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शिवसेना (UBT) का ऐलान, मुंबई-नागपुर महानगर पालिका चुनाव अकेले लड़ेंगे:राउत ने कल कहा था- I.N.D.I.A. ब्लॉक की तरह MVA में भी तालमेल नहीं

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मुंबई,एजेंसी। I.N.D.I.A. ब्लॉक में बढ़ती रार के बीच शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि पार्टी मुंबई और नागपुर महानगरपालिका के चुनाव अकेले लड़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘हम मुंबई और नागपुर महानगरपालिका अपने दम पर लड़ेंगे; जो भी होगा, हमें खुद देखना होगा। उद्धव ठाकरे ने हमें संकेत दिया है। मैंने अभी-अभी हमारे नागपुर शहर अध्यक्ष प्रमोद मनमोड़े से इस बारे में चर्चा की है।’

राउत ने कहा, ‘यह फैसला लोकल लेवल पर पार्टी मजबूत करने के लिए लिया गया है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं को मौका नहीं मिलता। इससे पार्टी की ग्रोथ प्रभावित हो रही है। हमें नगर निगम, जिला परिषद और नगर पंचायत में अपने दम पर लड़ना चाहिए और अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहिए।’

इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को कहा था, ‘I.N.D.I.A. गठबंधन की तरह महाराष्ट्र चुनाव में भी MVA के बीच कोई तालमेल नहीं था।’

राउत कल बोले थे- कांग्रेस बताए I.N.D.I.A. ब्लॉक वजूद में है या नहीं

संजय राउत ने शुक्रवार को कहा था, ‘मैं उमर अब्दुल्ला से सहमत हूं। यदि I.N.D.I.A. ब्लॉक के सहयोगियों को लग रहा है कि अब इसका कोई वजूद नहीं है तो इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘अगर गठबंधन सिर्फ लोकसभा के लिए था और अब इसका वजूद नहीं है तो कांग्रेस इसकी घोषणा कर दे, हम अपने-अपने रास्ते चुन लेंगे, लेकिन मैं बता दूं कि अगर एक बार I.N.D.I.A. ब्लॉक टूट गया तो दोबारा नहीं बन पाएगा, इसलिए पहले ये सोच लें कि आगे क्या होगा।’

राउत जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान पर बात कर रहे थे। उमर ने 9 जनवरी को कहा था कि गठबंधन लोकसभा चुनाव तक ही था तो इसे खत्म कर देना चाहिए।

संजय राउत के बयान की 3 अहम बातें…

1. सहयोगियों को शंका कि गठबंधन में सब ठीक है या नहीं

हमने लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ा और अच्छे नतीजे मिले। आगे की योजना के लिए कांग्रेस को I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे सहयोगियों के मन में शंका है कि I.N.D.I.A. ब्लॉक में सब कुछ ठीक है या नहीं।

2. I.N.D.I.A. ब्लॉक की तरह MVA में भी कोई तालमेल नहीं

हमें पिछली गलतियों को सुधारने की जरूरत है। महाराष्ट्र चुनाव में कांग्रेस की स्टेट यूनिट सीटों के लिए सौदेबाजी कर रही थी, तब भी कांग्रेस आलाकमान ने दखल नहीं दिया। कई विधानसभा सीटें ऐसी थीं जहां NCP (SP) और शिवसेना (UBT) के पास अच्छे उम्मीदवार थे, लेकिन कांग्रेस ने उन पर दावा नहीं छोड़ा। I.N.D.I.A. गठबंधन की तरह महाराष्ट्र में भी MVA के बीच कोई तालमेल नहीं था।

3. दिल्ली चुनाव में कांग्रेस-भाजपा नहीं, AAP जीतेगी

मैं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को राष्ट्र-विरोधी कहने वाले कांग्रेस नेताओं से सहमत नहीं हूं। दिल्ली चुनाव में कांग्रेस या भाजपा नहीं बल्कि AAP जीतेगी। गठबंधन के दोनों दल अलग-अलग दिल्ली चुनाव लड़ रहे हैं। अच्छा होता कि दोनों एक साथ होते।

