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विदेश

यूरोप की ओर बढ़े US के ‘ विशाल उड़ते पेट्रोल पंप’, अमेरिका के अचानक सैन्य एक्शन से मची खलबली

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वाशिंगठन,एजेंसी। अगर आपने आज आसमान में बहुत सारे विशाल सैन्य विमान उड़ते देखे हैं, तो आप कोई सपना नहीं देख रहे ये सब असल में हो रहा है।अमेरिका के विभिन्न सैन्य ठिकानों से एक बड़ी संख्या में  एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर विमान (यानी हवा में ईंधन भरने वाले विमान, जिन्हें “उड़ते हुए पेट्रोल पंप” भी कहा जाता है) उड़ान भर चुके हैं और ये सभी यूरोप की दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं।

क्या संकेत दे रहे ये घटनाक्रम?

  • इस तरह के टैंकर विमान तब भेजे जाते हैं  जब अमेरिका बड़ी संख्या में लड़ाकू विमानों को लंबे समय तक आसमान में तैनात रखना चाहता है। 
  • टैंकर विमानों की ये तैनाती बताती है कि कोई बड़ी सैन्य गतिविधि या ऑपरेशन की तैयारी हो रही है। 
  • ऐसा तभी होता है जब  संभावित युद्ध या सैन्य तनाव बढ़ रहा हो और अमेरिकी सेना को अपने लड़ाकू विमानों को दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय तक मिशन पर भेजना हो।

क्या बोले रक्षा विशेषज्ञ
हाल के दिनों में यूरोप में रूस और नाटो (NATO) के बीच तनाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका  पूर्वी यूरोप या बाल्टिक क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ा सकता है।  रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि “इतने सारे टैंकर विमानों का एक साथ उड़ान भरना सामान्य बात नहीं है। यह दर्शाता है कि अमेरिका किसी बड़े एयर ऑपरेशन की तैयारी में है।”  अगर ऐसा है तो जल्द ही F-16, F-35 जैसे लड़ाकू विमान भी यूरोप भेजे जा सकते हैं। 

Pentagon से कोई आधिकारिक बयान नहीं
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने अभी तक  इस मिशन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन इंटरनेट पर और सोशल मीडिया पर लोग लगातार टैंकर विमानों की उड़ानों की  लाइव लोकेशन साझा कर रहे हैं, जिससे ये खबर और ज्यादा गर्म हो गई है।आकाश में इन विशाल विमानों की हलचल यह साफ संकेत दे रही है कि कुछ बड़ा और असामान्य घटने वाला है। अमेरिका की यह गतिविधि किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की ओर इशारा कर रही है। आने वाले कुछ दिन यूरोप और दुनिया की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम हो सकते हैं। 

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देश

पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस, भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है।

कश्मीर का मुद्दा उठाने पर UN में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान को अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की हालत देखनी चाहिए।

पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के नेतृत्व में सटीक जवाब दिया।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने और युद्ध जैसी स्थिति टालने में उनकी भूमिका अहम रही।

शहबाज ने कहा कि ट्रम्प की कोशिशों से बड़ा टकराव टल गया। इसका 87 सेकेंड का वीडियो ट्रम्प ने शुक्रवार को बिना किसी टिप्पणी के ट्रुथ सोशल पर शेयर किया।

शहबाज ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में फिर से ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। उनके मुताबिक, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास हंसते नजर आए।

सिंधु जल संधि पर भारत के कदम को बताया गैरकानूनी

शहबाज ने कहा कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद भारत ने इस संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।

शहबाज ने दावा किया कि UN के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भी इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है।

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी थी। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान का समर्थन था।

इस्लामोफोबिया का भी मुद्दा उठाया

शहबाज शरीफ ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को नफरत भरी बयानबाजी, भेदभाव और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों पर हमले और कुरान के अपमान की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।

भारत का जिक्र करते हुए शहबाज ने आरोप लगाया कि सीमा पार RSS से प्रभावित विचारधारा धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि इसका असर मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदियों के रूप में दिखाई दे रहा है।

होर्मुज और बाब अल-मंदेब को खुला रखने की अपील

शहबाज ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते बताया। उन्होंने कहा कि ये रास्ते खुले रहने चाहिए और इन्हें देशों के बीच टकराव का रास्ता नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन समुद्री रास्तों से दुनिया के कई देश जुड़े हुए हैं। अगर ये रास्ते बंद होते हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत ने कहा- जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा

भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का मुद्दा उठाया।

भारत की UN में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के लोग लंबे समय से हो रही मनमानी हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। उनके बारे में भी सवाल किए जाने चाहिए।

भारत के जवाब की 5 बड़ी बातें

सीमा पार आतंकवाद पर नतीजे भुगतने होंगे-

सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे।

पाकिस्तान में रहता था ओसामा बिन लादेन-

भारतीय अफसर पेटल गहलोत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में रहने का जिक्र किया। उन्होंने कहा दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की सबसे बड़ी सैन्य अकादमी के पास रहता था।

