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छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय मंच पर जांजगीर-चांपा की मौजूदगी, बंगलौर में आयोजित ‘ऐक्यम् 2026’ में शामिल हुए अमर सुल्तानिया

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इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से आए पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों और युवा प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई
जांजगीर-चांपा। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की पंचदशम राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तृतीय बैठक एवं 45वीं राष्ट्रीय सभा सह लघु अधिवेशन ‘ऐक्यम् 2026’ का आयोजन 10 व 11 जनवरी को बेंगलोर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से आए पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों और युवा प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। जांजगीर-चांपा जिले प्रसिद्ध उद्योगपति एवं मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया की सक्रिय उपस्थिति ने जिले को राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान दिलाई।

तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान संगठनात्मक मजबूती, सदस्यता विस्तार, शाखा विकास, आगामी राष्ट्रीय आयोजनों, वित्तीय विषयों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। एजेंडा के अनुसार वर्ष 2024-25 के आय-व्यय विवरण, 2025-26 के लिए ऑडिटर नियुक्ति, युवा भवन चौरिटेबल ट्रस्ट, नेशनल मारवाड़ी फाउंडेशन की प्रगति रिपोर्ट सहित भविष्य की नीतियों पर मंथन हुआ।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया ने अपने वक्तव्य में कहा, ऐक्यम् 2026 केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विचार, अनुभव और ऊर्जा का ऐसा संगम है, जो मारवाड़ी युवा मंच को आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त, पारदर्शी व समाजोपयोगी बनाएगा। वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं के उत्साह से ‘बेहतर कल’ की स्पष्ट रूपरेखा तैयार हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य सेवा, संस्कार और संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव पहुंचाना है। राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए निर्णयों का प्रभाव आने वाले समय में स्थानीय शाखाओं के कार्यों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

अधिवेशन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया ने नेतृत्व विकास, संगठन सुदृढ़ीकरण एवं भावी कार्ययोजनाओं पर व्यापक जानकारी प्रदान की साथ ही उनके द्वारा संगठनात्मक रूप से पूर्व में किए गए छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश एवं उड़ीसा के आयोजनों की जानकारी मंच से प्रदान की गई वही आगामी कार्य योजना को भी राष्ट्रीय पटल पर रखा। इस दौरान ओड़िशा के भटली में आयोजित संगठनात्मक़ कार्यशाला PST के आयोजन और छत्तीसगढ़ के आतिथ्य में आयोजित संयुक्त दीप मिलन एवं पिकनिक जिसमें 1000 से ज्यादा सदस्यों और उनके परिजनों के सहभागिता की विशेष सराहना की गईं। वहीं छत्तीसगढ़ प्रांतीय अध्यक्ष प्रशांत गाँधी के उत्कृष्ट संगठनात्मक गतिविधियों और सेवा कार्यों की भी सराहना की गईं।

अधिवेशन के दौरान बेंगलोर स्टार, बेंगलोर सेंट्रल एवं बेंगलोर जागृति शाखा द्वारा किए गए उत्कृष्ट आतिथ्य और सुव्यवस्थित आयोजन की सभी प्रतिनिधियों ने मुक्तकंठ से सराहना की। समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन के साथ राष्ट्रगान हुआ और भविष्य की कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया के साथ प्रांतीय अध्यक्ष प्रशांत गांधी, कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष रीना केडिया, महामंत्री सलभ केडिया, प्रदेश कार्यकारी उपाध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, प्रदेश संयोजिका रेणु अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, वैभव केडिया, संदीप अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, शुभम अग्रवाल मौजूद रहे।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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