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राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका:स्पीकर ने माइक बंद कराया, जनरल नरवणे की किताब के 9 पॉइंट, जिस पर हंगामा हुआ

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख सीमा में पहुंच गए थे।

राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका।

राहुल करीब 46 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश करते रहे। इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर 3 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल ने बोलना शुरू किया। लेकिन हंगामे के चलते महज 9 मिनट बाद ही कार्यवाही शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शाम 4 बजे भी कार्यवाही शुरू होते ही फिर हंगामा हुआ और 11 मिनट बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में क्या हुआ

  • राहुल गांधी ने सदन में कहा, डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। मैं यह बात एक मैगजीन के आर्टिकल के हवाले से कह रहा हूं। जिसमें पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब (मेमॉयर) को कोट किया गया है।
  • राजनाथ सिंह खड़े हुए और बोले, ‘अगर ये बातें प्रकाशित हुई हैं तो इसका जिक्र करें नहीं तो छोड़ दें।’
  • राहुल बोले- ‘आप सब ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। 4 चीनी टैंक भारत की धरती पर आ रहे थे। वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे।’
  • स्पीकर ओम बिरला ने कहा, राहुल जी आप सदन में नेता विपक्ष हैं। सांसद प्रियंका ने एक बात कही थी तो उन्होंने ऑथेंटिक स्तर पर प्रस्तुत किया था। आपसे भी यही अपील है’
  • राहुल ने कहा, ‘ये सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल बताएं कि क्या यह प्रकाशित हुआ है या नहीं केवल इतना बताएं।’ लोकसभा में एनडीए और विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
  • ओम बिरला ने कहा कि रक्षामंत्री सही कह रहे हैं। आप सदन में इसका जवाब दें। आप सदन में है, विपक्ष के नेता हैं सही नियम से चलें।
  • राहुल ने कहा- नरवणे की किताब में रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री का जिक्र है। मैं वही बता रहा हूं।
  • राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब के बारे में बोल रहे हैं वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
  • अमित शाह ने बताया कि वह मैग्जीन की रिपोर्ट है, नरवणे जी ने ऐसा नहीं कहा है। मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है।
  • ओम बिरला ने कहा कि अखबार की कटिंग ही सदन में चल सकती है, इसके अलावा कुछ नहीं रख सकते।
  • राहुल ने कहा, ये सब नरवणे ने कहा है। उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है।
  • अमित शाह ने कहा- राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। अब बात ही खत्म हो जाती है। जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं।
  • ओम बिरला ने माइक का कंट्रोल बंद करने का निर्देश दिया
  • राजनाथ बोले- सदन के नियमों का उल्लंघन न करें राहुल जी।
  • राजनाथ सिंह ने कहा- मैं केवल यह चाहता हूं कि राहुल जी वह किताब ले आएं मैं देखना चाहता हूं। मैं दावे से कह रहा हूं कि वह किताब पब्लिश ही नहीं है।
  • राहुल गांधी ने कहा- एक मैगजीन है उसमें एक आर्टिकल है मैं उसको कोट कर रहा हूं।
  • राजनाथ ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि सदन में इस मुद्दे पर बोलने की परमिशन नहीं दी जानी चाहिए।
  • अखिलेश यादव ने कहा, चीन का सवाल सेंसेटिव है। अगर देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है तो राहुल जी को पढ़ने देना चाहिए।
  • किरेन रिजिजू ने कहा- हम सुनने के लिए बैठे हैं। अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं। लेकिन फिर भी वे पढ़ रहे हैं। ऐसे कैसे चलेगा।
  • ओम बिरला ने कहा- सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन नियम से चलें।
  • राहुल गांधी ने कहा, वे एमपी थे, वे हमारे चरित्र पर बोले थे। राजनीति पर नहीं। वे बोले कि हम एंटी नेशनल हैं।
  • अमित शाह ने कहा- मैंने तेजस्वी का भाषण ध्यान से सुना। उन्होंने विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया। वे सरकारों की मंशा पर बोले हैं। राहुल गांधी कह रहे हैं कि हमारे चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। वे कह रहे हैं चाइनीज टैंक आए, इनको किसने बताया।
  • नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, पब्लिश नहीं हुई
  • राहुल गांधी संसद में जिस किताब के आधार पर डोकलाम में चीनी टैंक घुसने का दावा कर रहे हैं, वह पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने लिखी है। ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नामक यह किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। इसका हार्डकवर अप्रैल 2024 से ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर उपलब्ध है। किताब में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना को रिव्यू किया गया है।
    2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे नरवणे ने इंडियन एक्सप्रेस के इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंग्विन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है। अब यह प्रकाशन समूह और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।




    कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए, चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त का घटनाक्रम
    कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ?
    तारीख: 31 अगस्त, 2020
    रात 8.15 बजे: भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को फोन पर जानकारी मिली कि चीन की पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाती एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी पर आगे बढ़ रहे हैं।
    रात 8.15–8.30 बजे के बीच: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी। चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन इसका चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे।
    रात 8.30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्पष्ट निर्देश मांगे।
    रात 9.10 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने फिर फोन किया। बताया गया कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं।
    रात 9.25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दोबारा फोन कर “स्पष्ट निर्देश” मांगे, लेकिन कोई फैसला नहीं मिला। इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया गया—दोनों पक्ष आगे की गतिविधियां रोकें और अगले दिन सुबह 9.30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक हो।
    रात 10.00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर का प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल तक पहुंचाया।
    रात 10.10 बजे; नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं। जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है।
    रात 10.10 बजे –10.30 बजे के बीच: सेना मुख्यालय में विकल्पों पर चर्चा होती रही। पूरा नॉर्दर्न फ्रंट हाई अलर्ट पर रखा गया।
    रात 10.30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वापस फोन किया और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री का निर्देश सिर्फ एक वाक्य में था- जो उचित समझो, वो करो।
    नरवणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। मोदी से सलाह ली गई थी। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था। अब पूरी जिम्मेदारी मुझ पर थी।’

