Connect with us

कोरबा

कोरबा के स्वर्ग कहे जाने वाले अशोक वाटिका को भी कमाई का जरिया बनाया नगर सरकार ने

Published

on

सुबह-शाम मार्निंग वाक करने वालों के लिए नि:शुल्क प्रवेश बंद, निगम ने लगाया भारीभरकम टैक्स
कोरबा। कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश के केबिनेट मंत्री रहे एवं पूर्व कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल ने अशोक वाटिका के पुनर्रूद्धार के लिए 10 करोड़ की राशि डीएमएफ से स्वीकृत कराई और चार करोड़ लाईट (रोशनी) सहित अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए स्वीकृति दिलाई। इस तरह 14 करोड़ की लागत से इस अशोक वाटिका को स्वर्ग का रूप दिया गया। अब इस हरित वाटिका एवं आक्सीजोन वाटिका पर भी निगम की काली नजर पड़ी और आने-जाने वालों के लिए टैक्स लगाकर कमाई का जरिया बना दिया।
आक्सीजोन में सुबह-शाम हजारों लोग रोज पहुंचते हैं
5 वर्ष पहले केबिनेट मंत्री रहे जयसिंह अग्रवाल ने मार्निंग वाक करने वालों से एवं कोरबा के बुद्धिजीवियों सलाह मशवीरा कर अशोक वाटिका को संवारने का जिम्मा उठाया, ताकि कोरबावासियों के लिए सुबह-शाम टहलने और कुछ पल सुकून में बिताने के लिए अशोक वाटिका को संवार कर स्वर्ग का रूप दे दिया। अशोक वाटिका कोरबा के लिए वरदान साबित हुई और रोज सुबह-शाम हजारों लोग टहलने के लिए पहुंचते हैं।
स्वास्थ्य के साथ निगम का खिलवाड़
जहां एक ओर भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार स्वस्थ छत्तीसगढ़, स्वस्थ भारत के लिए नि:शुल्क आयुष्मान योजनाएं निकाल रही है, ताकि स्वास्थ सुविधा आम जनता तक भी सुलभ हो, लेकिन इसके उलट प्रदूषित बड़े शहरों में 5वें स्थान पर शुमार कोरबा को एक अदद आक्सीजोन मिला था, उस पर भी निगम की काली नजर पड़ गई और मुफ्त में शुद्ध आक्सीजन पर भी टैक्स लगा दिया, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
अशोक वाटिका का भी कर दिया निजीकरण


भाजपा का कथित सुशासन आने के बाद जहां चारों तरफ अपराध और महंगाई बढ़ रहे हैं, वहीं एक हजार की महतारी वंदन योजना दे कर भाजपा सरकार हवा में उड़ रही है, कि हमने महतारियों को सशक्त बना दिया। कोरबा में महंगाई की एक और मार, उसमें भी हरियाली पर। निगम प्रशासन ने इस अशोक वाटिका को किराए पर बेच दिया। भाजपा सरकार आते ही हर चीज का निजीकरण उनका ट्रेंड बन गया है। अशोक वाटिका को भी एक भाजपा समर्थित फर्म को किराए पर दिये जाने की जानकारी मिली है। भाजपा को हर चीज को निजीकरण करने का जो ट्रेंड है, उससे आमजनता में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। यह कैसा सुशासन है कि हरियाली और शुद्ध सांस लेने पर भी भाजपा सरकार टैक्स लगा देती है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा-भाजपा सरकार को हर चीज में टैक्स चाहिए


पूर्व केबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि अशोक वाटिका को डीएमएफ से करोड़ों रूपए स्वीकृत कराकर आमजनता के लिए संवारा, ताकि प्रदूषित शहर में लोग कुछ पल आक्सीजोन में सुकून से अपना समय बीता सकें और लोगों के स्वास्थ में कुछ सुधार हो सके। यह दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार को हर चीज में टैक्स चाहिए। गरीब आदमी वैसे भी महंगाई से बेचैन है, वहीं अब अशोक वाटिका में घूमने-फिरने के लिए भी उसे 10 से 20 रूपए देना पड़ेगा, यह शहर के लिए दुर्भाग्य की बात है।
पार्किंग में भी अब 5 से 10 रूपए शुल्क


