Connect with us

छत्तीसगढ़

साय बोले-पटवारियों का ट्रांसफर होते रहना चाहिए:रायपुर में सीएम ने कहा- राजस्व विभाग की छवि सुधारने की जरूरत, फिर सुनाया अपना किस्सा

Published

on

रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के कामकाज से सरकार नाखुश है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में राजस्व विभाग के तमाम बड़े अफसर और मंत्री टंकराम की मौजूदगी में एक बैठक हुई। मीटिंग में जो बातें मुख्यमंत्री की ओर से कहीं गईं, उससे साफ है कि राजस्व विभाग के काम-काज में मुख्यमंत्री बदलाव चाहते हैं।

सीएम ने लंबे समय से एक ही जगह पर जमे हुए पटवारियों को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। राजस्व विभाग के अफसरों को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने वह किस्सा भी सुनाया, जब पहली बार वह विधायक बने और राजस्व विभाग का एक मामला उनके सामने आया था।

मीटिंग में अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने दो टूक कह दिया कि राजस्व विभाग की छवि सुधारने की जरूरत है। दिनभर चली इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने खेल विभाग की भी समीक्षा बैठक की।

पटवारियों का ट्रांसफर होते रहना चाहिए-सीएम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पटवारियों का ट्रांसफर होते रहना चाहिए। ये न हो कि कोई लंबे समय से एक ही जगह पर है। अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें नियत समय के बाद पटवारी का अनिवार्य रूप से उस हल्के और तहसील क्षेत्र से स्थानांतरण हो जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को रोज के सरकारी कामकाज में पटवारी के सहयोग की जरूरत पड़ती है।

CM ने अधिकारियों से कहा कि पटवारी अपने मुख्यालय में रहकर कार्य करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों की भूमि का शासन के पक्ष में नामांतरण का काम अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में शहरी पट्टों के वितरण के लिए कार्यवाही जल्द पूरी कर ली जाए।

जब CM ने सुनाया किस्सा

बैठक ये बात भी उठी कि राजस्व के जमीन से जुड़े मामलों में कई बार सालों-साल लोग दफ्तरों के चक्कर काटते हैं। CM एक किस्सा सुनाते हुए कहा- मैं साल 1990 में नया-नया विधायक बना, तब साधु की तरह दिखने वाले लंबी कद काठी का एक व्यक्ति मेरे पास आवेदन लेकर आया। वे मेरे जन्म यानी साल 1964 से राजस्व के एक मामले को लेकर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें अपने मामले की सारी जानकारियां याद थी और कागज पलटने तक की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें अपनी गाड़ी से एसडीएम कार्यालय लेकर गया और मामले का निराकरण कराया।

ये किस्सा सुनाने के बाद अधिकारियों से मुख्यमंत्री बोले कि हमें राजस्व अमले की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजस्व विभाग सीधे आम आदमी से जुड़ा है और हमें इसकी छवि सुधारने के लिए काम करना है। जब ये बात मुख्यमंत्री कह रहे थे तब बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी मौजूद थे।

टाइम लिमिट में काम पूरे करिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि फौती नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण सहित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाए और इसे समय सीमा में ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजिटल नवाचारों पर भी तेजी के साथ काम करें।

राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने CM के निर्देशों पर एक्शन का भरोसा दिलाया। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और राहुल भगत भी मौजूद थे।

खिलाड़ियों के रहने-खाने-पढ़ने का होगा बंदोबस्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेल और युवा कल्याण विभाग के कामों की समीक्षा बैठक भी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कहा कि प्रदेश में प्रचलित 8-10 महत्वपूर्ण खेलों को चिन्हांकित कर खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण, पढ़ाई और अच्छे पोषण के साथ विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएं। हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में मेडल जीते, हम इसी लक्ष्य के साथ खेल सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रहें हैं। हमें अपनी खेल प्रतिभाओं को विश्व पटल पर लेकर जाना है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से प्रदेश में मौजूद स्पोर्ट्स इंस्फ्राट्रक्चर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरगुजा से लेकर बस्तर तक युवाओं में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, हमें उसे निखारने की आवश्यकता है। साय ने अधिकारियों से केन्द्रीय स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजे प्रस्ताव की जानकारी सूचीबद्ध कर उपलब्ध कराने को कहा ताकि अपने दिल्ली प्रवास के दौरान इन पर चर्चा की जा सके।

प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर

सीएम साय ने NTPC के सहयोग से जशपुर जिले के सन्ना में तैयार होने वाले नेशनल आर्चरी अकादमी का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल से इस दूरस्थ इलाके का विकास होगा, साथ ही इस इलाके में रहने वाले पहाड़ी कोरवा, जो स्वाभाविक रूप से तीरंदाजी में माहिर होते हैं, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने नियद नेल्ला नार योजना के तहत नक्सल प्रभावित इलाकों में खेल सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लिए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जशपुर, रायगढ़ में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण से जुड़ी जानकारियां दी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनिज माफियाओं पर शिकंजा:कोरबा हसदेव नदी में JCB, टीपर और ट्रैक्टर जब्त, रात में भी होगी कार्रवाई

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए खनिज विभाग ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (26 जून) को सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन कैमरे से निगरानी के दौरान अवैध रेत उत्खनन करते वाहनों का पता लगाया।

