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शिंदे मुंबई रवाना, कहा- महाराष्ट्र का CM कल तय होगा:दावा- महायुति में मतभेद नहीं; लेकिन गृह मंत्रालय के सवाल पर चुप्पी साधी
मुंबई ,एजेंसी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आए 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर स्थित अभी भी साफ नहीं हुई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। प्रधानमंत्री मोदी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्यवाहक CM एकनाथ शिंदे दो दिन से अपने पैतृक गांव सातारा में हैं। कल उनकी तबीयत बिगड़ गई। मुंबई से डॉक्टर आए। अब वे ठीक हैं। रविवार को शिंदे सातारा के एक मंदिर गए और कुछ देर बाद मीडिया से बातचीत की।
उन्होंने कहा, ‘मैं अब ठीक हूं। व्यस्त चुनावी कार्यक्रम के बाद मैं यहां आराम करने आया था। महायुति में कोई मतभेद नहीं है। CM पर फैसला पीएम मोदी और अमित शाह लेंगे। 2 दिसंबर को महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री तय होगा।’ गृह मंत्रालय पर खींचतान को लेकर उनसे तीन बार सवाल किया गया। शिंदे ने जवाब नहीं दिया। शाम को वे मुंबई निकल गए।
सूत्रों के मुताबिक 3 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। दिल्ली से दो ऑब्जर्वर मुंबई आएंगे और विधायकों से चर्चा के बाद आधिकारिक रूप से CM फेस अनाउंस करेंगे। डिप्टी CM अजित पवार ने शनिवार को कहा- सीएम भाजपा का होगा, यह तय हो गया है और शिवसेना-NCP से 1-1 डिप्टी CM होगा।
23 नवंबर: महाराष्ट्र विधानसभा का रिजल्ट आया। महायुति को 230 सीटों पर जीत हासिल हुई। भाजपा ने 132, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) ने 57 और NCP (अजित पवार) ने 41 सीटें जीतीं। शिंदे बोले थे- CM तीनों पार्टियां मिलकर तय करेंगी। फडणवीस ने कहा था, एक हैं तो सेफ हैं।
25 नवंबर: 1 मुख्यमंत्री और 2 डिप्टी CM का फॉर्मूला तय हुआ। महायुति की पार्टियों में हर 6-7 विधायक पर एक मंत्री पद के फॉर्मूला की बात सामने आई। इस हिसाब से भाजपा के 22-24, शिंदे गुट के 10-12 और अजित गुट के 8-10 विधायकों को मंत्री बन सकते हैं।
27 नवंबर: ठाणे में कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि भाजपा का सीएम हमें मंजूर है। मुझे पद की लालसा नहीं। जब मैं मुख्यमंत्री था तब मोदी जी मेरे साथ खड़े रहे। अब वो जो फैसला लेंगे स्वीकार होगा।
28 नवंबर: एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने दिल्ली में करीब ढाई घंटे तक गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मीटिंग की। शिंदे ने आधे घंटे तक शाह से अकेले मुलाकात की। हाईकमान ने शिंदे को डिप्टी सीएम या केंद्र में मंत्री पद का ऑफर किया है।
29 नवंबर: महायुति की बैठक टाल दी गई। एकनाथ शिंदे अचानक सातारा चले गए। शिवसेना मुख्यमंत्री पद के बदले गृह और वित्त मंत्रालय मांग रही है। शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कहा- अगर शिंदे डिप्टी सीएम का पद स्वीकार नहीं करते हैं तो पार्टी से ही दूसरा चेहरा ये पद संभालेगा।
30 नवंबर: शपथ ग्रहण समारोह की तारीख सामने आई। अजित पवार ने साफ कर दिया कि CM भाजपा से होगा और शिवसेना-NCP के डिप्टी CM होंगे।
गृह और वित्त मंत्रालय पर बात अटकी

