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PM बोले- दिल्ली में आपदा सरकार, ये कट्टर बेईमान लोग:मैं भी शीश महल बनवा सकता था, लेकिन गरीबों के लिए 4 करोड़ घर बनवाए

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नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से चुनाव प्रचार की शुरूआत की। पीएम ने अशोक विहार में जनता को संबोधित करते हुए AAP सरकार पर निशाना साधा।

मोदी ने आप सरकार को आपदा सरकार बताया। उन्होंने कहा- सत्ता में खुद को कट्टर बेईमान बताने वाले लोग बैठे हैं। जो खुद शराब घोटाले के आरोपी हैं। ये चोरी भी करते हैं और सीनाजोरी भी।

दिल्ली वालों को इस आपदा सरकार को सत्ता से हटाना है। आज हर गली कहती है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे। पीएम ने इस चुनाव के लिए नारा दिया कि आपदा को हटाना है, भाजपा को लाना है।

पीएम मोदी ने आज दिल्ली में 4500 करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं का इनॉगरेशन और शिलान्यास किया। उन्होंने दिल्ली के अशोक विहार में बने 1,675 फ्लैट्स का भी उद्घाटन किया।

गरीबों के लिए नए घर का इनॉगरेशन करते हुए पीएम मोदी ने कहा- मैं भी शीशमहल बना सकता था। लेकिन मैंने कभी अपना घर नहीं बनाया, 10 सालों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्का घर दिया है।

पीएम मोदी के स्पीच की 9 बड़ी बातें,

1. आम आदमी पार्टी पर

बीते 10 साल में दिल्ली एक बड़ी आपदा से घिरी है। अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। शराब ठेकों में घोटाला, बच्चों के स्कूल में घोटाला, गरीबों के इलाज में घोटाला, प्रदूषण से लड़ने के नाम पर घोटाला। दिल्ली वालों ने आपदा के विरुद्ध जंग छेड़ दी है। वोटर आपदा से दिल्ली को मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, हर बच्चा कह रहा है, हर गली से आवाज आ रही है- आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।”

2. आपदा वाले आयुष्मान योजना लागू नहीं होने देते

पीएम ने कहा- दिल्ली में 500 जन औषधि केंद्र बनाए गए हैं। 80 फीसदी दवाओं पर डिस्काउंट मिलता है। 100 रुपए की दवा 15 रुपए में मिलती है। मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना का लाभ देना चाहता हूं, लेकिन आपदा सरकार को दिल्ली वालों से दुश्मनी है। आपदा वाले योजना लागू नहीं होने दे रहे हैं। नुकसान दिल्लीवालों को उठाना पड़ रहा है।

3. यमुना जी के हाल की जिम्मेदार आपदा सरकार

प्रधानमंत्री ने कहा, “दिल्ली राजधानी है, बड़े खर्चों वाले बहुत से काम यहां होते हैं वो केंद्र सरकार के जिम्मे है। सड़कें, मेट्रो, अस्पताल, कॉलेज कैंपस सब केंद्र ही बना रही है। लेकिन यहां की आपदा सरकार के पास ब्रेक लगी हुई है। मैंने लोगों से पूछा छठ पूजा कैसी रही? बोले कि साहब यमुनाजी की ऐसी हालत है कि हमने जैसे तैसे पूजा कर ली मोहल्ले में मां यमुना से क्षमा मांग ली। बेशर्मी देखिए, इन लोगों को लाज शर्म नहीं आती है।

4. केजरीवाल के घर पर

पीएम ने कहा, “बच्चों से मिला, लाभार्थियों से मिला। उनके सपने स्वाभिमान अपार्टमेंट से भी ऊंचे थे। ये सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर ,नहीं बनाया। लेकिन बीते वर्षों में 4 करोड़ से ज्यादा गरीबों के घरों का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीश महल बना सकता था। मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, मेरा यह सपना था। आप जब भी लोगों के बीच जाएं, उनसे मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी में रहते हैं, मेरी तरफ से उन्हें वादा करके आना। मेरे लिए आप ही मोदी हैं। आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा मिलेगा।”

5. झुग्गी की जगह फ्लैट पर

PM बोले, “आज जिन परियोजना का लोकार्पण हुआ, उनके गरीबों के लिए घर, स्कूल-कॉलेज के प्रोजेक्ट हैं। उन साथियों को, उन माताओं-बहनों को बधाई देता हूं, जिनकी अब नई जिंदगी एक तरह से शुरू हो रही है। झुग्गी की जगह पक्का घर, किराए के घर की जगह अपना घर मिल रहा है। ये नई शुरुआत ही तो है।

