कोरबा
संघर्ष को मिला सम्मान: पत्रकार युधिष्ठिर राजवाड़े को मिला रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान
लोकसदन एवं प्रगतिशील लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ सम्मान समारोह
देश के प्रथम एवं प्रख्यात व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की 101 वीं जयंती पर आयोजित हुआ समारोह
याद किये गए कोरबा के संघर्षशील पत्रकार रहे स्व. रमेश पासवान

कोरबा। कोरबा के क्रियाशील पत्रकारों में ख्यातिलब्ध पत्रकार एवं दैनिक लोकसदन के संपादक सुरेश रोहरा द्वारा आये दिन नीत नए रचनात्मक एवं सरोकार से जुड़े कार्यों को अमलीजामा पहनाते रहते हैं। उनके मार्गदर्शक एवं मित्र सनंददास दीवान एवं श्री रोहरा अंतिम व्यक्ति के प्रति अच्छी सोच रखकर नीचे तबके के लोगों के उत्थान के लिए कुछ न कुछ नया करते रहते हैं, ताकि समाज को एक नया संदेश जाए और नीचे तबके के लोगों का भला हो।
इसी कड़ी में कोरबा के निर्भीक एवं पत्रकार जगत के होनहार व्यक्ति रहे स्व. रमेश पासवान के संघर्षशील जीवन को अपनी कलम से नया आकार दिया और समाज को यह संदेश दिया कि व्यक्ति धन से नहीं बल्कि अपने कर्म से अपनी पहचान बनाता है। स्व. रमेश पासवान भी एक ऐसे पत्रकार थे, जिन्होंने समाचार के प्रति कभी समझौता नहीं किया, भले ही स्व.श्री पासवान को अपना पूरा जीवन सादगी में ही काटना पड़ा। धनलोलुपता स्व. पासवान को कभी घेर नहीं पायी। निर्भीक और व्यवहारकुशलता के धनी स्व. रमेश पासवान को मरणोपरांत अजर-अमर करने का बीड़ा उठाया सुरेश रोहरा ने और सनंददास दीवान के मार्गदर्शन में तीन साल पहले रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान का शुभारंभ किया और हर साल एक संघर्षशील पत्रकार को यह सम्मान उनके द्वारा दिया जाता है। 2024 का रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान इस बार संघर्षशील पत्रकार एवं दिव्य आकाश के संपादक युधिष्ठिर राजवाड़े को दिया गया। श्री राजवाड़े ने इस अनुग्रह के लिए लोकसदन एवं प्रगतिशील लेखकसंघ के प्रति अपना आभार जताया और कहा कि- हालाकि मैं इस सम्मान के लायक नहीं हूं, लेकिन आयोजन समिति ने मुझे इस लायक समझा, यह उनका बड़प्पन है। मैं फिर से आयोजन समिति के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर करता हूं।
तीन साल पूर्व इस दुनिया को अलविदा कह गए थे रमेश पासवान
कोरोनाकाल के भयावह को पूरी दुनिया ने देखा है और कईयों ने इस भयावह को भुगता भी है। कई दोस्त, कई विभूतियां इस दुनिया से अनायास ही इस महामारी के कारण चले गए। हम पत्रकार साथियों के बीच एक अलग पहचान बनाने वाले रमेश पासवान भी इस महामारी के शिकार हो गए और एक निर्भीक तथा ख्यातिलब्ध पत्रकार इस दुनिया से चले गए। पत्रकारों के बीच अलग छवि और सबको अपने व्यवहार से अपना बना लेने की क्षमता रखने वाले रमेश पासवान के अनायास चले जाने से पत्रकार जगत को काफी आघात लगा। उनके निधन से रिक्त जगह को पूरी नहीं की जा सकती लेकिन उनके व्यक्तित्व और उनकी लेखनी को अजर अमर करने के लिए लोकसदन परिवार द्वारा रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान की शुरूआत उनके निधन के बाद तीन साल पूर्व किया गया। लोकसदन के संपादक सुरेश रोहरा की कर्मठता और जज्बा से यह समारोह हर साल लघु रूप से लेकिन भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस साल 22 अगस्त को घंटाघर कोरबा के पास स्थित पंडित मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन में संध्या 6 बजे से इस समारोह के विभूतियों की उपस्थिति में भव्यता के साथ मनाया गया।
स्व. रमेश पासवान सरल व्यक्ति थे लेकिन एक निर्भीक पत्रकार थे – किशोर शर्मा
देश के प्रथम एवं विश्वविख्यात व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की 101वीं जयंती पर घंटाघर कोरबा के पास स्थित मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन में रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान समारोह में कोरबा की विभूतियों की गरिमामय उपस्थिति रही। कोरबा के विद्वतजनों मेें शुमार वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक छत्तीसगढ़ गौरव के संपादक किशोर शर्मा ने हरिशंकर परसाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाज में उनके योगदान को अपने श्रीमुख से उकेरा। उन्होंने कोरबा के एक सच्चे कलमकार रमेश पासवान के सादगी भरे जीवन और लेखनी में उनकी निर्भीकता को भी उकेरा।
