कोरबा
पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है सतरेंगा
नये साल के साथ पर्यटको की लगी भीड़
कोरबा। शहर से लगभग चालीस किलोमीटर दूर हरे-भरे वादियों में खूबसूरती को समेटे हुए सतरेंगा पर्यटन स्थल कोरबा ही नहीं छत्तीसगढ़ में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। बांगो डूबान का यह इलाका अब पानी का एक विह्ंगम दृश्य के रूप में सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल समुद्र जैसे नजारे को देख आनंदमय होते हैं, ऊंची चोटी वाले पर्वत भी उन्हें लुभाता है।
शहर से रूमगरा, चुईया, अजगर बहार के रास्ते सतरेंगा पहुंचा जा सकता है। सतरेंगा बांगो डूबान के क्षेत्र में आता है। यहां पानी के किनारे पर्यटक आसानी से घूम-फिर सकते हैं और दूर तक नजर आती पानी के नजारों को देख सकते हैं। आसपास में हरे-भरे पेड़ पौधे है, जहां पर चहलकदमी की जा सकती है। एक छोटा सा उद्यान भी यहां है, जो छोटे बच्चों के लिए हैं। कुछ साल पहले तक सतरेंगा तक जाने पक्की सड़क भी नही थीं। अब पक्की सड़क के बन जाने के बाद सतरेंगा तेजी से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहा पर्यटन विभाग द्वारा कॉटेज भी बनाएं गए हैं। जहां ठहरने और रात रूक कर सुबह तथा शाम के नजारों को भी निहार सकता है।ं पर्यटक पर्यटन के वेबसाइट में जाकर यहां उपलब्ध कक्ष की बुकिंग कर सकते हैं। सतरेंगा में पहुंचे पर्यटक रत्ना,वीणा देवी, प्रकाश का कहना है कि ऐसा सुंदर दृश्य छत्तीसगढ़ में दिखाई नहीं देता। ऐसा लगता है कि यह कोई समुद्र ही है। आसपास हरियाली है और पर्वत भी है। प्रकाश कुमार ने बताया कि यहां नाव भी चलती है। ग्रामीण अपनी नाव से बहुत कम किराये में कुछ दूर तक पानी में सफर कराते हैं। हम लोगों ने नाव की सवारी की तो बहुत आनंद आया। वीणा देवी ने बताया कि नाव की सवारी बहुत अच्छी लगी। बच्चों के लिए भी यह समुद्र से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि आसपास दुकानें और गांव की महिलाओं द्वारा संचालित होटल है। यहां उनके हाथ का खाना खाकर अच्छा लगा।
कोरबा
जिले में मनरेगा के तहत “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान शुरू
सीईओ ने मनरेगा, एनआरएलएम एवं लाइन विभागों की ली समीक्षा बैठक
कोरबा। जिले में जल संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान की शुरुआत की गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने जिला पंचायत सभागार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न लाइन विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।

बैठक में सीईओ श्री नाग ने जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए नवीन तालाबों (तरिया) के निर्माण तथा उनसे जुड़े आजीविका गतिविधियों को विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर अभिसरण से ग्रामीणों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, मनरेगा, एनआरएलएम एवं बी आर एल एफ की कर्मदक्ष टीम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। “मोर गांव, मोर पानी, नवा तरिया आय के जरिया” अभियान को राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

सीईओ ने नवीन तालाबों के मेड़ों पर आजीविका गतिविधियों जैसे मछली पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही अभियान से संबंधित ऑडियो संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस पहल से जुड़ सकें।
बैठक में क्लैट ऐप के उपयोग पर भी चर्चा की गई तथा इसे फील्ड स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।

