Connect with us

बिज़नस

ट्रंप के एक्शन से हिला पाकिस्तान शेयर बाजार, 5000+ अंक लुढ़का KSE-100, निवेशकों में डर

Published

on

इस्लामाबाद, एजेंसी। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी के आदेश के बाद इसका सीधा असर पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) पर देखने को मिला।

शेयर बाजार में भारी गिरावट, फिर आंशिक रिकवरी

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को कारोबार की शुरुआत में पाकिस्तान का बेंचमार्क KSE-100 इंडेक्स 5000 अंकों से ज्यादा टूट गया और सुबह करीब 9:50 बजे 161,638.07 के इंट्राडे निचले स्तर तक गिर गया। पिछला बंद स्तर 167,191.37 था। 

क्यों मचा बाजार में हड़कंप?

दरअसल, 21 घंटे चली मैराथन वार्ता के बाद भी सीजफायर पर सहमति नहीं बन सकी। ईरान द्वारा परमाणु कार्यक्रम जारी रखने के फैसले के बाद अमेरिका ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का आदेश दिया। इससे Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई।

इसका असर सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों जैसे हैंगसेंग और निक्केई पर भी देखने को मिला।

पाकिस्तान के लिए कितना अहम है होर्मुज?

पाकिस्तान अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 80-85% सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों से आयात करता है। वहीं, लगभग 99% LNG सप्लाई भी इन्हीं देशों से आती है।

यदि नाकेबंदी लंबी चलती है, तो पाकिस्तान का पेट्रोलियम आयात बिल 3.5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

महंगाई और बिजली संकट का खतरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से पाकिस्तान का सालाना आयात बिल 1.8 से 2 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। इससे घरेलू महंगाई 15-17% तक पहुंचने की आशंका है।

तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने पर बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ेगा, जिससे पावर कट बढ़ सकते हैं और उद्योगों में कामकाज ठप पड़ने का खतरा है।

Continue Reading

देश

Tomato Price Crash: टमाटर के दाम धड़ाम, किसानों को भारी नुकसान!

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। गर्मी की शुरुआत के साथ आमतौर पर सब्जियों के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है लेकिन इस बार टमाटर के भाव ने ट्रेंड को उलट दिया है। जहां गर्मियों में टमाटर महंगा होता है, वहीं इस साल दिल्ली-एनसीआर में इसका खुदरा भाव करीब 20 रुपए प्रति किलो तक आ गया है।

टमाटर की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का सौदा साबित हो रहा है।

टमाटर क्यों सस्ता?

दरअसल, गर्मियों में दिल्ली-एनसीआर में टमाटर की स्थानीय खेती कम होती है और सप्लाई हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दक्षिण भारत से आती है। आंध्र प्रदेश का मदनपल्ली क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रमुख माना जाता है। इस साल यहां बड़े पैमाने पर खेती हुई लेकिन निर्यात ठप होने से बाजार में सप्लाई ज्यादा हो गई।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण दुबई, कतर और सऊदी अरब जैसे प्रमुख बाजारों में टमाटर का निर्यात लगभग बंद है। शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ने से भी निर्यात प्रभावित हुआ है। नतीजतन, निर्यात के लिए तैयार टमाटर अब घरेलू बाजार में ही आ रहा है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

टमाटर की खपत कम 

घरेलू मांग में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। एलपीजी संकट के चलते कई रेस्टोरेंट और ढाबों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे टमाटर की खपत कम हो गई है।

व्यापारियों के अनुसार, इस समय थोक बाजार में टमाटर 10-15 रुपए प्रति किलो मिल रहा है, जिसके चलते खुदरा कीमतें 20-30 रुपए प्रति किलो के बीच बनी हुई हैं। यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम है, जब गर्मियों में टमाटर 30-50 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा था।

Continue Reading

देश

8th Pay Commission JOB: सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 1.80 लाख तक सैलरी और शानदार पद, ऐसे करें अप्लाई

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही अब इसके रिसर्च विभाग में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगर आप केंद्र सरकार की नीतियों और सैलरी स्ट्रक्चर पर काम करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन अवसर है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों में उत्साह है। लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर उन लोगों के लिए आई है जो इस आयोग का हिस्सा बनकर काम करना चाहते हैं। बता दें कि वेतन आयोग ने अपनी Research & Analysis टीम को मजबूत करने के लिए विभिन्न पदों पर आवेदन मांगे हैं। यह भर्तियां पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट (Contract Basis) पर होंगी, जिसमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों के विकल्प मौजूद हैं।

इन पदों पर निकली है वैकेंसी
आयोग ने मुख्य रूप से 3 कैटेगरी में भर्ती:

सीनियर कंसल्टेंट (Senior Consultant): 5 पद

कंसल्टेंट (Consultant): 5 पद

यंग प्रोफेशनल (Young Professional): 10 पद

योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age Limit)
पद का नाम               अनुभव (Experience)    अधिकतम आयु
सीनियर कंसल्टेंट              10 साल से अधिक         45 वर्ष
कंसल्टेंट                          6 साल से अधिक           40 वर्ष
यंग प्रोफेशनल                   4 साल से अधिक          32 वर्ष

सैलरी का पूरा गणित (Salary Structure)
इस भर्ती की सबसे खास बात इसकी आकर्षक सैलरी है, जिसे काम के दिनों के आधार पर बांटा गया है:

1. सीनियर कंसल्टेंट
फुल टाइम:
 रू.1.80 लाख प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.90,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.45,000

2. कंसल्टेंट
फुल टाइम:
 रू.1.20 लाख प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.60,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.30,000

3. यंग प्रोफेशनल
फुल टाइम: 
रू.90,000 प्रति माह

पार्ट टाइम (12 दिन/महीना): रू.45,000

पार्ट टाइम (6 दिन/महीना): रू.22,500

क्या करना होगा काम?
चुने गए उम्मीदवारों को कोई रूटीन ऑफिस वर्क नहीं करना होगा। उनका मुख्य काम रिसर्च और डेटा एनालिसिस का होगा। उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों (Allowances) और पेंशन से जुड़ी नई सिफारिशें तैयार करने में आयोग की मदद करनी होगी।

कैसे होगा चयन?
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता पर आधारित है:

सबसे पहले प्राप्त आवेदनों (Applications) की छंटनी (Screening) की जाएगी।

शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

चयन समिति का निर्णय अंतिम होगा और आयोग किसी भी आवेदन को बिना कारण बताए रद्द करने का अधिकार रखता है।

Continue Reading

देश

World Bank की चेतावनी, दुनिया पर मंडरा रहा ये बड़ा खतरा, करोड़ों लोगों की जिंदगी से है जुड़ा

Published

on

मुंबई, एजेंसी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच World Bank ने एक ऐसे खतरे की चेतावनी दी है, जो आने वाले समय में करोड़ों लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाल सकता है। World Bank के अध्यक्ष अजय बंगा (Ajay Banga) के मुताबिक, दुनिया एक बड़े रोजगार संकट की ओर बढ़ रही है, जहां कामकाजी उम्र की आबादी तेजी से बढ़ेगी लेकिन उसके मुकाबले नौकरियां पैदा नहीं हो पाएंगी। अगर समय रहते इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न सिर्फ अर्थव्यवस्था पर बल्कि वैश्विक स्थिरता और सामाजिक संतुलन पर भी पड़ेगा।

अजय बंगा के मुताबिक, अगले 10 से 15 वर्षों में विकासशील देशों में करीब 1.2 अरब लोग कामकाजी उम्र में पहुंचेंगे लेकिन मौजूदा हालात में केवल 40 करोड़ नई नौकरियां ही पैदा हो पाएंगी। इसका मतलब है कि दुनिया को करीब 80 करोड़ नौकरियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माता अक्सर अल्पकालिक संकटों—जैसे पश्चिम एशिया के संघर्ष—में उलझ जाते हैं, जबकि रोजगार जैसी दीर्घकालिक चुनौतियां लगातार गंभीर होती जा रही हैं।

रोजगार और असमानता का बढ़ता खतरा

अजय बंगा ने चेताया कि अगर समय रहते रोजगार के अवसर नहीं बढ़ाए गए, तो इससे अवैध प्रवासन (Illegal Migration) और वैश्विक अस्थिरता में तेजी आ सकती है। उन्होंने United Nations के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2025 में दुनिया भर में 11.7 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारों को सिर्फ तात्कालिक संकटों पर नहीं, बल्कि रोजगार, स्वच्छ पानी, और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों पर भी समान ध्यान देना होगा।

सुधार और निवेश पर जोर

World Bank विकासशील देशों में निवेश बढ़ाने के लिए कई सुधारों पर काम कर रहा है, जैसे:

  • बिजनेस नियमों को आसान बनाना
  • भूमि और श्रम कानूनों में सुधार
  • लॉजिस्टिक्स मजबूत करना
  • भ्रष्टाचार कम करना

साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों पर खास फोकस किया जा रहा है।

भारत और वैश्विक कंपनियों की भूमिका

अजय बंगा ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा ग्रुप और डांगोटे ग्रुप जैसी कंपनियां वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार कर रही हैं, जो रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

रोजगार के साथ-साथ विश्व बैंक का लक्ष्य 1 अरब से ज्यादा लोगों तक स्वच्छ पानी और अफ्रीका में करोड़ों लोगों तक बिजली पहुंचाने का है।  

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677