किशोर की जुबानी-हरिशंकर परसाई की कहानी
22 अगस्त 1924 को इस धरा पर एक ऐसे व्यक्तित्व का उदय हुआ जो कालांतर में हरिशंकर परसाईं के नाम से देश दुनिया में विख्यात हुआ। आज उनकी 101वीं जयंती पर हम सब उनके प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर करते हुए हम उन्हें नमन करते हैं। स्व. श्री परसाई ने अपनी रचनाओं एवं व्यंग्य लेखन से समाज को एक नई दिशा दी, समाज को जागृत किया। हरिशंकर परसाईं दैनिक अखबार देशबंधु में लंबे समय तक अपनी लेखनी लिखी और समाज को एक नया संदेश दिया। श्री शर्मा ने कहा कि हरिशंकर परसाईं अपने व्यंग्य लेखनों से एक नई विधा प्रारंभ की- व्यंग्य। संभवत: यह देश के प्रथम व्यंग्यकार लेखक थे। उनकी रचनाओं में गुदगुदी भी होती थी और समाज का आईना भी दिखता था। लगातार खोखली होती जा रही सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में पिसते लोगों के दर्द को हरिशंकर परसाईं ने महसूस किया और अपने व्यंग्य लेखन से समाज को जागृत करने का काम किया और राजनीति के धुरंधरों को आईना दिखाने का भी काम किया। अपनी पैनी लेखनी से वे एक समाज सुधारक के रूप में भी जाने जाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि उनका जन्म मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के एक छोटे से गांव जमानी में हुआ था। नागपुर में उनकी शिक्षा हुई और जबलपुर में अपनी खुद की पत्रिका चालू की और अपनी लेखनी को पत्रिका के माध्यम से धार देने का काम प्रारंभ किया। हमें गर्व है कि हरिशंकर परसाई कई सालों तक छत्तीसगढ़ की धरा को भी जागरूक करने का प्रयास किया और वे राजनांदगांव में रहकर अपनी लेखनी को आगे बढ़ाया।
हरिशंकर परसाईं एक प्रेरणा श्रोत हैं और उनकी जीवनी से हमें प्रेरणा भी लेनी चाहिए। वे अजर अमर हैं और उनकी लेखनी से ही हम उन्हें हर साल याद करते हैं। उनकी लेखनी के कारण उन्हें कई राष्ट्रीय पुरूष्कार भी मिले।
रमेश पासवान का संघर्षशील जीवन-किशोर शर्मा की जुबानी
कोरबा जिले के वरिष्ठ पत्रकार रमेश पासवान का निधन कोरोनाकाल में हुआ और इस महामारी ने हमारी एक प्रतिभा को सदा के लिए छीन लिया। 26 अप्रैल 2021 को रमेश पासवान का आकस्मिक निधन हो गया और पत्रकार जगत उनके निधन से हतप्रभ रह गया। पत्रकार जगत के लिए यह एक बड़ा आघात था। हम उनके निधन से रिक्त हुई जगह को भर तो नहीं सकते, लेकिन उनके कर्म से हम सदा उन्हें याद करते रहेंगे।
एक कर्मशील पत्रकार के रूप में कोरबा जिले में विख्यात स्व. रमेश पासवान के सौम्य व्यवहार, सादगी भरा जीवन और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी निडरता को सानिध्य देने वाले देशबंधु के पूर्व ब्युरोचीफ एवं छत्तीसगढ़ गौरव के संपादक किशोर शर्मा ने अपने सानिध्य में उन्हें आगे बढ़ाया और पत्रकारिता की सूक्ष्मता को उनके जीवन का हिस्सा बनाया।
कोरबा में पत्रकारजगत के आधार स्तंभों में से एक किशोर शर्मा ने कहा कि रमेश पासवान मेरे सहयोगी थे और बिना साधन के एक अच्छे पत्रकार के रूप में अपने आपको स्थापित कर कोरबा जिले में अपनी खुद की पहचान बनायी। वे एक सरल व्यक्ति थे, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में एक निर्भीक पत्रकार के रूप में जाने जाते रहे हैं। 56 वर्ष की उम्र में तीन साल पहले उनका निधन हो गया लेकिन लंबे समय तक वे मेरे सहयोगी के रूप में काम करते रहे।
मूलत: बिहार निवासी होने के बावजूद भी उनकी वाणी में छत्तीसगढिय़ा संस्कृति कूट-कूटकर भरी हुई थी और वे भोजपुरी के साथ-साथ हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रखी थी। देशबंधु से पूर्व वे कुछ महीने तक वीर छत्तीसगढ़ में भी अपनी सेवा दी थी, लेकिन उनकी पत्रकारिता को देशबंधु में ही धार मिली। उन्होंने करीब तीन दशक तक पत्रकारिता में अपना लोहा मनवाया। श्री शर्मा ने बताया वे कोरबा के एक ऐसे पत्रकार थे, जो व्यवहार से सरल लगते थे लेकिन पत्रकारिता में उनकी निडरता सर्वविख्यात था। पत्रकारिता में उनकी चमक तब बढ़ी जब भाजपा के शासनकाल में बालको का निजीकरण हुआ और कोरबा में श्रमिकों एवं युनियनों ने एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया। उनकी रिपोर्टिंग से उनकी ख्याति छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश तक पहुंची।
