छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में नहीं बंद होगी ओल्ड पेंशन स्कीम
विधानसभा में वित्तमंत्री बोले- स्मार्ट सिटी गड़बड़ी की होगी जांच

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में ओल्ड पेंशन स्कीम जारी रहेगी। इसे लेकर सोमवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में साफ कर दिया है कि जो सिस्टम इसे लेकर चल रहा है, वो चलता रहेगा। वहीं उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार करने वाला गिद्ध बताया। साथ ही स्मार्ट सिटी गड़बड़ी की जांच कराने की बात कही। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की गई है, उसके लिए PFRDA(पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) संस्था से 19136 करोड़ रुपए प्राप्त होना है। जैसे-जैसे कर्मचारी रिटायर होते जाएंगे, उसके अनुरूप इम्प्लॉइज और एम्प्लॉयर का कॉन्ट्रीब्यूशन मिलता जाएगा ऐसा प्रावधान है। मंत्री चौधरी ने आगे कहा कि, कांग्रेस सरकार ने एनपीएस समाप्त कर ओल्ड पेंशन स्कीम का सिस्टम लाई। ये नहीं देखा कि कर्मचारियों को कौन सा अच्छा या बुरा लग रहा था। तत्कालीन सरकार की 19136 करोड़ पर गिद्ध दृष्टि थी। वह चाहते थे कि पैसे ले लिए जाएं और उसे खत्म कर दिया जाए।
विपक्ष के विधायकों ने पेंशन स्कीम पर पूछा था सवाल
दरअसल, विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल किया था कि, पेंशन स्कीम में केंद्र सरकार से 19136 करोड़ राज्य को प्राप्त होना है। इस राशि की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार ने क्या प्रयास किए हैं? अभी तक राशि प्राप्त नहीं होने के क्या कारण है, कब तक राशि प्राप्त हो जाएगी। वहीं विधायक भावना बोहरा ने सवाल किया था कि प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम को जारी रखा जाएगा या नई पेंशन स्कीम भविष्य में लागू की जाएगी। इसे लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि फिलहाल हमारी सरकार में ऐसा कोई मामला विचाराधीन नहीं है, जो सिस्टम चल रहा है वह चल रहा है। स्मार्ट सिटी की गड़बडिय़ों का मामला
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड में टेंडर को लेकर कई तरह की खामियां विधायक राजेश मूणत ने गिनवाईं। उन्होंने चौपाटी वगैरह के निर्माण को नियम विरुद्ध बताया। इसे लेकर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड में राजेश मूणत जी ने कई विषयों को रखा है। हमने सदन में कहा है कि उनके जो भी कंसर्न है, चौपाटी को लेकर विशेष करके उनका बिंदू था, उसकी नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से नगर निगम की ओर से जांच कराकर जो गलत हुआ है। उस पर कार्रवाई करने की घोषणा सदन में की गई है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति लेकर आए।


कोरबा
राज्यपाल रमेन डेका 1 अप्रैल को रहेंगे कोरबा जिले प्रवास पर
सामूहिक विवाह व हनुमंत कथा में होंगे शामिल
कोरबा। राज्यपाल रमेन डेका कल 1 अप्रैल को कोरबा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री डेका रायपुर लोकभवन से सवेरे 7.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा मुंगेली जिले के चंदखुरी विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे। ततपश्चात राज्यपाल सुबह 9 बजे कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप बांकीमोंगरा के लिए रवाना होंगे। यहां वे प्रातः 11 बजे आयोजित “दिव्य श्री हनुमंत कथा एवं 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह” कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल श्री डेका दोपहर 12:30 बजे रतनपुर (बिलासपुर) स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे।


छत्तीसगढ़
रायपुर : नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

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