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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस का बड़ा आदेश, लाल किले के आसपास पतंग उड़ाने पर रोक

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नई दिल्ली, एजेंसी। स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजधानी में लाल किले और समारोह से जुड़े आसपास के इलाकों में पतंग उड़ाने समेत हवा में की जाने वाली अन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। पुलिस की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, बिना पूर्व अनुमति ऐसी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी।

सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला

दिल्ली पुलिस का यह कदम स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। पुलिस ने ऐसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई है, जिनसे आम लोगों की सुरक्षा, सार्वजनिक शांति या समारोह की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में मुख्य समारोह आयोजित किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और सुरक्षाकर्मी आसपास मौजूद रहते हैं। ऐसे में आसमान में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

16 अगस्त तक प्रभावी रहेगा आदेश

पुलिस का यह आदेश 16 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में संबंधित क्षेत्रों में पतंग उड़ाने या अन्य हवाई गतिविधियां करने से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नियम तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई और सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति ऐसी कोई गतिविधि न करें, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो या लोगों को किसी तरह का खतरा पैदा हो।

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‘वंदे मातरम् बिल’ को महामहिम राष्ट्रपति की मंजूरी, लाल किले पर दिखेगा नया बदलाव

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में जुटा है। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ‘वंदे मातरम् बिल’ को मंज़ूरी दे दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के जैसा कानूनी संरक्षण मिल गया है। बता दें कि देश की संसद ने पिछले महीने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पास किया था। जिसमें ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन किया गया। इस कानून का मकसद ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ जैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है।

विधेयक को मिली मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंज़ूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। अब ऐसे अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा हो सकती है। इससे पहले, ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ के तहत राष्ट्रीय गान (‘जन गण मन’) को गाने से जानबूझकर रोकना या इसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालना मना था। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा का प्रावधान था। जबकि दूसरी बार और उसके बाद हर बार दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल की जेल की सज़ा होती थी।

पुराने कानून के अनुसार राष्ट्रीय गीत के लिए वैसी सुरक्षा नहीं थी।  बिल के मुताबिक ‘वंदे मातरम’ के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए कानून में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को संरक्षण दिया गयृ है।

लाल किले पर विशेष कार्यक्रम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। 28 जनवरी के एक आदेश में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत गाने के लिए प्रोटोकॉल का पहला सेट जारी किया। इसमें निर्देश दिया गया कि राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके छह पद गाए जाएंगे, जिनकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी।  

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संसद परिसर में NDA-कांग्रेस सांसद आमने-सामने आए:BJP सांसद ने पूछा- राहुल झारखंड क्यों नहीं गए, प्रियंका का जवाब- वे छात्रों से मिल चुके

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नई दिल्ली, एजेंसी। संसद परिसर में NDA और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। NDA सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए।

प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर BJP सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे। BJP सांसद मुकेश दलाल ने पूछा कि राहुल झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे हैं। प्रियंका मुस्कुराती हुई उनके पास गईं और कहा- राहुल झारखंड गए हैं और छात्रों से मिल चुके हैं।

लोकसभा और राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही पहले 11 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही हंगामे के चलते कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही जारी है।

संसद में प्रदर्शन की तस्वीरें…

NDA सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध मार्च निकाला। वे हाथों में राहुल के खिलाफ पोस्टर लेकर पहुंचे।

NDA सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध मार्च निकाला। वे हाथों में राहुल के खिलाफ पोस्टर लेकर पहुंचे।

संसद के बाहर NDA और कांग्रेस के सांसद आमने-सामने आ गए।

संसद के बाहर NDA और कांग्रेस के सांसद आमने-सामने आ गए।

BJP सांसद राहुल के खिलाफ नारे लगा रहे थे तो प्रियंका उन्हें जवाब देने पहुंचीं।

BJP सांसद राहुल के खिलाफ नारे लगा रहे थे तो प्रियंका उन्हें जवाब देने पहुंचीं।

विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

डिंपल यादव समेत अन्य सपा सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया।

डिंपल यादव समेत अन्य सपा सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया।

20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। तीन हफ्तों के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार हंगामे के कारण प्रभावित रही है। विपक्ष दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है।

सरकार ने सोमवार को कहा कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल ने कहा कि हमें शाह की राय नहीं सुननी बल्कि यह जानना है कि छात्रों पर पुलिस एक्शन का आदेश किसने दिया था।

संसद की कार्यवाही से जुड़े बड़े अपडेट्स…

वंदे मातरम् बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम्’ बिल को मंजूरी दे दी। अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसके अपमान या गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

हंगामे के बीच लोकसभा में 2 बिल पास

विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने केरल का नाम केरलम करने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े दो बिल बिना चर्चा के पास कर दिए। लोकसभा अब तक 11 बिल पास कर चुकी है, जिनमें सिर्फ 2 पर चर्चा हुई है।

सरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर चर्चा के लिए तैयार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के बयान और सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं खनिज, खदान और ट्रिब्यूनल से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के लिए 2-3 घंटे का समय तय किया गया है।

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