छत्तीसगढ़
रायपुर में रेणुका सिंह के बेटे ने बाइक-सवार को कुचला:कार से टक्कर मारकर भागा, गिरफ्तारी के बाद तुरंत जमानत मिली, युवक की हालत गंभीर
रायपुर,एजेंसी। रायपुर में बाइक सवार को टक्कर मारने वाले बीजेपी विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया और तुरंत उसे बेल भी मिल गई। वहीं, हादसे में घायल युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, घटना 5 जनवरी की रात करीब डेढ़ बजे की है। अग्रसेन धाम चौक के पास कार सवार भाजपा विधायक रेणुका सिंह के बेटे बलवंत सिंह ने बाइक सवार त्रिभुवन सिंह ठाकुर को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार चौक से गुजर रहा था, तभी तेज रफ्तार से आ रही कार बेकाबू होकर बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी की कार ही मिली, आरोपी भाग गया था। जिसके बाद उसके खिलाफ बीएनएस के तहत लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया और 6 जनवरी की रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और थाने से उसे जमानत मिल गई।
हादसे से जुड़ी तस्वीरें…

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के एयर बैग तक निकल गए।

बाइक को टक्कर मारने के बाद कार के सामने का हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया।
क्या है पूरा मामला ?
थाना प्रभारी अविनाश सिंह के मुताबिक, तेलीबांधा का रहने वाला त्रिभुवन सिंह ठाकुर (34) डीजे इवेंट का काम करता है। 5 जनवरी की रात करीब 1:15 बजे वह सेरीखेड़ी से काम खत्म कर बाइक से वापस तेलीबांधा लौट रहा था। इसी दौरान अग्रसेन धाम चौक के पास कार (CG 04 PC 0853) ने उसे टक्कर मार दी।
जिससे भाजपा विधायक रेणुका सिंह का बेटा बलवंत सिंह (33 साल) चला रहा था। वहीं, इस हादसे में त्रिभुवन गंभीर रूप से घायल हो गया, अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना पर पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद पीड़ित के भाई राज नारायण सिंह (31) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
वाहन मालिक की जानकारी सामने आई
जिस पर पुलिस ने धारा 281 और 125(a) में मामला दर्ज किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया कि कार जयप्रकाश उपाध्याय, निवासी रामानुज नगर, कुशालपुर (सरगुजा) के नाम से रजिस्टर्ड है। नोटिस देने पर वाहन मालिक ने बताया कि घटना के समय कार बलवंत सिंह ही चला रहा था।

घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक के पास की है। कार का सामने का हिस्सा डैमेज हो गया है।
जोरा मॉल से लौटने समय हुआ हादसा
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह घटना के समय जोरा मॉल से तेलीबांधा की ओर आ रहा था, जबकि उसके साथी पीछे दूसरी कार में थे। अग्रसेन धाम चौक के पास अचानक बाइक सामने आने से कार का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
हर साल बढ़ रहे हादसे और मौत का आंकड़ा
छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों से होने वाली मौतों की संख्या हर साल लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी अंतर्विभागीय नोडल एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। 2023 में प्रदेश में 7,156 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 3,338 लोगों की जान चली गई।
साल 2024 में हादसों की संख्या बढ़कर 7,693 पहुंच गई और इनमें 3,753 लोगों की मौत हुई। साल 2025 में स्थिति और भी भयावह नजर आ रही है। 15 नवंबर तक प्रदेश में 13,504 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 11,554 लोग घायल हुए हैं, जबकि 5,955 लोगों की जान चली गई। आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि सड़क हादसे अब राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी सड़क दुर्घटनाओं की तस्वीर चिंताजनक है। साल 2023 में देश में सबसे अधिक सड़क हादसे तमिलनाडु में दर्ज किए गए, जहां कुल 67,213 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतों का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम रहा, जहां 23,652 लोगों की जान गई।

छत्तीसगढ़ में हर साल सड़क हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
इन कारणों से होते हैं हादसे
- ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार में चलाना)
- लापरवाह ड्राइविंग और नशे में वाहन चलाना
- ओवरलोडिंग और गलत तरीके से सामान और यात्री ले जाना
- सड़क और वाहन की खराब स्थिति
- यातायात नियमों की अनदेखी
हादसे से बचने के लिए क्या करें
चालकों को प्रशिक्षण, सख्ती और सड़क सुरक्षा शिक्षा अनिवार्य हो।
स्पीड लिमिट का पालन करें, निर्धारित गति सीमा पर ही वाहन चलाएं।
शराब पीकर वाहन न चलाएं।
वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट, चाइल्ड लॉक का प्रयोग करें।
सड़क और वाहन का रख-रखाव, गड्ढे भरे, संकेतक लगाए और वाहन की सर्विसिंग नियमित कराएं।
कोरबा
24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा
आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा सार्वजनिक वाचन एवं अनुमोदन
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद फाइनल सूची आवास सॉफ्टवेयर में होगी अपलोड
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एवं रोजगार संबंधी प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी
कोरबा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार हितग्राहियों की सूची का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्र एवं प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाई जाएगी। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण मौके पर ही अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को अंतिम रूप देकर आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

बैठक में पंचायतों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा तथा पूर्व में पारित प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के रखरखाव, नए विकास कार्यों की प्राथमिकताओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
ग्राम सभा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
ग्राम सभा में स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के विषय में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
जिला प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों एवं गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।
कोरबा
कोरबा में शराब दुकान शिफ्टिंग पर विवाद:आबकारी इंस्पेक्टर के व्यवहार से भड़के स्थानीय लोग, हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
कोरबा। कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए।
यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया।
पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी।

पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।
इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया।

हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती।
छत्तीसगढ़
महादेव ऐप के सौरभ से भूपेश की कथित चैट वायरल:पूर्व सीएम ने बताया फर्जी, बोले- छवि खराब करने की कोशिश, 2 यूट्यूबर्स पर FIR
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल कंटेंट को फर्जी बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही भूपेश कहा कि फर्जी जानकारी वायरल करने वालों के खिलाफ मेरी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।

दरअसल, वायरल चैट में सीएम भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिख रहा है। इसमें कथित तौर पर सौरभ चंद्राकर को कहा गया है कि नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं। इन यूट्यूबर्स ने इसे लेकर खबरें चलाई थी।
वहीं आरोपी बनाए गए यूट्यूबर पुष्पराज सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है मैं किसी पर आरोप लगाने नहीं आ रहा हूं। सबूत के साथ आएंगे धांधली कहां से होती है, कैसे होती है और क्यों होती है? सबूत पहले सामने रखेंगे। इसके बाद वह आत्महत्या की बात भी कह रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक कथित यूजरनेम के बीच मैसेज में बातचीत हुई है।

वायरल चैट के स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि सुबह से फोटोशॉप की गई फर्जी तस्वीरों के आधार पर खबरें चलाई जा रही हैं।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल चैट पूरी तरह फर्जी है और इसमें दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कथित फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और कहा कि यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और इसके पीछे जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।
भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, किया प्रदर्शन
इधर, इस कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह पर FIR
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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