श्री शर्मा ने बताया कि आने वाला समय उन लोगों के लिए बेहतर होता है जो कर्मशील और संघर्षशील हुआ करते हैं। रमेश पासवान दशकों तक मेरे सहयोगी के रूप में काम करते रहे, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी हो, इसके लिए अच्छी सैलरी मिलने के कारण वे विनम्रता पूर्वक मुझसे आग्रह किया- भैय्या! मैं हरिभूमि में जाना चाहता हूं, यदि आपका आदेश हो तो? ऐसे विनम्र थे रमेश पासवान। वे हरिभूमि के साथ-साथ नवभारत में भी अपनी सेवाएं दी और बतौर संवाददाता नवभारत में रहते हुए कोरोनाकाल में उनका निधन हो गया।
इस दुनिया से जाने के बाद सिर्फ कर्म के कारण नाम रह जाते है
किशोर शर्मा ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। जो यहां आया है, उसे एक दिन जाना ही है। समय के साथ-साथ सभी इस दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन जमाना उन्हें याद रखता है जो अपने कर्म से इस समाज को कुछ देकर जाता है। रमेश पासवान की सौम्यता और उनकी लेखनी, निर्भीक पत्रकारिता के कारण हम उन्हें आज याद कर रहे हैं और उनका चीरस्थाई स्मरण हमारे लिए प्रेरणा बनकर रहेगा। जब-जब पत्रकारिता की बात आएगी, रमेश पासवान जरूर याद आएंगे। हम उन्हें आज उनकी स्मृति में सम्मान देकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मैं छोटे भाई युधिष्ठिर राजवाड़े को भी बधाई देता हूं, जो कम संसाधन में अपनी क्रियाशीलता, सद्व्यवहार से दिव्य आकाश को निरंतरता प्रदान कर रहा है। लगातार 14 साल 4 माह तक नियमित दिव्य आकाश का प्रकाशन करना कोई छोटी बात नहीं है। इस सम्मान के लिए युधिष्ठिर सही विकल्प है, मैं उसे बधाई देता हूं और सतत् सफलता की कामना करता हूं।
संघर्षशील व्यक्ति ठान ले तो सफलता जरूर मिलती है-विकास जोशी
कोरबा के ख्यातिलब्ध वक्ता और विद्वान पत्रकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राष्ट्रीय धर्मऊर्जा के संपादक और राष्ट्रीय चिंतक विकास जोशी ने इस गरीमामय कार्यक्रम को अपने ओजस्वी वक्तव्य से और गरीमा प्रदान की। उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक सुरेश रोहरा के इस आयोजन की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के निम्न, मध्यम, दबे-कुचले लोगों को ऊपर उठाने की सोच रखने वाला समाज का सबसे बड़ा आदमी होता है। बड़े लोगों को तो सब पूछते हैं, लेकिन जो संघर्ष कर अपने जीवन को और अपने कर्मक्षेत्र में प्रकाश फैलाते हैं, ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने का काम करने वाला सच्चा समाज हितैषी होता है।
सुरेश रोहरा ने एक ऐसा ही अनुकरणीय काम किया है। आज देश के, समाज के प्रेरणा श्रोत प्रख्यात व्यंग्यकार लेखक हरिशंकर परसाईं की जन्मजयंती पर हम उन्हें नमन करते हुए उनसे कुछ सीखें और समाज को कुछ देने का प्रयास करें। सुरेश रोहरा ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने संघर्ष को जीने वाला कनिष्ठ पत्रकार युधिष्ठि राजवाड़े को रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान के लिए चयन किया है, यह उनकी अच्छी सोच को परिलक्षित करता है। उन्होंने कहा कि अच्छी सोच से ही समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। बड़े लोगों को ऊपर उठाने के लिए 100 लोग मिल जाते हंै लेकिन समाज के नीचे तबके को उठाने वाला बिरला ही मिलता है। सुरेश रोहरा की इस सोच को मैं प्रणाम करता हूं।
उन्होंने अपने उद्बोधन में सबसे पहले मंचस्थ विभूतियों का नाम लेते हुए अपनी वाणी को आगे बढ़ाया और कहा कि देश में हरिशंकर परसार्इं जैसी विभूति समाज को आज भी नई प्रेरणा दे रहे हैं, वहीं कोरबा के कर्मशील पत्रकार रहे रमेश पासवान को भी अद्वितीय बताया। उन्होंने कहा कि रमेश पासवान कोई बड़ा आदमी नहीं था, एक मध्यम वर्गीय श्रमजीवी पत्रकार थे, उनकी लेखनी में अंतिम व्यक्ति के लोगों की समस्याओं की कसक दिखती थी और उनके समाचार में उनके उत्थान को बयां करने वाले शब्द रहते थे। उनके समाचारों से दबे-कुचले लोगों की आवाज आती थी और इसकी पहुंच शासन प्रशासन तक होती थी। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं, रमेश पासवान उनकी समस्याओं को बड़ी गंभीरता से अपने कार्य स्थल और अखबारों में स्थान देते थे, ताकि उनकी समस्याएं हल हों। उनके समाचारों में लोगों के जीवन के ब्लैक स्पॉट को स्थान दिया जाता था, ताकि इस ब्लैक स्पॉट में रौशनी की कुछ किरण पहुंच सके। उनकी लेखनी में धार थी। रमेश पासवान कोरबा का बहुत बड़ा आदमी नहीं, लेकिन उनकी पत्रकारिता में एक अलग पहचान थी। इसी पहचान को सुरेश रोहरा नई पहचान देने में लगे हुए हैं। उनके द्वारा प्रारंभ किया गया रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान कर्मशील पत्रकारों के लिए नया उत्साह वर्धन करने वाला साबित होगा। मैं युधिष्ठिर राजवाड़े को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि उसने अपनी कर्मठता और जज्बा को समाज में प्रदर्शित किया है और दिव्य आकाश को 14 सालों से गति दे रहा है।
