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कतर ने दुनिया को दी बड़ी चेतावनी, कहा- खाड़ी देशों से रुक सकती है तेल और गैस की सप्लाई
दोहा, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालात के बीच कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद अल-काबी ने बहुत चिंताजनक चेतावनी दी है। उनके मुताबिक, अगर यह युद्ध जारी रहा तो आने वाले कुछ हफ्तों में खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह से रुक सकती है, जिसका सीधा असर पूरी दुनिया की इकॉनमी पर पड़ेगा।
इतना महंगा हो सकता है तेल और गैस
एनर्जी मिनिस्टर ने अनुमान लगाया है कि तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा, गैस की कीमतों के भी युद्ध से पहले के लेवल से चार गुना बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध अभी खत्म भी हो जाता है, तो भी कतर को सप्लाई के नॉर्मल साइकिल पर लौटने में कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं।
ईरानी ड्रोन हमले के बाद कतर ने उठाया बड़ा कदम
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े LNG प्रोड्यूसर कतर को अपने रास लफ्फान प्लांट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना पड़ा है। सुरक्षा कारणों से प्लांट में काम रोक दिया गया है और करीब 9,000 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एनर्जी मिनिस्टर ने साफ किया कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और सेना हरी झंडी नहीं दे देती, तब तक प्रोडक्शन फिर से शुरू नहीं होगा।
होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक रुका
दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से सप्लाई होता है, लेकिन अब जहाज का ट्रैफिक लगभग रुक गया है। US और इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद यह इलाका वॉर जोन बन गया है और अब तक कम से कम 10 जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। कतर के मुताबिक, अब जहाज मालिकों के लिए अपने जहाजों और क्रू को इस खतरनाक रास्ते पर भेजना मुमकिन नहीं है।
इसका असर दुनिया भर में महसूस होगा: आर्थिक मंदी का खतरा: युद्ध जारी रहने से दुनिया भर में GDP ग्रोथ रेट पर बुरा असर पड़ेगा। सामान की कमी: एनर्जी के साथ-साथ फर्टिलाइजर और दूसरे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई भी रुक जाएगी।
बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी:
कतर का गैस प्रोडक्शन बढ़ाने का $30 बिलियन का बड़ा प्रोजेक्ट (नॉर्थ फील्ड एक्सपेंशन) भी देरी से चलेगा।
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
बाँकी मोंगरा – कांग्रेस पार्षदों ने किया अपने नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिए गए पत्र का खंडण…धोखे से करवाया हस्ताक्षर…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बाँकी मोंगरा :– बीते दिनांक 21/4 को नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के द्वारा परिषद् एवं बिलासपुर सयुंक्त संचालक को पत्र लिख कर टेंडर में मनमानी एवं परिषद् की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की गई जिसमें कांग्रेस पार्षदों के हस्ताक्षर भी कराए गए थे, पर कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि उस शिकायत पत्र पर हमारे दस्तखत थे पर वो हमसे धोखे से कटाया गया था।
मिली जानकारी अनुसार शिकायत पत्र के वायरल होने के बाद से कुछ पार्षदों का गुस्सा फूटने लगा और उनके द्वारा कहा जाने लगा कि हमको गलत जानकारी देकर धोके से हस्ताक्षर कराया गया है ।
जिसके बाद दिनांक 27/04 को बाँकी मोंगरा परिषद् में एक पत्र प्रेषित कर कांग्रेस के विपक्षी पार्षदों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और विभाग को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई की नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास द्वारा दिनांक 21/4 को संयुक्त संचालक बिलासपुर को एक शिकायत पत्र दी, जिस आवेदन पर हमारे हस्ताक्षर आवेदन पर अंकित है जो नेता प्रतिपक्ष के द्वारा गलत जानकारी प्रदान कर धोखे से हमसे हस्ताक्षर कराया गया। इस लिए इस पत्र का हम खंडण करते है ।
पत्र में यह भी गंभीर दावा किया गया है कि कुछ पार्षदों को गुमराह कर शिकायत पत्र पर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के द्वारा हस्ताक्षर करवा लिए गए था, अब संबंधित पार्षदों ने सामूहिक रूप से उस पत्र से अपना नाम वापस लेते हुए उसका खंडन किया है।इस पत्र पर कई वार्डों के पार्षदों के हस्ताक्षर होने से मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा नगर पालिका की बैठकों और स्थानीय राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
न.पा.प. बाँकी मोंगरा की कार्यप्रणाली चल रहा भगवान भरोसे, संयुक्त संचालक, बिलासपुर को कार्यवाही की माँग को लेकर विपक्षी पार्षदों ने सौपा ज्ञापन…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बाँकी मोंगरा:– नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा में टेंडर प्रक्रिया में लगातार की जा रही मनमानी को लेकर विपक्षी पार्षदों ने संयुक्त रूप से संयुक्त संचालक,बिलासपुर को पत्र लिखकर कार्यवाही की माँग की है अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है ..!
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कहा की – नगर परिषद में जबसे नयी सरकार गठन हुई है तबसे एक अलग तरह का नियम चलना शुरू हुआ है बिना टेंडर के रेवड़ी बाटने का केवल और केवल अपने चहेते लोगो को लाभ पहुँचाने के लिए आवस्यक कार्यों को दरकिनार करके सरकारी पैसों का बंदरबाट शुरू कर दिया गया है कार्यों में गुणवत्ता का कोई सरोकार नहीं है इसके अलावा जब कोई पार्षद इन सब कार्यों का विरोध करे तो उसके वार्ड के कार्यों में विवाद करवा दिया जाता है या होने नहीं दिया जाता है टेंडर जारी तो होता है परंतु खुलने का कोई दिनाक नहीं है जब लगता है की कार्य उनके चहेते लोगो को नहीं मिलेगा टेंडर या तो कैंसल कर दिया जाता है या फिर खोलने का दिनाक बढ़ा दिया जाता है नियम प्रक्रिया पूर्ण रूप से दरकिनार है इसके अलावा ज़ोनल टेंडर के नाम पर अलग ही पैसा निकलो और बाटो प्रक्रिया चल रहा है साथ ही साथ स्वीकृत दर से अतिरिक्त में कार्य देने का एक अलग नियम बनाये हुए है आख़िर भगवान भरोसे चल रही यह प्रक्रिया कब तक ऐसा रहेगा इन्ही सब सरकारी पैसे के दुरुपयोग एव टेंडर प्रक्रिया को नियमतः करने की माँग को लेकर समस्त विपक्षी पार्षदों के साथ संयुक्त संचालक को पत्र सौपा गया एव उचित कार्यवाही कि माँग की गई,अगर जल्द से जल्द मामले का निराकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई ।