पाकिस्तान के लोकतंत्र में सेना की भूमिका-

गहलोत ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक अधिकारों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में असली ताकत चुनी हुई सरकार के पास नहीं, बल्कि सेना के हाथ में है।

धार्मिक असहिष्णुता पर भारत ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया-

भारत ने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया। गहलोत ने ईशनिंदा कानूनों, कट्टरता और नफरत के पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला दिया।

पाकिस्तान सरकार फॉर्म 47 सरकार है-

गहलोत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोग जिस सरकार को खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं, उनसे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। भारत ने उस देश से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर उपदेश सुने, जो इस समय अपने ही लोगों से सुरक्षा का खतरा है।

क्या है फॉर्म 47 सरकार

‘फॉर्म 47 सरकार’ पाकिस्तान में विपक्ष, खासकर PTI और उसके समर्थकों की ओर से शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला राजनीतिक शब्द है।

इसका संबंध फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद उठे चुनावी धांधली के आरोपों से है। फॉर्म 47 चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र के संकलित नतीजे दर्ज होते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों का आंकड़ा मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 से मेल नहीं खाता और नतीजे तैयार करते समय हेरफेर की गई, जिससे PTI समर्थित उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।

इसी आधार पर विपक्ष शहबाज सरकार को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहता है। पेटल गहलोत ने भी इसी राजनीतिक आरोप के संदर्भ में यह शब्द इस्तेमाल किया।

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बिज़नस

बेकाबू हुआ AI अमेरिकी सरकारी वेबसाइट में घुसा:डेटा निकालकर इंटरनेट पर डाला, हैकिंग की भी कोशिश, लैब को भनक तक नहीं लगी

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वाशिंगठन, एजेंसी। चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई का AI सिस्टम बेकाबू हो गया। अपनी लैब को बताए बिना ही कामर्स डिपार्टमेंट और अमेरिकी शेयर मार्केट रेगुलेटर SEC की वेबसाइटों से डेटा निकाल लिया। अमेरिका के शिक्षा विभाग की वेबसाइट को हैक करने की भी कोशिश की।

कॉमर्स डिपार्टमेंट और SEC की वेबसाइट पर हुई इस गड़बड़ी को खुद ओपनएआई ने सही माना है। कंपनी ने कहा कि वह शिक्षा विभाग वाले मामले की पड़ताल कर रही है।

ओपनएआई के मुताबिक, उसने पिछले कुछ हफ्तों में खुद सरकारी एजेंसियों को बताया था कि उसके ऑटोमेटेड एआई एजेंट्स ने उनकी वेबसाइटों पर अजीब हरकतें की हैं।

AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की

एआई रिसर्च फर्म ‘ट्रांसलूज’ के रिसर्चर्स का कहना है कि शिक्षा विभाग की वेबसाइट से सिविल राइट्स ऑफिस का डेटा जुटाने के लिए ओपनएआई के सिस्टम ने उसे हैक करने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही।

इसके अलावा, AI ने ऑनलाइन मिले लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके कॉमर्स डिपार्टमेंट के तहत आने वाले सेंसस ब्यूरो की वेबसाइट से भी डेटा निकाला।

वहीं एक अन्य मामले में, ओपनएआई के एजेंट्स ने SEC की वेबसाइट का पब्लिक डेटा एक ऑनलाइन फोरम पर शेयर कर दिया।

ओपनएआई का दावा है कि ये घटनाएं किसी बड़े डेटा लीक या हैकिंग के दायरे में नहीं आती हैं, लेकिन इससे साफ है कि सिस्टम ने उम्मीद से अलग और चिंता पैदा करने वाला काम किया।

कंपनी को इन घटनाओं का पता तब चला जब वह टेक स्टार्टअप ‘हगिंग फेस’ पर अपने सिस्टम से हुई सेंधमारी की पड़ताल कर रही थी।

एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं

मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया।

एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है।

गूगल, मेटा और एंथ्रोपिक के एआई भी कर चुके हैं ऐसी गड़बड़ियां

अमेरिकी सरकार की वेबसाइटों से जुड़े इन मामलों के सामने आने के बाद ऐसी घटनाओं की लिस्ट और लंबी हो गई है। ओपनएआई, एंथ्रोपिक, मेटा और गूगल के एआई एजेंट्स ने कंपनियों, यूनिवर्सिटीज और सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने या हैक करने की कोशिश की है।

इनमें से कुछ कोशिशें कामयाब रहीं और कुछ नाकाम। बड़ी बात यह है कि इन सभी मामलों में खुद कंपनियों को भी बाद में पता चला कि उनका एआई पर्दे के पीछे क्या कर रहा था। सिस्टम बेकाबू होने के मामलों में सबसे ज्यादा नाम ओपनएआई का सामने आया है।

