विदेश
होर्मुज में लुटेरों ने तेल टैंकर किया हाईजैक, जान बचाने के लिए कैप्टन बोला-‘मुझे मत मारो, मैं मुसलमान हूं’
तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव के बीच एक तेल टैंकर पर हुए हमले की कहानी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।यह घटना तेल टैंकर Honor 25 से जुड़ी है, जिस पर समुद्री लुटेरों ने हमला कर चालक दल को बंधक बना लिया। जहाज के कप्तान अशारी समादिकॉन को अपनी जान बचाने के लिए बंदूकधारियों के सामने कहना पड़ा -“ मुझे गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं।”

होर्मुज पार करते ही हमला
रिपोर्ट के अनुसार, 2 अप्रैल को कप्तान अशारी यूएई से तेल लेकर रवाना हुए थे। जहाज सुरक्षित बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रास्ता बेहद संवेदनशील था। जैसे ही जहाज होर्मुज क्षेत्र से आगे बढ़ा, अचानक हमलावरों ने घेर लिया। जहाज पर गोलियां और गोले दागे गए। अफरातफरी के बीच हथियारबंद लोग जहाज पर चढ़ आए। जब बंदूक कप्तान की ओर तानी गई, तो उन्होंने घबराकर कहा – “मुझे मत मारो, मैं मुसलमान हूं।” कुछ पल के लिए हमलावर रुके और फिर पूरे चालक दल को एक जगह इकट्ठा कर लिया। सभी के फोन छीन लिए गए और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो गया।
परिवार को देर से पता चली सच्चाई
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर कप्तान का परिवार शुरू में खतरे से अनजान था। कप्तान फोन पर बच्चों को दिलासा देते रहे कि सब ठीक है। लेकिन बाद में एक वॉइस मैसेज आया-“समुद्री लुटेरे जहाज को घेर रहे हैं…”।इसके बाद संपर्क टूट गया।जहाज पर कुल 17 चालक दल सदस्य थे, जिनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार और इंडोनेशिया के लोग शामिल थे। समुद्री लुटेरे जहाज को सोमालिया के तट की ओर ले गए। वहां जहाज एक तरह की तैरती जेल बन गया, जहां चालक दल हर दिन डर और अनिश्चितता में जी रहा है। एक समय सोमालिया का तट दुनिया में समुद्री डकैती का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता था। 2011 के आसपास दर्जनों जहाजों का अपहरण किया जाता था। बाद में अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं की सख्त कार्रवाई से हालात काबू में आए, लेकिन अब लाल सागर में हूती हमलों, पश्चिम एशिया युद्ध और समुद्री सुरक्षा पर बढ़ते दबाव ने समुद्री लुटेरों को फिर सक्रिय होने का मौका दे दिया है।
जहाज पर कोई सुरक्षा नहीं थी
रिपोर्ट के मुताबिक जहाज पर न तो हथियारबंद सुरक्षा गार्ड थे और न ही विशेष सुरक्षा इंतजाम। बाद में जहाज मालिकों ने भी माना कि उन्हें इतने बड़े खतरे की आशंका नहीं थी। कुछ समय बाद कप्तान को परिवार से सीमित बातचीत की अनुमति मिली। उन्होंने बताया कि समुद्री लुटेरे फिरौती के लिए अंग्रेजी बोलने वाले व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद परिवार को और संपर्क करने से मना कर दिया गया, क्योंकि हर कॉल जान का खतरा बन सकती थी।
परिवार की उम्मीदें अब भी जिंदा
इंडोनेशिया में कप्तान अशारी के पिता आज भी बेटे की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि वह ईद से पहले घर लौट आएंगे। लेकिन फिलहाल Honor 25 सोमालिया के तट के पास खड़ा बताया जा रहा है और चालक दल अब भी अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहा है।यह कहानी सिर्फ एक जहाज की नहीं, बल्कि उस दुनिया की तस्वीर है जहां समुद्र में कानून कमजोर पड़ते ही इंसान अपनी पहचान के सहारे जान बचाने की कोशिश करता है।
खेल
20 साल के प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, प्रतिष्ठित ‘नार्वे शतरंज’ का खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय
ओस्लो/नई दिल्ली/चेन्नई, एजेंसी। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने वैश्विक शतरंज की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने सबसे कड़े और प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक ‘नार्वे शतरंज’ (Norway Chess) का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इस महामुकाबले को जीतने वाले देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अंतिम दौर (लास्ट राउंड) के करो या मरो के मुकाबले में चेन्नई के इस 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने जर्मनी के दिग्गज विन्सेंट कीमर को क्लासिकल बाजी में मात देकर पूरे 3 अंक बटोरे और एलीट शतरंज की सबसे चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रज्ञानानंदा ने आखिरी दिन की शुरुआत 15 अंक के साथ तीसरे स्थान से की।

