जिला प्रशासन द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में जीवन के अंतिम पड़ाव में वृद्धजनों को मिल रहा सम्मान और परिवार जैसी ममता’’यहाँ की दीवारें केवल ईंट और सीमेंट से नहीं, बल्कि अपनापन और स्नेह की झलक हैं’ कोरबा । जीवन के आखिरी पड़ाव पर पहुँच कर जब शरीर ने सेवा करना छोड़ दिया हो, जब हाथ थर्रा रहे हों, कदम कमज़ोर पड़ गए हों, और आँखों से चीरता अकेलापन छलक रहा हो, ऐसे समय पर यदि परिवार का छाया न मिले, तो हर सुकून खो जाता है। परिवार से निकाला जाना, घर की छत से बेघर होना, अपनों से दूर एकांत में जीना, यह सब कोई बुज़ुर्ग अपने जीवनकाल में कभी भी देखना, महसूस करना नहीं चाहता। वह सिर्फ चाहते है दो मीठे बोल, स्नेह, सम्मान, अपनत्व।
कोरबा जिले के सर्वमंगला नगर में ऐसा ही दर्द समझने वाला एक स्नेहिल घर है, स्नेह सदन वृद्धाश्रम ऐसा घर, जहाँ बुजुर्गों को केवल आश्रय और सुविधाएँ ही नहीं, बल्कि दिल से दिया गया गहरा स्नेह, अपनापन, ममता और सम्मान प्राप्त होता है। यह वह स्थान है जहाँ बुजुर्गों को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि जीवन के इस पड़ाव पर एक परिवार जैसा स्नेहिल और सम्मानपूर्ण माहौल दिया जाता है, जो उनकी ज़िंदगी को गरिमा और खुशी से भर देता है, उन सभी बुजुर्गों की जिंदगी में नई रोशनी, नई उमंग और अपनत्व का प्रतीक है जिन्हें जीवन ने कभी अकेला छोड़ दिया था।
राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन कोरबा की संवेदनशीलता से, जिला खनिज संस्थान न्यास मद से बना यह आश्रम न केवल एक आश्रय है, जहां बुजुर्गों को खुले दिल से अपनाया जाता है। अभी यहां कुल 26 बुजुर्ग निवासरत हैं 11 पुरुष और 15 महिलाएं। हर कोई अलग जीवन संघर्ष के बाद यहां आया है, लेकिन अब यहाँ सब एक-दूसरे के साथी, दोस्त और परिवार बन चुके हैं। यहाँ की व्यवस्थाएँ इतनी सम्पूर्ण हैं कि कोई भी बुजुर्ग कदम-कदम पर खुद को घर जैसा महसूस करता है खानाः पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन, जो जैसे माँ के हाथों बना हो, रहने की सुविधाः आराम दायक बेड, पूरी सफाई के साथ, ताकि हर रात चैन की नींद निकले, नियमित हाउसकीपिंग जिससे स्वच्छता हर कोने में दिखती है, वाशिंग मशीन और ड्राईक्लीन की सुविधा, प्रत्येक बेड के पास अलमारी ताकि बुजुर्गों की चीज़ें सुरक्षित रह सकें और सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षित वातावरण। ’दिनचर्या जो देती है ऊर्जा’
यहाँ हर दिन बुजुर्गों के स्वास्थ्य और आनंद को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध दिनचर्या का पालन किया जाता है। सुबह की शुरुआत योग और ध्यान से होती है जिसके बाद सभी तैयार हो कर नाश्ते के लिए हॉल में आ जाते है, टी.वी. देखना, आपसी बातचीत और मनोरंजन की गतिविधियाँ, दोपहर होते होते भोजन के बाद सभी आराम के लिए अपने अपने कक्ष में चले जाते है, शाम में खेल जैसे कुर्सी दौड़, कैरम, अंताक्षरी, शाम ढलते ही मंदिर कक्ष में भजन और सत्संग का अद्भुत वातावरण देखने को मिलता है, रात में सामूहिक भोज और फिर हल्की सैर के बाद विश्राम किया जाता है। यहां रहने वाले वृद्ध बताते हैं कि आश्रम का वातावरण इतना खुशनुमा और अपनत्व से भरा है कि उन्हें यह सोचने का भी समय नहीं मिलता कि वे अपने बच्चों और घर से दूर हैं। ’वृद्धों की ज़ुबानी स्नेह सदन की कहानी अब घर की याद नहीं आती-कमला बाई
पदुम डडसेना, जो सारंगढ़ जिले से यहाँ आए हैं वे कहते हैं जब पहली बार यहाँ आया था तो मन में डर था कि पता नहीं सब कुछ कैसा रहेगा कैसामाहौल मिलेगा, लेकिन यहाँ सभी लोग मिलनसार हैं। उम्रदराज़ साथी खेलते, गाते, बातें करते हैं। आज मुझे लगता है कि मैंने एक नया परिवार पा लिया है। इस तरह कमला बाई, जो फूलझर ग्राम पंचायत, मुंगेली की हैं, वे कहती हैं “यहाँ किसी चीज़ की कमी नहीं है। त्योहार मिलकर मनाते हैं। अभी गणेश चतुर्थी का त्यौहार है हमने मंदिर में मूर्ति स्थापित किए है शाम में सभी एक साथ बैठ गाने भजन गाते है, ढोलक बजाते है, यहां घर से ज्यादा सुविधा और आराम है और अब घर की याद भी नहीं आती क्योंकि यहाँ सब एक-दूसरे का परिवार बन चुके हैं।” अधीक्षिका सुश्री मेघा प्रधान, जो खुद एक माँ की तरह सभी का ख्याल रखती हैं, बताती हैं कि उनका सबसे बड़ा काम यहाँ के बुजुर्गों को मानसिक रूप से मजबूत रखना है। “शारीरिक सुविधाएँ तो दी जा सकती हैं, लेकिन जो दर्द अकेलापन देता है, उसे दूर करना सबसे मुश्किल है।“ वह बताती हैं कि शुरुआत में कुछ बुजुर्ग बहुत शांत और गुमसुम रहते थे, मानो उनके भीतर का संसार पूरी तरह से टूट चुका हो। लेकिन धीरे-धीरे, यहाँ के सकारात्मक माहौल, सामूहिक गतिविधियों और आपसी बातचीत ने उनके मन के घावों पर मरहम लगाना शुरू किया। आज वही लोग सबसे ज्यादा सक्रिय और खुश नज़र आते हैं। स्नेह सदन उन सभी बुजुर्गों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जिन्हें उनके अपनों ने छोड़ दिया है। यह दिखाता है कि अकेलापन कोई नियति नहीं है। वृद्धाश्रम की सफलता केवल कोरबा जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन मिलकर कैसे जीवन के अंतिम पड़ाव को भी गरिमामय एवं सम्मानपूर्वक बना रही हैं। यह आश्रम सिर्फ बुजुर्गों को रहने की जगह नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें एक नया जीवन दे रहा है। एक ऐसा जीवन, जहाँ उन्हें फिर से हंसी, प्यार और अपनत्व मिला है। जहाँ वे अपनी पुरानी पहचान को भूलकर एक नए परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। यहाँ की कहानियाँ बताती हैं कि बुढ़ापा एक बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक और खूबसूरत पड़ाव है, जिसे सम्मान, प्यार और देखभाल के साथ जिया जा सकता है। स्नेह सदन दिखाता है कि जब हम अपने बड़ों को सम्मान देते हैं, तो हम वास्तव में खुद को एक बेहतर इंसान बनाते हैं।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।