नई दिल्ली,एजेंसी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूर कर लिया। राज्यसभा में पीठासीन घनश्याम तिवाड़ी ने यह जानकारी दी। दूसरी तरफ, राज्यसभा के उपसभापति और JDU सांसद हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
हरिवंश ने ही आज सुबह 11 बजे जगदीप धनखड़ की जगह, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू की थी। धनखड़ आज सदन की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए थे। इससे पहले खबर आई थी कि धनखड़ विदाई समारोह में भी शामिल नहीं होंगे। PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक देश के 14वें उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। उन्होंने 10 जुलाई को एक कार्यक्रम में कहा था, ‘ईश्वर की कृपा रही तो अगस्त, 2027 में रिटायर हो जाऊंगा।’
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की 2 थ्योरी पहली: राष्ट्रपति को लिखे त्यागपत्र में धनखड़ ने पद छोड़ने की वजह स्वास्थ्य बताया था। दूसरी: विपक्ष इस्तीफे पर सवाल कर रहा है। कह रहा है कि इसकी वजह कुछ और है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को बताया, ’21 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे श्री जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की अध्यक्षता की। इस बैठक में सदन के नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत ज़्यादातर सदस्य मौजूद थे। थोड़ी देर की चर्चा के बाद तय हुआ कि समिति की अगली बैठक शाम 4:30 बजे फिर से होगी।
शाम 4:30 बजे धनखड़ जी की अध्यक्षता में समिति के सदस्य दोबारा बैठक के लिए इकट्ठा हुए। सभी नड्डा और रिजिजू का इंतज़ार करते रहे, लेकिन वे नहीं आए। सबसे हैरानी की बात यह थी कि धनखड़ जी को व्यक्तिगत रूप से यह नहीं बताया गया कि दोनों मंत्री बैठक में नहीं आएंगे। स्वाभाविक रूप से उन्हें इस बात का बुरा लगा और उन्होंने BAC की अगली बैठक आज दोपहर 1 बजे के लिए टाल दी।
इससे साफ है कि कल दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे के बीच जरूर कुछ गंभीर बात हुई है, जिसकी वजह से जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने जानबूझकर शाम की बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
अब एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुए, श्री जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसकी वजह अपनी सेहत को बताया है। हमें इसका मान रखना चाहिए। लेकिन सच्चाई यह भी है कि इसके पीछे कुछ और गहरे कारण हैं। श्री जगदीप धनखड़ का इस्तीफा उनके बारे में बहुत कुछ कहता है। साथ ही, यह उन लोगों की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, जिन्होंने उन्हें उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचाया था।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अजय माकन सोमवार को संसद परिसर में।
विपक्ष के अन्य नेताओं के बयान
सांसद जेबी माथेर, कांग्रेस ‘यह वास्तव में बहुत चौंकाने वाला है। उपराष्ट्रपति ने आज सुबह (21 जुलाई) भी राज्यसभा सत्र की अध्यक्षता की। यह एक बहुत ही अप्रत्याशित घटनाक्रम है। अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और प्रत्येक मुद्दे को देखने के हमारे नजरिए के कारण हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं। वे जल्द स्वस्थ हों।’
दानिश अली, कांग्रेस ‘रहस्यमयी चीजें हो रही हैं, जो देश के हित में नहीं हैं। धनखड़ के इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं नहीं लगतीं। सुनने में आया था कि भाजपा के कुछ टॉप लीडर्स उनके पद की गरिमा के मुताबिक बयान नहीं दे रहे थे। ऐसा लगता है कि जस्टिस यादव और जस्टिस वर्मा को लेकर सरकार से उनके मतभेद थे। उन्होंने कई बार कहा है कि वह कभी किसी के दबाव में नहीं आएंगे।’
सुखदेव भगत, कांग्रेस ‘ईश्वर जगदीप धनखड़ को स्वस्थ जीवन प्रदान करे, लेकिन राजनीति में कुछ भी अचानक नहीं होता। पटकथा पहले से ही लिखी जाती है। बिहार चुनाव नजदीक हैं। यह एक पहलू हो सकता है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की इच्छा के मुताबिक बहुत सी अप्रत्याशित चीजें होती हैं।’
देश के पहले उपराष्ट्रपति जिनके खिलाफ महाभियोग लाया गया था
देश में 72 साल के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में धनखड़ पहले ऐसे राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति रहे, जिनके खिलाफ दिसंबर 2024 में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। जो बाद में तकनीकी कारणों से खारिज हो गया था।
विपक्ष धनखड़ पर पक्षपात का आरोप लगाता रहा है। विपक्ष का दावा था कि वह सिर्फ विपक्ष की आवाज व उनके सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों को दबाते हैं।
धनखड़ के पिछले कार्यकाल को देखें तो कई अहम पदों पर रहे, लेकिन वे अपना कार्यकाल पूरा होते नहीं देख पाए। एक बार विधायक के तौर पर उनके पांच साल एकमात्र अपवाद है।
उपराष्ट्रपति रहते धनखड़ के चर्चित बयान
ममता बनर्जी पर: 2022 में कहा था- ममता सरकार एक खास वर्ग को ही मदद देती है, जबकि संविधान सबके साथ समान व्यवहार की बात करता है। जनवरी 2022 में बंगाल को लोकतंत्र का गैस चैंबर बताया था।
कोर्ट पर: संविधान का ‘अनुच्छेद 142’ ऐसा परमाणु मिसाइल बन गया है जो लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ न्यायपालिका के पास 24 घंटे मौजूद रहता है।