पार्षद तेजप्रताप सिंह ने कहा की – नगर पालिका में कुछ भी कार्य बोला जाता है तो नहीं किया जाता है हा लेकिन जहां सत्तापक्ष के फ़ायदे का कार्य रहेगा तो तुरंत हो जाता है कुलमिलाकर मनमानी व्यवस्था चल रही है।

इस अवसर पर प्रमुखरूप से पार्षद तेजप्रताप सिंह,राकेश अग्रवाल,तालिका साहू,संदीप डहरिया,हेमंत शाहनी,ओमप्रकाश कैवर्त,रूबी पवन गुप्ता,बाल्की कुजूर,आशा साहू,इंद्रजीत बींझवार,राजकुमारी ,युवा कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष विकास सिंह,आयुष यादव,शब्बीर ख़ान, और अनेक कांग्रेसी एव आमजन उपस्थित रहे…!
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बांकी मोगरा – 11 केवी विद्युत तार बनी चिंता का सबब, घनी आबादी पर मंडराया खतरा,,,देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बांकी मोगरा :– नगर पालिका परिषद बांकी मोगरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 05 चंडी मंदिर के सामने व रहवासियों के घरों से लगकर गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। सामने चंडी मंदिर और शनि मंदिर स्थित है, यहां बड़े पैमाने में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते है साथ ही साथ बड़ी गाड़ियों का आना जाना लगा रहता है जिनपर हमेशा खतरे की घंटी मंडराए रहती है। क्षेत्रवाशियो ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर इस बिजली के तार को केवल लाइन में कन्वर्ट करने के लिए अनेकों बार प्रयास करना बताया पर अब तक विद्युत विभाग ने इसकी सुध तक नहीं ली है।
जानकारी अनुसार यहां के रहवासियों ने विद्युत विभाग में लिखित शिकायत भी दी है और क्षेत्र के बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलकर इसकी जानकारी भी दी है पर अब तक किसी भी विभागीय कर्मचारी अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता नहीं ली है।

• पिछले साल कलश यात्रा के दौरान एक झंडा बिजली तार के संपर्क में आने से बड़ी घटना होते होते बची थी।
• हाल ही में एक मकान में पुताई के दौरान तार के संपर्क में आने की घटना हुई थी, जिसमें पेंटर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
• मंदिर परिसर में कलश यात्रा और सामाजिक कार्यक्रम की जाती रहती है जहां घटना की संभावनाएं बनी रहती है।
• विद्युत विभाग को इस समस्या से कई बार कराया है अवगत पर निराकरण अब तक नहीं।
रहवासियों ने 11 केवी बिजली लाइन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समाचार में माध्यम से विद्युत विभाग से गुहार लगाते हुए इस विद्युत लाइन को तत्काल हटाने की मांग की है।
रहवासियों ने ये भी कहा कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी। साथ ही प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द बिजली लाइन को केबल लाइन लगाकर सुरक्षित किया जाए जिससे संभावित हादसों को रोका जा सके।
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