज भू विस्थापित परिवार को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाये।

11) डिप्लेयरिंग प्रभावित गांव सुराकछार बस्ती में किसानों को हुये नुकसान का क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाये।

12) पूर्व में विस्थापित ग्रामों के भू विस्थापित जिन्हें बसावट नहीं दिया गया है उन्हें बसावट प्रदान किया जाए।

13) डंपिंग की मिट्टी को वापस खोदे गए खदान में भरा जाए इस डंपिंग के मिट्टी का प्रयोग दूसरे कार्यों में ना किया जाए।

14) एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा गेवरा का अधिग्रहण 2018 में हो चुका है लेकिन अभी तक वहां पर किसानों को मुआवजा,रोजगार आदि की सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल रोजगार मुआवजा दिया जाए नहीं तो पूर्व में जारी अधिग्रहण रद्द किया जाए।

15) खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था किया जाए।
16) आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।

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कोरबा

जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा का हुआ आयोजन:जनप्रतिनिधियों ने जनहित के मुद्दे उठाए

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बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग सहित जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, सहकारिता, उद्योग विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के सुझाव दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा करते हुए लघु एवं सीमांत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद, उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जिला स्तरीय अधिकारियों ने बैठक में अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती अनंत सुष्मिता कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव (अधिवक्ता), श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी, विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान, जिला पंचायत के लेखाधिकारी राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती अमिता साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई

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कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।

इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।

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