कोरबा
पहाड़ी कोरवा का घर पर हुआ प्रसव, नवजात की मौत:कोरबा में 24 घंटे तड़पती रही महिला, कांवर में बैठाकर डायल 112 गाड़ी तक पहुंचाया
कोरबा। कोरबा में एक पहाड़ी कोरवा महिला का घर में ही प्रसव कराया गया। सड़क विहीन होने के कारण महिला को कांवर से 2 किलोमीटर तक पैदल लेकर मुख्य मार्ग पर डायल 112 के वाहन तक लाया गया। वहीं समय से पहले प्रसव होने के कारण नवजात की घर पर ही मौत हो गई।
दरअसल, रायपुर स्थित कंट्रोल रूम से डॉयल 112 बालको कोबरा वन को इवेंट मिला था। शुक्रवार की दोपहर करीब 3.44 बजे इवेंट मिलते ही डॉयल 112 में तैनात आरक्षक बसंत कुमार, चालक साहिल रात्रे के साथ लेमरू के चिरईझुंझ (डोकरमना) के लिए रवाना हो गए। वे किसी तरह गांव के करीब तो पहुंच गए, लेकिन वाहन लेकर पीड़िता के घर तक जाना संभव नही था।
डायल 112 के पहुंचने से 24 पहले हुआ था प्रसव
ऐसे में डॉयल 112 कर्मी पैदल ही चिरईझुंझ में रहने वाले राजेश पहाड़ी कोरवा के घर जा पहुंचे। उसकी पत्नी धनपतिया बाई का 24 घंटे पहले यानी बुधवार को प्रसव हुआ था। वह प्रसव के बाद से दर्द से तड़प रही थी। लिहाजा डॉयल 112 कर्मी परिजनों की मदद से जच्चा-बच्चा को कांवर में उठाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पहाड़ी रास्ते में चलकर वाहन तक पहुंचे।
समय से पहले जन्मे नवजात की हुई मौत
इसके बाद शुक्रवार देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाकर दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद समय से पहले जन्मे नवजात को मृत घोषित कर दिया। प्रसूता को अस्पताल में दाखिल कर उपचार शुरू कर दिया गया, जबकि मृत नवजात को परिजनों के सुपुर्द किया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सह अधीक्षक रविकांत जाटवर ने इस मामले की स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी ली।
नवजात के शव को पॉलिथिन में रख अस्पताल में ही रखा
बताया जा रहा है कि नवजात के शव को प्रसूता की सास के सुपुर्द किया गया था। उन्होंने कपड़े में लिपटे नवजात के शव को पॉलिथिन में रख कर अस्पताल बेड के नीचे रख दिया। इसकी भनक न तो आसपास बेड में भर्ती प्रसूताओं को थी और न ही स्वास्थ्य कर्मियों को। मामला संज्ञान में आते ही प्रबंधन ने पीड़ित परिवार को समझाइश देते हुए मृत नवजात के शव को दफन कराया।
एम्बुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन नहीं मिली मदद

महिला के पति राजेश ने बताया कि उसकी पत्नी धनपतिया बाई को बुधवार को प्रसव पीड़ा शुरू हो गया। इसकी जानकारी उसने मितानीन गीता को दी। उसकी देखरेख में समय से पहले प्रसव भी हो गया। मितानीन ने बच्चे के कमजोर होने के कारण अस्पताल ले जाने की सलाह दी और एम्बुलेंस के लिए कॉल भी की, लेकिन मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने से कोई मदद नहीं मिल सकी।
कोरबा
अंचल के लब्धख्याति मातनहेलिया परिवार के द्वारा हनुमान प्रकाट्य दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा आयोजित
कोरबा। मातनहेलिया परिवार के द्वारा हनुमान प्रकाट्य दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा का आयोजन 02 अप्रैल गुरुवार दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक हनुमान मंदिर प्रांगण, स्व. छोटेलाल जी अग्रवाल बताती बगीचा ग्राम बताती कोरकोमा कोरबा (छ.ग.) में किया गया हैं।