6. इमरजेंसी में अशोक विहार मेरा ठिकाना था

प्रधानमंत्री ने कहा, “पुरानी यादें यहां पर ताजा हो रही हैं। जब आपातकाल का समय था, इंदिरागांधी की तानाशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे, उस समय मेरे जैसे बहुत साथी अंडरग्राउंड मोमेंट का हिस्सा थे। उस वक्त अशोक विहार मेरे रहने का स्थान हुआ करता था। साथियों आज पूरा देश विकसित भारत के निर्माण में जुटा है।”

7. स्वाभिमान अपार्टमेंट पर

पीएम बोले, “इस भारत में देश के हर नागरिक के पास पक्की छत हो, अच्छे घर हों, ये संकल्प लेकर हम काम कर रहे हैं। इस संकल्प की सिद्धि में दिल्ली का बड़ा रोल है। भाजपा की केंद्र सरकार ने झुग्गियों की जगह पक्का घर बनाने का अभियान शुरू किया है। 2 साल पहले भी मुझे कालका जी एक्सटेंशन में झुग्गियों में रहने वाले लोगों के लिए 3 हजार से ज्यादा घरों के शुभारंभ का अवसर मिला था। वो परिवार, जिनकी पीढ़ियां सिर्फ झुग्गियों में ही रहीं। जिनके सामने उम्मीद नहीं थीं, वे पहली बार पक्के घरों में पहुंच रहे हैं। तब मैंने कहा था, ये अभी शुरुआत है। आज यहां और डेढ़ हजार घरों की चाभी लोगों की दी गई है। ये स्वाभिमान अपार्टमेंट गरीबों के स्वाभिमान को उनकी गरिमा को बढ़ाने वाले हैं।

8. नए साल पर

प्रधानमंत्री ने कहा, “साल 2025 भारत के विकास के लिए अनेक नई संभावना लेकर आ रहा है। दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने की तरफ हमारी आशा इस वर्ष और तेज होने वाली है। आज भारत दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक बना है। साल 2025 में भारत की यह भूमिका और सशक्त होगी। यह वर्ष विश्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को और सशक्त करने का वर्ष होगा। ये वर्ष भारत को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का वर्ष होगा।

9. नई शिक्षा नीति में गरीब बच्चों का लाभ

मोदी ने कहा, “हमें सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं है। बल्कि वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के लिए नई पीढ़ी को तैयार भी करना है। नई नेशनल एजुकेशनल पॉलिसी में इसका ध्यान रखा गया है। गरीब का बच्चा हो, मध्यम परिवार की संतान हो, उनको नए अवसर देने वाली नीति पर हम चल रहे हैं। गरीब परिवारों के बच्चों के सपने डॉक्टर और वकील बनाने का होता है। अंग्रेजी स्कूल में पढ़ा पाना इन परिवारों के लिए आसान नहीं। मध्यम-गरीब वर्ग परिवार के बच्चे अंग्रेजी के अभाव में डॉक्टर-इंजीनियर न बन पाएं। आपके सेवक ने काम किया है, ये बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़कर डॉक्टर और इंजीनियर भी बन सकता है। बड़ी से बड़ी अदालत में मुकदमा लड़ सकता है।”

सावरकर विवाद पर कांग्रेस स्टूडेंट विंग ने PM मोदी को लेटर लिखा

कांग्रेस ने कॉलेज का नाम सावरकर होने पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस की स्टूडेंट विंग ने कहा- ये बहुत अच्छी बात है कि 2025 में एक नया कॉलेज कैंपस बनने जा रहा है। लेकिन मेरी प्रधानमंत्री जी से अपील है कि इस कॉलेज का नाम सावरकर की जगह डॉ. मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखना चाहिए।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति योगेश सिंह ने कहा, ‘यह प्रोजेक्ट 2021 में शुरू हुआ था। किसी को भी समय के बारे में सवाल नहीं उठाना चाहिए। सावरकर देश के युवाओं, लोगों और संस्कृति के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।’

दिल्ली यूनिवर्सिटी में वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज बनने जा रहा है। कांग्रेस ने कॉलेज का नाम सावरकर होने पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने डीयू के फैसले की आलोचना की और इसे भाजपा द्वारा ब्रिटिश राज का समर्थन करने वाले नेताओं को बढ़ावा देने का प्रयास बताया।

सावरकर का दिल्ली और आसपास के इलाकों से कोई लेना-देना नहीं था। भाजपा दिल्ली चुनाव के मद्देनजर ध्रुवीकरण के बारे में सोच रही है। उन्हें कॉलेज का नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखना चाहिए था।

