Connect with us

कोरबा

महतारी वंदन योजना के नाम पर उगाही, गलत फॉर्म भराने, भ्रामक जानकारी देने पर होगी कड़ी कार्यवाही

Published

on

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को दिए निर्देश

समय सीमा की बैठक में हुई विभागीय कार्यों की समीक्षा

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक में महतारी वंदन योजना अंतर्गत आवेदन फॉर्म वितरण और जमा लेने के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फॉर्म वितरण, पात्र महिलाओं का आवेदन जमा करने शिविर लगाने, आवेदन की जाँच, दावा आपत्ति और आगे की प्रक्रिया के संबंध में जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम आयुक्त, डीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना अंतर्गत किसी प्रकार की भ्रामक जानकारी देने, फॉर्म भरने के नाम पर उगाही करने, गलत कार्यों पर नजर रखने और सम्बंधित एसडीएम को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक में कलेक्टर वसंत ने टीएल के संबंधित पत्र, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और अन्य गतिविधियों पर चर्चा की। कलेक्टर ने पीएम विश्वकर्मा योजना ,आयुष्मान कार्ड की समीक्षा की। उन्होंने दोनों योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनचौपाल में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्देशित किया कि विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर आवेदकों से आवेदन ले और नियमानुसार कार्यवाही करें। आवेदकों को इस संबंध में पूरी जानकारी अवश्य दें ताकि उन्हें पात्रता और अपात्रता की जानकारी प्राप्त हो सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों को फील्ड पर विजिट करते हुए विभागीय गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उसके क्रियान्वयन पर समुचित कार्यवाही करें। कलेक्टर ने छात्रावास, आश्रमों के निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में होने वाले राखड़ परिवहन पर नजर रखने और नियम विरुद्ध राखड़ परिवहन करने पर संबंधित वाहन पर कार्यवाही के निर्देश एसडीएम, पर्यावरण अधिकारी,परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर ने विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति, पेंशन के प्रकरणों पर कार्यवाही करने,निलम्बन के मामलों पर जाँच कर बहाल कर संबंधित से कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएमएफ अन्तर्गत मांगी गई जानकारी प्रस्तुत करने, निरस्त किये गए कार्यों और अप्रारम्भ कार्यों की राशि जमा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ईंट भ_ों में संचालित बालबाड़ी में शेड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों में समय पर भोजन सहित अन्य सामग्री का वितरण करने के साथ ही निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त बच्चों की उपस्थिति होने के साथ समय पर केंद्र खोलने और बन्द करने के साथ अन्य गतिविधियां संचालित करने और सुपरवाइजरों को फील्ड पर केंद्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों में विद्युतीकरण, पहुँचमार्ग के लिए स्टीमेट बनाने, शेष गांवों में विद्युतीकरण के सम्बंध में आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने आत्मानन्द स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती, भारी वाहन चलने वाले सडक़ो पर धूल उडऩे से बचाव के लिए किए जा रहे पानी का छिडक़ाव और भारी वाहनों से लगने वाले जाम पर कार्यवाही करने के संबंध में भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान डीएफओ कोरबा अरविंद पीएम, कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों में पीवीटीजी की होगी भर्ती-

कलेक्टर ने जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के शिक्षित बेरोजगारों को शिक्षा,स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों में रिक्त चतुर्थ पदों पर रखने और अन्य पदों पर योग्यता अनुसार नियुक्ति देने तथा आवश्यकतानुसार नियमों में शिथिलता देने के निर्देश देते हुए आदिवासी विभाग से समन्वय बनाकर पीवीटीजी को प्राथमिकता देने कहा। उन्होंने जर्जर स्कूलों की सूची प्रस्तुत करते हुए डीएमएफ अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्कूलों में रिक्त शिक्षकों की जानकारी प्रस्तुत करने और अतिथि शिक्षक, अतिथि व्याख्याता के पदों पर 16 जून से भरने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर ने उच्चतर विद्यालयों में विशिष्ट विषयों के पदों पर किसी शिक्षकों की कमी नहीं रखने के निर्देश दिए।

स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनाने लगेंगे शिविर-

कलेक्टर ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी स्कूली विद्यार्थियों का जाति प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि तहसीलदार, पटवारी, स्कूल शिक्षक को आवश्यक जानकारी देकर स्कूल में शिविर लगवाएं। विद्यार्थियों से जाति प्रमाणपत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा लेकर और दस्तावेज नहीं होने पर ग्राम सभा आयोजित कराने तथा समय-सीमा के भीतर प्रमाणपत्र प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

शासकीय कॉलेजों में व्याप्त समस्या होगी दूर-

कलेक्टर ने डीईओ को निर्देशित किया कि जिले के सभी शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्यों के साथ बैठक आयोजित कर वहाँ की समस्याओं को चिन्हित कर लिए जाएं और एक प्रस्ताव बनाकर दें ताकि डीएमएफ से वहाँ की व्याप्त समस्याओं का निराकरण किया जा सकें।

कलेक्टर ने लिफ्ट प्रारंभ करने के दिए निर्देश-

कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य कार्यालयों में लगाए गए लिफ्ट को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक अपनी समस्या को लेकर आते हैं। इस दौरान ऊपर की मंजिल में जाने में असुविधा होती है। बैठक में विद्युत व यांत्रिकी विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस हफ्ते लिफ्ट का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