बड़ों का अपमान भूल से भी मत करना-सनंददास दीवान
रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान समारोह के मार्गदर्शक के रूप में सनंददास दीवान ने अपनी महती भूमिका निभाई और कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए कुछ प्रेरणा स्पद शब्दों का भी प्रयोग करते रहे। उन्होंने रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान समारोह के तृतीय वर्ष के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तृतीय वर्ष का पुरस्कार देते हुए हमें हर्ष हो रहा है कि हम आज यह पुरस्कार एक ऐसे पत्रकार को दे रहे हैं जो संघर्षशील, क्रियाशील और जज्बे के साथ दिव्य आकाश को अद्वितीय रूप से प्रकाशित कर आगे बढ़ा रहा है। उसके समाचार पत्र में शुद्ध पत्रकारिता की झलक दिखाई देती है और द्वेषपूर्ण समाचारों का कोई स्थान नहीं होता। निष्पक्ष पत्रकारिता का अद्वितीय उदाहरण है युधिष्ठिर राजवाड़े। उन्होंने युधिष्ठिर राजवाड़े की ओर इंगित करते हुए एक बड़ी बात भी कही। उन्होंने कहा अपने वरिष्ठजनों का कभी अपमान मत करना और उनसे सिर्फ अच्छी बातों को सीख कर अपनी कर्मशीलता एवं कार्यक्षेत्र को आगे बढ़ाना। कभी-कभी मानवीय भूल हो जाती है, यह बड़ी बात नहीं है, लेकिन अपनी गलती को स्वीकार करना बड़ी बात है। इस बड़ी बात को जो समझ लिया, उसकी सफलता निश्चित है।
रमेश पासवान के नाम से सम्मान प्रारंभ करना, उनको सच्ची श्रद्धांजलि- सुरेश रोहरा
कार्यक्रम के संयोजक सुरेश रोहरा ने कहा कि रमेश पासवान के साथ मैंने कई वर्षों तक काम किया। उनकी मित्रता से मैं आज भी आल्हादित होता हूं, लेकिन उनके निधन से मैं पूरी तरह टूट गया था, लेकिन उनके साथ बिताए पलों ने मुझे हौसला दिया और मेरे मन में सोच आयी कि मैं अपने मित्र के लिए सबसे बेहतर क्या कर सकता हूं। उन्होंने अपनी सोच को साकार किया और तीन वर्ष पूर्व रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान प्रारंभ किया। आज तीसरे वर्ष हम एक ऐसे व्यक्ति को रमेश पासवान पत्रकारिता सम्मान से नवाज रहे हैं जिन्होंने रमेश पासवान की सोच को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। मैं युधिष्ठिर राजवाड़े को बधाई देता हूं और अपेक्षा करता हूं कि अंतिम व्यक्ति के उत्थान की सोच को आगे बढ़ाते हुए अपनी पत्रकारिता को आगे बढ़ाए।
मैं कार्यक्रम की गरीमा बढ़ाने वाले विद्वतजनों किशोर शर्मा, विकास जोशी, शिवशंकर अग्रवाल, सनंददास दीवान, साहित्यकार वीणा मिस्त्री, श्री बनाफर, पत्रकार अरविंद पांडेय, कमल सरविद्या, दीलीप अग्रवाल, श्री श्रीवास, श्री दीवान सहित उपस्थित साहित्यकारों का आभार जताया और कहा कि ऐसी विभूतियों के बीच यह सम्मान समारोह अद्वितीय और अविस्मरणीय बन गया। सभी का सादर साधुवाद और अभिनंदन। कार्यक्रम के अंत में सचिव अरविंद पांडेय ने सभी का आभार जताया।
कार्यक्रम का शुभ आरंभ मां सरस्वती की अद्वितीय प्रतिमा के श्रीचरणों में पुष्प अर्पित और सद्ज्ञान की कामना के साथ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर कवियत्री वीणा मिस्त्री ने सुमधुर वाणी से मां सरस्वती की आरती गायी। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में उपस्थित साहित्यकारों ने साहित्य विधा को आगे बढ़ाया और श्रोतागणों ने घंटों तक इसका रसपान किया।
इस अवसर पर पत्रकार सुखसागर मन्नेवार, अरविंद पांडेय, सत्या पाल, दिव्य आकाश को आगे बढ़ाने वाली टीम राजेश यादव, राजू, सुरेश, विपेन्द्र साहू, जय नेताम, भागवत दीवान एवं युधिष्ठिर राजवाड़े के परिजनों में अग्रज गुरूनंदन प्रसाद राजवाड़े, श्रीमती पूर्णिमा राजवाड़े, संगीता राजवाड़े, सालिकराम राजवाड़े, प्रभा राजवाड़े, अंकिता राजवाड़े, कुणाल राजवाड़े, ओम राजवाड़े, अवि राजवाड़े सहित विशेष रूप से साहित्य जगत की विभूतियां उपस्थित थीं।



कोरबा
हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी रज्जाक अली गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
