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छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना की तारीख 15 दिन और बढ़ाई जाए,कांग्रेस ने कहा- लाखों महिलाओं ने जमा नहीं किया आवेदन, 20 फरवरी है अंतिम तारीख

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे महत्वकांक्षी महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन जमा की अंतिम तारीख 20 फरवरी है। ऐसे में कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि तारीख 15 और बढ़ाई जाए, क्योंकि अभी तक प्रदेश भर में लाखों महिलाओं ने आवेदन जमा नहीं किया है। दरअसल, 5 फरवरी से महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन जमा किये जा रहे हैं। जिसमें अब तक प्रदेश की लगभग 62 लाख 15 हजार 183 महिलाओं ने आवेदन जमा किया है।

महिलाओं ने ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों फॉर्म जमा किए

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 5 फरवरी को शुरू हुई महतारी वंदन योजना की ऑफलाइन और ऑनलाइन फार्म जमा करने की सुविधा दी गई है। जिसके चलते अधिकांश महिलाओं ने ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों में आवेदन जमा करा दिए हैं। जिसके कारण 62 लाख से अधिक आवेदन दिख रहा है। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ तीन लाख से अधिक महिला मतदाता है। जिन्हें भाजपा ने चुनाव के दौरान 1000 रु महीना महतारी वंदन योजना के नाम से देने का वादा किया है। योजना की शुरुवात 5 फरवरी को की गईं जिसकी अंतिम तिथि 20 फरवरी घोषित किया गया है। ये साफ़ है कि बीजेपी ये वादे पूरे नहीं कर पाएगी।

जिलेवार ऑफलाइन मिले आवेदन

बलरामपुर जिले में 1 लाख 86 हजार 147 रायगढ़ में 2 लाख 59 हजार 328 जशपुर में 1 लाख 74 हजार 200 सूरजपुर में 1 लाख 78 हजार 529 कोरबा में 2 लाख 20 हजार 144 गरियाबंद में 1 लाख 53 हजार 388 कोंडागांव में 1 लाख 24 हजार 264 जांजगीर-चांपा में 2 लाख 74 हजार 268 कवर्धा में 1 लाख 99 हजार 341 बस्तर में 1 लाख 60 हजार 423 बलौदाबाजार में 2 लाख 41 हजार 935 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 63 हजार 73 सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1 लाख 51 हजार 818 खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 92 हजार 60 राजनांदगांव में 2 लाख 33 हजार 50 धमतरी में 1 लाख 90 हजार 323 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 78 हजार 493 सक्ती में 1 लाख 49 हजार 60 दुर्ग में 2 लाख 92 हजार 12 रायपुर में 5 लाख 97 हजार 987 बेमेतरा में 2 लाख 34 हजार 526 बालोद में 2 लाख 32 हजार 353 सरगुजा में 2 लाख 6 हजार 613 मुंगेली में 2 लाख 27 हजार 724 बिलासपुर में 2 लाख 91 हजार 579 दंतेवाड़ा में 65 हजार 984 कोरिया में 55 हजार 660 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 75 हजार 252 कांकेर में 1 लाख 37 हजार 875 महासमुंद में 3 लाख 13 हजार 127 सुकमा में 47 हजार 599 नारायणपुर में 22 हजार 278 बीजापुर में 26 हजार 946 आवेदन मिले हैं।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति  लेकर आए।

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कोरबा

राज्यपाल रमेन डेका 1 अप्रैल को रहेंगे कोरबा जिले प्रवास पर

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सामूहिक विवाह हनुमंत कथा में होंगे शामिल

कोरबा। राज्यपाल रमेन डेका कल 1 अप्रैल को कोरबा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री डेका रायपुर लोकभवन से सवेरे 7.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा मुंगेली जिले के चंदखुरी विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे। ततपश्चात राज्यपाल सुबह 9 बजे कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप बांकीमोंगरा के लिए रवाना होंगे। यहां वे प्रातः 11 बजे आयोजित “दिव्य श्री हनुमंत कथा एवं 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह” कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल श्री डेका दोपहर 12:30 बजे रतनपुर (बिलासपुर) स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

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