Connect with us

खेल

ड्रीम-11 ने टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप छोड़ी:₹358 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा, BCCI बोला- अब किसी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के साथ नहीं जुड़ेंगे

Published

on

मुंबई,एजेंसी। एशिया कप 2025 से पहले ड्रीम-11 ने भारतीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर से हटने का फैसला किया है। BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने सोमवार (25 अगस्त) को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा- ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने वाला बिल पास हो गया है। लिहाजा BCCI और ड्रीम-11 अब साथ नहीं रहेंगे। BCCI भविष्य में ऐसी किसी भी (ऑनलाइन गेमिंग) कंपनी के साथ नहीं जुड़ेगा।

बिल में ड्रीम-11 जैसे रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को बैन किया गया है। ड्रीम-11 ने 2023 में BCCI के साथ 358 करोड़ रुपए में तीन साल का स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था।

2026 में खत्म होना था कॉन्ट्रैक्ट, तीन बड़ी बातें

  • ड्रीम 11 इस डील के तहत BCCI को हर घरेलू मैच के लिए 3 करोड़ रुपए देता था।
  • विदेशों में खेले गए हर मैच के लिए BCCI को 1 करोड़ रुपए मिलते थे।
  • कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद BCCI अब नए स्पॉन्सर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।

स्पेशल क्लॉज के कारण डील तोड़ने पर भी जुर्माना नहीं लगेगा

ड्रीम 11 को BCCI के साथ अपने स्पॉन्सरशिप करार को समय से पहले खत्म करने के लिए जुर्माना नहीं देना होगा। इसका कारण यह है कि करार में एक स्पेशल क्लॉज शामिल है।

ये कहता है कि यदि सरकार का कोई कानून स्पॉन्सर के मुख्य बिजनेस को प्रभावित करता है, तो उन्हें कोई जुर्माना नहीं देना पड़ेगा।

सरकार के नए कानून ने रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो ड्रीम11 के कोर बिजनेस को प्रभावित करता है। इस वजह से ड्रीम 11 स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर सकता है।

टाटा-रिलायंस जैसी कंपनी बन सकती है नई स्पॉन्सर

टाटा ग्रुप, रिलायंस और अडाणी ग्रुप जैसी पुरानी कंपनियां मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही हैं। टाटा पहले से ही IPL का ऑफिशियल स्पॉन्सर है। रिलायंस जियो स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप और प्रसारण अधिकारों में शामिल है। अडाणी ग्रुप ने भी स्पोर्ट वेंचर्स में निवेश किया है।

ड्रीम 11 की 67% कमाई रियल मनी सेगमेंट से होती थी

ड्रीम 11 का रियल मनी गेमिंग सेगमेंट कंपनी की कुल कमाई का 67% हिस्सा है। यानी, कंपनी की ज्यादातर कमाई फैंटेसी क्रिकेट जैसे गेम्स से आती थी।

यहां यूजर्स पैसे लगाकर अपनी टीमें बनाते थे और जीतने पर कैश प्राइज पाते थे। नए बिल के तहत ये गेम्स अब गैरकानूनी हो गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के CEO हर्ष जैन ने कर्मचारियों को बताया कि नए कानून के तहत रियल मनी गेमिंग को जारी रखने का कोई कानूनी रास्ता नहीं है।

इस वजह से ड्रीम 11 ने अपने इस कोर बिजनेस को बंद करने का फैसला किया। कंपनी अब अपने नॉन-रियल मनी गेमिंग वेंचर्स पर फोकस करेगी।

ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली

22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी। अब ये कानून बन गया है। 21 अगस्त 2025 को राज्यसभा ने और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था।

ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम

इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

  • रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।
  • सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
  • रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।
  • ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा।
  • मनी बेस्ड गेमिंग से आर्थिक नुकसान हो रहा
  • सरकार का कहना है कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।
  • इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है।
  • मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है।
  • अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है।
  • ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से थी
  • भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं।
  • इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करीब 20 हजार रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है।
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं  यूथ नेशनल प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस टीम घोषित

Published

on

रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में उत्तराखंड  टेबल टेनिस संघ द्वारा देहरादून (उत्तराखंड) में दिनांक 15 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “UTT 87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस  प्रतियोगिता 2025” आयोजित की जा रही है जिसमें दिनांक 15/04/2026 से 18/04/2026 तक जुनियर बालिका (एकल/युगल) एवं यूथ बालिका (टीम/एकल/युगल) वर्ग तथा दिनांक 20/04/2026 से 23/04/2026 तक जुनियर बालक (एकल/युगल) एवं यूथ बालक (टीम/एकल/युगल) वर्ग की प्रतियोगिता होगी । 

