अहमदाबाद,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद में कहा, ‘आज हम आतंकवादी और उनके आकाओं को छोड़ते नहीं है। चाहे वे कहीं भी छिपे हों।
खोडलधाम ग्राउंड में जनसभा में उन्होंने कहा, ‘हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान में तय किए लक्ष्य पर आतंकवादियों की नाभि में वार किया।’
पीएम ने कहा, ‘दुनिया ने देखा है कि हमने पहलगाम का बदला कैसे लिया। 22 मिनट में सब कुछ साफ कर दिया। गुजरात सुदर्शनधारी और चरखाधारी दो मोहन की धरती है। सुदर्शनधारी ने भारत को सेना के पराक्रम–इच्छाशक्ति का प्रतीक बनाया। चरखाधारी ने आत्मनिर्भर बनाया है।
पीएम 2 दिन के गुजरात दौरे पर
पीएम 25 और 26 अगस्त को गुजरात दौरे पर हैं। वे शाम 5 बजे अहमदाबाद पहुंचे और नरोडा से निकोल तक करीब 3 किमी लंबा रोड शो किया। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों को अभिवादन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्यपाल देवव्रत आचार्य समेत कई नेता मौजूद रहे। उन्होंने ₹5477 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत की। साबरमती से कटोसन रोड ट्रेन और कार लोडेड ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
पीएम के अहमदाबाद दौरे की तस्वीरें…
पीएम मोदी अहमदाबाद के नरोडा से निकोल तक 3km लंबा रोड शो कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने पहुंचे हैं।
अहमदाबाद में PM मोदी के स्वागत की थीम ‘गणपति’ और ‘स्वच्छता’ रखी गई है। 12 मंच भी तैयार किए गए हैं।
पीएम बोले- आत्मनिर्भर भारत को गुजरात से बहुत बड़ी गति मिली
पीएम मोदी ने संबोधन में कहा- हमारे गुजरात में बहुत से पशुपालक हैं। हमारे डेयरी सेक्टर को देखिए। जब मैं फिजी के प्रधानमंत्री से मिला, तो उन्होंने हमारे डेयरी सेक्टर को बड़े आदरपूर्वक कहा कि मेरे देश में भी ऐसा होना चाहिए। गुजरात के पशुपालकों में बहनों का बहुत बड़ा योगदान है। अहमदाबाद की धरती से, मैं अपने छोटे दुकानदारों, किसानों और पशुपालकों से कह रहा हूं कि मोदी के लिए आपका हित सर्वोपरि है। मोदी सरकार कभी किसी का अहित नहीं होने देगी। आत्मनिर्भर भारत को गुजरात से बहुत बड़ी गति मिली है। आत्मनिर्भर भारत को गुजरात से ऊर्जा मिल रही है, इसके पीछे दो दशकों की कड़ी मेहनत है।
PM बोले- कांग्रेस ने भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा
पीएम मोदी ने कहा- साबरमती आश्रम गवाह है कि उनके नाम पर सत्ता का सुख भोगने वाली पार्टी ने बापू की आत्मा को कुचला है। पिछले अनेक वर्षों से वो दिन-रात गांधी के नाम पर अपनी दुकान चलाते रहे। उनके मुंह से एक बार भी स्वच्छता या स्वदेशी शब्द नहीं निकला।
ये देश समझ नहीं सकता कि उनकी समझ को क्या हो गया है। 60-65 साल देश पर राज करने वाली कांग्रेस ने भारत को दूसरे देशों पर निर्भर इसलिए रखा। क्योंकि वो सरकार में बैठकर आयात में भी खेल खेलती थी। लेकिन आज भारत ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बनाया है। हमारे किसानों, मछुआरों, पशुपालकों, उद्यमियों के बल पर भारत तेज विकास के पथ पर चल रहा है। आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
पीएम बोले- बारिश से प्रभावित परिवारों को मेरी संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, इस मानसून के मौसम में गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। जिस तरह से देश में एक के बाद एक बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, उससे मची तबाही देखकर खुद को संभालना मुश्किल हो जाता है। मैं सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ।
मोदी ने कहा- गुजरात दो मोहनों की धरती है
पीएम मोदी ने कहा- भारत के निर्णयों को देश नहीं, बल्कि दुनिया अनुभव कर रही है। गुजरात की ये धरती दो मोहनों की धरती है। एक हैं सुदर्शन चक्रधारी मोहन, यानी हमारे द्वारकाधीश श्री कृष्ण। दूसरे हैं चरखाधारी मोहन, यानी साबरमती के संत पूज्य बापू। सुदर्शन चक्र पाताल लोक में दुश्मनों को खोजकर उन्हें दंड देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यही वो भावना है जो भारत के निर्णयों में देश नहीं, बल्कि दुनिया अनुभव कर रही है।
पीएम मोदी बोले- आज गुजरात में कई परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ
पीएम मोदी ने खोडलधाम ग्राउंड में जनसभा के दौरान कहा- कई बार सोचता हूं कि कैसा नसीब है कि मुझे लाखों लोगों का प्रेम और आशीर्वाद मिलता है। मैं आप सभी का जितना आभार मानूं,उतना कम है। इस समय गणेश उत्सव का माहौल है। आज गुजरात के विकास से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का भी श्रीगणेश हुआ है। ये मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे विकास के अनेक प्रोजेक्ट्स आप सभी के चरणों में आपको सौंपने का सौभाग्य मिला है। मैं इन विवास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं।
CM पटेल बोले- मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक नेता बनेगा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, इस देश को पीएम मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है कि उनके मार्गदर्शन में भारत वैश्विक नेता बनेगा। शहरी विकास के लिए उनका दृष्टिकोण वास्तव में दूरदर्शी रहा है, और उनकी पहल से पूरे राज्य में समग्र विकास हुआ है।
नई दिल्ली, एजेंसी। परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे 25 जुलाई (शनिवार) को ज़िला स्तर पर कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करें। यह आयोजन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के समर्थन में और विरोध कर रहे छात्रों पर कथित “बर्बर हमलों” की निंदा करने के लिए किया जाएगा। सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों को लिखे एक पत्र में, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशन में आयोजित किए जाने चाहिए।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, “माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार, आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक ज़िला कांग्रेस कमेटी (DCC) को शनिवार शाम, 25 जुलाई, 2026 को एक विशाल कैंडललाइट मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्देश दें।” पत्र में कहा गया है कि मार्च महात्मा गांधी या डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की ओर बढ़ना चाहिए और वहीं समाप्त होना चाहिए, साथ ही छात्रों और युवाओं के समर्थन में सत्याग्रह आयोजित किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने का भी निर्देश दिया। पार्टी ने परीक्षा की शुचिता के “पूरी तरह से ध्वस्त होने” और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया, “हमें परीक्षा की शुचिता के पूरी तरह से ध्वस्त होने और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की भी स्पष्ट रूप से मांग करनी चाहिए।”
पार्टी ने PCC, DCC, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के सदस्यों की भागीदारी का आह्वान किया। PCC अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि मार्च और सत्याग्रह “शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावी ढंग से” आयोजित किए जाएं और उन्हें व्यापक मीडिया और सोशल मीडिया कवरेज मिले।
पत्र में कहा गया, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और डराने-धमकाने, दमन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस की यह घोषणा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई।
CJP बातचीत के लिए तब सहमत हुई जब सरकार ने कथित तौर पर उसकी दो शर्तें मान लीं — कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और हाल ही में परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, CJP प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर अड़ी रही। CJP प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने कहा, “हमें (केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा।” यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रणालीगत सुधारों के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे मसौदा विधेयक पर विचार करेगा जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर, एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को उदयपुर-किलाड़ सड़क पर कडू नाला के पास लैंडस्लाइड हो गई। इसकी चपेट में टाटा सूमो टैक्सी आ गई। गाड़ी में 15 लोग सवार थे, 13 की मौत हो गई।
उधर गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वलसाड के उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं।
नवसारी में बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। अहमदाबाद, सूरत में पानी भर गया। वाव-थराद जिले में बाजार डूब गए।
यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में पानी सड़क पर भर गया। ग्रामीण नाव से आ-जा रहे हैं।
वहीं, राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।