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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 47 हजार 00 जीडीपी 6.56 प्रतिशत जो देश की जीडीपी से 0.76 प्रतिशत कम, वित्त मंत्री ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बजट सत्र के चौथे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 1 लाख 47 हजार 329 रुपए सालाना हो गई है। जबकि जीडीपी 6.56 प्रतिशत है, जो देश की जीडीपीसे 0.76 प्रतिशत कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर सकल घरेलू उत्पाद बीते वर्ष 2022-23 की तुलना में 6.56 प्रतिशत बढऩे का अनुमान है। पिछले साल की तुलना में कृषि को छोड़कर उद्योग और सेवा क्षेत्र में गिरावट आई है। देश में एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट प्रदेश के एग्रीकल्चर सेक्टर की ग्रोथ रेट बढ़ी है। यहां कृषि क्षेत्र का ग्रोथ रेट 3.23 है ।

प्रति व्यक्ति आय एक लाख 47 हजार 943 रुपए अनुमानित

आर्थिक सर्वेक्षण में आए आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 47 हजार 943 रुपए अनुमानित है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रति व्यक्ति आय एक 37 हजार 329 रुपए थी। पिछले साल की तुलना में प्रति व्यक्ति आय में 7.31 प्रतिशत वृद्धि की बात कही गई है। सर्वेक्षण के मुताबिक, 2023-24 में स्थिर मूल्य पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 5,05,887 करोड़ रुपए अनुमानित है। कृषि क्षेत्र में 97,628 करोड़, उद्योग क्षेत्र में 2,12,903 करोड़ और सेवा क्षेत्र में 1,65 891 करोड़ होना संभावित बताया गया है। जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में प्रतिशत वृद्धि 9.5, 8.7 और 8.38 प्रतिशत है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद बाजार मूल्य त्वरित अनुमान के अनुसार गत वर्ष 2021-22 की तुलना में वर्ष 2022-23 में 7.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिसमें कृषि और सम्बद्ध क्षेत्र (कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं वन) में 4.87 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र (निर्माण, विनिर्माण, खनन, उत्खनन, विद्युत, गैस और जल आपूर्ति सम्मिलित) में 7.67 प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 8.28 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

राज्य बनने के बाद लगातार बढ़ी प्रति व्यक्ति आय

प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय साल 2001 से लगातार बढ़ रही है। 2001-02 में प्रति व्यक्ति आय 10 हजार 125 रुपए थी। जबकि 10 साल बाद 2011 में 55180, 2012 में 60850, 2013 में 69880, 2014 में 72940, 2015 में 73590, 2016 में 81810 थी। वहीं, 2017 में 89810, 2018 में 96890, 2019 में 98,281 रुपए 2020 में 105089 रुपए, 2021 में105778 रुपए, 2022 में 118401 रुपए, 2023 में 13329 रुपए और 2024 में यह बढ़कर एक लाख 47 हजार 329 सालाना हो गई है।

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छत्तीसगढ़

4 करोड़ 61 लाख का गांजा और नशीली-टैबलेट पकड़ाया:ड्राई-फ्रूट और पैकर्स की आड़ में तस्करी,महासमुंद में छत्तीसगढ़-ओडिशा और MP-UP के 13 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ‘ऑपरेशन निश्चय’ चल रही है। जिसके तहत सोमवार को महज 10 घंटे के अंदर 4 थाना इलाके से 6 क्विंटल 85 किलो गांजा और 700 नशीली टैबलेट बरामद किया है। जिसकी कीमत 4 करोड़ 61 लाख रुपए है। 13 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जिसमें से 7 दूसरे राज्य के निवासी हैं।

यह कार्रवाई बसना, कोमाखान, सिंघोड़ा और महासमुंद थाना क्षेत्रों में की गई है। गिरफ्तार आरोपी छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। यह आरोपी ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़ तस्करी कर रहे थे।

नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी।

नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी।

गांजे के साथ पकड़ाए आरोपी।

गांजे के साथ पकड़ाए आरोपी।

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

इन 4 थाना इलाके में हुई कार्रवाई

कोमाखान थाना: एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया। एमपी के मोहित साहू (27) और पुष्पेन्द्र साहू (21) को गिरफ्तार किया गया।

इसी थाने की टीम ने डिजायर कार क्रमांक जेएच 01 एफजेड 4071 से 200 किलो गांजा बरामद किया। इस कार में उत्तर प्रदेश के 3 आरोपी सवार थे। पकड़े गए गांजे की कीमत 1.08 करोड़ रुपए बताई गई है।

