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छत्तीसगढ़

फर्जी अंकसूची-खेल प्रमाणपत्र से नौकरी पाने वाले शिक्षाकर्मी को जेल:कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई, नंबर भी बढ़ाकर किया था आवेदन

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जांजगीर-चांपा। जैजैपुर न्यायालय ने कूटरचित अंकसूची और फर्जी खेलकूद प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षाकर्मी की नौकरी पाने के मामले में आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप को दोषी मानते हुए सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

यह फैसला न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जैजैपुर के राजेश खलखो ने सुनाया। न्यायालय ने आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप को धारा 420 के तहत 2 साल, 468 के तहत 1 साल और 474 के तहत 1 साल की सजा सुनाई है।

इसके अलावा आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में अलग से कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जांजगीर (वर्तमान प्रभारी जैजैपुर) एस. अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ने साल 2007 में माल्दा स्थित पीतांबर हायर सेकेंडरी स्कूल से हायर सेकेंडरी की परीक्षा विज्ञान विषय से दी थी।

नंबर बढ़ाकर किया आवेदन

आरोपी को परीक्षा में 500 में 257 नंबर मिले थे। लेकिन उसने शिक्षाकर्मी पद के लिए आवेदन करते समय गलत जानकारी देकर अपने अंक 500 में से 405 दिखाए।

फर्जी अंकसूची बनाकर नौकरी करता रहा

आरोपी ने आवेदन के साथ फर्जी अंकसूची लगाई। इसमें भौतिकी विषय में सप्लीमेंट्री की जगह डिस्टिंक्शन दिखाया गया। साथ ही अन्य विषयों के अंक भी बढ़ा दिए गए।

इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपी नौकरी करता रहा।

2018 में शिकायत के बाद खुला मामला

वर्ष 2018 में ग्राम सेमरिया थाना जैजैपुर निवासी पोथीराम कश्यप ने पुलिस अधीक्षक जांजगीर से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि चितरंजन कश्यप ने फर्जी अंकसूची और फर्जी खेलकूद प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल की है।

जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद थाना हसौद में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।

2019 में कोर्ट में पेश हुआ चालान

पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 474 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच पूरी की। इसके बाद वर्ष 2019 में चालान न्यायालय जैजैपुर में पेश किया गया।

गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और जिरह के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने फर्जी अंकसूची और खेलकूद प्रमाण पत्र का उपयोग कर नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी थी।

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छत्तीसगढ़

सरपंच को धमकी देने वाला उप सरपंच गिरफ्तार:जांजगीर-चांपा में पंचायत बैठक के दौरान हुआ था विवाद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम लच्छनपुर में पंचायत बैठक के दौरान सरपंच गेंदराम कुर्रे को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में उप सरपंच रामगोपाल साहू को गिरफ्तार किया गया है। आजाक थाना जांजगीर में मामला दर्ज होने के बाद सोमवार को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

सरपंच गेंदराम कुर्रे ने आजाक थाना जांजगीर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 24 फरवरी को पंचायत भवन में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में उप सरपंच रामगोपाल साहू, पंच सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे। बैठक में गांव के विकास कार्यों पर चर्चा चल रही थी।

पुलिस रिमांड में उप सरपंच

पुलिस रिमांड में उप सरपंच

बैठक के दौरान उप सरपंच की बदसलूकी

इसी दौरान उप सरपंच रामगोपाल साहू ने बिना किसी कारण विवाद शुरू कर दिया। उपस्थित लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अश्लील गालियां दीं और धमकी देते हुए कहा कि वह पंचायत के नाम पर अवैध वसूली करेगा और अगर किसी में दम है तो उसे रोक ले।

जब सरपंच गेंदराम कुर्रे ने उन्हें गाली-गलौज करने से रोका, तो उप सरपंच ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आजाक थाना जांजगीर में अपराध दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की गई।

पुलिस रिमांड पर भेजा गया उप सरपंच

डीएसपी शतरूपा तारम के निर्देश पर आजाक थाना पुलिस ने आरोपी उप सरपंच रामगोपाल साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद सोमवार को रामगोपाल साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

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कोरबा

कोरबा में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय अभियान:तीन चरणों में धर्मगुरुओं, छात्रों और पंचायतों को दिलाई गई शपथ

