कोरबा
प्रेसवार्ता: कांग्रेस की कल आर्थिक नाकेबंदी: मंत्री देवांगन ने कहा-पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका
भ्रष्टाचार बेटा करे और आर्थिक नाकेबंदी से पूरी जनता परेशान हो
आर्थिक नाकेबंदी से निपटने शासन-प्रशासन तैयार
कोरबा। कल प्रदेशभर में कांग्रेस आर्थिक नाकेबंदी करने जा रही है। कोरबा में भी कांग्रेस द्वारा कटघोरा चौक में आर्थिक नाकेबंदी करेगी। उधर भाजपा ईडी की कार्यवाही को सही ठहरा रही है और आज कोरबा में मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रेसवार्ता लेकर कहा कि ईडी स्वतंत्र एजेंसी है और वह अपना काम कर रही है, लेकिन भूपेश बघेल पुत्र मोह में पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने पुत्र मोह में पूरी कांग्रेस को झोंक दिया है। पत्रकार वार्ता लेकर देवांगन ने कहा कि भूपेश बघेल के पुत्र को पुष्ट प्रमाण मिलने के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया। उन्होंने भ्रष्टाचार कांग्रेस को पूछकर तो नहीं किया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से पूरी कांग्रेस को झोंक अवश्य रहे हैं। जनता परेशान होगी, लेकिन जनता सब जानती है।
भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पोस्ट पर है, जिसकी गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस आर्थिक नाकेबंदी कर रही है। मतलब स्पष्ट है कि भूपेश बघेल पुत्र मोह में पूरी कांग्रेस को झोंक दिया है।
जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश
लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईडी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही कर रही है। 5 साल भ्रष्टाचार किया और अब ईडी कार्यवाही कर रही है, तो इसे राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश भूपेश बघेल कर रहे हैं।
परसा ईस्ट केतेबासन के लिए भाजपा ने हसदेव अरण्य को उजाड़ दिया, इस मामले में लखनलाल देवांगन ने कहा कि ईडी की कार्यवाही पर जनता का ध्यान भटकाने कांग्रेस कह रही है कि हसदेव अरण्य में जंगल कटाई का विरोध करने पर भाजपा ईडी भेज रही है, लेकिन यह कार्यवाही भाजपा की नहीं, बल्कि स्वतंत्र एजेंसी ईडी की है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने ही हसदेव अरण्य के दायरे में आ रही कोल खदान को राजस्थान सरकार के लिए एनओसी दिया था और उसी के कार्यकाल में खदान आबंटन राजस्थान सरकार को दिया गया।
शासन-प्रशासन मुस्तैद
कल कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी को विफल बनाने और आमजनता को परेशानी न हो, इसके लिए शासन-प्रशासन मुस्तैद है और पूरी तरह तैयार है।
देवांगन ने कहा भूपेश बघेल की सरकार ने कोल परिवहन के सिस्टम को ऑनलाइन से ऑफलाइन कर दिया था। कोरबा समेत अन्य जिलों की खदानों से निकलने वाले कोयले में अवैध वसूली की जाती थी। भाजपा सरकार बनने के सिर्फ दो महीने बाद 7 फरवरी 2024 को कोल परिवहन का सिस्टम पुन: ऑनलाइन कर दिया गया। इस तरह से गड़बड़ी के सारे रास्ते को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विष्णु सरकार बंद कर चुकी है। शराब घोटाला, कोयला घोटाला, चावल घोटाला, गोठान घोटाला से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा। आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। तो भूपेश बघेल के पेट में दर्द हो रहा है।
देवांगन ने कहा कि जब भी कोल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेल बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेश अपना कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?
न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह की सरकार में तमाम नियमों को धता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।
23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।
देवांगन ने कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई थी।
प्रेसवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, जोगेश लांबा, अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, अजय चंद्रा, नरेंद्र पाटनवार, वैभव शर्मा, अजय विश्वकर्मा, संदीप सहगल, मीडिया प्रभारी मनोज मिश्रा, सह मीडिया प्रभारी पवन सिन्हा सहित अन्य उपस्थित रहे।
कोरबा
बालको टाउनशिप में फॉरेस्ट वॉकवे बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र
बालकोनगर । भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा टाउनशिप में प्रकृति से जुड़ाव को मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित बालको फॉरेस्ट वॉकवे का उद्घाटन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा मनीषा कुमार तथा बालको के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कंपनी एवं व्यावसायिक साझेदारों के कर्मचारी उपस्थित थे।

