कोरबा
मेहनत की फसल पर पानी नहीं फिरा, अब मिलेंगे उम्मीद के पूरे दाम
कोरबा। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ वनांचल ग्राम पतुुरियाडाँड़ में रहने वाले अधिकांश किसानों का जीवन खेती पर ही टिका है। पहाड़ी क्षेत्रों की तरह ऊबड़-खाबड़ जमीन, सिंचाई की स्थायी व्यवस्था का अभाव और बारिश पर निर्भरता-ये सभी चुनौतियाँ हर वर्ष किसानों की मेहनत की परीक्षा लेती हैं। फिर भी, यहाँ के किसान हिम्मत नहीं हारते। कठिन परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर वे हल चलाते हैं, बीज बोते हैं और उम्मीद की एक डोर के सहारे मौसम के भरोसे अपनी फसल सींचते हैं।
इस वर्ष मौसम किसानों के लिए शुभ साबित हुआ। अच्छी बारिश ने उनकी मेहनत को फल दिया और खेतों में हरी-भरी धान की फसल लहलहाई। अब किसान धान को काटकर मिंजाई कर रहे हैं और उपार्जन केंद्र में बेचने की तैयारी कर रहे हैं। फसल की हर बाली उनके लिए सिर्फ आय का साधन नहीं, बल्कि विषम परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ने का साहस भी है।

गांव के मेहनती किसान सियाराम ने इस वर्ष लगभग 4 से 5 एकड़ में धान की फसल ली है। उनकी पत्नी कंचनिया बाई भी खेती-किसानी में बराबरी से हाथ बँटाती हैं। दोनों सुबह से शाम तक खेत में पसीना बहाकर फसल को तैयार करते हैं।
अब जब धान बोरी में भरकर बिकने के लिए तैयार है, कंचनिया बाई के चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान है। वे कहती हैं इस इलाके में धान लेना बहुत कठिन है। पानी की व्यवस्था नहीं, सब कुछ बारिश पर निर्भर। लेकिन मेहनत का फल देखकर सारी थकान मिट जाती है। घर में रखा धान पूरे परिवार के लिए उम्मीद का प्रतीक है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को इंतज़ार है कि धान बिके और घर में आर्थिक राहत आए।
कंचनिया बाई बताती हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान के प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बढ़ाने और आदान सहायता राशि देने से किसानों को बहुत प्रोत्साहन मिला है। अब उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद रहती है। वे कहती हैं कि-धान बिक जाता है तो कुछ कर्ज उतर जाता है, घर के जरूरी सामान आ जाते हैं और अधूरे काम भी पूरे हो पाते हैं।
पतुुरियाडाँड़ के किसानों की यह कहानी सिर्फ खेती की नहीं, बल्कि विश्वास, साहस और संघर्ष की कहानी है। कठिन परिस्थितियों में भी जमीन से जुड़े रहकर मेहनत करना, प्रकृति पर भरोसा रखना और हर साल नई उम्मीद के साथ फसल उगाना यही इन किसानों की वास्तविक शक्ति है। इस वर्ष की अच्छी फसल ने न सिर्फ उनकी मेहनत का सम्मान किया है, बल्कि आने वाले समय में और मजबूती से खेती करने का उत्साह भी दिया है।
कोरबा
जनगणना-2027 की तैयारी तेज, 23 मार्च से 10 जून तक जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ प्रतिबंधित
कोरबा। भारत सरकार गृह मंत्रालय तथा भारत के महापंजीयक (रजिस्टार जनरल आफ इंडिया) के निर्देशानुसार आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए जिला कोरबा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी, जिला कोरबा के द्वारा आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि 1 मई 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में संचालित होने वाली “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” की कार्यवाही को समयबद्ध, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में अवकाश प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नियत अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति से अवकाश प्रदान किया जा सकेगा। इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मुख्यालय त्यागने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण तथा फील्ड कार्य की तैयारी के लिए सदैव उपलब्ध रहना होगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि 23 मार्च 2026 के पूर्व स्वीकृत सभी अवकाश आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे, जबकि चिकित्सा अवकाश को ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से यथावत रखा जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी विभागों से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनगणना देश की आधारभूत नीति-निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ है, इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करना होगा। आदेश की प्रतियां जिले के सभी नगरीय निकायों, तहसीलों, जनगणना कार्यालयों तथा अन्य संस्थानों को अवगत करा दी गई है।
कोरबा
डिजिटल जनगणना-2027ः कोरबा जिले में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
कोरबा। जनगणना-2027 के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 23 से 25 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान रायपुर जनगणना निदेशालय से आए मास्टर ट्रेनर बैद्यनाथ कुमार और जिले के नामित मास्टर ट्रेनर डॉ. विजय शर्मा द्वारा नगरीय प्रभार के सभी ट्रेनर्स को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

जिला जनगणना अधिकारी ओंकार यादव ने इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए आगामी जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जो इसे पिछली प्रक्रियाओं से अधिक सटीक और आधुनिक बनाएगी। जनगणना-2027 की एक प्रमुख विशेषता ’स्व-गणना’ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत आम नागरिक स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे डेटा संकलन की प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी होगी।

कोरबा जिले के विभिन्न नगरीय निकायों-नगर पालिक निगम कोरबा, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा, बाकी मोंगरा और नगर पंचायत छुरीकला के कुल 22 फील्ड ट्रेनर्स इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। ये प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे चलकर मैदानी स्तर पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण सत्र में जनगणना-2027 के व्यावहारिक क्रियान्वयन के साथ-साथ विशेष रूप से एचएलओ ऐप के उपयोग और उसके विभिन्न तकनीकी चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि फील्ड स्तर पर डेटा प्रविष्टि में कोई त्रुटि न हो।

कोरबा
बेलाकछार में हेल्थ कैंप का हुआ आयोजन, 238 लोगों को मिला निःशुल्क उपचार
कोरबा। कोरबा के बेलाकछार गाँव में हेल्पेज इंडिया द्वारा बालकों सीएसआर के तत्वावधान मे हेल्थ कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

कैंप में शिशु रोग, अस्थि रोग, त्वचा रोग, स्त्री रोग एवं दंत रोग विशेषज्ञों के साथ जनरल मेडिसिन चिकित्सकों की सेवाएं प्रदान की गईं। इसके अलावा लैब जांच और फिजियोथेरेपी की सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं। सभी लाभार्थियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ नेचुरल दवाइयों का वितरण किया गया।

इस हेल्थ कैंप में 238 लाभार्थियों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया। साथ ही हेल्पेज इंडिया एवं बालकों सीएसआर के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों को वॉकर और स्टिक का भी वितरण किया गया, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सहूलियत मिलेगी। कार्यक्रम में ग्राम के पंच-सरपंच सहित सीएसआर टीम के सदस्य उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से यह स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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