आदतन अपराधी एवं गुंडा बदमाश रज्जाक अली के विरुद्ध कोरबा पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोरबा। दिनांक 15.06.2026 को थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 550/2026 धारा 296, 351(3), 109(1), 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रार्थी शिवबालक सिंह तोमर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि जिला जेल कोरबा के समीप पुरानी रंजिश के चलते आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों द्वारा रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों द्वारा लोहे के डंडे एवं अन्य हथियारों से हमला कर प्रार्थी को गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिससे उसके दोनों पैरों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा आरोपी रज्जाक अली को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
गवाहों को धमकाने एवं न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित करने के प्रयास पर पृथक अपराध दर्ज
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रज्जाक अली द्वारा प्रकरण के गवाहों एवं संबंधित व्यक्तियों को लगातार धमकाया जा रहा था तथा बयान बदलने एवं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध पृथक से धारा 296, 351(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
तीन दशकों से अधिक समय से गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है आरोपी
आरोपी रज्जाक अली के विरुद्ध थाना कोतवाली, करतला, उरगा सहित जिले के विभिन्न थानों में विगत लगभग तीन दशकों से हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आगजनी, अवैध हथियार रखने, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं संपत्ति संबंधी अपराध सहित अनेक गंभीर अपराध दर्ज हैं।
जिला बदर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, समाज में भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करने तथा लोक शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों को देखते हुए कोरबा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध जिला बदर (Externment) हेतु प्रतिवेदन तैयार कर जिलाधीश कार्यालय भेजा गया है।
साथ ही उपलब्ध तथ्यों एवं आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है।
कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा
मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा महिला मोर्चा हरदीबाजार द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन
विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं ने मनाया सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का उत्सव

कोरबा/हरदीबाजार। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा के, 12 वर्ष सुशासन के, 12 वर्ष गरीब कल्याण के पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल हरदीबाजार में महिला मोर्चा द्वारा एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।

यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार के निर्देशानुसार एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल के मार्गदर्शन में महिला मोर्चा हरदीबाजार मंडल अध्यक्ष श्रीमती अमृता यादव की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, समर्पण, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम अध्याय हैं ।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
इस गौरवशाली उत्सव को और अधिक खास बनाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा विभिन्न रचनात्मक और जनकल्याण से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।
पेंटिंग प्रतियोगिता:- महिलाओं और बालिकाओं ने कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया ।

रंगोली प्रतियोगिता:- आकर्षक और भव्य रंगोलियों के जरिए मोदी सरकार की योजनाओं और भारतीय संस्कृति को उकेरा गया ।