बसना थाना: पैकर्स एंड मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के बोलेरो पिकअप में रायगढ़ से घरेलू सामान हैदराबाद ले जाने के लिए निकले थे। लेकिन बीच में ओडिशा से सामान के नीचे 454.890 किलो गांजा छिपाकर ले जा रहे थे।

पिकअप चालक इमरान (37) राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल और 10 हजार कैश समेत 2.38 करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है।

सिंघोड़ा थाना: नेशनल हाईवे 53 रेहटीखोल से बाइक सीजी 11 एजेड 3766 में सवार बलौदा जिला जांजगीर-चांपा निवासी देवचरण रात्रे (46) और पेटूपाली बरगढ़ ओडिशा निवासी किशोर राउतिया (25) बैग में 6 किलो गांजा ले जा रहे थे। जब्त गांजे की कीमत 3 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल भी जब्त किया है।

सिटी कोतवाली महासमुंद: रेलवे स्टेशन के पास रेड कार्रवाई में पुलिस ने 700 नग नशीली दवाई जब्त की है। पुलिस 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार (32), मनोज कुमार सोनबेर (33), सद्दाम कुरेशी (32), रिंकू चंद्राकर (34) और कामेश चंद्राकर (30) सभी महासमुंद निवासी शामिल है।

एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया।

एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया।

पुलिस ने कारें और बाइक-ट्रक किया जब्त

पुलिस ने सिर्फ गांजे की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपए आंकी है। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक, एक पिकअप, दो कार और एक बाइक समेत कई सामग्रियों को जब्त किया है। जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपए बताई गई है।

ऐसे आड़ में करते थे तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया है कि, तस्कर नशे की खेप पहुंचाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे। इनमें ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़, कार, बाइक और ट्रेन जैसे माध्यम शामिल थे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उनके सभी प्रयास विफल रहे।

4 राज्यों से जुड़ा नेटवर्क

इस कार्रवाई से ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कुछ मामलों में थोक विक्रेताओं, सप्लायरों और लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेटरों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। इस बड़े ऑपरेशन में बिलासपुर पुलिस और रायपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने भी मदद की है।

3 महीने में बड़ी सफलताएं

महासमुंद पुलिस ने पिछले 3 महीने में 63 केस दर्ज कर 4054.350 किलो गांजा जब्त कर चुकी है। 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 117 अन्य राज्यों के हैं। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

4 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने भाई को मरवाया:रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी का गला घोंटा, रेत में दफनाई लाश, पूर्व कांग्रेस नेता समेत 15 आरोपी गिरफ्तार

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मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति हड़पने के लिए छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई को मरवा दिया। दामोदर सिंह (62) रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी थे। उनके पास लगभग 4 करोड़ की प्रॉपटी और 30 तोला सोना था, जो वह हड़पना चाहता था। मर्डर के लिए उसने गांव के ही युवक से 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की थी और साढ़े 4 लाख रुपए एडवांस भी दे भी दिए थे।

मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। वारदात में 15 लोग शामिल थे। 21 मार्च को दामोदर को बुलाकर गमछे से उसका गला घोंटा गया, लाश घटनास्थल से 60km दूर जंगल ले जाकर रेत में दफनाया गया, फिर मोबाइल नदी में बहा दिया था। 8 दिन बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व कांग्रेस नेता समेत 4 नाबालिग और परिवार के ही सदस्य है।

मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।

मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।

8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।

8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।

बेटे के साथ चल रहा था जमीनी विवाद

दरअसल, दामोदर सिंह राजपूत (62) शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी थे। जो रिटायर के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने प्रॉपटी और सोना हड़पने की साजिश रची।

पहले भी की थी मारने की कोशिश

आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी पता चला कि 2025 में दामोदर सिंह को मारने की कोशिश एक सड़क हादसे के जरिए की गई थी।

पूजा के नाम पर बुलाया, गला घोंटकर जंगल में दफनाया

21 मार्च को प्लानिंग के तहत छोटे भाई रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव और उसके साथियों (प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग) ने दामोदर की गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।

पहली कार खराब हुई तो दूसरे से ठिकाने लगाया

आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार में भरा। रास्ते में कार खराब होने पर देवराज साहू की कार मंगवाई गई और शव को शिफ्ट कर कवर्धा के देक्सय जंगल में नदी के पास गड्डा खोदकर रेत में दफना दिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।