शिंदे सरकार में गृह मंत्रालय देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्रालय अजित पवार के पास था।
शिंदे सरकार में डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस के पास ही गृह मंत्रालय था। वो इस मंत्रालय को छोड़ना नहीं चाहते हैं। वहीं शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी CM का पद हमें मिल रहा है तो गृह मंत्रालय भी उन्हें ही मिलना चाहिए। शाह के साथ बैठक में भी इसका हल नहीं निकल पाया।
पहले गृह मंत्रालय देवेन्द्र फड़णवीस के पास था। माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते शाह की बैठक में कैबिनेट गठन पर कोई समाधान नहीं निकल सका। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि बीजेपी गृह मंत्री का पद कभी हाथ से नहीं जाने देगी।
सूत्रों के मुताबिक, शाह से चर्चा के बाद भी विभागों को लेकर गठबंधन में खींचतान मची हुई है। भाजपा गृह, राजस्व, उच्च शिक्षा, कानून, ऊर्जा, ग्रामीण विकास अपने पास रखना चाहती है। उन्होंने शिवसेना को हेल्थ, शहरी विकास, सार्वजनिक कार्य, उद्योग ऑफर किया है। वहीं NCP अजित गुट को वित्त, योजना, सहयोग, कृषि जैसे विभाग देने की पेशकश की है।
महाराष्ट्र कैबिनेट का फॉर्मूला क्या होगा नई सरकार में CM और दो डिप्टी CM के साथ 43 मंत्री शामिल होंगे। इनमें भाजपा को 20-23, शिंदे गुट को 11 और अजित गुट को 9 मंत्री पद मिलने की संभावना है। इससे पहले शिंदे सरकार में 28 मंत्री थे और शिंदे के पास सबसे ज्यादा 11, भाजपा के पास 9 और अजित पवार गुट के पास 8 मंत्री थे। इस समय भाजपा विधायकों की संख्या ज्यादा होने से मंत्रियों की संख्या भी बढ़ेगी।
इसके अलावा नाराज एकनाथ शिंदे को मनाने के लिए भाजपा ने उन्हें केंद्र में एक मंत्री पद ऑफर किया है। उनके बेटे श्रीकांत या पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा चर्चा इस बात की भी है कि अजित गुट की मोदी कैबिनेट में एक सीट खाली है। प्रफुल्ल पटेल मंत्री बन सकते हैं।

देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार, NCP सांसद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलचल पर नेताओं के बयान…
संजय राउत बोले- महाराष्ट्र के हालात के लिए जस्टिस चंद्रचूड़ जिम्मेदार शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत बोले- महाराष्ट्र की कार्यवाहक सरकार संविधान के खिलाफ है। अभी तक किसी ने सरकार बनाने का दावा नहीं किया है। मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। सरकार बनाने के लिए अभी तक राज्यपाल से कोई नहीं मिला है। इन सबके लिए जस्टिस चंद्रचूड़ जिम्मेदार हैं।
नागपुर में बैठे बावनकुले आदेश देते हैं कि 5 तारीख को शपथ समारोह होगा, क्या उन्हें राज्यपाल बनाया गया है? राज्यपाल को यहां राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करनी चाहिए। चाहे अजमेर हो या संभल, चंद्रचूड़ आग लगाने के बाद रिटायर हुए हैं। आज देश की जो हालत है उसके लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है। चंद्रचूड़ को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आदित्य ठाकरे बोले- महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगे शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को दावा किया कि विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के एक सप्ताह से अधिक समय बाद भी महायुति द्वारा मुख्यमंत्री का फैसला न कर पाना और सरकार न बना पाना महाराष्ट्र का अपमान है।
महायुति के सबसे बड़े घटक भाजपा पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा- सरकार बनाने का दावा किए बिना ही शपथ ग्रहण की तारीख एकतरफा घोषित करना पूरी तरह अराजकता है। राज्य में अभी तक राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री दानवे बोले- CM तय, हाईकमान की मंजूरी का इंतजार पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रावसाहेब दानवे ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है, बस पार्टी हाईकमान की मंजूरी का इंतजार है। दानवे ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि महाराष्ट्र के लोग जानते हैं कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। दानवे ने कहा- राज्य मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।
महाराष्ट्र में नई महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर की शाम को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शामिल होंगे, यह जानकारी राज्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को दी।
NCP बोली- मंत्रियों के शपथ पर महायुति की बैठक में फैसला होगा महाराष्ट्र NCP प्रमुख सुनील तटकरे ने कहा कि शपथ ग्रहण 5 दिसंबर को होगा। भाजपा ने अब तक विधायक दल का नेता तय नहीं किया है। हम एक साथ बैठकर तय करेंगे कि क्या केवल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही शपथ लेंगे या मंत्री भी शामिल होंगे। NCP पहले ही कह चुकी है कि फडणवीस मुख्यमंत्री के रूप में उसे स्वीकार हैं।
शरद पवार के पार्टी प्रवक्ता का कार्टून- रीलिजिंग सून ‘धोखे’

शरद पवार की पार्टी NCP के प्रवक्ता क्लाइड क्राइस्टो ने ये कार्टून सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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