स्वयं के प्रवेश के लिए आमनागरिकों को 10 रूपए से 20 रूपए देने के साथ अब वाहन स्टैंड को भी निजीकरण कर लोगों के लिए मुसीबत खड़ा कर दिया गया है। सायकिल के लिए 5 रूपए, दो पहिया वाहनों के लिए 10 रूपए एवं चार पहिया वाहनों के लिए 20 रूपए दर निर्धारित किया गया है। कार पार्किंग के लिए निगम ने बड़ी सुविधा भी दी है और कार रखने वाले ग्राहकों को मंथली ऑफर 2000 रूपए प्रति माह दिया है।
भाजपा नेता को उपकृत करने का खेल
निगम प्रशासन में भाजपा की नगर सरकार बनने के बाद निगम के अधिकारियों द्वारा बड़ा खेल खेला जा रहा है। अशोक वाटिका के निजीकरण में दबाव की राजनीति देखी जा रही है। पुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अशोक वाटिका के निजीकरण में एक भाजपा नेता को उपकृत करने का खेल खेला गया।
भाजपा की नगर सरकार के खिलाफ आक्रोश
अशोक वाटिका में घूमने वाले लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार आते ही महंगाई चरमसीमा पर पहुंच जाती है और सम्पत्तिकर में भारी-भरकम ईजाफा होने के साथ भाजपा को हर चीज में कमाई दिखती है। अशोक वाटिका को कांग्रेस कार्यकाल में हमारे विधायक रहे जयसिंह अग्रवाल ने लोगों की सहुलियत और बेहतर स्वास्थ्य के लिए संवारा था, लेकिन भाजपा सरकार आते ही इसे भी कमाई का जरिया बना दिया। यहां आने वाले लोगों में जमकर आक्रोश देखा गया।
अशोक वाटिका में चौपाटी प्रस्तावित, लेकिन भाजपा सरकार आते ही ठंडे बस्ते में
जयसिंह अग्रवाल ने कहा था कि अशोक वाटिका कोरबावासियों के लिए वरदान साबित होगा। अशोक वाटिका को पूर्णरूप से संवारने के बाद वहां घूमने आने-जाने वालों के लिए स्वादिष्ट व्यंजन भी उपलब्ध कराएंगे और चौपाटी का निर्माण कराएंगे। तब तक सरकार बदल गई और जयसिंह का सपना अधूरा रह गया। लेकिन अब भाजपा की सरकार ने चौपाटी की स्थापना लगभग ठंडे बस्ते में चली गई है, ऊपर से आम जनता पर यहां टैक्स का बोझ लाद दिया गया।
महापौर ने कहा – मैंने और मंत्री जी ने कलेक्टर को निर्देशित किए हैं, आदेश होगा निरस्त


अशोक वाटिका में प्रवेश पर टैक्स लगाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि अशोक वाटिका को संचालन के लिए अर्बन सोसायटी को दिया गया है। मैंने और मंत्री लखन लाल देवांगन ने कलेक्टर को निर्देशित किए हैं और अशोक वाटिका में प्रवेश शुक्ल को वापस लेने को कहा गया है। एक दो दिन में अशोक वाटिका में लगने वाला प्रवेश शुल्क/ वाहन शुल्क नि:शुल्क हो जाएगा और कोरबावासी पूर्ववत नि:शुल्क अशोक वाटिका में घूम-फिर सकेंगे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ

Published

on

जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला

कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।

कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना

Published

on

कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा दीपका में उपचुनाव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या पावर का हुआ गलत इस्तेमाल

Published

on

प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने मनमाना नियम थोपने का आरोप

हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी शोभा तिग्गा की उम्मीदें

बिलासपुर//कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में हो रहे उपचुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है इस उपचुनाव में भाग लेने की इच्छुक अभ्यर्थी का नामांकन पत्र मनमाना नियम थोप कर लेने से अस्वीकार कर कर दिया गया इससे क्षुब्ध हो कर शोभा तिग्ग ने उच्च न्यायालय की शरण ली है अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से याचिका दायर कर राहत देने की गुहार लगाई है इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के साचिव/कमिश्नर, रायपुर, जिला निर्वाचन अधिकारी कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका व रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 को प्रतिवादी बनाया गया है ।