               उक्त प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के जुनियर एवं यूथ (बालक एवं बालिका) टीम की घोषणा की गयी। इस अवसर पर विशेष अतिथि महामाया स्टील इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अग्रवाल, पदाधिकारी विनय बैसवाड़े, प्रदीप जोशी, प्रवीण निरापुरे सहित सभी पदाधिकारियो ने टीम को शुभकामनाए दी एवं अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जतायी। 

               प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टीम के स्पोर्ट्स किट के प्रायोजक स्टेग ग्लोबल (STAG  GLOBAL) है। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य कि जुनियर एवं यूथ बालिका टीम आज दिनाक 13 अप्रैल 2026 को रवाना हुयी है तथा जुनियर एवं यूथ बालक टीम दिनाक 17 अप्रैल  2026 को रवाना होगी। 

              टीम के कोच पी.एस. हरीश (दुर्ग) हैं एवं मेनेजर श्रीमती गीतांजली पाठक (दुर्ग) है। छत्तीसगढ़ से प्रतियोगिता में अंपायरिंग के लिए  तर्राष्ट्रीय अंपायर अजीत बेनर्जी (रायपुर) को चुना गया है । 

टीम इस प्रकार है:-

यूथ बालक (UNDER-19) :-  अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), एंड्र्यू टी विलियम्स (रायपुर), यशवंत डेकाटे (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर)।     

यूथ बालिका (UNDER-19) :-  समाया पांडे (रायपुर), प्रज्ञा पाठक (दुर्ग), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर)  ।  

जुनियर बालक (UNDER-17) :- अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), आर्यन कुमार सिंह (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर), रेयांश पाहवा (बिलासपुर)।   

जुनियर बालिका (UNDER-17):- समाया पांडे (रायपुर), वेदी कछवाहा (रायपुर), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर) ।      

उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।

Continue Reading

कोरबा

बचपन की टिकट:अशोक वाटिका में 10,000 से अधिक महिलाएं बचपन की यादों में खोईं

Published

on

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर
सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल

कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।

बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं।
बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई।
उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।

छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं

सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

कई हस्तियां पहुंची थीं

कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।

पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम

बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।

महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत

कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।

अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय

कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।

बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था।
घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता

मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे

इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।

Continue Reading

खेल

सचिन तेंदुलकर परिवार का सीक्रेट बिलासपुर दौरा:अचानकमार के आदिवासी गांव पहुंचे, पत्नी अंजलि, बेटी सारा और बहू सानिया ने बच्चों संग बिताया समय

Published

on

बिलासपुर/मुंगेली,एजेंसी। भारत रत्न और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का परिवार मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे बिलासपुर पहुंचा। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे परिवार ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। सचिन की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा और बहू सानिया चंडोक तेंदुलकर ग्रामीणों से मिलीं।

दोपहर में उनका काफिला लोरमी स्थित अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुंचा। यहां तीनों ने पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से बातचीत की और उनके जीवन को करीब से समझने का प्रयास किया।

गांव में नवजात शिशु को गोद में लेकर स्नेह जताना, बच्चों के साथ सहज बातचीत करना और स्थानीय माहौल में घुलना-मिलना इस दौरे की खास झलक रही। परिवार ने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

बच्चों के साथ समय, ग्रामीण जीवन को समझने की कोशिश

परिवार ने बच्चों को खिलौने दिए और उनके साथ समय बिताया। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जीवनशैली, जरूरतों और समस्याओं को समझने पर खास फोकस रहा। इससे यह दौरा सिर्फ औपचारिक न रहकर जमीनी जुड़ाव का प्रयास नजर आया।

जन स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, डॉक्टरों से चर्चा

बुधवार सुबह नाश्ते के बाद तीनों गनियारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर पहुंचीं। यहां स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया और फुलवारी केंद्र का निरीक्षण किया गया। डॉक्टरों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि, गनियारी जन स्वास्थ्य समिति वनांचल के विभिन्न गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रम संचालित करती है। तेंदुलकर परिवार ने समिति की तरफ से संचालित फुलवारी केंद्र का अवलोकन किया।

उन्होंने ग्राम बम्हनी में जनस्वास्थ्य उपकेंद्र और बालवाड़ी में वनक्षेत्र के गरीब बच्चों के रहन-सहन और उपस्वास्थ्य केंद्र के संचालन को करीब से देखा। फुलवारी केंद्र में बैगा बच्चों के पोषण और शिक्षा की स्थिति के बारे में जानकारी ली। समिति की चिकित्सकीय टीम ने उन्हें स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में बताया।

ग्रामीणों की जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी जुटाई

इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। तेंदुलकर परिवार ने वनांचल में ग्रामीणों की जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी जुटाई। इस दौरान सारा तेंदुलकर ने एक आदिवासी बच्चे को गोद में लेकर प्यार और दुलार करती हुई भी नज़र आई।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677