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छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण

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स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण

रायपुर। यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव – काले हिरण – से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।

बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में:
काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

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कोरबा

मासूम की हत्यारे को सजा दिलाने टीम बनाकर करेंगे मदद – नूतन सिंह ठाकुर

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कोरबा। राजगामार पुलिस थाना अंतर्गत 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और नृशंक हत्या के मामले ने पूरे कोरबा को झाकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले की त्वरित गिरफ्तारी संतोष जनक है लेकिन इस मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने किया है। अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और महिला अधिवक्ताओं ने भी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आरोपी की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है। मासूम बच्ची के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभापति नूतन सिंह के साथ अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि शर्मा, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला सिंह , सहसचिव रवि भगत की टीम पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगा।
नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में ऐसे दरिदों को जीवित रहने का अधिकार नहीं है, हत्यारे को शीघ्र फांसी की सजा दिलाने के लिए निःशुल्क कानूनी मदद करेंगे।

कोरबा शहर में बढ़ रहे अपराध हो बड़ा कारण नशे के कारोबार में वृद्धि है, नूतन सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया है कि नशे के खिलाफ पुलिस वृहद स्तर पर अभियान चलाएं तथा युवाओं को नशा परोसने वाले लोगों कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए।

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कोरबा

रजगामार में 7 वर्षीय बालिका की हत्या पर सांसद ने जताया गहरा दुख, एसपी से की चर्चा, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण एवं हत्या की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। इस घटना से मन व्यथित है। इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
सांसद श्रीमती महंत ने इस संबंध में कोरबा पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी से दूरभाष पर चर्चा कर मामले की जानकारी ली तथा प्रकरण में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सांसद ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर हम नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटना सामने आई है। बच्चों की सुरक्षा समाज और प्रशासन, दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इनके प्रति संवेदनशीलता के साथ कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्षता और गंभीरता से की जाए तथा प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही, सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जाए।
सांसद श्रीमती महंत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाने और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने दिवंगत बालिका को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

नशा व सूखे नशे पर हो कठोर कार्यवाही

कोरबा साँसद ने कोरबा क्षेत्र के मुड़ापार में युवक की हुई हत्या के मामले में गहरी चिंता जताते हुए एसपी से कहा है कि क्षेत्र में नशा व खासकर सूखा नशे में लिप्त लोगो के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जरूरत है !

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कोरबा

अचानक जंप करते ही सांप को पकड़ने का रोमांचक दृश्य देखकर लोग रह गए दंग, रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया सांप

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कोरबा। निहारिका क्षेत्र के बजरंग ट्रेडर्स में उस समय लोगों की धड़कनें बढ़ गईं, जब दुकान की सीलिंग के ऊपर करीब 7 फीट लंबा धमना सांप बैठा दिखाई दिया, सांप को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए,इसी बीच वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के प्रमुख जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित रेस्क्यू करने की प्रक्रिया शुरू की, रेस्क्यू के दौरान सांप ने अचानक जंप किया, तभी जितेंद्र सारथी ने बेहद तेजी और सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे पकड़ लिया,यह पूरा घटनाक्रम इतना अप्रत्याशित और रोमांचक था कि वहां मौजूद लोग देखते ही रह गए, सांप को पकड़ने का अंदाज ऐसा था, मानो क्रिकेट मैच में हवा में आती गेंद को लपक लिया गया हो।

इस हैरतअंगेज दृश्य को देखकर लोग कुछ पल के लिए सकते में आ गए, हालांकि, जितेंद्र सारथी ने धैर्य और अनुभव के साथ स्थिति को संभाला और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया,रेस्क्यू के बाद 7 फीट लंबे धमना सांप को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक रहवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया।

जितेंद्र सारथी ने बताया कि धमना सांप एक गैर-विषैला सांप है, जो चूहों और अन्य छोटे जीवों को खाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, कई बार भोजन की तलाश में या सुरक्षित स्थान की खोज में सांप रिहायशी इलाकों और दुकानों तक पहुंच जाते हैं, ऐसे में उन्हें देखकर घबराने या नुकसान पहुंचाने के बजाय रेस्क्यू टीम के हेल्प लाइन नंबर 8817534455,7999622151 कॉल कर के सहायता लेनी चाहिए।

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