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कोरबा। कोरबा जिले में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया गया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर यह अभियान गांवों और कस्बों में केंद्रित रहा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत ने ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस मुक्ति रथ ने जिलेभर में भ्रमण किया और दूरस्थ पंचायतों तथा गांवों तक पहुंचा। अभियान से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया। रथ ने लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका पर पड़ने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया, साथ ही इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है।

महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ सन्देश दिया

महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ सन्देश दिया

देश के 439 जिलों में बाल विवाह मुक्ति रथ

‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक साल पूरे होने पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 4 दिसंबर, 2025 को देशव्यापी ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ की घोषणा की थी। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान का नेतृत्व करते हुए देश के 439 जिलों में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ निकाले।

अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि विवाह की आड़ में बच्चों से बलात्कार है। इसे एक अपराध और कानूनन दंडनीय माना गया। बताया गया कि बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन की संभावनाओं को खत्म कर देता है और उन्हें कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है।

तीन चरणों में चला अभियान

यह अभियान तीन चरणों में चला। पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा गया, जबकि दूसरे चरण में धर्मगुरुओं से अनुरोध किया गया कि वे विवाह संपन्न कराने से पहले आयु की जांच करें और बाल विवाह कराने से इनकार करें। इसके अतिरिक्त, कैटरर्स, सजावट करने वालों, बैंक्वेट हॉल मालिकों और विवाह में सेवाएं देने वाले बैंड व घोड़ी वालों से भी बाल विवाह में अपनी सेवाएं न देने का आग्रह किया गया।

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कोरबा

हसदेव नदी में डूबे युवक का सुराग नहीं :गोताखोरों की तलाश जारी, जलकुंभी में फंसने की आशंका: चार दोस्त नहाने गए थे

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कोरबा। कोरबा में हसदेव नदी में नहाने गए 22 वर्षीय युवक नौशाद खान का शव दो दिन बाद भी बरामद नहीं हो सका है। रविवार दोपहर दर्री थाना क्षेत्र के कलमीदुग्गू के पास यह घटना हुई, जब नौशाद अपने तीन दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था।

बताया गया कि नौशाद ने नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी, जिसके बाद वह बह गया। उसे बहता देख उसके अन्य दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया और वे भी नदी में कूद गए, हालांकि वे बाल-बाल बच गए।

युवक की जलकुम्भी में फसे होने की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की। अब दर्री थाना पुलिस और जिला प्रशासन की नगरसेना की गोताखोर टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी हुई है।पिछले दो दिनों से जारी तलाश के बावजूद नौशाद का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि वह नदी में बहने के बाद जलकुंभी में फंस गया होगा।

6 महीने पहले माँ की मौत अब बेटा भी नदी में डूबा

नौशाद खान दर्री इलाके के जय भगवान गली का निवासी है। वह सीएसईबी पावर प्लांट में ठेकाकर्मी के रूप में वेल्डिंग का काम करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।जानकारी के अनुसार, छह माह पहले नौशाद की मां का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इस घटना के बाद उसके पिता की मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

दर्री थाना पुलिस ने नौशाद के साथ गए अन्य युवकों से भी पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर खोजबीन जारी है और युवक के मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी की जाएगी।

युवक की तलाश जारी

युवक की तलाश जारी

युवक की जलकुम्भी में फसे होने की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की। अब दर्री थाना पुलिस और जिला प्रशासन की नगरसेना की गोताखोर टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी हुई है।पिछले दो दिनों से जारी तलाश के बावजूद नौशाद का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि वह नदी में बहने के बाद जलकुंभी में फंस गया होगा।

खोजबीन में लगी गोताखोरों की टीम

खोजबीन में लगी गोताखोरों की टीम

नदी में डूबा 22 वर्षीय युवक

नदी में डूबा 22 वर्षीय युवक

6 महीने पहले माँ की मौत अब बेटा भी नदी में डूबा

नौशाद खान दर्री इलाके के जय भगवान गली का निवासी है। वह सीएसईबी पावर प्लांट में ठेकाकर्मी के रूप में वेल्डिंग का काम करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।जानकारी के अनुसार, छह माह पहले नौशाद की मां का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इस घटना के बाद उसके पिता की मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

दर्री थाना पुलिस ने नौशाद के साथ गए अन्य युवकों से भी पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर खोजबीन जारी है और युवक के मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी की जाएगी।

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