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PM बोले- दिल्ली में आपदा सरकार, ये कट्टर बेईमान लोग:मैं भी शीश महल बनवा सकता था, लेकिन गरीबों के लिए 4 करोड़ घर बनवाए

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नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से चुनाव प्रचार की शुरूआत की। पीएम ने अशोक विहार में जनता को संबोधित करते हुए AAP सरकार पर निशाना साधा।

मोदी ने आप सरकार को आपदा सरकार बताया। उन्होंने कहा- सत्ता में खुद को कट्टर बेईमान बताने वाले लोग बैठे हैं। जो खुद शराब घोटाले के आरोपी हैं। ये चोरी भी करते हैं और सीनाजोरी भी।

दिल्ली वालों को इस आपदा सरकार को सत्ता से हटाना है। आज हर गली कहती है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे। पीएम ने इस चुनाव के लिए नारा दिया कि आपदा को हटाना है, भाजपा को लाना है।

पीएम मोदी ने आज दिल्ली में 4500 करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं का इनॉगरेशन और शिलान्यास किया। उन्होंने दिल्ली के अशोक विहार में बने 1,675 फ्लैट्स का भी उद्घाटन किया।

गरीबों के लिए नए घर का इनॉगरेशन करते हुए पीएम मोदी ने कहा- मैं भी शीशमहल बना सकता था। लेकिन मैंने कभी अपना घर नहीं बनाया, 10 सालों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्का घर दिया है।

पीएम मोदी के स्पीच की 9 बड़ी बातें,

1. आम आदमी पार्टी पर

बीते 10 साल में दिल्ली एक बड़ी आपदा से घिरी है। अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। शराब ठेकों में घोटाला, बच्चों के स्कूल में घोटाला, गरीबों के इलाज में घोटाला, प्रदूषण से लड़ने के नाम पर घोटाला। दिल्ली वालों ने आपदा के विरुद्ध जंग छेड़ दी है। वोटर आपदा से दिल्ली को मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, हर बच्चा कह रहा है, हर गली से आवाज आ रही है- आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।”

2. आपदा वाले आयुष्मान योजना लागू नहीं होने देते

पीएम ने कहा- दिल्ली में 500 जन औषधि केंद्र बनाए गए हैं। 80 फीसदी दवाओं पर डिस्काउंट मिलता है। 100 रुपए की दवा 15 रुपए में मिलती है। मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना का लाभ देना चाहता हूं, लेकिन आपदा सरकार को दिल्ली वालों से दुश्मनी है। आपदा वाले योजना लागू नहीं होने दे रहे हैं। नुकसान दिल्लीवालों को उठाना पड़ रहा है।

3. यमुना जी के हाल की जिम्मेदार आपदा सरकार

प्रधानमंत्री ने कहा, “दिल्ली राजधानी है, बड़े खर्चों वाले बहुत से काम यहां होते हैं वो केंद्र सरकार के जिम्मे है। सड़कें, मेट्रो, अस्पताल, कॉलेज कैंपस सब केंद्र ही बना रही है। लेकिन यहां की आपदा सरकार के पास ब्रेक लगी हुई है। मैंने लोगों से पूछा छठ पूजा कैसी रही? बोले कि साहब यमुनाजी की ऐसी हालत है कि हमने जैसे तैसे पूजा कर ली मोहल्ले में मां यमुना से क्षमा मांग ली। बेशर्मी देखिए, इन लोगों को लाज शर्म नहीं आती है।

4. केजरीवाल के घर पर

पीएम ने कहा, “बच्चों से मिला, लाभार्थियों से मिला। उनके सपने स्वाभिमान अपार्टमेंट से भी ऊंचे थे। ये सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर ,नहीं बनाया। लेकिन बीते वर्षों में 4 करोड़ से ज्यादा गरीबों के घरों का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीश महल बना सकता था। मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, मेरा यह सपना था। आप जब भी लोगों के बीच जाएं, उनसे मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी में रहते हैं, मेरी तरफ से उन्हें वादा करके आना। मेरे लिए आप ही मोदी हैं। आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा मिलेगा।”