उन्होंने सबसे अहम मौके पर बेहतरीन खेल दिखाया और क्लासिकल बाजी में जीत हासिल करके पूरे तीन अंक बटोरे। इस तरह वे 18 अंक पर पहुंचे और एलीट शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक अपने नाम की। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने वह उपलब्धि हासिल की जो 2013 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश जैसे खिलाड़ी भी हासिल नहीं कर पाए थे।

नार्वे शतरंज में दूसरी बार हिस्सा ले रहे प्रज्ञानानंदा की शुरुआत धीमी रही थी लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। प्रज्ञानानंदा के अभियान की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने नार्वे शतरंज के सात बार के चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल बाजी में दो बार हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश के अंतिम चरण में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रज्ञानानंदा ने भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा और आखिरकार खिताब अपने नाम किया।
अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो आखिरी दौर से पहले 15.5 अंक के साथ सबसे आगे थे लेकिन अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ उनकी क्लासिकल बाजी ड्रॉ रही जिससे मुकाबला आर्मागेडन टाईब्रेक में चला गया। इस नतीजे ने प्रज्ञानानंदा के लिए रास्ता खोल दिया। उन्हें पता था कि कीमर के खिलाफ क्लासिकल बाजी में जीत उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा देगी और यादगार खिताब दिला देगी।

हालांकि वेस्ली सो ने टाईब्रेक जीत लिया लेकिन उस जीत से उन्हें सिर्फ डेढ़ अंक मिला जिससे उनके कुल अंक 17 रहे जबकि प्रज्ञानानंदा ने 18 अंक के साथ खिताब जीता। खिताब जीतने की उम्मीद के साथ आखिरी दौर में उतरे अलीरेजा 15.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया था।
उन्होंने कहा, उन्होंने मेरे से कहा था कि जून का महीना मेरे लिए अच्छा रहेगा और उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रज्ञानंदा ने कहा, मैं एक जून को अलीरेजा के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी मां से बात कर रहा था और वह मुझे कह रही थी, ‘यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे।’ यह वैसी ही बात है जो मां हमेशा कहती हैं और फिर मैंने ये चार बाजी जीतीं। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ पता था।
इसके बाद प्रज्ञानानंदा ने लगातार चार जीत हासिल कीं। यहां तक कि कार्लसन ने भी प्रज्ञानानंदा की जमकर तारीफ की और पूरे टूर्नामेंट में इस युवा भारतीय खिलाड़ी के प्रदर्शन को ‘शानदार’ बताया। कार्लसन ने प्रसारणकर्ता से कहा, ”यह वाकई कमाल की बात है। यह बहुत ही निर्णायक और जबरदस्त प्रदर्शन था और इससे पता चलता है कि अगर मैं भी इसी तरह का नतीजा हासिल करता तो मेरे लिए भी यह मुमकिन हो सकता था लेकिन हां यह अविश्वसनीय है।