Published

on

जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

Published

on

कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा दीपका में उपचुनाव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या पावर का हुआ गलत इस्तेमाल

Published

on

प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने मनमाना नियम थोपने का आरोप

हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी शोभा तिग्गा की उम्मीदें

बिलासपुर//कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में हो रहे उपचुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है इस उपचुनाव में भाग लेने की इच्छुक अभ्यर्थी का नामांकन पत्र मनमाना नियम थोप कर लेने से अस्वीकार कर कर दिया गया इससे क्षुब्ध हो कर शोभा तिग्ग ने उच्च न्यायालय की शरण ली है अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से याचिका दायर कर राहत देने की गुहार लगाई है इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के साचिव/कमिश्नर, रायपुर, जिला निर्वाचन अधिकारी कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका व रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 को प्रतिवादी बनाया गया है ।

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड 15 दीपका की निवासी है, उसने दीपका के वार्ड नंबर 15 के काउंसलर/पार्षद के पद के लिए उसकी उम्मीदवारी में रुकावट डालने के लिए नगर पालिका अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को चुनौती दी है। 11.05.2026 के इलेक्शन नोटिफिकेशन के मुताबिक वह पालिका चुनाव लड़ना चाहती थी और उसने कानून के मुताबिक अपने नामांकन पत्र तैयार किए थे। इलेक्शन शेड्यूल में नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की आखिरी तारीख 18.05.2026 तय की गई थी, जिसमें 01.06.2026 को पोलिंग और 04.06.2026 को काउंटिंग तय है ।

दुकान का एनओसी मांगा गया,इसी पर सवाल

शोभा तिग्गा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने पहले साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने के लिए एक एग्रीमेंट किया था और उसी साल उस दुकान से जुड़े सभी ड्यूज़ (बकाया) भी क्लियर कर दिए थे लेकिन जब उसने 18 मई 2026 को अपना नॉमिनेशन पेपर जमा करने के लिए ऑफिस गई तो चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर ने एक विवादित लेटर जारी किया जिसमें उसे उस दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से एक NOC या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया था इसके तुरंत बाद 18 मई को ही शोभा तिग्गा ने एक रिक्वेस्ट दी जिसमें उसी ऑफिस से NOC जारी करने की मांग की गई क्योंकि CMO खुद ही वह अथॉरिटी थे जो ऐसे NOC पर ज़ोर दे रहे थे और किसी भी बकाया का स्टेटस साफ़ करने और NOC जारी करने के लिए भी वही अथॉरिटी थे याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना पूरी तरह से मनमाना था और किसी भी कानूनी नियम से सपोर्टेड नहीं था पिटीशनर का कहना है कि 2021 के बाद से उसके खिलाफ कभी कोर्ड बकाया नोटिस डिमांड या रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

न्याय सिद्धान्तों का उल्लंघन

पिटीशनर शोभा तिग्गा का कहना है कि विवादित कार्रवाई गैर-कानूनी मनमाना और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि रेस्पोंडेंट्स ने नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करने के लिए एक गैर-कानूनी शर्त लगाने की कोशिश की है यह खास तौर पर कहा गया है कि पिटीशनर छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट 1961 के सेक्शन 35 के तहत किसी भी तरह की डिसक्वालिफिकेशन के दायरे में नहीं आती है क्योंकि उसके खिलाफ कोई मौजूदा म्युनिसिपल बकाया नहीं है और डिसक्वालिफिकेशन लिए कानूनी शर्तें नहीं हैं रेस्पोंडेंट बिना इजाज़त NOC की ज़रूरत पर ज़ोर देकर कानूनी तौर पर अयोग्य ठहराए जाने का दायरा नहीं बढ़ा सकते। पिटीशनर ने 18.05.2026 के विवादित लेटर को रद्द करने और रेस्पोंडेंट को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे कानून के तहत तय नहीं किए गए किसी भी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर दिए बिना उसका नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करें और प्रोसेस करें ।

मनमानी, बेमतलब और पावर का गलत इस्तेमाल

शोभा तिग्गा ने याचिका में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी बेमतलब और सही प्रक्रिया की बुनियादी ज़रूरतों के खिलाफ है उसको ऐसा कोई कानूनी नियम नहीं दिखाया गया जिसके तहत काउंसिलर/पार्षद के ऑफिस के लिए नॉमिनेशन स्वीकार करने की शर्त के तौर पर नगर निगम से पहले किराए पर ली गई दुकान के संबंध में कोई NOC जमा करने की ज़रूरत हो शोभा का कहना है कि जिस लेटर पर सवाल उठाया गया है वह उसे उसका नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने से रोकने का एक साफ तरीका है जिससे चुनाव लड़ने के उसके डेमोक्रेटिक (लोकतांत्रिक) अधिकार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आरोप है कि यह सब जानबूझकर रुकावट डालने के मतलब में गलत इरादे से की गई है भले ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी गलत इरादे न बताए गए हों बार-बार कहने के बावजूद नॉमिनेशन स्टेज पर एक गैर-कानूनी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना, पावर का मनमाना इस्तेमाल दिखाता है ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677