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राष्ट्रपति मुर्मू का मिशन यूरोप: 3 देशों के दौरे पर रवाना, 30 साल बाद रोमानिया से सुधरेंगे रिश्ते

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नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने तथा लोगों के बीच आपसी संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की यात्रा पर रवाना हो गईं। मुर्मू की यात्रा का पहला चरण सोमवार से मोल्दोवा में शुरू होगा। 

यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मुर्मू मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। इसके अलावा वह मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति का मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों के साथ संवाद, भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करने और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात का भी कार्यक्रम है। 

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, भारत और मोल्दोवा के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। राष्ट्रपति की यह यात्रा महत्वपूर्ण साबित होगी तथा द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाएगी। बयान में कहा गया कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा, औषधि उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। 

राष्ट्रपति मुर्मू 21 से 22 जुलाई तक उत्तर मैसेडोनिया की भी यात्रा करेंगी। राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर होने वाली यह यात्रा भी किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली यात्रा होगी। उत्तर मैसेडोनिया में राष्ट्रपति मुर्मू अपनी समकक्ष राष्ट्रपति सिलजानोवस्का-दवाकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजन मिकोस्की, संसद के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी तथा उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित भी करेंगी।

राष्ट्रपति भारत-उत्तर मैसेडोनिया व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी। दोनों देश कृषि, औषधि उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-सक्षम सेवाओं (आईटीईएस) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने शुक्रवार को कहा, तीन देशों की यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को प्रदर्शित करती है और इस क्षेत्र के देशों के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के हमारे संकल्प को फिर से दोहराती है। 

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यह यूरोप के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव और यूरोपीय संघ के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी आगे बढ़ाती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के निमंत्रण पर मुर्मू 23 से 25 जुलाई तक इस देश की यात्रा करेंगी। तीन दशक से भी अधिक समय के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का इस दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश का पहला दौरा होगा। 

राष्ट्रपति मुर्मू भारत-रोमानिया ‘बिजनेस फोरम’ को भी संबोधित करेंगी और प्रवासी भारतीयों से बातचीत करेंगी। विदेश मंत्रालय ने कहा, रोमानिया यूरोपीय संघ में एक अहम साझेदार है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने से आगामी वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी। 

मंत्रालय के अनुसार, मुर्मू का इन तीन देशों का दौरा यह प्रदर्शित करता है कि भारत इन देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और इस क्षेत्र के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है। मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की थी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया था। 

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आईएलएंडएफएस समूह ने जून तक 50,387 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया

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नई दिल्ली, एजेंसी। कर्ज संकट से जूझ रहे आईएलएंडएफएस समूह ने जून, 2026 तक अपने लेनदारों को कुल 50,387 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष दाखिल नवीनतम स्थिति रिपोर्ट हलफनामे में यह जानकारी दी गई है। समूह की तरफ से किया गया यह भुगतान सितंबर, 2025 में दाखिल पिछली रिपोर्ट के मुकाबले करीब चार प्रतिशत अधिक है। उस समय तक 48,463 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। 

आईएलएंडएफएस ने बताया कि 50,387 करोड़ रुपए के भुगतान के साथ ही उसका कुल ऋण समाधान 61,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य का करीब 82.6 प्रतिशत हो चुका है। यह राशि समूह के कुल बाहरी कर्ज 99,377 करोड़ रुपए का लगभग 61.38 प्रतिशत है। ताजा हलफनामे के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों का बकाया चुकाने में समूह ने बेहतर प्रगति की है। इन संस्थानों के कुल 91,000 करोड़ रुपए के कर्ज में से लगभग 88.4 प्रतिशत यानी करीब 57,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 

आईएलएंडएफएस समूह में सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया प्रमुख हैं। समूह अपनी परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण, अंतरिम वितरण तथा अन्य उपायों के जरिये कर्ज घटा रहा है। जून, 2026 तक कुल 50,387 करोड़ रुपए में से 26,027 करोड़ रुपए परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण, समाप्ति या इनविट यूनिट के हस्तांतरण के जरिये जुटाए गए हैं। 

इसके अलावा, समूह की लाभकारी इकाइयों में मूलधन भुगतान, स्वत: डेबिट और अनुषंगी कंपनियों द्वारा ली गई गैर-निधि आधारित सुविधाओं की समाप्ति के जरिये भी कर्ज का निपटान किया जा रहा है। इन उपायों से 30 जून, 2026 तक लगभग 8,347 करोड़ रुपए के कर्ज का समाधान हुआ है। समूह ने अंतरिम वितरण के जरिये बाहरी लेनदारों को 16,013 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। 

एनसीएलएटी के 31 मई, 2022 के आदेश के तहत कुल 18,398 करोड़ रुपए वित्तीय लेनदारों को वितरित किए गए, जिसमें से 16,013 करोड़ रुपए बाहरी लेनदारों को दिए गए हैं। अक्टूबर, 2018 में संकट शुरू होने के समय आईएलएंडएफएस समूह में कुल 302 इकाइयां थीं, जिनमें 169 घरेलू और 133 विदेशी इकाइयां शामिल थीं।

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बंद होने वाले हैं 11 करोड़ टीवी, कई गुना बढ़ेगा केबल और DTH का चार्ज? सरकार ने बताई सच्चाई

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नई दिल्ली, एजेंसी। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के नए नियमों की वजह से देश में 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और केबल व डीटीएच सेवाएं 4 से 6 गुना महंगी हो जाएंगी। हालांकि, सरकार ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया है।

क्या किया जा रहा है दावा?

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के नए मसौदा नियमों के चलते टीवी ब्रॉडकास्टिंग और टेलीकॉम कंपनियों पर समान नियम लागू होंगे। इसके कारण लाइसेंस फीस बढ़ेगी, टीवी सेवाएं महंगी हो जाएंगी, केबल और डीटीएच बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे और लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।

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सरकार ने क्या कहा?

सरकार की फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। PIB के अनुसार, केंद्र सरकार ने ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है जिससे टीवी सब्सक्रिप्शन की कीमत 4 से 6 गुना बढ़ जाए या देश में टीवी सेवाएं बंद हो जाएं।

ड्राफ्ट नियमों में क्या है?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026’ का मसौदा (Draft Rules) जारी किया है। इस पर 27 जुलाई, 2026 तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं।

मंत्रालय के अनुसार, मसौदा नियमों का उद्देश्य टीवी और रेडियो प्रसारण से जुड़े अलग-अलग दिशानिर्देशों को एकीकृत करना और नियामकीय प्रक्रिया को सरल बनाना है। इनमें टीवी या डीटीएच सेवाओं की फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।

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लाल निशान पर शेयर बाजार बंद, सेंसेक्स 442 अंक लुढ़क कर 77,708 पर

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मुंबई, एजेंसी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से सोमवार (20 जुलाई) को सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक टूटकर 77,708.52 अंक पर और एनएसई निफ्टी 95.80 अंक फिसलकर 24,238.50 के स्तर पर बंद हुआ। 

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद करीब पांच प्रतिशत तक टूट गए। कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर बढ़त में रहे। 

बाजार में गिरावट की मुख्य कारण…

  • अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
  • बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली
  • India VIX में तेजी
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