जज के घर कैश मिलने पर पर: अब समय आ गया है कि ‘कीड़ों से भरे डब्बे’ और ‘कंकालों से भरी अलमारी’ को सार्वजनिक किया जाए।
ट्रम्प के दावे पर: दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को यह निर्देश दे सके कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है।
धर्मांतरण पर: देश में शुगर-कोटेड फिलॉसफी बेची जा रही है। सनातन विष नहीं फैलाता, सनातन स्व शक्तियों का संचार करता है।
संविधान पर: किसी भी संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। भारत के अलावा दुनिया के किसी भी देश की संविधान की प्रस्तावना में बदलाव नहीं हुआ। लेकिन भारत की प्रस्तावना को 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत बदल दिया गया, उसमें ‘समाजवादी’, ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’ जैसे शब्द जोड़ दिए गए। ये जोड़े गए शब्द नासूर हैं। ये उथल-पुथल पैदा करेंगे।
कोचिंग सेंटर्स पर: कोचिंग सेंटर अब पोचिंग सेंटर बन चुके हैं। देशभर में अनियंत्रित रूप से फैल रहे हैं, जो युवाओं के लिए गंभीर संकट बनते जा रहे हैं। इस बुराई से निपटना ही होगा। हम अपनी शिक्षा को इस तरह कलंकित व दूषित नहीं होने दे सकते।
नई दिल्ली, एजेंसी। कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद अब उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट के साथ चमोली में बद्रीनाथ-हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है।
बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बन गई है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर में रिंग बांध ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज के करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए।
वहीं, यूपी में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। बरेली में रविवार दोपहर से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते फायर स्टेशन में 3 फीट तक पानी भर गया। घरों के किचन और बेडरूम तक घुटनों तक पानी पहुंच गया।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से बांधों के गेट खोले जा रहे हैं।
बिहार में गंगा-पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दियारा इलाके में पानी घरों तक पहुंच गया है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी कस्बे में दुकानों में पानी घुस गया।
मुरैना में पानी में डूबे गुराह नाले का पुल पार करने के लिए लोग रस्सी और कढ़ाही का सहारा ले रहे हैं।
यूपी के रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव में पुल बह जाने से जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
देहरादून के जैंतनवाला में नून नदी उफान पर आ गई, जिससे पिकअप बह गया।
पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर तक भारी बारिश
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 9 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसकी वजह सक्रिय मानसून और उत्तर प्रदेश से पूर्व की ओर बढ़ रहा कम दबाव का क्षेत्र है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
कोच्चि, एजेंसी। एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में तकनीकी खराबी के कारण एक इंजन के सहारे कोच्चि लौटना पड़ा और यहां इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बोइंग 737 विमान अबू धाबी जा रहा था। करीब 50 मिनट की उड़ान के बाद पायलट ने इसके एक इंजन में ऑयल प्रेशर कम पाया। तब यह 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था।
इंजन में ऑयल खतरनाक स्तर तक कम हो गया, तब दोनों पायलट ने इसे बंद करने का फैसला किया। वे एक इंजन सहारे ही कोच्चि लौटे।
चूंकि विमान ने करीब दो घंटे की ही उड़ान भरी थी इसलिए इसमें फ्यूल ज्यादा था। ऐसे में यह ओवरवेट लैंडिंग थी, जो और भी जोखिम भरी होती है।
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा- रिपोर्ट्स सही नहीं
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा, ‘एक हफ्ते पहले हमारी कोच्चि-अबू धाबी की एक फ्लाइट ने तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वापस कोच्चि लौटने का फैसला किया था। इस घटना को सही समय और पूरे संदर्भ के बिना पेश करने वाली रिपोर्ट्स यात्रियों और आम लोगों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं।’
पायलट ने पहले मुंबई से संपर्क साधा
एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ऑयल की मात्रा घटने के बाद ही क्रू ने अबु धाबी जाने की बजाय कोच्चि जाने का फैसला किया। कमांडर ने पहले इसकी जानकारी मुंबई ATC को दी और बताया कि विमान कोच्चि लौट रहा है।
एक इंजन खराब तो दूसरे से उड़ता है विमान
दो इंजन वाला कोई भी विमान इमरजेंसी में एक इंजन से भी उड़ सकता है। सिर्फ उसकी ताकत और ऊंचाई पर जाने की क्षमता कम हो जाती है। पायलट उसे एक ही इंजन से ऐसे एयरपोर्ट की ओर ले जाता है, जहां सुरक्षित लैंडिंग की जा सके।
ओवरवेट लैंडिंग से विमान को नुकसान हो सकता है
हर विमान के लिए एक अधिकतम लैंडिंग वजन तय होता है। सामान्य स्थिति में विमान को इससे ज्यादा वजन के साथ नहीं उतारा जाता। लेकिन इमरजेंसी में अगर तय सीमा से ज्यादा वजन के साथ उतारना पड़े, तो इसे ओवरवेट लैंडिंग कहते हैं।
विमान का वजन ज्यादा होने पर लैंडिंग स्पीड और लैंडिंग एनर्जी बढ़ सकती है। इससे ब्रेक और रनवे पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। ज्यादा लंबे रनवे की जरूरत हो सकती है।
