छत्तीसगढ़
देवभोग सीमा पर 12 घंटे में 20 लाख का धान:ओडिशा से समर्थन मूल्य पर खपाने की कोशिश नाकाम,6 वाहनों से 1470 बोरी धान बरामद
गरियाबंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ओडिशा सीमा पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 12 घंटों के भीतर 6 वाहनों से 1470 बोरी धान जब्त किया गया है। जब्त धान की कीमत 20 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। यह धान ओडिशा से समर्थन मूल्य पर खपाने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस प्रशासन ने एक ही रात में ओडिशा की तीन सीमाओं से यह कार्रवाई की। इसमें 3 ट्रक सहित कुल 6 वाहन शामिल थे। मंडी अधिनियम के तहत धान को जब्त कर लिया गया है। पुलिस की मुस्तैदी के कारण इस बार ओडिशा के धान को समर्थन मूल्य पर बेचना आसान नहीं हो रहा है।

अब तक 1 करोड़ से ज्यादा का ओडिशा का धान जब्त
अब तक गरियाबंद जिले में 40 से अधिक वाहनों से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का ओडिशा का धान जब्त किया जा चुका है। इस कार्रवाई में पुलिस सबसे आगे रही है, जिसके बाद अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रियता दिखा रहे हैं।
इस अभियान में देवभोग सबसे आगे
देवभोग पुलिस की टीम इस अभियान में सबसे आगे है। नए एसपी के निर्देश पर देवभोग पुलिस ने बीती रात बधियामाल चेक पोस्ट से ट्रक क्रमांक सीजी 08 एल 3919 से 400 बोरी धान जब्त किया।
इसके अतिरिक्त, पिटापारा सीमा से एक मेटाडोर से 100 बोरी और झिरीपानी सीमा से एक ट्रैक्टर में लाए जा रहे 60 बोरी धान को भी जब्त किया गया। देवभोग पुलिस ने कुल 3 वाहनों से 560 बोरी धान जब्त किया है। देवभोग पुलिस अब तक 35 से अधिक वाहनों को पकड़कर कार्रवाई में अग्रणी बनी हुई है।

सेफ जोन मान कर रायगढ़ से दो ट्रक धान पार करने की हुई थी कोशिश
नवरंगपुर जिले के रायगढ़ ब्लॉक से शोभा गोना के रास्ते धान ले जाना सबसे सेफ रास्ता माना जाता था। लेकिन, यह जानकारी मिलने पर गरियाबंद पुलिस ने अमलीपाड़ा थाना इंचार्ज को अलर्ट किया। इसके बाद, एक जॉइंट टीम ने दो ट्रकों से 810 पैकेट धान जब्त किया, जिससे तस्करों का रूट मैप बिगड़ गया। दोनों जब्त ट्रकों को इंदागांव पुलिस को सौंप दिया गया है।
इसी तरह, बीती रात मंडी, फूड और कोऑपरेटिव टीमों ने एक सोल्ड मेटाडोर जब्त किया। ज्यादा रेवेन्यू पोटेंशियल को देखते हुए अवैध धान सप्लाई करने के लिए नई गाड़ी खरीदना सप्लायर्स के लिए महंगा पड़ गया। बीती रात ट्रक रोड़ा चेकपोस्ट पार करके धोराकोट पहुंचा, जहां उसे रोक लिया गया।
धान से लदी गाड़ियां रेवेन्यू कंट्रोल वाले चेकपोस्ट कैसे पार कर रही हैं?
बीती रात पकड़ी गई ज्यादातर गाड़ियां रेवेन्यू अधिकारियों के बनाए गए टेम्परेरी चेकपोस्ट से गुजरी थीं। ऐसे में एक गंभीर सवाल उठता है कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट एक्शन क्यों नहीं ले रहा है। अमलीपाड़ा तहसील इलाके में चेक-पॉइंट पर सबसे ज़्यादा ट्रैफिक होता है। ज्यादातर एक्शन पुलिस स्टेशनों पर हो रहा है, या रेवेन्यू ऑफिसर तभी आते हैं जब पुलिस मौजूद होती है।
इससे गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन को रोकने के लिए ज़िम्मेदार खास अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठते हैं। किसी भी कमी को दूर करने के लिए अब तक की गई कार्रवाइयों का पूरा रिव्यू करने की ज़रूरत है।
कोरबा
कोरबा कार्बन फैक्ट्री में टैंक फटा:कर्मचारी बाल-बाल बचे, दमकल ने आग पर पाया काबू
कोरबा। कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक टैंक फट गया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया, हालांकि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए। एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

यह फैक्ट्री कार्बन बनाने का काम करती है। इसमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से तरल पदार्थ लाकर टैंकों में रखा जाता है, जहां कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के समय फैक्ट्री में कई महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया, जो बेहद गर्म था और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया
गर्म पीच को पानी,फायर फोम की मदद से ठंडा किया गया
फैक्ट्री कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सीएसईबी के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और गर्म पीच को पानी तथा फायर फोम की मदद से ठंडा किया। सीएसईबी के फायरमैन धर्मेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि फायर टीम को इंडस्ट्रियल एरिया में टैंक फटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दो टैंकर पानी और फोम का छिड़काव कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया
फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन:स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और संबंधित अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं न कहीं लापरवाही के कारण ही यह घटना सामने आई है। फैक्ट्री के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है, जिससे यह पता चल सके कि यहां क्या काम होता है।
इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले केमिकल और धुएं से आसपास के लोग, खासकर पुलिस लाइन में रहने वाले परिवार, काफी परेशान हैं। इस संबंध में पर्यावरण विभाग से भी शिकायतें की जा चुकी हैं।
कोरबा
कोरबा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी:पड़ोस के घर में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दबे, हालत गंभीर
कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में रविवार देर रात संतोष वर्मा के निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की दीवार गिर गई। यह दीवार बगल में स्थित अजय धनवार के घर पर गिरी, जिससे अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा मलबे में दब गए।

घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर की है। हादसा तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान हुआ। मौसम खराब होते ही निर्माणाधीन मकान की ऊपरी दीवार कमजोर होकर सीधे अजय धनवार के घर की छत पर गिर गई।

छप्पर टूटा, घर में मचा हड़कंप
इससे छप्पर टूट गया और सैकड़ों ईंटें घर के अंदर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल तीनों को तत्काल मोहल्लेवासियों की मदद से कोरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घरेलू सामान को भारी नुकसान
हादसे में घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था, जिसके कारण तेज हवा और बारिश में दीवार गिर गई।
लापरवाही के आरोप, पुलिस जांच में जुटी
लोगों ने निर्माणकर्ता की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर मामला बनकर सामने आई है।

कोरबा
राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही और भू-अभिलेखों में हेराफेरी पर पटवारी निलंबित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता और घोर लापरवाही बरतने के कारण पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसीलदार भैंसमा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि श्री सिंह ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में गंभीर अनियमितताएं की हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है।
जांच के दौरान ग्राम करूमौहा में राजस्व अभिलेखों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है, जिसमें खसरा नंबर 176/1/ख/1 के वास्तविक रकबे 0.016 हेक्टेयर को नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया था। इसी प्रकार एक अन्य मामले में खसरा नंबर 84/4 ख के रकबे को 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर सीधे 71.000 हेक्टेयर कर दिया गया और बिना किसी वैध आदेश के इसे ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।
इन गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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