घर नहीं पहुंचे पर परिजनों ने तलाश शुरू की

21 मार्च को दामोदर सिंह अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

इस दौरान ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों फौरन लालपुर थाने में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमें गठित की गई।

जांच के दौरान, पुलिस ने मुंगेली जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी इलाकों के CCTV खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध कार (CG 10 AC 8986) दामोदर सिंह राजपूत की बाइक का पीछा करते हुए दिखाई दी।

मृतक दामोदर सिंह।

मृतक दामोदर सिंह।

गांव के ही युवक को दी थी सुपारी

पुलिस ने कार मालिक देवचरण साहू से पूछताछ की तो पता चला कि ग्राम झाफल के रहने वाले संजय यादव ने किराए पर ली थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या की सुपारी दी थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार कैश जब्त किया है। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

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कोरबा

पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत – उद्योग मंत्री

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उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पत्रकारों की कालोनी तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया गया भूमिपूजन

तिलक भवन में स्थापित एल.ई.डी. प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि कार्यो का हुआ लोकार्पण

कोरबा। छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कहा कि पत्रकारबंधु एक ऐसा दर्पण होते हैं, जो समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पत्रकारिता का मूलमंत्र है, समाचार पत्रों में जो छपता है, मीडिया में जो दिखता है, आमजन मानस उसे ही सच मानकर चलता है, अतः यह आवश्यक है कि समाचारों में निष्पक्षता, पारदर्शिता व निर्भीकता होनी ही चाहिये। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब कोरबा एक ऊर्जावान संस्था है, जो पत्रकारिता व पत्रकारबंधुओं के हितों की रक्षा के लिये निरंतर कार्य कर रही है।

उक्त बातें आज उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 35 खरमोरा डाईट बिल्डिंग तिलक नगर पत्रकार कालोनी के समीप एन.टी.पी.सी. के सीएसआर मद से 15 लाख रूपये की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके हाथों किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 तिलक भवन प्रेस क्लब में पार्षद पंकज देवांगन के पार्षद मद से एलईडी प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि का कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण भी आज उद्योग मंत्री श्री देवांगन के करकमलों से सम्पन्न हुआ। 
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जब मैं कोरबा का महापौर था, उस समय प्रेस क्लब का निर्माण किया गया, उस समय भी और आज भी नगर निगम कोरबा द्वारा प्रेस क्लब के विकास व अन्य गतिविधियों के लिये लगातार सहयोग दिया जा रहा है, विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि डाॅ.रमन सिंह 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने जब राज्य की कमान संभाली तब उस समय छत्तीसगढ़ की स्थिति काफी कमजोर थी, किन्तु उन्होने अपने 15 वर्षो के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक विकास किया तथा राज्य के विकास पुरूष की छबि अर्जित की, उनके कार्यकाल में दर्जनों जनकल्याणकारी योजनायें संचालित हुई, किन्तु इन योजनाओं को बीच में बंद कर दिया गया था, अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार ने पुनः इन योजनाओं को प्रारंभ कराया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है तथा समाज के गरीब, निर्धन, मजदूर, किसान, युवा, महिला व हर वर्ग के लिये कल्याणकारी योजनायें संचालित कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये आगे कहा कि मुझे सदैव आप लोगों का स्नेह, आशीर्वाद व मार्गदर्शन मिलता आया है, मैं विश्वास रखता हूॅं कि आपका यह प्यार, स्नेह भविष्य में भी मुझे निरंतर प्राप्त होता रहेगा। 

उद्योग मंत्री विकास हेतु लगातार कर रहे फंड की व्यवस्था-महापौर

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा के सभी 67 वार्डो में विकास कार्य कराये जाने हेतु लगातार धनराशि की व्यवस्था करा रहे हैं, उनके प्रयासों से विगत 02 वर्षो के दौरान विभिन्न मदों के अंतर्गत 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्यो व परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होेने पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये कहा कि आप स्वयं देख रहें है कि विगत 02 वर्ष से कोरबा शहर व निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, इस दौरान अनेक क्षेत्रों में निगम ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाॅं भी अर्जित की हैं, जिससे आप सब भलीभांति परिचित हैं, आप सबका स्नेह, मार्गदर्शन व सुझाव शहर के विकास के लिये अनवरत रूप से प्राप्त होता रहेगा, यह मैं विश्वास रखती हूॅं।

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