पौष्टिक आहार प्रतियोगिता:- स्वस्थ भारत के संकल्प को बढ़ावा देने के लिए पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई ।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा देश के विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों और आम जनमानस के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपस्थित जनसमूह के साथ साझा की गई ।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस गौरवमयी अवसर पर भाजपा और महिला मोर्चा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें जिला मंत्री अजय कुमार दुबे, जांजगीर-चांपा जिला प्रभारी चुलेश्वर राठौर, पूर्व जिला मंत्री नरेश टंडन, महिला मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य ज्योति पांडे, जिला महामंत्री श्रीमती अनुसूईया राठौर, मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, पूर्व किसान मोर्चा उपाध्यक्ष छोटे लाल पटेल, मंडल महामंत्री नवरत्न सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष व्यास राठौर और मंडल मंत्री चंद्रर मरकाम शामिल रहे ।

साथ ही महिला मोर्चा की टीम से मंडल अध्यक्ष अमृता यादव, महामंत्री श्रीमती रुक्मणी मरकाम, शशि कला राठौर, उपाध्यक्ष माधुरी राठौर, मंत्री संध्या राठौर, उमा राठौर, भवनी राठौर, मैथिली राठौर, जय राठौर, सरोजिनी, श्रीमती गंगोत्री सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय मातृशक्ति उपस्थित रही ।


कोरबा
प्रबुद्धजन सम्मेलन में गूंजा मोदी सरकार के 12 वर्षों के विकास, सुशासन और विकसित भारत का संकल्प
कोरबा में भाजपा का प्रबुद्धजन सम्मेलन, वक्ताओं ने गिनाईं मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां
कोरबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा आशीर्वाद प्वाइंट, टी.पी. नगर कोरबा में प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने की। सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन एवं विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मोदी सरकार के 12 वर्षों ने रचा विकास और सुशासन का नया इतिहास : जगन्नाथ पाणिग्रही
अपने उद्बोधन में प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने “12 वर्ष – जनकल्याण, अंत्योदय एवं समग्र परिवर्तन की यात्रा” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सेवा और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जिससे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के 12 वर्ष विश्वास के विकास के जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ अंत्योदय पर बल देते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार कृत संकल्पित होकर विकसित भारत निर्माण की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और प्रबुद्ध जनों से 2047 के विकसित भारत निर्माण में सहयोग की अपील की।
विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका हैं – गोपाल मोदी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने “12 वर्ष – विश्वास का सशक्त आधार एवं विकसित भारत की प्रस्तावना” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देशवासियों के विश्वास को मजबूत करते हुए भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका है।
रायपुर संभाग के सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह ने “12 वर्ष – विकास, सुशासन एवं आत्मनिर्भर भारत के आयाम” विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है।
कार्यक्रम में महापौर संजूदेवी राजपूत, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक चावलानी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, मंजू सिंह, रुक्मणी नायर, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, जिला मंत्री कमला बरेठ, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर एवं अविनाश दुबे सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सम्मेलन के माध्यम से वक्ताओं ने केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
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कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
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कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
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कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
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छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
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कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
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कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
