कोरबा
मोर जल मोर माटी ने लाख की खेती के माध्यम से ग्रामीण आय को दिया बढ़ावा
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी सामुदायिक विकास पहल मोर जल मोर माटी के अंतर्गत लाख खेती के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। इसका उद्देश्य लाख की खेती पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर, किसानों को सशक्त बनाना है। इस प्रशिक्षण में उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जिनके पास बेर, कुसुम और पलाश जैसे पेड़ हैं जो इस के लिए आवश्यक हैं।
अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचने के लिए अनेक सत्र आयोजित किये गए। आयोजित सत्र में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। आने वाले समय में कई प्रशिक्षण सत्र और आयोजित किये जाएंगे। आने वाले समय में अधिक किसान इस पहल से लाभान्वित होंगे। आय के द्वितीयक स्रोत के रूप में लाख की खेती की शुरुआत कर बालको ने 400 से अधिक किसानों के लिए ₹50,000 की अतिरिक्त औसत आय उत्पन्न करने में मदद की है।
छत्तीसगढ़ एक प्रमुख लाख उत्पादक राज्य है। जलवायु परिवर्तन के कारण पैदावार में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहा कोरबा कभी एक प्रमुख उद्योग केंद्र था। 2023 में मोर जल मोर माटी पहल ने आधुनिक तरीकों के साथ झारखंड से विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करके क्षेत्र में लाख की खेती को पुनर्जीवित किया। इसने स्थानीय किसानों और कर्मचारियों को सशक्त बनाया है। किसान अब संसाधनों को साझा करते हैं और साथ मिलकर खेती करते हैं। इस पहल के साथ ब्रूड लाख की आपूर्ति होती है। इसकी खेती साल में दो बार होती है। बीज उत्पादन तथा व्यावसायिक उत्पादन, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में वृद्धि होती है।
लकड़ी की फिनिशिंग, भोजन, सौंदर्य प्रसाधन, आभूषण इत्यादि जरूरी चीजों में इसका उपयोग होता है। इसके व्यावसायिक मूल्य के साथ लाख की खेती समुदायों के लिए स्थायी आजीविका का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही समुदाय द्वारा संचालित भूमि प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा जैव विविधता संरक्षण में सहायता प्रदान करती है। कौशल और ज्ञान की कमी ने इसके विकास को सीमित कर दिया है। वैज्ञानिक खेती के तरीकों को अपनाने से मौजूदा लाख उगाने वाले क्षेत्रों में उत्पादकता को बढ़ावा मिलै है। लाख के उप-उत्पाद में ब्र, रंग और मोम शामिल हैं। इसका उपयोग खाद्य, सौंदर्य प्रसाधन, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, चिपकने वाले पदार्थ, वार्निश और पेंट जैसे उद्योगों में किया जाता है। बेहतर खेती के तरीके लाभप्रद होने के साथ किसानों को पारंपरिक फसलों के लिए अधिक आकर्षक विकल्प भी प्रदान करता है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि मोर जल मोर माटी प्रोजेक्ट के माध्यम से हम किसानों को कृषि नवाचार एवं आधुनिक तकनीक के जोड़कर सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधन से सशक्त बनाकर हम दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। आय का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान कर हम ग्रामीण समुदाय की आजीविका का समर्थन कर रहे हैं। यह प्रतिबद्धता आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने और सभी क्षेत्रों में स्थिरता बढ़ाने के हमारे व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कोरबा के परसाखोला गाँव के अमल ने अपनी कहानी साझा करते हुए कहते हैं कि एक किसान परिवार में पले-बढ़े होने के कारण, मैंने हमेशा लाख की खेती करने के बारे में सोचता था। हमारे गाँव का प्राकृतिक वातावरण इसके लिए एकदम सही है। हालांकि आर्थिक कारणों से मैंने अपनी आकांक्षाओं का पीछा नहीं किया। जब मुझे मोर जल मोर माटी परियोजना के बारे में पता चला तो यह बदल गया। इसके तहत बेला में वेदांता कृषि संसाधन केंद्र (वीएआरसी) में लाख के बीज और प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण से मिली जानकारी से लाख की खेती शुरू की और लगभग ₹80,000 का लाभ कमाया।
बालको की मोर जल मोर माटी परियोजना 40 गांवों में लगभग 2200 एकड़ से अधिक भूमि के साथ 5700 किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। परियोजना का कार्यान्वयन बायफ इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल लाइवलीहुड के सहयोग किया जा रहा है। परियोजना मौजूदा संसाधनों के साथ सतही जल प्रबंधन में सुधार, सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और वर्षा पर निर्भरता को कम करने के लिए बहु-फसल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह किसानों को लाख की खेती, पशुपालन, बागवानी और गैर-लकड़ी वन उपज जैसे नए रास्ते दिखाकर साल भर आय सृजन को सुनिश्चित किया है। किसानों विभिन्न प्रशिक्षण एवं कृषि नवाचार के लिए वेदांता एग्रीकल्चर रिसोर्स सेंटर (वीएआरसी) की स्थापना की गई है।


