छत्तीसगढ़
पीएम के ‘अर्बन नक्सली’ बयान पर बवाल:चरणदास महंत बोले- देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को शब्दों में संतुलन रखना चाहिए
सक्ती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सली’ बताने वाले बयान पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को अपने शब्दों में संतुलन रखना चाहिए, जो वर्तमान में नहीं दिख रहा है।

चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जहां जाते हैं, वहां के माहौल के अनुसार उनके बयान और राजनीतिक भाषा बदल जाती है। देश, जनता, लोकतंत्र और विकास जैसे मूल मुद्दों से ध्यान हटाकर अब राजनीतिक बयानबाजी को अधिक महत्व दिया जा रहा है। बिना ठोस आधार के दिए गए ऐसे बयान राजनीतिक वातावरण को अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण बनाते हैं और लोकतांत्रिक संवाद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
महंत ने राजनीतिक बयानबाजी करार
नेता प्रतिपक्ष ने जोर दिया कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो मन में आए, वह बोल देना” देश के प्रधानमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
महंत ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के बयानों को सुनते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से बुरा नहीं मानते। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया और कहा कि जनता सब समझती है, समय आने पर जवाब भी देती है।

छत्तीसगढ़
बंगाल चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका के साथ मिला अनुभव: जिम्मेदारी ने दिया रणनीतिक मैदान में सीखने का मौका: अमर सुल्तानिया
जांजगीर-चाम्पा । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए टीएमसी के भय, भूख और भ्रष्टाचार वाली सरकार को उखाड़ फेंका। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जो राज्य में कमल खिलने की पहली गौरवशाली गाथा है।इस महासमर में जांजगीर-चाम्पा जिले के भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया की सक्रिय और सुनियोजित भूमिका सामने आई है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्होंने क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के मार्गदर्शन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वर्धमान की दक्षिण सीट पर भाजपा प्रत्याशी मौमिता बिस्वास मिश्रा के लिए चुनावी मैदान में जोरदार मेहनत की जिसका परिणाम रहा कि वहाँ 30 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत मौमिता बिस्वास मिश्रा ने दर्ज की। अमर सुल्तानिया ने कहा की बंगाल चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका के साथ मिली जिम्मेदारी ने रणनीतिक मैदान में सीखने का मौका और बड़ा अनुभव दिया है।

पत्रकारों से चर्चा में अमर सुल्तानिया ने बताया कि इस जीत की असली ताकत बूथ स्तर पर तैयार की गई सूक्ष्म रणनीति रही। हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई थी। मतदाता सूची का गहन विश्लेषण, घर-घर संपर्क अभियान और मतदान दिवस की माइक्रो प्लानिंग ने निर्णायक भूमिका निभाई। बूथ प्रभारी से लेकर पन्ना प्रमुख तक की सक्रियता ने अंत तक मतदाताओं को जोड़े रखा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की आक्रामक रणनीति व जनसंवाद ने चुनावी माहौल को भाजपा के पक्ष में मोड़ दिया। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम ने बंगाल में संगठनात्मक आधार को सशक्त किया।
दिग्गजों की रैलियों से बना माहौल
चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सांसद मनोज तिवारी की रैलियों ने चुनावी माहौल को निर्णायक दिशा दी। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
साय की जिम्मेदारी वाली 56 में से 51 सीटों पर जीत का परचम
शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को 56 सीटों की जिम्मेदारी दी थी, जिनमें से 51 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। इसे उनकी रणनीतिक क्षमता और मजबूत बूथ मैनेजमेंट का परिणाम माना जा रहा है। चुनाव के दौरान इन सीटों पर पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के नेतृत्व में गठित दो टीमों ने समन्वित तरीके से काम किया, जिससे संगठन की पकड़ मजबूत हुई।
वर्धमान जिले की 14 सीटों पर छत्तीसगढ़ के नेताओं ने की मेहनत
इस पूरे अभियान में वर्धमान जिले के 14 सीटों में छत्तीसगढ़ से बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, विक्रांत सिंह, निरंजन सिन्हा, बाबूलाल अग्रवाल, कृष्णकांत चंद्रा, श्याम कृष्णा जायसवाल, जितेंद्र खांडे, महेंद्र चोपड़ा, संकल्प अग्रवाल, मोनू चौधरी, प्रदीप केंवट सहित अनेक कार्यकर्ताओं की मेहनत निर्णायक साबित हुई। इस संगठित प्रयास ने बंगाल में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ जनमत तैयार कर सुशासन की नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त किया।

कोरबा
कोटपा एक्ट के तहत कोरबा जिले में की गई चालानी कार्यवाही
कोरबा। सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के अंतर्गत नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में कोटपा एक्ट, 2003 के प्रावधानों के अनुसार 06 मई 2026 और 07 मई 2026 को प्रवर्तन दल द्वारा चालानी कार्यवाही की गई।

इस कार्यवाही में सुनील सांडे, ऋषि साहू, वीरेंद्र भगत (औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोरबा) तथा संतोष केवट (तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम) की टीम ने कोरबा के रिस्दी क्षेत्र, जिला अस्पताल परिसर के आसपास और कोसाबाड़ी क्षेत्र में स्थित पान दुकानों, चाय ठेलों, भोजनालयों और किराना दुकानों की जांच की। जांच के दौरान कोटपा एक्ट की धारा 4 और 6 के उल्लंघन पर कुल 35 दुकानों में कार्रवाई की गई, जिसमें 5 दुकानों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया जबकि शेष 30 दुकानों पर कुल 2,070 रुपए का चालान किया गया। यह प्रवर्तन कार्य आगे भी कोरबा जिले के सभी विकासखण्डों में निरंतर रूप से किया जाता रहेगा।
कोटपा एक्ट, 2003 के प्रावधानों के अनुसार धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है। धारा 5 में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध का प्रावधान है। धारा 6 में नाबालिगों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान है। वहीं धारा 7, 8 और 10 में बिना विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी के सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध शामिल है। धारा 4 और 6 के उल्लंघन पर 200 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कोरबा
शासकीय उचित मूल्य दुकानों में मनाया गया चावल उत्सव
कोरबा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों में राशनकार्ड धारक हितग्राहियों को खाद्यान्न का नियमित एवं सुचारू वितरण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक माह चावल उत्सव आयोजित किए जाने के संबंध में शासन द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने चावल उत्सव कार्यक्रम के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को संबंधित उचित मूल्य दुकानों में उपस्थित रहकर खाद्यान्न वितरण की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

7 मई को कोरबा जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल उत्सव का आयोजन किया गया। आगामी महीनों में भी प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर हितग्राहियों को मई एवं जून माह का चावल एक साथ वितरित किया जा रहा है।

जिले में आयोजित चावल उत्सव कार्यक्रम की फोटोग्राफ खाद्य विभाग की विभागीय वेबसाइट पर प्रत्येक माह अपलोड की जा रही हैं।


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