5. झुग्गी की जगह फ्लैट पर

PM बोले, “आज जिन परियोजना का लोकार्पण हुआ, उनके गरीबों के लिए घर, स्कूल-कॉलेज के प्रोजेक्ट हैं। उन साथियों को, उन माताओं-बहनों को बधाई देता हूं, जिनकी अब नई जिंदगी एक तरह से शुरू हो रही है। झुग्गी की जगह पक्का घर, किराए के घर की जगह अपना घर मिल रहा है। ये नई शुरुआत ही तो है।

6. इमरजेंसी में अशोक विहार मेरा ठिकाना था

प्रधानमंत्री ने कहा, “पुरानी यादें यहां पर ताजा हो रही हैं। जब आपातकाल का समय था, इंदिरागांधी की तानाशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय मेरे जैसे बहुत साथी अंडरग्राउंड मोमेंट का हिस्सा थे। उस वक्त अशोक विहार मेरे रहने का स्थान हुआ करता था। साथियों आज पूरा देश विकसित भारत के निर्माण में जुटा है।”

7. स्वाभिमान अपार्टमेंट पर

पीएम बोले, “इस भारत में देश के हर नागरिक के पास पक्की छत हो, अच्छे घर हों, ये संकल्प लेकर हम काम कर रहे हैं। इस संकल्प की सिद्धि में दिल्ली का बड़ा रोल है। भाजपा की केंद्र सरकार ने झुग्गियों की जगह पक्का घर बनाने का अभियान शुरू किया है। 2 साल पहले भी मुझे कालका जी एक्सटेंशन में झुग्गियों में रहने वाले लोगों के लिए 3 हजार से ज्यादा घरों के शुभारंभ का अवसर मिला था। वो परिवार, जिनकी पीढ़ियां सिर्फ झुग्गियों में ही रहीं। जिनके सामने उम्मीद नहीं थीं, वे पहली बार पक्के घरों में पहुंच रहे हैं। तब मैंने कहा था, ये अभी शुरुआत है। आज यहां और डेढ़ हजार घरों की चाभी लोगों की दी गई है। ये स्वाभिमान अपार्टमेंट गरीबों के स्वाभिमान को उनकी गरिमा को बढ़ाने वाले हैं।

8. नए साल पर

प्रधानमंत्री ने कहा, “साल 2025 भारत के विकास के लिए अनेक नई संभावना लेकर आ रहा है। दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने की तरफ हमारी आशा इस वर्ष और तेज होने वाली है। आज भारत दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक बना है। साल 2025 में भारत की यह भूमिका और सशक्त होगी। यह वर्ष विश्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को और सशक्त करने का वर्ष होगा। ये वर्ष भारत को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का वर्ष होगा।

9. नई शिक्षा नीति में गरीब बच्चों का लाभ

मोदी ने कहा, “हमें सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं है। बल्कि वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के लिए नई पीढ़ी को तैयार भी करना है। नई नेशनल एजुकेशनल पॉलिसी में इसका ध्यान रखा गया है। गरीब का बच्चा हो, मध्यम परिवार की संतान हो, उनको नए अवसर देने वाली नीति पर हम चल रहे हैं। गरीब परिवारों के बच्चों के सपने डॉक्टर और वकील बनाने का होता है। अंग्रेजी स्कूल में पढ़ा पाना इन परिवारों के लिए आसान नहीं। मध्यम-गरीब वर्ग परिवार के बच्चे अंग्रेजी के अभाव में डॉक्टर-इंजीनियर न बन पाएं। आपके सेवक ने काम किया है, ये बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़कर डॉक्टर और इंजीनियर भी बन सकता है। बड़ी से बड़ी अदालत में मुकदमा लड़ सकता है।”