कोरबा
बालको टाउनशिप में फॉरेस्ट वॉकवे बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र
बालकोनगर । भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा टाउनशिप में प्रकृति से जुड़ाव को मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित बालको फॉरेस्ट वॉकवे का उद्घाटन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा मनीषा कुमार तथा बालको के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कंपनी एवं व्यावसायिक साझेदारों के कर्मचारी उपस्थित थे।

लगभग 785 मीटर लंबे इस फॉरेस्ट वॉकवे को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है कि लोग हर कदम पर प्रकृति की विविधता का अनुभव कर सकें। वॉकवे के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए हैं, जो न केवल हरियाली बढ़ाते हैं बल्कि वातावरण को शुद्ध और शांत बनाते हैं। इन पेड़ों की छाया और प्राकृतिक सुंदरता वॉकवे को एक सुकून भरा अनुभव प्रदान करती है। फॉरेस्ट वॉकवे केवल एक पथ नहीं, बल्कि एक सोच है, एक ऐसा प्रयास जो टाउनशिप निवासियों को प्रकृति के करीब लाने, फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
बालको टाउनशिप में लगातार हो रहे सुधार और सौंदर्यीकरण प्रयासों के तहत यह फॉरेस्ट वॉकवे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह टाउनशिप के सकारात्मक परिवर्तन की कहानी को आगे बढ़ाती है और समुदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है।
कंपनी के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको फॉरेस्ट वॉकवे केवल एक इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि कंपनी की सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम मानते हैं कि प्रकृति के साथ बिताया हर पल हमारे जीवन को बेहतर बनाता है, चाहे वह स्वास्थ्य हो, मानसिक शांति हो या पर्यावरण के प्रति जागरूकता। यह वॉकवे टाउनशिप में एक संतुलित, स्वस्थ और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उन कर्मठ कर्मचारियों और बिज़नेस पार्टनर्स के योगदान को भी सराहा गया, जिनकी मेहनत और समर्पण से यह वॉकवे संभव हो सका। बालको प्रबंधन ने भविष्य में भी टाउनशिप में ऐसे और विकास कार्यों एवं सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे स्थानीय नागरिकों लिए एक स्वस्थ, सुंदर और समृद्ध वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

कोरबा
कोरबा में हनुमान जयंती कार्यक्रम में हादसा:काली मां बनकर करतब दिखा रही महिला आग की चपेट में आई, बचाने आए दो साथी भी झुलसे
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में हनुमान जयंती कार्यक्रम के दौरान करतब दिखाते समय एक महिला आग की चपेट में आ गई। महिला को बचाने आए दो साथी भी आग की चपेट में आ गए। इस हादसे में महिला समेत तीनों झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भिलाई रेफर कर दिया गया है। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना रजगामार चौकी इलाके के मेन क्लब एरिया में हुई।

शोभायात्रा में महिला काली मां बनी करतब दिखा रही थी, अचानक आग की चपेट में आ गई।

महिला को बचाने के प्रयास में उसके दो अन्य साथी भी आगे आए, वे भी आग की चपेट में आ गए।

इस हादसे में महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
दरअसल, हनुमान सेवा समिति की ओर से गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा था। दिन में भंडारे और पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलोनी, बस्ती और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
वहीं, शाम को समिति की ओर से शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस शोभायात्रा में दुर्ग से आए कलाकार करतब दिखा रहे थे। लगभग छह से सात कलाकार विभिन्न देवी-देवताओं जैसे शंकर जी, हनुमान जी, दुर्गा माता और काली माता का रूप धारण कर प्रदर्शन कर रहे थे।

हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान सेवा समिति की ओर से निकाली जा रही थी शोभायात्रा

शोभायात्रा में कलाकार मुंह में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आग के साथ प्रदर्शन कर रहे थे।
करतब के दौरान कलाकार मुंह में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आग के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान काली मां बनी एक महिला अचानक आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही वह खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगी। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो अन्य साथी भी आगे आए, वे भी आग की चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत आग पर काबू पाया और तीनों घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।

कोरबा
नम: सामूहिक विवाह का दिव्य आयोजन:108 दिव्यांग/निर्धन जोड़ों को मिला पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य एवं राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद
शुभता का संदेश:नवदम्पत्तियों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

कोरबा/ढपढप। अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा प्रबंधन की पहल पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं ढपढप की पावन धरती में परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जहां सानिध्य मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक, पुजारी एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने शुभता का संदेश दिया और कहा कि नवयुगल नवदाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन को प्राप्त करें। श्री पाण्डेय ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से हमें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि हम इतना विशाल और भव्यता के साथ यह नेक कार्य कर सके।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य वाणी से गूंजता रहा मंत्रोच्चार

ढपढप की पावन धरती में जब 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं शादी के जोड़े में सजधज कर कथा स्थल/विवाह स्थल पहुंचे तो हजारों लोग जहां कन्यादान के लिए घराती बने, वहीं दुल्हों की ओर से भी बाराती के रूप में हजारों लोग शामिल हुए और जब सौभाग्यकांक्षी, चिरंजीवियों का मिलन हुआ, तो चारों तरफ से सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद के लिए पुष्पवर्षा हुई और जब युगल सात फेरे ले रहे थे, तो हनुमंत भक्त पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार चारों तरफ गूंजने लगा। घराती-बाराती इस दिव्य नम: सामूहिक विवाह से उल्लास और उमंग के साथ नाचने, गाने लगे। इस दिव्य दृश्य को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। दिव्यांगों और निर्धनों के इस अनुपम परिणय उत्सव को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो प्रकृति ने भी अपनी सारी खुशी इन नवयुगलों के जीवन में उड़ेल दिया हो और इन्हें आशीर्वाद दे रही हो। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में यह जीवन का उत्सव सम्पन्न हुआ और उनका शुभ आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
राज्यपाल रमेन डेका ने नवयुगलों को दिया शुभ आशीर्वाद, 05-05 हजार देने की घोषणा

प्रोटोकाल के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ठीक 11.00 बजे परिणय स्थल ढपढप पहुंचे और नवयुगलों को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सभी नवदम्पत्तियों को 05-05 हजार देने की घोषणा की।
आयोजन समिति ने उपहार देकर नवदम्पत्तियों को विदा किया

आयोजन समिति दिव्यांगों एवं निर्धन कन्याओं का अभिभावक के रूप में शादी का खर्चा उठाया और नवयुगलों को उपहार दिया। आयोजन समिति ने 108 निर्धन/दिव्यांग कन्याओं को नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
लाखों हाथों ने दिया शुभ आशीर्वाद





कोरबा में पहली बार दिव्यता, भव्यता और इतना बड़ा विशाल जनसमूह ढपढप की पावन धरती पर दिखा। एक तरफ 05 दिवसीय दिव्य श्रीहनुमंत कथा सम्पन्न हो रही थी, दूसरी तरफ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का घर बस रहा था। करीब 01.00 लाख लोग यहां मौजूद थे। लाखों हाथों ने इन दिव्य एवं गरीब कन्याओं को पूरे मन से अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया और खुशहाल, समृद्ध जीवन के लिए प्रभु से कामना की।
शुभता का संदेश:नवयुगलों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय


इस दिव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजन समिति और कोरबा वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नमन पाण्डेय ने दिव्यांग/निर्धन 108 कन्याओं के नवजीवन में प्रवेश करने पर शुभता का संदेश दिया और कहा कि मातारानी नवदम्पत्तियों के जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि लाए और उनके जीवन को वैभवशाली बनाए।


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