मनरेगा एवं एनआरएलएम के समन्वय से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत जिलगा एवं कटकोना के तकनीकी अधिकारी, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में “नवा तरिया” के लिए स्थल चयन किया गया। इस दौरान दो नए तालाबों का चयन किया गया तथा उनसे संबंधित आजीविका गतिविधियों जैसे मछली पालन, सिंचाई, उद्यानिकी एवं कृषि योजना का प्रारंभिक खाका तैयार किया गया।
सीईओ श्री नाग ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करते हुए अभियान को जनआंदोलन का रूप दें, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
कोरबा
भठोरा सरईपाली की दो बेटियों ने बढ़ाया मान, पुलिस उप-निरीक्षक बनने पर ग्रामवासियों ने किया भव्य अभिनंदन
कोरबा/बांकीमोंगरा। नगर पालिका बांकीमोंगरा के वार्ड नंबर 19 के अंतर्गत आने वाले ग्राम भठोरा सरईपाली में आज उत्साह और गौरव का वातावरण रहा। गाँव की दो होनहार बेटियों कु. निशा विंध्यराज (पुत्री स्व. प्यारे लाल विंध्यराज) एवं कु. सुशीला विंध्यराज (पुत्री लाहोरन विंध्यराज) का पुलिस उप-निरीक्षक (Sub-Inspector) के पद पर चयन होने के उपलक्ष्य में ग्रामवासियों द्वारा स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया ।

इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। समारोह के दौरान ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न के साथ दोनों नव-नियुक्त अधिकारियों का अभिनंदन किया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि निशा और सुशीला ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे गाँव और जिले का नाम रोशन किया है। यह सफलता क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी ।

सम्मान समारोह में मुख्य रूप से अमर सिंह कंवर, सुरेंद्र प्रसाद राठौर, देवप्रसाद राठौर, छतराम यादव, मसत राम विंधराज, बाबू जी, चंद्रा बिंझवार, मनजीत यादव, नरेंद्र प्रसाद, विजय, गोलू कवर, सूरज सिंह, गरुड़ सिंह, नोनी बाई, जय सिंह बिंझवार, भूपेंद्र, सुखनंदन कवर, सुखेन, रमेश विंध्यराज, सुखेन कंवर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलायें एवं बच्चे उपस्थित रहे ।
सभी ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें कर्तव्य पथ पर पूरी ईमानदारी से सेवा करने की शुभकामनाएं दीं ।
कोरबा
कोयलांचल में रसोई गैस के लिए हाहाकार, गेवरा-दीपका में महीनों से सिलेंडर की किल्लत, जन-आंदोलन की आहट
कोरबा/दीपका। देश को ऊर्जा से रोशन करने वाले कोयलांचल क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत गैस गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर्स को-आपरेटिव स्टोर्स लिमिटेड के चक्कर काटते-काटते उपभोक्ताओं के जूते घिस गए हैं, लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा है। स्थिति यह है कि एसईसीएल (SECL) कर्मचारियों सहित आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है, जो कभी भी एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है ।

अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोप

उपभोक्ताओं का आरोप है कि सप्ताह में एक या दो बार ही गैस की गाड़ी आती है, लेकिन उसमें भी बड़े स्तर पर सिलेंडर की हेरा-फेरी हो रही है। रसूखदारों और बिचौलियों की साठगांठ के कारण आम उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई महीनों से बुकिंग के बावजूद डिलीवरी न मिलना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है ।
घर-घर में तनाव का माहौल
गैस की अनुपलब्धता का सीधा असर चूल्हे-चौके पर पड़ा है। घर का खाना समय पर नहीं बन पा रहा है, जिससे कामकाजी कर्मचारियों और बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें घर में अपनी ‘गृह-लक्ष्मी’ की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है, जिससे पारिवारिक तनाव भी बढ़ रहा है ।
सरकारी दावों की खुली पोल

उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में गैस की कमी न होने की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। कोयलांचल की जनता पूछ रही है कि यदि गैस की कमी नहीं है, तो महीनों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? क्या यह शासन-प्रशासन की विफलता है, या वितरण तंत्र में फैला भ्रष्टाचार?
विस्फोटक हो सकते हैं हालात
क्षेत्र की जनता और कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में धरना, घेराव आंदोलन और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित गैस एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की होगी ।
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