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड 15 दीपका की निवासी है, उसने दीपका के वार्ड नंबर 15 के काउंसलर/पार्षद के पद के लिए उसकी उम्मीदवारी में रुकावट डालने के लिए नगर पालिका अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को चुनौती दी है। 11.05.2026 के इलेक्शन नोटिफिकेशन के मुताबिक वह पालिका चुनाव लड़ना चाहती थी और उसने कानून के मुताबिक अपने नामांकन पत्र तैयार किए थे। इलेक्शन शेड्यूल में नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की आखिरी तारीख 18.05.2026 तय की गई थी, जिसमें 01.06.2026 को पोलिंग और 04.06.2026 को काउंटिंग तय है ।

दुकान का एनओसी मांगा गया,इसी पर सवाल

शोभा तिग्गा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने पहले साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने के लिए एक एग्रीमेंट किया था और उसी साल उस दुकान से जुड़े सभी ड्यूज़ (बकाया) भी क्लियर कर दिए थे लेकिन जब उसने 18 मई 2026 को अपना नॉमिनेशन पेपर जमा करने के लिए ऑफिस गई तो चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर ने एक विवादित लेटर जारी किया जिसमें उसे उस दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से एक NOC या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया था इसके तुरंत बाद 18 मई को ही शोभा तिग्गा ने एक रिक्वेस्ट दी जिसमें उसी ऑफिस से NOC जारी करने की मांग की गई क्योंकि CMO खुद ही वह अथॉरिटी थे जो ऐसे NOC पर ज़ोर दे रहे थे और किसी भी बकाया का स्टेटस साफ़ करने और NOC जारी करने के लिए भी वही अथॉरिटी थे याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना पूरी तरह से मनमाना था और किसी भी कानूनी नियम से सपोर्टेड नहीं था पिटीशनर का कहना है कि 2021 के बाद से उसके खिलाफ कभी कोर्ड बकाया नोटिस डिमांड या रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

न्याय सिद्धान्तों का उल्लंघन

पिटीशनर शोभा तिग्गा का कहना है कि विवादित कार्रवाई गैर-कानूनी मनमाना और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि रेस्पोंडेंट्स ने नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करने के लिए एक गैर-कानूनी शर्त लगाने की कोशिश की है यह खास तौर पर कहा गया है कि पिटीशनर छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट 1961 के सेक्शन 35 के तहत किसी भी तरह की डिसक्वालिफिकेशन के दायरे में नहीं आती है क्योंकि उसके खिलाफ कोई मौजूदा म्युनिसिपल बकाया नहीं है और डिसक्वालिफिकेशन लिए कानूनी शर्तें नहीं हैं रेस्पोंडेंट बिना इजाज़त NOC की ज़रूरत पर ज़ोर देकर कानूनी तौर पर अयोग्य ठहराए जाने का दायरा नहीं बढ़ा सकते। पिटीशनर ने 18.05.2026 के विवादित लेटर को रद्द करने और रेस्पोंडेंट को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे कानून के तहत तय नहीं किए गए किसी भी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर दिए बिना उसका नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करें और प्रोसेस करें ।

मनमानी, बेमतलब और पावर का गलत इस्तेमाल

शोभा तिग्गा ने याचिका में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी बेमतलब और सही प्रक्रिया की बुनियादी ज़रूरतों के खिलाफ है उसको ऐसा कोई कानूनी नियम नहीं दिखाया गया जिसके तहत काउंसिलर/पार्षद के ऑफिस के लिए नॉमिनेशन स्वीकार करने की शर्त के तौर पर नगर निगम से पहले किराए पर ली गई दुकान के संबंध में कोई NOC जमा करने की ज़रूरत हो शोभा का कहना है कि जिस लेटर पर सवाल उठाया गया है वह उसे उसका नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने से रोकने का एक साफ तरीका है जिससे चुनाव लड़ने के उसके डेमोक्रेटिक (लोकतांत्रिक) अधिकार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आरोप है कि यह सब जानबूझकर रुकावट डालने के मतलब में गलत इरादे से की गई है भले ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी गलत इरादे न बताए गए हों बार-बार कहने के बावजूद नॉमिनेशन स्टेज पर एक गैर-कानूनी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना, पावर का मनमाना इस्तेमाल दिखाता है ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677