विभाग ने एक जेसीबी, एक टीपर और एक ट्रैक्टर सहित कुल तीन वाहनों को जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में की गई।

ड्रोन से ट्रैक हुई जेसीबी की लोकेशन

अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे में हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन करती एक जेसीबी की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। ड्रोन की मदद से वाहन की लोकेशन इमलीडुग्गू तक ट्रैक की गई। इसके बाद खनिज विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी और अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर उरगा स्थित खनिज जांच चौकी की अभिरक्षा में रखा गया।

राताखार में भी ट्रैक्टर जब्त

इसी अभियान के तहत राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। जब्त वाहन को रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।

ड्रोन और थर्मल इमेजिंग से होगी निगरानी

खनिज विभाग ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अब ड्रोन तकनीक का नियमित उपयोग किया जाएगा। रात के समय अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई

सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हुए सबूतों के आधार पर भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।

उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

घर घुसकर पूछा-पूर्णिमा कहां है, फिर सिर पर मारी गोली:सक्ती में 3 राउंड फायरिंग कर भागे बदमाश, गमछा लपेटकर बाइक से आए थे

Published

on

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक युवती की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह बाइक सवार 2 युवक पूर्णिमा चौहान (25) के घर पहुंचे। दोनों मुंह पर सफेद गमछा बांधे हुए थे। एक गन लेकर अंदर घुसा और दूसरा बाहर खड़ा रहा। परिवार वालों से युवती के बारे में पूछताछ की। तभी पूर्णिमा बाहर निकली।

युवक ने उसे देखते ही 3 राउंड फायरिंग कर दी। गोली पूर्णिमा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर जा लगी। फायरिंग के बाद दोनों मौके से भाग निकले। मामला सक्ती थाना क्षेत्र के जोंगरा गांव का है। पूर्णिमा प्राइवेट कंपनी में जॉब करती था। शुक्रवार को जब वह अपने घर पर थी, तभी ये वारदात हुई। पुलिस आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है।

शादी टूटने के बाद घर में रहती थी

दरअसल, ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान पिछले 4 साल से स्वामिनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सेल्स का काम कर रही थी। ये कंपनी पंजाब की है। पूर्णिमा की शादी रायगढ़ जिले में हुई थी, लेकिन रिश्ता टूटने के बाद 2 साल से वह अपने घर में ही रह रही थी।

आरोपी ने 3 राउंड फायरिंग की

शुक्रवार (26 जून) सुबह करीब 11 बजे बाइक सवार 2 युवक उसके घर पहुंचे। दोनों सफेद कपड़े से मुंह ढके हुए थे। बाइक में नंबर भी नहीं लिखा था। एक अंदर जाकर पूर्णिमा के बारे में पूछने लगा। जैसे ही पूर्णिमा बाहर निकली, उस पर 3 राउंड फायरिंग कर दी गई।

पूर्णिमा के सिर पर लगी गोली

गोली पूर्णिमा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों से बाहर आए तो उन्होंने पूर्णिमा को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी।

अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान

सूचना के बाद मौके पर पहुंची डायल- 112 की टीम ने फौरन पूर्णिमा को पास के अस्पताल पहुंचाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस के सीनियर अफसर और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

SP प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीम एक्टिव हो गई। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान हो सके।

वारदात की वजह अब तक स्पष्ट नहीं

फिलहाल पुलिस ने इस वारदात के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है। यह भी साफ नहीं हो सका है कि हमला किस वजह से किया गया और इसमें शामिल आरोपी कौन हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

दिनदहाड़े फायरिंग से इलाके में दहशत

दिनदहाड़े हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ इलाकों में नाकेबंदी भी की गई है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में प्रकाश इंडस्ट्री में 40 वर्षीय श्रमिक की मौत:ऊंचाई से गिरने से हुआ हादसा, इलाज के दौरान गई जान, पुलिस जांच में जुटी

Published

on

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा स्थित प्रकाश इंडस्ट्री में आज दोपहर एक श्रमिक की मौत हो गई। 40 वर्षीय गोरेलाल कवर काम के दौरान ऊंचाई से गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ। गोरेलाल कुम्हारी खुर्द का निवासी था।

मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच गोरेलाल प्लांट के इलेक्ट्रिकल फील्ड में काम कर रहा था। वह ठेकेदार श्याम लाल साहू के अधीन कार्यरत था। बताया गया कि गोरेलाल लगभग 8 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर एंगल की कटाई कर रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया।

इलाज के दौरान गई जान

हादसे के बाद उसे प्लांट के भीतर ही शुरूआती इलाज दिया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल जांजगीर के जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

फिलहाल चांपा पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद प्लांट प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बच्चियों की पढाई सहित परिवार को मिला मुआवजा

मृतक गोरे लाल कंवर के परिजनों को PIL (प्रकाश इंडस्ट्री) की ओर से 2.50 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी, ठेकेदार श्याम लाल साहू की ओर से 2.50 लाख रुपए दी जाएगी। साथ ही 50 हजार रुपए की सहायत राशि तत्काल प्रदान की गई है।

साथ ही दो बच्चियों की पढाई का पूरा खर्च PIL पावर प्लांट उठाएगा। दोनो बच्चियों की पढ़ाई पूरी होने पर नौकरी भी दी जाएगी। तब जाकर जिला अस्पताल में चल रहे हंगामे का मामला शांत हुआ और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677