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देश

पचपदरा रिफाइनरी का पीएम मोदी ने किया लोकार्पण, कच्चा तेल प्रोसेस करने की योग्यता देख दुनिय हैरान

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बाड़मेर, एजेंसी। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किया। यह परियोजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्यपाल, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार की संयुक्त पहल है। इसमें HPCL की 74 प्रतिशत और राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह रिफाइनरी प्रतिवर्ष लगभग 9 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल के प्रसंस्करण की क्षमता रखती है, जबकि प्रतिदिन करीब 1.8 लाख बैरल कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम है। यह क्षमता इसे देश की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत रिफाइनरियों में शामिल करती है।

इस रिफाइनरी की सबसे बड़ी विशेषता इसका एकीकृत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जो इसे पारंपरिक रिफाइनरियों से अलग बनाता है। यहां न केवल पेट्रोल और डीजल का उत्पादन होगा, बल्कि प्लास्टिक, पॉलिमर, टेक्सटाइल, पेंट और फार्मास्यूटिकल उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल भी तैयार किया जाएगा। इससे भारत की पेट्रोकेमिकल आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

सरकार का दावा है कि यह परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और विदेशी तेल आयात पर निर्भरता घटाएगी। साथ ही इससे देश का विदेशी मुद्रा खर्च भी कम होगा, जिससे आर्थिक संतुलन बेहतर होगा। यह संयंत्र पूरी तरह BS-VI मानकों के अनुसार स्वच्छ ईंधन उत्पादन करेगा, जिससे पर्यावरणीय मानकों का पालन भी सुनिश्चित होगा।

पचपदरा रिफाइनरी को ‘नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स’ 17.0 के साथ दुनिया की उन्नत रिफाइनरियों में गिना जा रहा है, जो इसकी तकनीकी क्षमता और विविध कच्चे तेल को प्रोसेस करने की योग्यता को दर्शाता है। इसके साथ ही यहां पेट्रोकेमिकल यील्ड 26 प्रतिशत से अधिक है, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक कुशल ऊर्जा संयंत्र बनाता है।

इस परियोजना का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय स्तर पर देखा जाएगा। बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके आसपास एक बड़ा पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिफाइनरी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में विकास का नया केंद्र बनेगी। जहां पहले सीमित संसाधन और रोजगार के अवसर थे, वहां अब औद्योगिक विस्तार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

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खेल

वैभव सूर्यवंशी ने सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ा:15 साल, 99 दिन में भारत के लिए डेब्यू किया, 14 रन बनाकर आउट हुए

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मैनचेस्टर, एजेंसी। वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेला। वैभव ने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली ने 15 साल 239 दिन और सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था।

वैभव ने अपनी पहली पारी में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए। इसमें दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने एक छक्का जोफ्रा आर्चर की गेंद पर और एक छक्का जोश टंग की गेंद पर लगाया। उन्हें विल जैक्स ने स्टंप आउट कराया।

मैच से पहले वैभव ने सोशल मीडिया पर भी डेब्यू के संकेत दिए थे। शुक्रवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए न्यू चैप्टर लिखा था।

टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली

23 जून को BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी दी। सूर्यवंशी ने पहले रघु के पैर छूकर प्रणाम किया, फिर जर्सी ली।

वैभव को ICC की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत इंग्लैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम दिया गया है। उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति मिली है।

जर्सी के साथ फोटोशूट करते हुए वैभव।

जर्सी के साथ फोटोशूट करते हुए वैभव।

वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए थे

एक महीने पहले वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर भी बने थे। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था।

शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था।

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देश

दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को कार्यक्रम

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कैनबरा, एजेंसी। पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी।

पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ जांच एजेंसियों ने उस पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है।

मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी के इसमें शामिल होने की संभावना है। धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी।

अबतक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई

अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।

विदेश दौरे पर PM की सुरक्षा में मेजबान भी शामिल

  • प्रधानमंत्री के विदेश दौरे की सुरक्षा भारत और मेजबान देश मिलकर संभालते हैं। प्रधानमंत्री की सबसे नजदीकी सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के जिम्मे होती है, जबकि कार्यक्रम स्थल, होटल, एयरपोर्ट और यात्रा मार्ग की सुरक्षा मेजबान देश की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां करती हैं।
  • दौरे से पहले सुरक्षा टीमें कार्यक्रम स्थल का कई बार निरीक्षण करती हैं, आने-जाने के रास्तों की जांच होती है और भीड़ पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
  • दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां संभावित खतरों की जानकारी साझा करती हैं। धमकी मिलती है, तो तुरंत जांच शुरू होती है और सुरक्षा घेरा बढ़ाने, अतिरिक्त जांच जैसे कदम उठाए जाते हैं।

इससे पहले भी मोदी को धमकी मिल चुकी

2022: पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में चूक

5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे।

2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी

PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था।

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देश

El Nino Alert: सितंबर तक तेज़ होगा एल नीनो, दुनिया में मौसम की बड़ी उथल-पुथल की आशंका

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जिनेवा/नई दिल्ली, एजेंसी। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर में बन रहे El Nino Conditions आने वाले महीनों में तेजी से मजबूत होकर जुलाई से सितंबर के बीच एक strong event बन सकते हैं। इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर भारी पड़ सकता है, जिसमें हीटवेव, सूखा और भारी बारिश जैसी चरम घटनाएं शामिल हैं। 
WMO के ‘ग्लोबल सीज़नल क्लाइमेट अपडेट’ में कहा गया है कि दुनिया के प्रमुख केंद्रों के मल्टी-मॉडल अनुमानों से पता चलता है कि मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र का तापमान लगातार और काफ़ी बढ़ रहा है। मुख्य निगरानी क्षेत्रों में समुद्र की सतह के तापमान में मौसमी औसत से 2°C से ज़्यादा की बढ़ोतरी (एनमली) होने की उम्मीद है।

क्या है अल नीनो
अल नीनो मौसम का एक प्राकृतिक पैटर्न है जिसमें इस क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान औसत से ज़्यादा हो जाता है, यह आमतौर पर मार्च और जून के बीच बनता है, नवंबर और फरवरी के बीच अपने चरम पर होता है, और शुरू होने के अगले साल वैश्विक तापमान पर सबसे ज़्यादा असर डालता है। ऐसी घटनाएं आमतौर पर हर 2दो से 7 साल में होती हैं और 9 से 12 महीने तक चलती हैं। भारत में, इसका संबंध कमज़ोर मॉनसून से है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने कहा कि इस चेतावनी से कुछ नहीं बदलेगा – इसके और मज़बूत होने की बात हफ़्तों पहले ही मॉनसून के अनुमान में शामिल कर ली गई थी।

दुनिया पर असर
WMO ने बताया कि इसका असर कई जगहों पर अलग-अलग तरह से दिखेगा:

-कुछ देशों में भीषण सूखा
-कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़
-कई जगहों पर गंभीर हीटवेव
-समुद्र में भी marine heatwaves बढ़ने का खतरा, इसके साथ ही WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि यह स्थिति पहले से ही मॉनिटर की जा रही है और समय रहते चेतावनी देकर नुकसान कम करने की कोशिश की जा रही है।

 भारत पर असर
भारत में El Nino का सीधा संबंध अक्सर कमजोर मानसून से जोड़ा जाता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह स्थिति पहले से ही उनके मानसून पूर्वानुमान में शामिल थी, इसलिए इसमें कोई नया बदलाव नहीं माना जा रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि समुद्र की बढ़ती गर्मी के संकेत पिछले महीनों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे हैं, जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर स्थिति को दिखाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में हो रहे FIFA World Cup जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तेज गर्मी और heatwave की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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