जिसमे राजबीर प्रसाद अग्रवाल (आर.बी ट्रेडर्स), राजकुमार अग्रवाल (सर्वमंगला कस्ट्रक्शन कंपनी) और भगवानदास अग्रवाल (छत्तीसगढ़ सेल्स कॉर्पोरेशन) के द्वारा अंचलवासियो सहित आसपास के ग्रामो से आयोजित विशाल भंडारे में आकर प्रसाद ग्रहण करने आमंत्रित किया गया हैं।
कोरबा जिले का लब्धख्याति मातनहेलिया परिवार हमेशा सामाजिक, धार्मिक, मानवता की सेवा कार्यो में सदा अग्रणी पंक्ति में खड़ा रहता हैं। कोई भी जरूरतमंद आदमी कभी निराश नहीं हुआ। उनके द्वारा अनवरत कोई न कोई सामाजिक कल्याण हेतु कार्य किये जाते रहे हैं। स्व. श्री छोटेलाल अग्रवाल के सुपुत्र राजबीर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, भगवानदास अग्रवाल किसी भी सामाजिक, धार्मिक, मानवीय कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
कोरबा
वित्तीय वर्ष 25-26 : उत्पादन, प्रेषण और ओबीआर में सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने वाली सीआईएल की एकमात्र अनुषंगी कंपनी बनी एसईसीएल
176.2 मिलियन टन उत्पादन, 178.6 मिलियन टन प्रेषण एवं 364.3 एमसीयूएम ओवरबर्डन निष्कासन के साथ तीनों प्रमुख मानकों में कंपनी ने दर्ज की वृद्धि
बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की एकमात्र ऐसी सहायक कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण (आफटेक) तथा ओवरबर्डन निष्कासन (ओबीआर)—तीनों प्रमुख मानकों में एक साथ सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

उत्पादन, प्रेषण एवं ओबीआर में मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025–26 में एसईसीएल का कोयला उत्पादन 176.2 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत (8.8 मिलियन टन) अधिक है।
कोयला प्रेषण 178.6 मिलियन टन रहा, जिसमें 4.6 प्रतिशत (7.9 मिलियन टन) की वृद्धि दर्ज की गई।
रेल माध्यम से प्रेषण में 16 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि एफएमसी के माध्यम से प्रेषण में 28 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन निष्कासन के साथ एसईसीएल ने अब तक का सर्वाधिक ओबीआर दर्ज किया।
भूमि अधिग्रहण में ऐतिहासिक प्रगति करते हुए 358 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 867 प्रतिशत वृद्धि है।
पर्यावरण एवं सतत विकास
एसईसीएल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष के दौरान 13.96 लाख पौधरोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया तथा मियावाकी पद्धति के माध्यम से सघन वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया गया।
43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर लगभग 41,200 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई गई।
इसके अतिरिक्त 408 लाख किलोलीटर खदान जल का उपयोग कर 3800 से अधिक हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुनिश्चित की गई।
क्षमता विस्तार एवं नई परियोजनाएं
पर्यावरण स्वीकृतियों के माध्यम से 2.16 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त क्षमता सुनिश्चित की गई, जबकि भावी विस्तार हेतु स्वीकृत संदर्भ शर्तों से 39.02 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ।
नई परियोजनाओं में दुर्गापुर खुली खदान (10 मिलियन टन प्रति वर्ष) तथा अमृतधारा भूमिगत परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हुई।

कोयला गुणवत्ता एवं पारदर्शिता
कोयला गुणवत्ता (ग्रेड पुष्टिकरण) में सुधार करते हुए इसे 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया गया।
डिजिटल प्रणाली ‘डिजीकोल’ के माध्यम से रियल टाइम निगरानी एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ किया गया जिसे सीवीसी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
रोजगार एवं सामाजिक समावेशन
एसईसीएल द्वारा 511 आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है तथा पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को भी रोजगार उपलब्ध कराया गया तथा 42 माइनिंग सरदारों की नियुक्ति की गई।
पारदर्शी क्रय एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता
सरकारी ई-बाजार (जेम) पोर्टल के माध्यम से रेकॉर्ड 25,799 करोड़ रुपये की खरीद की गई।
एसईसीएल ने विशेष अभियान 5.0 में लगातार तीसरी बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
तकनीकी नवाचार एवं आधारभूत संरचना
एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम बनी जिसने पेस्ट फिल तकनीक लागू की।
औसतन 53.2 रेक प्रतिदिन कोयला प्रेषण के साथ परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया।
रेल कॉरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से कोयला निकासी तंत्र को मजबूत किया गया।
विविधीकरण की दिशा में प्रगति
कंपनी ने कोयला गैसीकरण, उच्च दक्षता तापीय विद्युत, कोयला धुलाई, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, दुर्लभ तत्वों के निष्कर्षण तथा जल आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है, जो भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीतिक पहल को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व
वित्तीय वर्ष 2025–26 में 365.39 करोड़ रुपये के सामाजिक दायित्व कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव डाल रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण
एसईसीएल ने कोयला उद्योग में पहली बार पूर्णतः महिला संचालित औषधालय एवं महिला संचालित केंद्रीय भंडार इकाई स्थापित कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