लैंडिंग कितनी मुश्किल होगी, यह विमान की गति, रनवे की हालत, हवा की गति और ढलान पर भी निर्भर करता है। इसलिए ओवरवेट लैंडिंग के बाद विमान की जांच की जा सकती है कि उसे कोई नुकसान तो नहीं हुआ।
अब इसे ऐसे समझें
कोच्चि से अबू धाबी की हवाई दूरी करीब 2,800 किमी है। उड़ान में करीब 4 घंटे लगते हैं। विमान ने करीब 50 मिनट बाद 36 हजार फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबी की वजह से लौटने का फैसला किया।
यानी विमान ने यात्रा का करीब एक चौथाई समय ही पूरा किया था। इस वजह से उसमें सामान्य उड़ान की तुलना में काफी ईंधन बचा हुआ था। यात्रियों और लगैज के साथ विमान में ईंधन का वजन भी शामिल होता है, इसलिए वापस लौटते समय उसका लैंडिंग वजन तय वजन से ज्यादा था। इसलिए इसे ओवरवेट लैंडिंग कहा गया।
फ्लाइटरडार24 का यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
3 सितंबर को भी फ्लाइट में तकनीकी खराबी आई थी
इससे पहले भी 3 सितंबर को वाराणसी से दिल्ली जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
सूत्रों के मुताबिक विमान के कार्गों में धुएं का अलार्म बजा था। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट संपर्क किया। विमान के उतरते ही रिस्पॉन्स टीम ने मोर्चा संभाला। फायर बिग्रेड और टेक्निकल एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। विमान की जांच की गई।
सागर, एजेंसी। सागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। मरने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। 112 लोग ऐसे हैं, जिनकी जहरीली शराब पीने से हालत बिगड़ी है। उन्हें सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मामले में शराब बेंचने वाले ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 10 को अरेस्ट कर लिया गया है।
सोमवार सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने दम तोड़ा। इससे पहले एयरलिफ्ट कर भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात को मौत हुई थी। उनके पिता गोविंद लोधी ने भी रविवार को दम तोड़ दिया था। रामप्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी सागर में भर्ती है। वहीं, दोपहर में गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी, निवासी मुड़ना पैरा की भी मौत हुई है।
नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
जहरीली शराब से मरने वाले महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी।
उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।
एक शख्स ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है
बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।
जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है।
दुकानदार जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी
शराब दुकानदार जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी।
रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई।
बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR
पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई
नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।
बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।
10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे
सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।
उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।
जीतू पटवारी का दावा- 50 से ज्यादा लोगों की मौत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- इस त्रासदी के कारण कई परिवारों में मातम छा गया है, जहां छोटे-छोटे बच्चों और बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। पटवारी ने दावा कि जहरीली शराब से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
पटवारी बोले- SP पर तत्काल FIR हो
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने SP अनुराग सुजानिया के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि मुरैना में हुई जहरीली शराब त्रासदी के दौरान भी वे SP थे। अब सागर में भी ऐसी घटना हुई है। पटवारी ने SP पर तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।
कमलनाथ बोले- दवा से लेकर शराब तक सब जहरीला बिक रहा
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- जहरीली शराब से 22 मौतें गंभीर है। जिन शराब ब्रांड पर पहले सवाल उठे थे, सरकार की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप, इंदौर में जहरीला पानी और अब सागर में जहरीली शराब से मौतें बताती हैं कि प्रदेश में दवा से लेकर शराब तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है। यह सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है।
गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।
शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाई गई
बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई थी। इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।
मेथेनॉल एक तरह का जहरीला अल्कोहल
मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में। शराब में मेथेनॉल की मिलावट” का मतलब है कि शराब में ऐसा जहरीला केमिकल पाया गया, जिसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है।