लगभग 785 मीटर लंबे इस फॉरेस्ट वॉकवे को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है कि लोग हर कदम पर प्रकृति की विविधता का अनुभव कर सकें। वॉकवे के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगाए गए हैं, जो न केवल हरियाली बढ़ाते हैं बल्कि वातावरण को शुद्ध और शांत बनाते हैं। इन पेड़ों की छाया और प्राकृतिक सुंदरता वॉकवे को एक सुकून भरा अनुभव प्रदान करती है। फॉरेस्ट वॉकवे केवल एक पथ नहीं, बल्कि एक सोच है, एक ऐसा प्रयास जो टाउनशिप निवासियों को प्रकृति के करीब लाने, फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
बालको टाउनशिप में लगातार हो रहे सुधार और सौंदर्यीकरण प्रयासों के तहत यह फॉरेस्ट वॉकवे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह टाउनशिप के सकारात्मक परिवर्तन की कहानी को आगे बढ़ाती है और समुदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है।
कंपनी के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको फॉरेस्ट वॉकवे केवल एक इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि कंपनी की सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम मानते हैं कि प्रकृति के साथ बिताया हर पल हमारे जीवन को बेहतर बनाता है, चाहे वह स्वास्थ्य हो, मानसिक शांति हो या पर्यावरण के प्रति जागरूकता। यह वॉकवे टाउनशिप में एक संतुलित, स्वस्थ और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उन कर्मठ कर्मचारियों और बिज़नेस पार्टनर्स के योगदान को भी सराहा गया, जिनकी मेहनत और समर्पण से यह वॉकवे संभव हो सका। बालको प्रबंधन ने भविष्य में भी टाउनशिप में ऐसे और विकास कार्यों एवं सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे स्थानीय नागरिकों लिए एक स्वस्थ, सुंदर और समृद्ध वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

कोरबा
कोरबा में हनुमान जयंती कार्यक्रम में हादसा:काली मां बनकर करतब दिखा रही महिला आग की चपेट में आई, बचाने आए दो साथी भी झुलसे
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में हनुमान जयंती कार्यक्रम के दौरान करतब दिखाते समय एक महिला आग की चपेट में आ गई। महिला को बचाने आए दो साथी भी आग की चपेट में आ गए। इस हादसे में महिला समेत तीनों झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भिलाई रेफर कर दिया गया है। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना रजगामार चौकी इलाके के मेन क्लब एरिया में हुई।

शोभायात्रा में महिला काली मां बनी करतब दिखा रही थी, अचानक आग की चपेट में आ गई।

महिला को बचाने के प्रयास में उसके दो अन्य साथी भी आगे आए, वे भी आग की चपेट में आ गए।

इस हादसे में महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
दरअसल, हनुमान सेवा समिति की ओर से गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा था। दिन में भंडारे और पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलोनी, बस्ती और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
वहीं, शाम को समिति की ओर से शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस शोभायात्रा में दुर्ग से आए कलाकार करतब दिखा रहे थे। लगभग छह से सात कलाकार विभिन्न देवी-देवताओं जैसे शंकर जी, हनुमान जी, दुर्गा माता और काली माता का रूप धारण कर प्रदर्शन कर रहे थे।

हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान सेवा समिति की ओर से निकाली जा रही थी शोभायात्रा