ओपनएआई की प्रवक्ता के अनुसार, जांच बड़े पैमाने पर चल रही है और जिन संस्थाओं पर असर पड़ा है, उन्हें जानकारी दी जाती रहेगी। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामले सामान्य रिसर्च टास्क से जुड़े थे, जहां एआई भरोसेमंद जानकारी जुटाने के लिए सरकारी वेबसाइटों पर गया था।

सैम ऑल्टमैन बोले- घटनाओं की जानकारी बाहर लाने में देरी हुई

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया पर माना कि इन घटनाओं की जानकारी बाहर लाने में कंपनी से देरी हुई है। उन्होंने कहा कि टीम मामलों की गंभीरता के आधार पर काम कर रही है और ‘हगिंग फेस’ में हुई सेंधमारी अब तक का सबसे गंभीर मामला है।

AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे

दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली।

एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए ‘किल स्विच’ की बात हो रही

कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी ‘किल स्विच’ बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके।

ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है।

भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है?

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है।

वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा।

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खेल

भारत को एक दिन में कबड्डी के दो गोल्ड:एशियन गेम्स में महिला और पुरुष टीमें चैंपियन, दोनों ने फाइनल में ईरान को हराया

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नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में एक ही दिन कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।

शनिवार को पुरुष टीम ने एशियन गेम्स में लगातार 10वीं बार मेडल जीता। महिला टीम ने लगातार 5वें एशियाड में मेडल हासिल किया।

कबड्डी के अलावा तजिंदरपाल सिंह तूर ने पुरुषों के शॉटपुट में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सिंह विमेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचीं। अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स में भारत के दो खिलाड़ी सिंगल्स कैटेगरी के फाइनल में पहुंचे हैं।

भारत की मेंस और विमेंस कबड्डी टीम ने ईरान को हराया।

भारत की मेंस और विमेंस कबड्डी टीम ने ईरान को हराया।

हाफटाइम में पीछे था भारत, दूसरे हाफ में पलटा मैच

ईरान ने पहले हाफ के आखिर में बढ़त बना ली और ब्रेक तक स्कोर 18-17 उसके पक्ष में था। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने दबाव बनाए रखा, लेकिन भारत ने धीरे-धीरे मैच का रुख बदल दिया। सुमित ने डिफेंस में लगातार अहम टैकल किए, जबकि अर्जुन देशवाल ने रेडिंग में अंक जुटाए। भारत ने 21-21 की बराबरी के बाद बढ़त बनानी शुरू की।आखिर में भारत ने 40-34 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

महिला टीम ने भी ईरान को हराया

महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता था। भारत ने मुकाबले में कई मौकों पर बढ़त बनाई, लेकिन ईरान ने वापसी की कोशिश जारी रखी। आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने बढ़त बनाए रखी और मैच 37-34 से अपने नाम किया।

स्क्वॉश में भी दो फाइनलिस्ट

अनाहत सिंह ने जापान की वर्ल्ड नंबर-6 खिलाड़ी सातोमी वतनाबे को 3-2 से हराकर विमेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। अनाहत एक समय 2-0 से पीछे थीं और तीसरे गेम में भी उन्हें दो मैच पॉइंट बचाने पड़े। इसके बाद उन्होंने लगातार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।

वहीं अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 से हराकर मेंस सिंगल्स फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने 11-3, 12-10, 11-6 से मुकाबला जीता।

मैराथन में 44 साल बाद मेडल

एथलेटिक्स में सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकाला। एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत को 44 साल बाद मेडल मिला है। इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत ने इस इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था।

मैराथन दौड़ 42 किलोमीटर की होती है, जबकि हाफ मैराथन 21.097 किलोमीटर होती है।

शूटिंग में टीम सिल्वर

महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता। चीन की टीम पहले स्थान पर रही। भारत के लिए तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई, जहां वे क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं।

हॉकी में सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेजबान जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने ग्रुप स्टेज में इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। जापान के खिलाफ जीत उसकी लगातार चौथी जीत रही।

भारत के लिए दिन में कई और अहम नतीजे

  • बैडमिंटन में उन्नति हुड्डा ने इंडोनेशिया की वर्ल्ड नंबर-6 पुत्री कुसुमा वारदानी को 21-19, 21-13 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की वर्ल्ड नंबर-3 जोड़ी को हराकर महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
  • बॉक्सिंग में प्रिया घंघास ने दक्षिण कोरिया की ओह येओन-जी को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। कपिल पोखरिय ने भी ईरान के सैम एस्ताकी को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
  • इस तरह एशियन गेम्स के 7वें दिन कबड्डी के दो गोल्ड, मैराथन और शूटिंग के सिल्वर, स्क्वॉश के फाइनल और हॉकी के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के लिए दिन बेहद अहम रहा।

इंडिया मेडल टैली के 10वें स्थान पर पहुंचा

भारत ने अब तक 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज सहित 28 मेडल जीत लिए हैं। टीम 10वें स्थान पर है।

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