प्रमोद तिवारी, कांग्रेस सांसद

राहुल गांधी अक्सर सावरकर जी के बारे में जहर उगलते रहते हैं। जो खुद धोखाधड़ी और गबन के आरोपों के साथ नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर हैं, वे कुछ न कहें।

सीआर केसवन, भाजपा नेता

PM ने 4 प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन और शिलान्यास किया…

1. दिल्ली यूनिवर्सिटी में 3 परियोजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री दिल्ली यूनिवर्सिटी में 600 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 3 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

  • सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक बनाया जाएगा।
  • द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
  • नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन बनाया जाएगा।

2. स्वाभिमान फ्लैट प्रोजेक्ट, PM मोदी ने लाभार्थियों को चाबी दी

दिल्ली के अशोक विहार में पीएम मोदी ने स्वाभिमान फ्लैट प्रोजेक्ट के तहत 1,675 फ्लैट्स की चाबियां झुग्गी-झोपड़ी (जेजे क्लस्टर) में रहने वाले लाभार्थियों को सौंपी। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक फ्लैट पर करीब 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं। लाभार्थियों को केवल 1.42 लाख रुपये देने हैं और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

3. पीएम मोदी द्वारका में CBSE ऑफिस का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई की बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें ऑफिस, ऑडिटोरियम, डेटा सेंटर, वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। इस बिल्डिंग को पर्यावरण के अनुकूल और भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) की प्लेटिनम रेटिंग के तहत बनाया गया है।

4. 2 शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने 2 शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (GPRA) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन किया। GPRA टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2500 से ज्यादा आवासीय इकाइयां हैं।

दिल्ली में चुनाव की तारीखों का जल्द ऐलान होगा

दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग जनवरी के दूसरे हफ्ते में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2020 में हुआ था, जिसमें आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था और 70 में से 62 सीटें जीती थीं।

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पूर्व विधान परिषद सदस्य जयप्रकाश चतुर्वेदी का निधन, भाजपा नेताओं में शोक की लहर

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former legislative council member jaiprakash chaturvedi passes away wave of mou

लखनऊ, एजेंसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयप्रकाश चतुर्वेदी का देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिश्र ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पूर्व संगठन मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य आदरणीय जयप्रकाश चतुर्वेदी  के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।

चतुर्वेदी का संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और राष्ट्रसेवा का उनका संपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

आप को बता दें कि जयप्रकाश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र के ग्राम चांची, पोस्ट चाची कलां के निवासी थे। वे राजवंशी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन को क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक जीवन की बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीय: ओडेसा पोर्ट पर इंडियन क्रू वाले जहाज पर हमला, 2 हिंदुस्तानी नागरिक लापता

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odesa port strike hits vessel with four indians two safe and two untraced

कीव, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दो अन्य भारतीयों के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। जहाज पर कुल कितने चालक दल के सदस्य थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अधिकारियों ने अभी तक चारों भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। साथ ही जहाज पर उनकी जिम्मेदारियों और पदों के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जोखिम भरी बनी हुई है। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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IDFC बैंक घोटाला: मामले में गिरफ्तार पूर्व IAS पंकज अग्रवाल ने कहा- न रिश्वत मांगी, न ली, सिर्फ प्रशासनिक मंजूरी दी

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idfc bank scam former ias officer pankaj agarwal arrested in the case stated

चंडीगढ़, एजेंसी। रू. 657 करोड़ के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में दायर अपनी नियमित जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न कभी किसी से रिश्वत मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति देने तक सीमित थी।

पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज रू. 657 करोड़ के बैंक घोटाले के मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।

जमानत याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि उनका कथित बैंक धोखाधड़ी या किसी आपराधिक षड्यंत्र से कोई संबंध था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने संबंधी प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर स्वीकृत किया गया था और संबंधित खाता खोलने के प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।

सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया था कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में सहायता की तथा उन्हें लगभग रू. 60.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी।
हालांकि, अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक खाते खोलने के समय उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या बाद में खातों से कथित धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर तय की गई रू. 50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी, जिससे यह आरोप भी कमजोर पड़ जाता है कि प्रशासनिक निर्णय स्वयं अवैध था।

जमानत अर्जी में यह भी तर्क दिया गया है कि सीबीआई ने एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक षड्यंत्र का रूप देने का प्रयास किया है। याचिका में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं ठहराया जा सकता कि उसके प्रशासनिक निर्णय का बाद में किसी तीसरे पक्ष ने कथित रूप से अनुचित लाभ उठा लिया।

अब इस मामले में सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी।

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