“वित्तीय वर्ष 2025–26 में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की यह उपलब्धि हमारे प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण, कठोर परिश्रम और टीम भावना का परिणाम है। अनेक परिचालन एवं भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, हमारे कर्मियों ने निरंतर प्रयास करते हुए उत्पादन, प्रेषण एवं ओवरबर्डन निष्कासन तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की है।
यह सफलता केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है। मैं एसईसीएल परिवार के सभी सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई देता हूं और विश्वास व्यक्त करता हूं कि हम इसी टीम भावना और समर्पण के साथ भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।”
— हरीश दुहन, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एसईसीएल

कोरबा
जिला कोरबा स्थित मेंडकल दुकानो´ में अनियमितता पाये जाने के कारण लायसेंस निलंबित
कोरबा। जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में एवं सहायक औषधि नियत्रंक के मार्गदर्शन में औषधि विभाग के औषधि निरीक्षको´ के द्वारा जिला कोरबा स्थित मेडिकल स्टोर्स में बिना प्रिस्क्रीपसन के प्रतिबंधित नशीली दवाओं औषधियों के व्यापार पर नियंत्रण हेतू औचक निरीक्षण की कार्यवाही किया जा रहा है।
इसी क्रम में विगत दिनो में हरदी बाजार स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स, पाली स्थित जीके मेडिकल स्टोर्स, बालको स्थित मिश्रा मेडिकल स्टोर्स, ओम सांई मेडिकल गोढी, भैसमा स्थित मेनन मेडिकल, जायसवाल मेडिकल, मोनिशा मेडिकल स्टोर्स, प्रिशा मेडिकल ढेलवाडीह, सोहागपुर स्थित गर्वित मेडिकल स्टोर्स एवं छुरी स्थित मारूति मेडिकल स्टोर्स की जांच की गयी थी एवं जांच के दौरान औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख मे अनियमितता पाये जाने पर उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उक्त फर्मो मे से हरदी बाजार स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स, पाली स्थित जीके मेडिकल स्टोर्स, एवं सोहागपुर स्थित गर्वित मेडिकल स्टोर्स के द्वारा प्रस्तुत नोटिस का जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने के कारण तीनो फर्मो का लाइसेंस का निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान फर्म से औषधियों का क्रय विक्रय नही किया जाएगा। अन्य फर्मो के जवाब प्राप्ति उपरांत अग्रिम कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है।
औषधि नियम के अनुसार नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधियों को बिना प्रिस्क्रीपसन के बिक्री किया जाना पूर्णरूपेण प्रतिंबंधित है। कोरबा जिले के समस्त ब्लाकों के मेडिकल स्टोर्स के नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण हेतू आगामी समय में इसी प्रकार औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चरणबद्व तरिकों से कार्यवाही की जायेगी।
निरीक्षण के दौरान जांच हेतु कोसबाडी, मडवारानी एवं ढेलवाडीह कटघोरा स्थित मेडिकल स्टोर्स से औषधि नमूनो का संकलन किया गया, जिसे परीक्षण हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया हैं। उक्त औषधि नमूनो की जांच परिणाम उपरांत नियमानुसार कार्यवाही किया जायेगा। उपरोक्त कार्यवाही के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग के औषधि निरीक्षक उपस्थित थे।

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