शोभायात्रा में कलाकार मुंह में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आग के साथ प्रदर्शन कर रहे थे।
करतब के दौरान कलाकार मुंह में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आग के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान काली मां बनी एक महिला अचानक आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही वह खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगी। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो अन्य साथी भी आगे आए, वे भी आग की चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत आग पर काबू पाया और तीनों घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।

कोरबा
नम: सामूहिक विवाह का दिव्य आयोजन:108 दिव्यांग/निर्धन जोड़ों को मिला पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य एवं राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद
शुभता का संदेश:नवदम्पत्तियों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

कोरबा/ढपढप। अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा प्रबंधन की पहल पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं ढपढप की पावन धरती में परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जहां सानिध्य मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक, पुजारी एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने शुभता का संदेश दिया और कहा कि नवयुगल नवदाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन को प्राप्त करें। श्री पाण्डेय ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से हमें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि हम इतना विशाल और भव्यता के साथ यह नेक कार्य कर सके।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य वाणी से गूंजता रहा मंत्रोच्चार

ढपढप की पावन धरती में जब 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं शादी के जोड़े में सजधज कर कथा स्थल/विवाह स्थल पहुंचे तो हजारों लोग जहां कन्यादान के लिए घराती बने, वहीं दुल्हों की ओर से भी बाराती के रूप में हजारों लोग शामिल हुए और जब सौभाग्यकांक्षी, चिरंजीवियों का मिलन हुआ, तो चारों तरफ से सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद के लिए पुष्पवर्षा हुई और जब युगल सात फेरे ले रहे थे, तो हनुमंत भक्त पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार चारों तरफ गूंजने लगा। घराती-बाराती इस दिव्य नम: सामूहिक विवाह से उल्लास और उमंग के साथ नाचने, गाने लगे। इस दिव्य दृश्य को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। दिव्यांगों और निर्धनों के इस अनुपम परिणय उत्सव को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो प्रकृति ने भी अपनी सारी खुशी इन नवयुगलों के जीवन में उड़ेल दिया हो और इन्हें आशीर्वाद दे रही हो। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में यह जीवन का उत्सव सम्पन्न हुआ और उनका शुभ आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
राज्यपाल रमेन डेका ने नवयुगलों को दिया शुभ आशीर्वाद, 05-05 हजार देने की घोषणा

प्रोटोकाल के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ठीक 11.00 बजे परिणय स्थल ढपढप पहुंचे और नवयुगलों को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सभी नवदम्पत्तियों को 05-05 हजार देने की घोषणा की।
आयोजन समिति ने उपहार देकर नवदम्पत्तियों को विदा किया

आयोजन समिति दिव्यांगों एवं निर्धन कन्याओं का अभिभावक के रूप में शादी का खर्चा उठाया और नवयुगलों को उपहार दिया। आयोजन समिति ने 108 निर्धन/दिव्यांग कन्याओं को नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
लाखों हाथों ने दिया शुभ आशीर्वाद





कोरबा में पहली बार दिव्यता, भव्यता और इतना बड़ा विशाल जनसमूह ढपढप की पावन धरती पर दिखा। एक तरफ 05 दिवसीय दिव्य श्रीहनुमंत कथा सम्पन्न हो रही थी, दूसरी तरफ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का घर बस रहा था। करीब 01.00 लाख लोग यहां मौजूद थे। लाखों हाथों ने इन दिव्य एवं गरीब कन्याओं को पूरे मन से अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया और खुशहाल, समृद्ध जीवन के लिए प्रभु से कामना की।
शुभता का संदेश:नवयुगलों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय


इस दिव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजन समिति और कोरबा वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नमन पाण्डेय ने दिव्यांग/निर्धन 108 कन्याओं के नवजीवन में प्रवेश करने पर शुभता का संदेश दिया और कहा कि मातारानी नवदम्पत्तियों के जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि लाए और उनके जीवन को वैभवशाली बनाए।


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