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छत्तीसगढ़

मैदान में मुरूम डालने SDO ने 1 लाख रिश्वत मांगी:पलारी जनपद पंचायत में कैश लेते पकड़ाया, 2 महीने पहले प्रमोट होकर अधिकारी बना था

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बलौदाबाजार,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी जनपद पंचायत का SDO रिश्वत लेते पकड़ाया है। ग्राम पंचायत भवानीपुर के स्कूल के खेल मैदान में मुरूम बिछाया जाना था। इस काम में 10 लाख का खर्च था। SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने जल्दी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में सरपंच से 1 लाख की डिमांड की थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने ACB में शिकायत कर दी।

गांव के सरपंच ने काम करवाने के लिए पहली किस्त का पैसा दे दिया था। दूसरी किस्त 25 हजार देने पहुंचे तो ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। बता दें कि गोपाल कृष्ण शर्मा पलारी जनपद पंचायत में पहले सब इंजीनीयर था। हाल ही में वह प्रमोट होकर ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में SDO अधिकारी बना था। मामला गिधपुरी थाना क्षेत्र का है।

इस दौरान SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने ACB के अधिकारियों से आईडी दिखाने को कहा।

इस दौरान SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने ACB के अधिकारियों से आईडी दिखाने को कहा।

ACB की 15 सदस्यीय टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी।

ACB की 15 सदस्यीय टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी।

पूछताछ के लिए ACB के अधिकारी SDO को अपने साथ ले गए।

पूछताछ के लिए ACB के अधिकारी SDO को अपने साथ ले गए।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवानीपुर के ग्रामीणों ने ACB रायपुर में शिकायत की थी। दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह मामला ग्राम पंचायत भवानीपुर में कराए गए 10 लाख रुपए के मुरूम समतलीकरण काम से जुड़ा है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि काम पूरा हो जाने के बाद भी भुगतान और अंतिम मूल्यांकन बाकी था। उन्होंने बताया कि एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा ने फाइल आगे बढ़ाने और अनुकूल सत्यापन रिपोर्ट देने के बदले पहले 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 80 हजार रुपए में तय हुई। अफसर को पहले ही 20 हजार रुपए दे दिए गए थे।

पहली किस्त मिलने के बाद बनाया दबाव

उप सरपंच ने बताया कि दूसरी किस्त के तौर पर 25 हजार रुपए और देने का दबाव बना रहा था। शिकायतकर्ता ने एसडीओ की डिमांड से परेशान होकर एसीबी से संपर्क किया। शुरुआती जांच के बाद एसीबी की टीम ने अफसर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाने की प्लानिंग की।

पहले से घात लगाकर बैठे थे ACB अधिकारी

एसीबी ने अपनी प्लानिंग के मुताबिक, शिकायतकर्ता गुरुवार (19 फरवरी) को तय रकम लेकर एसडीओ के पास भेजा। मैदान में ACB की 15 सदस्यीय टीम पहले से तैनात थी।

जैसे ही एसडीओ ने 25 हजार रुपए नकद लिए, पहले से घात लगाए बैठे एसीबी के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर ही रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली गई और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई।

गोपाल कृष्ण शर्मा पहले पलारी पंचायत में सब इंजीनियर था। प्रमोट होकर SDO बना था।

गोपाल कृष्ण शर्मा पहले पलारी पंचायत में सब इंजीनियर था। प्रमोट होकर SDO बना था।

गोपाल कृष्ण शर्मा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में SDO था।

गोपाल कृष्ण शर्मा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में SDO था।

पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई करेगी ACB

एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

टीम यह भी देख रही है कि इस मामले में कोई और कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। साथ ही, जुड़ी हुई फाइलों और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद जनपद पंचायत दफ्तर में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के बीच अब इस बात की चर्चा हो रही है कि सत्यापन और मूल्यांकन की प्रक्रिया साफ-सुथरी और पारदर्शी होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने भी एसीबी की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि सरकारी योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।

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छत्तीसगढ़

सुकमा : मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता

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जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें

सुकमा। सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई। 

महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

 डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

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जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण

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जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने  सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।

राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर  कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल श्री  डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं। 

 इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार  सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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