सावरकर विवाद पर कांग्रेस स्टूडेंट विंग ने PM मोदी को लेटर लिखा

कांग्रेस ने कॉलेज का नाम सावरकर होने पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस की स्टूडेंट विंग ने कहा- ये बहुत अच्छी बात है कि 2025 में एक नया कॉलेज कैंपस बनने जा रहा है। लेकिन मेरी प्रधानमंत्री जी से अपील है कि इस कॉलेज का नाम सावरकर की जगह डॉ. मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखना चाहिए।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति योगेश सिंह ने कहा, ‘यह प्रोजेक्ट 2021 में शुरू हुआ था। किसी को भी समय के बारे में सवाल नहीं उठाना चाहिए। सावरकर देश के युवाओं, लोगों और संस्कृति के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।’

दिल्ली यूनिवर्सिटी में वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज बनने जा रहा है। कांग्रेस ने कॉलेज का नाम सावरकर होने पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने डीयू के फैसले की आलोचना की और इसे भाजपा द्वारा ब्रिटिश राज का समर्थन करने वाले नेताओं को बढ़ावा देने का प्रयास बताया।

सावरकर का दिल्ली और आसपास के इलाकों से कोई लेना-देना नहीं था। भाजपा दिल्ली चुनाव के मद्देनजर ध्रुवीकरण के बारे में सोच रही है। उन्हें कॉलेज का नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखना चाहिए था।

प्रमोद तिवारी, कांग्रेस सांसद

राहुल गांधी अक्सर सावरकर जी के बारे में जहर उगलते रहते हैं। जो खुद धोखाधड़ी और गबन के आरोपों के साथ नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर हैं, वे कुछ न कहें।

सीआर केसवन, भाजपा नेता

PM ने 4 प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन और शिलान्यास किया…

1. दिल्ली यूनिवर्सिटी में 3 परियोजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री दिल्ली यूनिवर्सिटी में 600 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 3 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

  • सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक बनाया जाएगा।
  • द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
  • नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन बनाया जाएगा।

2. स्वाभिमान फ्लैट प्रोजेक्ट, PM मोदी ने लाभार्थियों को चाबी दी

दिल्ली के अशोक विहार में पीएम मोदी ने स्वाभिमान फ्लैट प्रोजेक्ट के तहत 1,675 फ्लैट्स की चाबियां झुग्गी-झोपड़ी (जेजे क्लस्टर) में रहने वाले लाभार्थियों को सौंपी। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक फ्लैट पर करीब 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं। लाभार्थियों को केवल 1.42 लाख रुपये देने हैं और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

3. पीएम मोदी द्वारका में CBSE ऑफिस का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई की बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें ऑफिस, ऑडिटोरियम, डेटा सेंटर, वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। इस बिल्डिंग को पर्यावरण के अनुकूल और भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) की प्लेटिनम रेटिंग के तहत बनाया गया है।

4. 2 शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने 2 शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (GPRA) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन किया। GPRA टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2500 से ज्यादा आवासीय इकाइयां हैं।

दिल्ली में चुनाव की तारीखों का जल्द ऐलान होगा

दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग जनवरी के दूसरे हफ्ते में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2020 में हुआ था, जिसमें आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था और 70 में से 62 सीटें जीती थीं।

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माल्या बोले- ब्रिटेन छोड़ने पर रोक, भारत कैसे लौटूं:सोचता हूं कॉकरोच बन जाऊं, 10 साल से लंदन में, बैंकों के करीब रू.9,000 करोड़ के कर्जदार

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लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।

माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।

विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।

बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।

माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए

माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।

विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”

माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।

उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”

माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।

उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”

मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित

माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।

इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।

इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत

इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।

कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।

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भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची, बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।

खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।

नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…

नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।

नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।

हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।

हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।

चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम

रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।

प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।

बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।

नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…

नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।

FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।

FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।

रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे

भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।

विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।

भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।

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मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर गडकरी बोले- शर्म आती है:उद्धाटन में नहीं जाऊंगा, 2016 में कम्पलीट होना था, अब तक 94% काम हुआ

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पणजी, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।’

गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, ‘हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।’

गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया।

मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे

मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।

हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था

मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई।

2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई।

यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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