वह एक जबरदस्त फाइटर है और उसे इसका इनाम मिलते देखना अच्छा लगता है। इस बीच गुकेश का निराशाजनक सफर जारी रहा। टूर्नामेंट में उनकी तीसरी मौजूदगी भी उस कामयाबी के बिना खत्म हुई जिसकी उन्हें उम्मीद थी विशेषकर ऐसे साल में जब उन्हें चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व खिताब का बचाव करना है।
आखिरी दौर में सफेद मोहरों से खेलते हुए कार्लसन ने क्लासिकल बाजी में 20 साल के गुकेश को हराकर तीन अंक हासिल किए। नार्वे का यह दिग्गज हालांकि इस जीत के बावजूद 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
विदेश
ईरान-अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों का कम्पीटीशनः IRGC बोला- दुश्मन के कई ठिकाने उड़ाए
तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। ईरान की सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि उसने “क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों” को निशाना बनाया और उन पर “एयरोस्पेस मिसाइलों” से हमला किया। हालांकि अमेरिकी सेना के United States Central Command (CENTCOM )ने पूरी तरह अलग तस्वीर पेश की।

CENTCOM के अनुसार:
- ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
- इनमें से 6 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
- सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विफल हो गई।
- किसी अमेरिकी सैनिक या सैन्य अड्डे को नुकसान नहीं पहुंचा।
अमेरिकी सेना का कहना है कि मिसाइल हमले से कुछ घंटे पहले उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे चार ईरानी “वन-वे अटैक ड्रोन” (कामिकाज़े ड्रोन) मार गिराए थे। अमेरिका का दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा थे। इसके बाद अमेरिकी बलों ने ईरान के Qeshm Island और गोरुक क्षेत्र के तटीय रडार ठिकानों पर जवाबी हमले किए। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई आगे के समुद्री हमलों को रोकने के लिए की गई।
ईरान का अलग दावा
IRGC ने दावा किया कि उसके हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद “दुश्मन अड्डों” के खिलाफ थे। कुछ ईरानी दावों में यह भी कहा गया कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के United States Fifth Fleet मुख्यालय को निशाना बनाया गया। लेकिन CENTCOM ने इन दावों को “झूठा” बताते हुए कहा कि अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को कोई नुकसान नहीं हुआ। कुवैत में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए गए और कई मिसाइलों/ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजाए गए और संयुक्त अमेरिकी-बहरीनी वायु रक्षा प्रणालियों ने मिसाइलों को रोक लिया।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और परमाणु वार्ताएं पहले से तनाव में हैं। Strait of Hormuz में समुद्री सुरक्षा को लेकर टकराव जारी है। लेबनान में Hezbollah और इजराइल के बीच तनाव बना हुआ है। इस मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं। IRGC का कहना है कि उसने दुश्मन ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी सेना का दावा है कि सभी मिसाइल हमले विफल कर दिए गए और कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं हुआ। स्वतंत्र रूप से दोनों पक्षों के दावों की पूरी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
बिज़नस
US Stock Market Crash: निवेशकों के डूब $2 ट्रिलियन, अमेरिकी शेयर बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
वाशिंगठन, एजेंसी। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखनो को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। घंटे भर में निवेशकों के 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 190 लाख करोड़ रुपए) डूब गए। वॉल स्ट्रीटी पर यह साल 2026 की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रहा है।
वॉल स्ट्रीट के तीनों ही बड़े इंडेक्स शुक्रवार के कारोबार में गिरावट पर बंद हुए। टेक्नोलॉजी के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल 1 फीसदी गिरावट पर बंद हुआ तो एसएंडपी 500 पर भी 2.4 फीसदी की गिरावट दिखी। इसके अलावा नैसडैक कम्पोजिट में 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Nvidia, Alphabet और Meta Platforms समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।

गिरावट की वजह
बाजार में आई इस गिरावट की वजह अमेरिकी जॉब मार्केट के आंकड़े रहे। शुक्रवार को आए जॉब मार्केट के आंकड़े अनुमान से भी ज्यादा मजबूत रहे। इससे निवेशकों में यह संदेश गया कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में फिलहाल कटौती नहीं करने वाला और रेट ऊंचा ही बना रहेगा।
मई महीने में अमेरिकी कंपनियों ने 1.72 लाख नई नौकरियां जोड़ीं, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान केवल 80 हजार नौकरियों का था। उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों ने संकेत दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है।
इस दौरान अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल देखने को मिला। 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.16 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले 15 महीनों का उच्चतम स्तर है।
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