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बुनियादी उद्योगों का उत्पादन मार्च में 0.4% घटा, पांच माह की पहली गिरावट

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नई दिल्ली,एजेंसी। कोयला, कच्चे तेल, उर्वरक और बिजली के उत्पादन में गिरावट के कारण मार्च में आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। पांच माह में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन पहली बार घटा है। फरवरी, 2026 में, आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 2.8 प्रतिशत बढ़ा था। 

वित्त वर्ष 2025-26 में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। वित्त वर्ष 2024-25 में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा था।  

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बिंदी-तिलक विवाद में Lenskart को झटका, डूबे 4500 करोड़!

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मुंबई, एजेंसी। देश की बड़ी आईवियर ​कंपनी में से एक Lenskart को बिंदी, तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ गया। सोमवार को कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट आई है, जिससे इसकी मार्केट वैल्यूएशन में करीब 4,500 करोड़ रुपए की कमी आ गई।

विवाद की वजह कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी बनी, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस पॉलिसी में कथित तौर पर कर्मचारियों को बिंदी, तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने की बात कही गई थी। इसके बाद ऑनलाइन विरोध तेज हो गया और कंपनी के बहिष्कार की मांग भी उठने लगी।

शेयर में गिरावट

BSE पर कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 5% तक गिरकर 508.70 रुपए के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई और यह 533.70 रुपए के आसपास बंद हुआ।

गिरावट के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन घटकर लगभग 88,331 करोड़ रुपए रह गई, जो पहले करीब 92,872 करोड़ रुपए थी यानी एक ही सत्र में करीब 4,540 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बाद में आंशिक सुधार के साथ वैल्यूएशन में कुछ बढ़त भी दर्ज की गई।

कंपनि ने दी थी सफाई

इस विवाद पर कंपनी के फाउंडर Peyush Bansal ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और मौजूदा पॉलिसी को नहीं दर्शाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी में किसी भी धार्मिक पहनावे या प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और इस गलतफहमी के लिए माफी भी मांगी।

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बंगाल की पहचान बचाने की लड़ाई है यह विधानसभा चुनाव, PM मोदी का बड़ा दावा

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झाड़ग्राम, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को राज्य की पहचान बचाने की लड़ाई बताते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर मूल निवासियों के बजाय ‘घुसपैठियों’ के पक्ष में राजनीति करने का आरोप रविवार को लगाया। मोदी ने आदिवासी बहुल झाड़ग्राम जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ”घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की सरकार’ बनाना चाहती है और मतदाताओं से इसे सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ”यह चुनाव इस भूमि की समृद्ध विरासत को बचाने के लिए है। यह बंगाल की पहचान को बचाने के लिए है। आज बंगाल को अपनी पहचान खोने का डर है।” उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल जिस रास्ते पर चल रही है वह बहुत खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस ‘घुसपैठियों के लिए घुसपैठियों की और सरकार बनाना चाहती है। एक ऐसी सरकार जो बंगाल की जनता के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करने के बजाय केवल घुसपैठियों के धर्म, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा करेगी।”

मोदी ने दावा किया कि ऐसी सरकार के लिए सबसे बड़ी बाधा पश्चिम बंगाल के आम लोग होंगे। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस की घुसपैठियों वाली सरकार के लिए, अगर कोई शत्रु है, तो वे यहीं बैठे भाई-बहन होंगे, जो घुसपैठियों के शत्रु होंगे।” प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ असंतोष राज्य के सभी समुदायों और क्षेत्रों में फैल गया है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बंगाल के हर समुदाय, हर वर्ग, हर क्षेत्र ने इस बार ठान लिया है और तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है।”

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार व जबरन वसूली की व्यवस्था चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर किसी को घर बनाना है, तो उसे तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट पर निर्भर रहना पड़ता है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और विधायक आपकी समस्याओं की परवाह नहीं करते। वे अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं।”

प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता राज्य के कई हिस्सों में आदिवासियों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने कब्जा कर लिया है।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। झाड़ग्राम में 23 अप्रैल को मतदान होगा।

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