नारी शक्ति सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान
महिलाओं को अधिकार, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
महतारी गौरव वर्ष में मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को मिल रहा नया आयाम
प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, 481 महतारी सदनों का हो रहा निर्माण
रायपुर 30 अगस्त 2026। जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।
सम्मानित महिलाएं हमारी बेटियों के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।
महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीड़ित महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।
महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।
13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
‘महतारी गौरव वर्ष’ मातृशक्ति के योगदान को समर्पित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित न्याय मिले – सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं। उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।
विभिन्न साइबर फ्रॉड, UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड सहित विभिन्न विषयों पर दी जा रही है महत्वपूर्ण जानकारी
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 30.08.2026 को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो , रजगामार, चैतमा आदि द्वारा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महिला थाना द्वारा महर्षि वाल्मीकि आश्रम कोरबा में, करतला के ग्राम नवापारा में, बांगो के ग्राम कोनकोना में, पाली के ग्राम दमियापाली में पुलिस टीम द्वारा नागरिकों को UPI फ्रॉड, साइबर अपराध के संबंध में जानकारी दी गई।
सभी को OTP, UPI PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक, फर्जी कॉल, संदिग्ध APK फाइल एवं फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की समझाइश दी गई।
कोरबा पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर की गई शिकायत साइबर ठगी की राशि को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं, जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, तनय अग्रवाल रहे प्रथम करियर गाइडेंस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिले भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण सुझाव प्राचार्य सुषमा बारस्कर के निर्देशन में हुए दोनों आयोजन, विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लक्ष्य निर्धारण की मिली प्रेरणा
कोरबा/दर्री। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय में आयोजित राखी बनाओ प्रतियोगिता और करियर गाइडेंस कार्यक्रम ने जहां एक ओर सृजनात्मकता, कलात्मक कौशल एवं भारतीय संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ावा दिया, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने तथा सही करियर विकल्प चुनने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आयोजित राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न रंगों, सजावटी सामग्रियों एवं आकर्षक वस्तुओं का उपयोग कर सुंदर और कलात्मक राखियां तैयार कीं। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपनी बनाई राखियों में नवीनता, आकर्षण और मौलिकता का समावेश करते हुए अपनी सृजनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की राखियों का मूल्यांकन उनकी सृजनात्मकता, कलात्मक कौशल, मौलिकता तथा प्रस्तुति के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता में तनय अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आशी ठाकुर द्वितीय तथा सान्वी यादव तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यालय परिवार की ओर से विजेता विद्यार्थियों सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई दी गई।
राखी बनाओ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक पर्वों से जोड़ने का प्रयास किया गया। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जिस उत्साह के साथ भाग लिया, उससे विद्यालय में उत्सव का वातावरण बना रहा।
इसी क्रम में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और भविष्य की बेहतर तैयारी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रवक्ता श्री उल्लास नायर ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि करियर का चयन केवल रुचि के आधार पर ही नहीं, बल्कि अपनी क्षमता, योग्यता, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने मन में उठ रहे करियर संबंधी विभिन्न प्रश्नों और जिज्ञासाओं को सामने रखा। प्रवक्ता उल्लास नायर ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल, सहज और प्रभावी तरीके से समाधान किया तथा उन्हें अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उसके अनुरूप निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय चयन और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम से विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर नई दिशा और स्पष्टता प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के मार्गदर्शन से उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप भविष्य की योजना बनाने में सहायता मिलती है। विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है।
दोनों कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर के निर्देशन में आयोजित किए गए। प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने राखी बनाओ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों और भविष्य निर्माण संबंधी मार्गदर्शन भी बेहद आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को उचित मंच मिलता है और उनमें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की भावना विकसित होती है।
विद्यालय में आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं, रचनात्मक अभिव्यक्ति और भविष्य के लक्ष्य निर्धारण का महत्वपूर्ण संदेश मिला। रक्षाबंधन के अवसर पर हुई राखी बनाओ प्रतियोगिता ने जहां विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा को सामने लाया, वहीं करियर गाइडेंस कार्यक्रम ने उन्हें अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से सोचने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिवार के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की गई।
कोरबा। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में संपूर्ण कोरबा जिले में चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर में मिनिमाता गर्ल्स कॉलेज परिसर में हुई चोरी के प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात का खुलासा किया है।पुलिस टीम द्वारा घटना की सूचना प्राप्त होने के बाद लगातार पतासाजी करते हुए संदिग्धों से पूछताछ एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। कार्रवाई के दौरान चोरी की वारदात में संलिप्त 01 वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा 03 विधि से संघर्षरत बालकों को संरक्षण में लिया गया।
चोरी का सामान बरामद
पुलिस द्वारा आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए एल्युमिनियम के फ्रेम, एल्युमिनियम एवं लोहे का अन्य सामान बरामद किया गया। साथ ही वारदात में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस आदि औजार भी जब्त किए गए हैं।
चोरी के प्रकरणों में लगातार कार्रवाई
कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा–सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे प्रकरणों में आरोपियों की शीघ्र पतासाजी, गिरफ्तारी एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।पुलिस द्वारा अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए आम नागरिकों की संपत्ति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थाना एवं पुलिस सहायता केंद्र स्तर पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी है।
प्रकरण की जानकारी
थाना: कोतवाली, कोरबा कार्यवाही: पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर अपराध क्रमांक: 699/2026 धारा: 331(4), 305(1), 3(5) बीएनएस वयस्क आरोपी: 01 गिरफ्तार विधि से संघर्षरत बालक: 03 संरक्षण में बरामदगी: एल्युमिनियम फ्रेम एवं अन्य सामग्री तथा वारदात में प्रयुक्त औजार